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एनडीटीवी के बुरे दिन : इनकम टैक्स विभाग ने चैनल के शेयर जब्त कर लिए

कभी कांग्रेस के यार रहे एनडीटीवी और प्रणय राय के दिन इन दिनों भाजपा राज में बुरे चल रहे हैं. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और तत्कालीन केंद्र सरकार में केंद्रीय मंत्री रहे पी. चिदंबरम व एनडीटीवी के मालिक प्रणय राय की मिलीभगत से ईमानदार इनकम टैक्स अधिकारी संजय कुमार श्रीवास्तव को प्रताड़ित करते हुए पागलखाने तक भिजवा देने का पाप अब असर दिखाने लगा है. इनकम टैक्स विभाग ने एनडीटीवी के शेयर जब्त कर लिए हैं.

कभी कांग्रेस के यार रहे एनडीटीवी और प्रणय राय के दिन इन दिनों भाजपा राज में बुरे चल रहे हैं. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और तत्कालीन केंद्र सरकार में केंद्रीय मंत्री रहे पी. चिदंबरम व एनडीटीवी के मालिक प्रणय राय की मिलीभगत से ईमानदार इनकम टैक्स अधिकारी संजय कुमार श्रीवास्तव को प्रताड़ित करते हुए पागलखाने तक भिजवा देने का पाप अब असर दिखाने लगा है. इनकम टैक्स विभाग ने एनडीटीवी के शेयर जब्त कर लिए हैं.

दरअसल इनकम टैक्स विभाग के अफसर संजय कुमार श्रीवास्तव ने अपने कार्यकाल में प्रणव राय और पी चिदंबरम की मिलीभगत से 2जी स्कैम के पैसे को हवाला के जरिए ब्लैक से ह्वाइट करने समेत कई किस्म के गड़बड़ घोटाले पकड़े थे जिसके कारण संजय को बुरी तरह से प्रताड़ित किया गया. इन्हें पागलखाने तक भिजवा दिया गया. इनके उपर कई फर्जी केस लगवा दिए गए. अब एनडीटीवी और प्रणय राय को उन्हीं पापों की सजा भुगतनी पड़ रही है. पी चिदंबरम भी अपने पुत्र के लगातार केंद्रीय एजेंसियों के जाल में फंसते जाने को लेकर एक तरह से उसी पाप की सजा भुगत रहे हैं.

एनडीटीवी के साथ ताजा प्रकरण ये हुआ है कि इनकम टैक्स विभाग ने एनडीटीवी के स्वामित्व वाली कंपनी आरआरपीआर होल्डिंग प्राइवेट लिमिटेड के सभी शेयर अस्थायी तौर पर जब्त कर लिए हैं. मीडिया कंपनी ने शेयर बाजारों को भेजी सूचना में यह जानकारी दी है. कंपनी के पास कुल 1 करोड़ 88 लाख 13 हजार 928 शेयर हैं जो कुल शेयर का 29.12 प्रतिशत हिस्सा है. आरआरपीआर न्यू दिल्ली टेलिविजन लि. में सबसे बड़ी प्रवर्तक समूह की कंपनी है. यह कंपनी एनडीटीवी 24X7, एनडीटीवी इंडिया और एनडीटीवी प्रॉफिट न्यूज चैनलों का संचालन करती है.

कंपनी की तरफ से बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज को बताया गया है कि उसे इनकम टैक्स के डिप्टी कमिश्नर की ओर से 25 अक्टूबर को एक पत्र प्राप्त हुआ है, जिसमें कहा गया है कि आयकर कानून, 1961 की धारा 281बी के तहत अस्थायी तौर पर आरआरपीआर की कंपनी में पूरी हिस्सेदारी कुर्क की जा रही है. यह हिस्सेदारी 1.88 करोड़ इक्विटी शेयरों की बैठती है.

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