एनडीटीवी के बुरे दिन : इनकम टैक्स विभाग ने चैनल के शेयर जब्त कर लिए

कभी कांग्रेस के यार रहे एनडीटीवी और प्रणय राय के दिन इन दिनों भाजपा राज में बुरे चल रहे हैं. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और तत्कालीन केंद्र सरकार में केंद्रीय मंत्री रहे पी. चिदंबरम व एनडीटीवी के मालिक प्रणय राय की मिलीभगत से ईमानदार इनकम टैक्स अधिकारी संजय कुमार श्रीवास्तव को प्रताड़ित करते हुए पागलखाने तक भिजवा देने का पाप अब असर दिखाने लगा है. इनकम टैक्स विभाग ने एनडीटीवी के शेयर जब्त कर लिए हैं.

एनडीटीवी के मालिक प्रणय राय के घर पर इनकम टैक्स छापा

एक बड़ी खबर एनडीटीवी ग्रुप से आ रही है. चैनल के मालिक प्रणय राय के ठिकानों पर इनकम टैक्स का छापा पड़ा है. सीबीआई ने इस बात की पुष्टि की है. इस बाबत समाचार एजेंसी एएनआई ने जो ट्विटर पर न्यूज फ्लैश जारी किया है उसमें कहा गया है कि प्रणय राय के दिल्ली स्थित घर पर इनकम टैक्स विभाग ने रेड किया है और इसकी पुष्टि केंद्रीय जांच एजेंसी सीबीआई ने की है.

पत्रकारिता का अर्नबीकरण!

Sanjaya Kumar Singh : अर्नब गोस्वामी को मैं नहीं देखता। भाजपा से उसके संबंध जानने और उसके झुकावों को देखने के बाद अर्नब को निष्पक्ष नहीं माना जा सकता है। ऐसे में कल नए चैनल के उद्घाटन को लेकर भी दिलचस्पी नहीं रही। लालू यादव से संबंधित ऑडियो के प्रसारण और उसमें गैंगस्टर शहाबुद्दीन का लालू यादव से कहना, “खत्तम है आपका एसपी” – ऐसा कोई मतलब नहीं देता है जो बताया और बनाया जा रहा है। एक साल पुराने इस मामले को जिस तरह पेश किया गया है वह भाजपा समर्थन और लालू-नीतिश विरोध ज्यादा पत्रकारिता या रिपोर्टिंग कम है। ठीक है, अंग्रेजी का यह चैनल बिहार के मतदाताओं पर क्या प्रभाव छोड़ पाएगा। फिर भी…

मीडिया को लेकर आशावादी रहे पत्रकार एनके सिंह की एक महत्वपूर्ण टिप्पणी

ब्रॉडकास्ट एडिटर्स एसोसिएशन के महासचिव व वरिष्ठ पत्रकार एनके सिंह को मैंने पहली और आखिरी बार भड़ास फॉर मीडिया के आठवें स्थापना दिवस के मौके पर आयोजित एक समारोह में सुना था। भड़ास आमतौर पर मीडिया से निराश और मेरे जैसे हताश लोगों का मंच है। मैंने बहुत पहले मान लिया था कि भारत में मीडिया का कुछ हो नहीं सकता है। उसके बाद भड़ास4मीडिया की स्थापना हुई और उसकी सफलता के आठवें वर्ष एनके सिंह ने सगर्व कहा था कि भड़ास नकारात्मक है, निराशा परोसता है आदि।

पीएम मोदी के घर पर एसपीजी की महिलाएं रात में ड्यूटी क्यों नहीं करना चाहतीं?

Sanjaya Kumar Singh : प्रधानमंत्री के घर और निजता से संबंधित ये कैसी खबर? इस बार के “शुक्रवार” (24 फरवरी – 02 मार्च 2017) मैग्जीन में एक गंभीर खबर है। पहले पेज पर प्रमुखता से प्रकाशित इस खबर का शीर्षक है, “फिर विवादों में घिरी एसपीजी” लेकिन यह प्रधानमंत्री निवास से संबंधित विवाद खड़ा कर रही है। खबर के मुताबिक एसपीजी की महिला सुरक्षा कर्मियों ने अपने आला अफसरों से गुहार लगाई है कि उन्हें रात की ड्यूटी पर न रखा जाए।

भाजपा के पक्ष में प्रायोजित तरीके से लिखने वाले प्रदीप सिंह कोई अकेले पत्रकार नहीं हैं

संजय कुमार सिंह, वरिष्ठ पत्रकार

Sanjaya Kumar Singh : चुनाव जीतने की भाजपाई चालें, मीडिया और मीडिया वाले… उत्तर प्रदेश चुनाव जीतने के लिए भारतीय जनता पार्टी ने अपने सारे घोड़े खोल दिए हैं। भक्त, सेवक, कार्यकर्ता, प्रचारक सब अपनी सेवा भक्ति-भाव से मुहैया करा रहे हैं। इसमें ना कुछ बुरा है ना गलत। बस मीडिया और मीडिया वालों की भूमिका देखने लायक है। नए और मीडिया को बाहर से देखने वालों को शायद स्थिति की गंभीरता समझ न आए पर जिस ढंग से पत्रकारों का स्वयंसेवक दल भाजपा के पक्ष में लगा हुआ है वह देश के भविष्य के लिए अच्छा नहीं है। कहने की जरूरत नहीं है कि भाजपा एक सांप्रादियक पार्टी है जो लोकतांत्रिक व्यवस्था का पालन मजबूरी में ही करती है।

जब ‘भक्त’ अखबार बनाते हैं…

Sanjay Kumar Singh :  नोटबंदी का मामला पिछले दिनों सुप्रीम कोर्ट में था। इसके अगले दिन इंडियन एक्सप्रेस और नवोदय टाइम्स का पहला पेज देखिए। इंडियन एक्सप्रेस की खबर की शीर्षक है, “क्या नकदी नीति जल्दबादी में अपनाई गई, क्या दिमाग लगाया गया, सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से पूछा”। यह खबर एक्सप्रेस में सेकेंड लीड है और फोल्ड से ऊपर है। यही खबर नवोदय टाइम्स ने फोल्ड के नीचे छापी है और शीर्षक लगाया है, “सुप्रीम कोर्ट ने नोटबंदी पर पूछा, कब सामान्य होंगी स्थितियां”, दूसरी लाइन में, “हालात 10-15 दिन में ठीक हो जाएंगे : सरकार”।

रेल में हवाई यात्रा के सुख बनाम भारतीय रेल

कल 08792 निजामुद्दीन-दुर्ग एसी सुपरफास्ट स्पेशल से वास्ता पड़ा। निजामुद्दीन से चलने का ट्रेन का निश्चित समय सवेरे 830 बजे है सुबह सात बजे नेशनल ट्रेन एनक्वायरी सिस्टम पर चेक किया तो पता चला ट्रेन राइट टाइम जाएगी। यहीं से चलती है इसलिए कोई बड़ी बात नहीं थी। स्टेशन पहुंचा तो बताया गया प्लैटफॉर्म नंबर चार से जाएगी। प्लैटफॉर्म पर पहुंच गया तो घोषणा हुई (संयोग से सुनाई पड़ गया वरना देश भर में कई स्टैशनों के कई प्लैटफॉर्म पर घोषणा सुनाई नहीं पड़ती है और हम कुछ कर नहीं सकते) कि ट्रेन एक घंटे लेट है। परेशान होने के सिवा कुछ कर नहीं सकता था।