क्या ‘प्याज’ घोटाला छिपाने के लिए दिया गया फुल पेज का विज्ञापन?

नई दिल्ली: प्याज को लेकर घोटाले के आरोपों से घिरी दिल्ली सरकार ने घोटाले के आरोपों को नकार दिया है. लेकिन आज केजरीवाल सरकार ने अखबारों में पूरे पेज का विज्ञापन छापकर आजतक चैनल पर निशाना साधते हुए बदनाम करने की साजिश रचने का आरोप लगाया है. बीजेपी ने कहा है कि करोड़ों का विज्ञापन देकर सरकार ने प्याज घोटाला छुपाने की कोशिश की है. केजरीवाल सरकार पर सस्ते में प्याज खरीदकर जनता को महंगा बेचने का आरोप लगा है. बड़ा सवाल ये है कि प्याज में घोटाला हुआ या नहीं.

प्याज की बिक्री पर कथित घोटाले के आरोपों के बीच केजरीवाल सरकार ने हर बड़े अखबारों में पूरे पेज का विज्ञापन छापकर न्यूज चैनल आज तक पर बदनाम करने के लिए झूठी खबरें चलाने का आरोप लगाया. विज्ञापन में लिखा है कि केंद्र सरकार ने नासिक से प्याज 18 रुपये प्रति किलो की दर से खरीदी. केंद्र सरकार ने ही दिल्ली सरकार को प्याज 33 रुपये किलो की दर से बेची. दिल्ली सरकार ने 33 रुपये प्रति कोल के ऊपर ट्रांसपोर्टेशन, लोडिंग-अन लोडिंग और दुकनदारों के मार्जन मनी पर 7 रुपये अतिरिक्त खर्च करके भी जनता को तीस रूपये किलो की दर से प्याज उपलब्ध कराई. केंद्र सरकार ने अपनी दो एजेंसियों डीएमएस और सफल के माध्यम से प्याज 35 से 40 रुपये किलो तक बेची.

संजय सिंह ने बताया कि कोई घोटाला नहीं हुआ. घोटाले की फर्जी खबर दिखाई जा रही है. अगर ऐसी खबरें दिखाई जाएंगी तो जवाब देना होगा.. चाहे विज्ञापन देना पड़े. विज्ञापन में आंकडों के हवाले से वही दावा किया गया है जो घोटाले के आरोप में सफाई में दिल्ली सरकार कह चुकी है. अब बीजेपी कह रही है कि प्याज घोटाला छिपाने के लिए अखबारों में करोड़ों का विज्ञापन छपवाया गया. एबीपी न्यूज ने दिल्ली सरकार का विज्ञापन देने वाली संस्था डीएवीपी के रेट के आधार पर जब विज्ञापनों के खर्च का हिसाब लगाया तो ये 23 लाख 65 हजार रुपये तक पहुंचा. अगर ये अनुमान सही है कि विज्ञापन के खर्च के पैसे से 72 हजार 2 किलो प्याज आ जाता जो केजरीवाल सरकार एक दिन में 72 हजार लोगों को एक-एक किलो फ्री में बांट सकती थी. एबीपी न्यूज ने ईमेल भेजकर आप सरकार से विज्ञापन पर खर्च का हिसाब मांगा है जिसका जवाब अभी तक नहीं मिला है. दिल्ली सरकार के सूत्रों के मुताबिक प्रत्येक सरकारी काम नियमों के तहत होता है. तय DAVP रेट पर पारदर्शी तरीके से विज्ञापन जारी किया जाता है. विधिवत तरीके से सारी जानकारी सरकार से ली जा सकती है. इधर आरटीआई के जरिये खुलासा करके घोटाले का दावा करने वाले विवेक गर्ग ने एंटी करप्शन ब्रांच और उपराज्यपाल के पास घोटाले की शिकायत दर्ज कराई है. केजरीवाल सरकार पर 24.45 रुपये की दर से प्याज खरीदकर तीस रुपये किलो बेचने का आरोप लगा था जिसके बाद दिल्ली सरकार ने दस्तावेज जारी करके दावा किया था कि केंद्र सरकार से खरीदकर प्याज बाजार में चालीस रुपये के भाव का पड़ा था जिसे तीस रुपये किलो बेचा गया. बड़ा सवाल ये है क्या विज्ञापन देकर जनता के पैसे की बर्बाद की? (साभार- एबीपी न्यूज)

मूल खबर…

प्‍याज घोटाले का आरोप लगने पर केजरीवाल सरकार ने आजतक न्‍यूज चैनल पर निशाना साधते हुए अखबारों में निकाला पूरे पेज का विज्ञापन

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