सही शब्द ‘स्ट्रिंगर’ होता है, ‘स्टिंगर’ नहीं!

अख़बारों के लिए जो अनियमित पत्रकार छोटे-छोटे शहरों में काम करते हैं, उनको ‘स्ट्रिंगर’ कहते हैं, ‘स्टिंगर’ नहीं. यह जानकारी दी वरिष्ठ पत्रकार नीरेंद्र नागर ने. भड़ास पर छपी स्ट्रिंगरों से जुड़ी एक खबर में ‘स्टिंगर’ शब्द लिखा देखकर नीरेंद्र नागर ने सही शब्द के बारे में बताया.

उन्होंने एक अन्य शब्द ‘अभयारण्य’ के बारे में बताया कि इसे कई दफे लोग ‘अभ्यारण्य’ लिखते हैं जो गलत है. यह ‘अभय+अरण्य’ होता है जिसे एक साथ ‘अभयारण्य’ लिखा जाता है. भड़ास के संपादक यशवंत ने नीरेंद्र नागर जी को इस करेक्शन की तरफ ध्यान दिलाने और सही शब्दों के बारे में बताने के लिए आभार कहा.

भारत के इस खूनी एक्सप्रेसवे पर देखें एक किस्मत कनेक्शन!

भारत के इस खूनी एक्सप्रेसवे पर देखें एक किस्मत कनेक्शन! आग, मौत, जिंदगी और पुलिसिंग की अदभुत दास्तान! (आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे को अब खूनी एक्सप्रेसवे के नाम से भी जाना जाता है. आए दिन गाड़ियां जल जाती हैं या फिर भिड़ जाती हैं और ढेरों लोग हताहत होते हैं. पर कभी कभी किस्मत कनेक्शन भी काम कर जाता है. इस बाइक सवार कपल और उसके बच्चे को देखिए. इसे किस्मत ही तो कहेंगे कि यमराज को भागना पड़ा. भगवान बने पुलिस वाले. चलती बाइक में लगी आग से डायल100 पीआरबी ने पति, पत्नी और बच्चे की कैसे बचाई जान, देखें Live)

Bhadas4media ಅವರಿಂದ ಈ ದಿನದಂದು ಪೋಸ್ಟ್ ಮಾಡಲಾಗಿದೆ ಬುಧವಾರ, ಏಪ್ರಿಲ್ 17, 2019



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One comment on “सही शब्द ‘स्ट्रिंगर’ होता है, ‘स्टिंगर’ नहीं!”

  • Vaishali Chowdhury says:

    जी मुझे भी कई बार आपकी हिंदी गलत दिखी है, अच्छा हुआ किसी ने ये मुद्दा आपके सामने रख दिया

    Reply

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