शहीद DSP की पत्नी ने कोर्ट में कहा- ‘मथुरा कांड एक बड़े नेता द्वारा 300 एकड़ के पार्क पर कब्जा करने की साजिश का नतीजा’

मुकुल द्विवेदी की पत्नी अर्चना द्विवेदी ने यूपी पुलिस की जांच पर जताया अविश्वास, सीबीआई के हवाले मामले को सुपुर्द करने की अपील की….

मथुरा के जवाहर बाग में हुई हिंसा की सीबीआई द्वारा जाँच कराने की मांग पर शहीद मुकुल द्विवेदी की पत्नी अर्चना द्विवेदी की तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता और उत्तर प्रदेश के पूर्व महाधिवक्ता वीसी मिश्र ने हाईकोर्ट में बहस किया। उन्होंने प्रदेश सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि मथुरा कांड कोई कानून व्यवस्था का मामला नहीं है बल्कि यह एक बड़े नेता द्वारा 300 एकड़ में फैले पार्क पर कब्जा करने की साजिश का परिणाम है।

मंत्री यशपाल आर्य के लगातार अनैतिक दबाव बनाने के चलते आईएएस अक्षत गुप्ता की गई जान!

कल रात को खबर आई कि राज्य में तैनात आईएएस अधिकारी श्री अक्षत गुप्ता नहीं रहे. बताया जा रहा है कि दिल का दौरा पड़ने से उनका निधन हो गया. जैसा कि पिछले दिनों से समाचार पत्रों में खबरें आ रही थी कि मंत्री यशपाल आर्य उन्हें बदले जाने को दबाव बना रहे थे तो ये हार्ट अटेक उसी दबाव की परिणति तो नहीं. अक्षत गुप्ता का उदाहरण कोई पहला उदाहरण नहीं है कि उत्तराखंड की सत्ता में रहे बहुत से मंत्रियों ने अपने मन का काम ना होने पर अपने अधिकारो का दुरूपयोग किया है और अधिकारी विशेष को जितना हो सकता था जलील करने के साथ जमकर प्रताड़ित भी किया है. हां बहुत से कार्मिक उस दबाव को काउंसलिंग के चलते झेल गए और जो नहीं झेल पाये वे हार्ट अटेक जैसे हादसों के शिकार हो गए. कई अधिकारियों के पारिवारिक सदस्य उस दबाव का शिकार हुए हैं जो उनके सेवारत पारिवारिक सदस्य झेल रहे होते हैं.

मायावती के दबाव में बनी डीएसपी धीरेन्द्र राय के खिलाफ रिपोर्ट : अमिताभ ठाकुर

आईपीएस अफसर अमिताभ ठाकुर ने आज डीएसपी धीरेन्द्र राय को पत्र भेज कर रिटायर्ड आईपीएस बद्री प्रसाद सिंह द्वारा पूर्व मुख्यमंत्री मायावती के दवाब के कारण उनके खिलाफ रिपोर्ट लिखने के बारे में बताया है. ठाकुर ने कहा है बद्री प्रसाद ने पूर्व डीजी बृजलाल के ऑफिस में स्वयं बताया था कि वे इस मामले में जांच अधिकारी थे. तत्कालीन डीजीपी करमवीर सिंह और प्रमुख सचिव गृह फ़तेह बहादुर सहित सभी पुलिस और गृह विभाग के सभी अफसर चाहते थे कि ठोकिया द्वारा पुलिसकर्मियों की हत्या मामले में धीरेन्द्र राय दण्डित नहीं हों क्योंकि उनकी कोई गलती नहीं थी.