तनख्वाह मांगने पर थप्पड़ मारने वाले एडिटर इन चीफ को सबक सिखाया जाना चाहिए

Dinesh Shukla : घोर आपत्तिजनक… एक न्यूज़ चैनल के एडिटर इन चीफ ने अपने मातहत मीडियाकर्मी पर हाथ उठाया.. सूत्रों ने बताया कि उस कर्मचारी का सिर्फ इतना सा कसूर था कि उसने पिछले चार माह से नहीं मिले वेतन के बारे में बात की थी… यह किस तरह की पत्रकारिता हो रही है… यह असहनीय है… मेरी उस कर्मचारी के साथ संवेदनाएं हैं… अगर मीडियाकर्मी सामने आकर मदद की बात करता है तो हम उसके साथ हैं… घोर असहनीय, आपत्तिजनक और निंदनीय …

मनोज मनु नहीं दे रहे मेरा बकाया पैसा… सहारा समय के टीवी जर्नलिस्ट ने लिखा गौतम सरकार को पत्र

गौतम सरकार सर

नमस्कार

मेरा नाम तहसीन ज़ैदी है.. मैंने सहारा समय में साल 2003 से साल 2015 तक रहकर भोपाल, रायपुर, चंडीगढ़ और जयपुर में कोर्डिनेटर से लेकर ब्यूरो चीफ तक के पद पर पूरे 14 साल सेवा की है… मैं कंपनी को आधी सैलरी मिलने के बावजूद छोड़ना नहीं चाह रहा था लेकिन कंपनी में कुछ तानाशाह लोगों की वजह से छोड़ना मजबूरी हो गया था… छोड़ने से पहले मेरी 19 महीनों की सैलरी आपके पास पेंडिंग है… इसके लिए मैंने मिस्टर मनोज मनु से कई बार SMS, MAIL व्हाट्स ऐप, टेलीफोनिक रिक्वेस्ट की लेकिन उन्होंने अभी तक कोई रिस्पॉन्स नहीं किया… PF तो जैसे तैसे करके निकलवा लिया… उसी बात को लेकर मिस्टर मनोज कुछ ईगो पाले हुई हैं…

‘प्रतिनिधि’ न्यूज चैनल में सेलरी के लिए बवाल, एडिटर इन चीफ घिरे, पुलिस आई (देखें वीडियो)

‘प्रतिनिधि’ न्यूज चैनल वैसे तो दिन भर उपदेश देता रहता है, नैतिकता पिलाता रहता है, सिस्टम ठीक करने के लिए कमर कसे दिखता रहता है लेकिन बात जब खुद के चैनल के भीतर शोषण की आती है तो यहां भी हाल बाकियों जैसा ही दिखता है. खबर है कि इस चैनल के इंप्लाई कई महीने से बिना सेलरी काम कर रहे हैं. एक रोज उनका धैर्य जवाब दे गया. कहा जा रहा है कि चैनल के एडिटर इन चीफ जब बिना सैलरी दिए सामान लेकर जा रहे थे तो कर्मचारियों ने उन्हें रोक लिया और खुद के बकाया पैसे की बात की.