पूर्व आईपीएस और पूर्व कुलपति विभूति नारायण राय के खिलाफ केस चलेगा, क्लोजर रिपोर्ट खारिज

Sanjeev Chandan : कितना कठिन होता है एक पुलिस अफसर से लड़ना, आईपीएस से. वह भी तब जब उसने कथित प्रगतिशीलता का चोला पहन रखा हो. आज 7 सालों के अथक प्रयास के बाद हम वर्धा कोर्ट से एक फैसला लाने में सफल हुए जिसका असर हिन्दी साहित्य, विश्वविद्यालय और उसके मठाधीशों पर दूरगामी होने …

रिटायर्ड आईपीएस वीएन राय ने हाशिमपुरा कांड पर किया एक और बड़ा खुलासा

मेरठ के हाशिमपुरा में 28 साल पहले हुए जनसंहार मामले में एक बड़ा खुलासा हुआ है। यह खुलासा मेरठ एक रिटायर्ड आईपीएस ने किया है जो उस वक्त मेरठ से सटे गाजियाबाद के एसपी थे। प्रख्यात लेखक और रिटायर्ड आईपीएस विभूति नारायण ने खुलासा किया कि हाशिपुरा जनसंहार मामले में तत्कालीन सरकार ने पीएसी फोर्स के विद्रोह के डर से समुचित कार्रवाई नहीं की थी।

हाशिमपुरा नरसंहार- उत्तर प्रदेश पुलिस के इतिहास का एक काला अध्याय

जीवन के कुछ अनुभव ऐसे होते हैं जो जिन्दगी भर आपका पीछा नहीं छोडते। एक दु:स्वप्न की तरह वे हमेशा आपके साथ चलतें हैं और कई बार तो कर्ज की तरह आपके सर पर सवार रहतें हैं। हाशिमपुरा भी मेरे लिये कुछ ऐसा ही अनुभव है। 22/23 मई सन 1987 की आधी रात दिल्ली गाजियाबाद सीमा पर मकनपुर गाँव से गुजरने वाली नहर की पटरी और किनारे उगे सरकण्डों के बीच टार्च की कमजोर रोशनी में खून से लथपथ धरती पर मृतकों के बीच किसी जीवित को तलाशना- सब कुछ मेरे स्मृति पटल पर किसी हॉरर फिल्म की तरह अंकित है।