…तो हर ब्रजेश ठाकुर मुस्कुराता हुआ जेल जाएगा और फिर ठहाके मारता बाहर आएगा!

Chandan Srivastava : ये मुजफ्फरपुर बालिका गृह मामले का मुख्य आरोपी बृजेश ठाकुर है। पुलिस हिरासत में हंसता हुआ, ठहाके लगाता हुआ। इस बात के लिए मुत्मइन कि उसे बिहार सजा नहीं देगा। और, इतना मुत्मइन वह हो भी क्यों ना? मार्च में ही उसके कारनामों का कच्चा चिट्ठा टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंस ने उजागर कर दिया था और रिपोर्ट समाज कल्याण विभाग को भेज दी थी।

बावजूद इसके उस पर हाथ डालना तो दूर की बात बिहार की ब्यूरोक्रेसी उसके एनजीओ को नए-नए ठेके आवंटित करती रही। इतना ही नहीं जिस दिन एफआईआर दर्ज हुई उस दिन ही बृजेश ठाकुर के एनजीओ को चालीस लाख रुपए का ठेका हासिल हुआ।

प्रेम अगम : इस मुस्कुराते हुए आदमी को देखिए और अपने उपर या इस सिस्टम के उपर जो भी पसंद हो थूक लिजीए । यह जानता है कि इसका कुछ भी नहीं उखड़ने वाला ……

Vikas Mishra : जिस रोज ब्रजेश ठाकुर (मुजफ्फरपुर कांड) जैसे बलात्कारी मॉब लिंचिंग में मारे जाएंगे, उस रोज मैं मॉब लिंचिंग का समर्थक बन जाऊंगा।

Rana Yashwant : बिहार के मुजफ्फरपुर में जिन बच्चियों ने हैवानियत झेली, उनमें से एक बच्ची से पूछताछ का वीडियो आज देखा. बोल नहीं सकती तो इशारे से बता रही है. पूछनेवाली महिला पुलिस के हाथ में मोबाइल है औऱ उसकी स्क्रीन पर ब्रजेश ठाकुर की फोटो है. पूछ रही है – ये कौन है, तो उसकी हकलाहट भी लड़खड़ा जाती है. क्या करता था? इशारे से बताती है- बहुत मारता था. साथ वाली बच्ची इशारे को समझकर पुलिसवाली को बता रही है. सिर्फ बातचीत ही उसके अंदर हाड़ तक बैठे डर की गवाही देती है.

ये आदमी जिसका नाम ब्रजेश ठाकुर है, जिसकी फोटो देखकर बच्ची दहल गई, वह नेताओं का पिठ्ठू रहा,सरकार से अनुदान लेता रहा और बच्चियों के कल्याण गृह के नाम पर अपनी हैवानियत का अड्डा चलाता रहा. नीतीश सरकार के गुडबुक में रहनेवाला ब्रजेश लोकल लेवल पर ऐसा नेक्सस तैयार किए हुए था कि उसके खिलाफ कोई आवाज नहीं उठा पा रहा था. अंदाजा आप इस बात से लगाइए कि उसका सारा कुकर्म आसपास के लोगों को पता था और वे चुप थे.42 में से 34 बचिच्यों के रेप की पुष्टि हो चुकी है, मामला सीबीआई के पास है लेकिन ऐसे अधम लोगों को पता होता है कि समय थोड़ा निकल जाए तो दुनिया फिर अपनी राह चल लेगी और वे हाथ झाड़कर फिर निकल पड़ेंगे.

अगर ऐसा होता है तो हर ब्रजेश ठाकुर मुस्कुराता हुआ जेल जाएगा और फिर ठहाके मारता बाहर आएगा. ये बिहार की व्यवस्था ही नहीं, बिहार के लोगों के लिए भी चुनौती है. ऐसा कैसे हो सकता है कि एक आदमी अत्याचार और आतंक का राज चला रहा है और लोग इसलिए आंख पर पट्टी बांधे, कान में तेल डाले हुए हैं कि कभी तो पाप का घड़ा भरेगा. ऐसा सोचना ही ब्रजेश ठाकुरों को शह देना है. जुटिए, पकड़िए और निपटाइए. कानून का इंतजार करते करते 34 बच्चियों का जीवन तो बर्बाद हो ही गया ना?

Mohd Zahid : मिर्गी आने पर दिया जाने वाला इंजेक्शन देकर 7 साल से 13 साल की हिन्दू बच्चियों का बलात्कार करने और कराने वाला यह शैतान ब्रजेश ठाकुर गिरफ्तारी के बाद भी हँस रहा है। बच्चियों ने बताया कि किस तरह उनसे रात दर रात बलात्कार होता था। उन्हें भूखा रखने के साथ ही ड्रग्स दिए जाते थे। इन सभी लड़कियों की उम्र 7-18 साल की है। जिसमें से ज्यादातर को बोलने में परेशानी है। उन्होंने आरोप लगाया है कि उन्हें खाने में दवाएं मिलाकर दी जाती थीं, नग्न सोने पर मजबूर किया जाता था और विरोध करने पर बुरी तरह से पीटा जाता था।

हालिया मेडिकल रिपोर्ट के अनुसार शनिवार को बलात्कार पीड़िताओं की संख्या 34 पर पहुंच गई। एक 10 साल की पीड़िता ने पॉक्सो कोर्ट को बताया, ‘मेरे खाने में नशे की दवाएं मिलाई जाती थी जिसकी वजह से मुझे बेहोशी महसूस होती थी। मुझसे आंटियां कहती थीं कि “ब्रजेश सर के कमरे में सो जाओ और वह उन आगंतुकों के बारे में बात करते थे जो आने वाले होते थे। जब सुबह मैं उठती थी तो मुझे अपनी पैंट जमीन पर गिरी हुई मिलती थी।”

बालिका गृह में रहने वाली ज्यादातर लड़कियां अनाथ हैं या फिर खोई हुई हैं। जिन्हें पुलिस यहां भेज देती थी। एक पीड़िता ने बताया, ‘आंटियां मुझे रात में कीड़े की दवाई देती थीं। जिसकी वजह से मैं सो जाया करती थी। सुबह मेरा पूरा शरीर दर्द करता था। कई बार हमारे पेट में लात मारी जाती थी।’ दूसरी लड़कियों ने भी बताया कि उनकी पिटाई की जाती है। एक लड़की ने बताया कि अगर वह दवा खाने से मना करती थी तो तोंद वाला बड़ा सा आदमी उन्हें मारा करता था। दूसरी लड़की ने बताया कि ब्रजेश उसे अपने ऑफिस ले जाकर उसके निजी अंगों को नोचा करता था। मासूम ने कहा, ‘वह मेरे निजी अंगो को इतनी बुरी तरह से नोचता था कि उसमें कटने के निशान हो जाते थे।’

पीड़िताओं ने बताया है कि कई बार उनपर गर्म पानी और तेल फेंका जाता था। इसी बीच एक पीड़िता ने बताया कि वह और दूसरी लड़कियां अपने हाथ पैरों में टूटे हुए ग्लास से घाव किया करती थीं ताकि उनसे जबरन गंदा काम ना करवाया जा सके। पिछले पांच सालों में 470 लड़कियों को बालिका गृह लाया गया था। पड़ोसियों का कहना है कि उन्होंने कई बार लड़कियों के चिल्लाने की आवाज सुनी थीं लेकिन किसी ने इसकी शिकायत नहीं की। इतनी हिन्दू बच्चियों के बलात्कार पर कोई हिन्दूवादी नहीं बोला और ब्रजेश सिंह की हँसी का राज़ इसी में है। नितिश कुमार तुम्हारी अंतरात्मा मर गयी है।

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