34 बच्चियों से रेप कांड का खुलासा करने वाले ‘कशिश न्यूज’ के संपादक संतोष सिंह को बधाई

Santosh Singh : हमें क्या हो गया… हम इतने कमजोर क्यों हो गये हैं… आने वाले पीढ़ी को क्या छोड़कर हम लोग जायेंगे… पत्रकारिता कभी नौकरी नहीं हो सकती है.. आईए अपनी छाप छोड़िए और निकलते बनिए…

…तो हर ब्रजेश ठाकुर मुस्कुराता हुआ जेल जाएगा और फिर ठहाके मारता बाहर आएगा!

Chandan Srivastava : ये मुजफ्फरपुर बालिका गृह मामले का मुख्य आरोपी बृजेश ठाकुर है। पुलिस हिरासत में हंसता हुआ, ठहाके लगाता हुआ। इस बात के लिए मुत्मइन कि उसे बिहार सजा नहीं देगा। और, इतना मुत्मइन वह हो भी क्यों ना? मार्च में ही उसके कारनामों का कच्चा चिट्ठा टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंस ने …

ब्रजेश ठाकुर के अखबार को देखिए, ये नीतीश की तारीफ के लिए ही निकाला जाता रहा है

Dilip C Mandal : पत्रकार, भड़वा, दलाल और नीतीश कुमार! मुजफ्फरपुर बालिका गृह बलात्कार कांड का सरगना ब्रजेश ठाकुर बिहार का बहुचर्चित पत्रकार और संपादक भी है. हालांकि उसका मुख्य धंधा काफी गंदा था. ये काम भी वह स्वेच्छा से देह बेचने वालियों से नहीं, अपने बालिका गृह की मासूम लड़कियों से जबरन करवाता था. …

ब्रजेश ठाकुर ऑफिस में ही कैसेट लाकर ब्लू फिल्म देखा करता था!

पुलिस गिरफ्त में भी हंस रहा है मुख्य आरोपी ब्रजेश ठाकुर मुजफ्फरपुर के मूल निवासी वरिष्ठ पत्रकार कुमार हर्षवर्धन दैनिक जागरण और नवभारत टाइम्स जैसे संस्थानों में वरीय पदों पर अपनी सेवाएं दे चुके हैं. वे एक समय उसी प्रात:काल नामक अखबार में कार्यरत थे जिसके मालिक ब्रजेश ठाकुर व उनके करीबी सफेदपोशों पर चौंतीस …

राज्य संरक्षित यौन हिंसा के खिलाफ देश भर में प्रदर्शन, निष्पक्ष जांच के लिए नीतीश का इस्तीफा जरूरी

नेशनल फेडरेशन ऑफ इंडियन विमेन (एनएफआईडब्लू), स्त्रीकाल, राइड फॉर जेंडर फ्रीडम और अखिल इण्डिया प्रोग्रेसिव वीमेन असोसिएशन, तथा टेढ़ी उंगली द्वारा के संयुक्त आवाहन से राष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शन के तहत दिल्ली में आज दोपहर बिहार भवन में विभिन्न संगठनों के सैकड़ों इक्क्ठे हुए और मुजफ्फरपुर के शेलटर होम में बच्चियों से बर्बर यौन शोषण …

एक कैंपस में 34 बच्चियों से बलात्कार : सरगना पत्रकार रहा है इसलिए चुप है पटना की पत्रकारिता?

Ravish Kumar : एक कैंपस के भीतर 34 बच्चियों के साथ बलात्कार होता रहा, बिहार सोता रहा… बिहार के मुज़फ्फरपुर में एक बालिका गृह है। इसे चलाते हैं एन जी ओ और सरकार पैसे देती है। इस बालिका गृह में भागी भटकी हुई लड़कियों को ला कर रखा जाता है, जिनका कोई ठिकाना नहीं होता …