पैसे के लिए इस अख़बार ने अपना नाम तक बदल दिया…

SAKSHI JOSHI-

पैसे के लिए इस अख़बार ने अपना नाम तक बदल दिया…

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Picture courtesy- Saurav Das/twitter

Amit Chaturvedi-

हम न्यूज़पेपर के बिज़नेस में नहीं हैं, हम ऐड्वर्टायज़्मेंट के बिज़नेस में हैं…अच्छे और महंगे ऐड्वर्टायज़्मेंट पाने के लिए हम बीच बीच में खबरें भी डालते हैं, लेकिन वो खबरें भी प्रायोजित होती हैं. -विनीत विज्ञापन चंद जैन

दीपांकर-

सोचिए एक साथ अगर एक हजार शौचालय निर्माण हो जाय और सरकार उसका विज्ञापन छापने को कहे….

तो…. विनीत जैन का अख़बार उसे कैसे छापेगा?
मस्टहेड है या मास्क जो बदल जा रहा है?



 

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