चौधरी साब ने बजा दिया बाजा : छठें नंबर का चैनल हुआ ‘जी न्यूज’

एक अच्छा खासा न्यूज चैनल नए जमाने की धंधेबाज पत्रकारिता की सोहबत में पड़ा और देखते ही देखते पतन के पराकाष्ठा तक पहुंच गया. जिस जी न्यूज चैनल को लोग नंबर वन न्यूज चैनल की तरह ट्रीट करते थे और इसे नंबर वन न्यूज चैनल आजतक का प्रतिद्वंद्वी मानते थे, वह जी न्यूज अब छठें नंबर का न्यूज चैनल बन चुका है. इस सारे पतन के पीछे सिर्फ एक शख्स का नाम लिया जा सकता है और वह हैं सुधीर चौधरी. चौधरी साहब एजेंडा पत्रकारिता यानि सुपारी पत्रकारिता यानि रंगदारी पत्रकारिता के बादशाह माने जाते हैं. कभी जिंदल ग्रुप तो कभी कुमार विश्वास. कभी केजरीवाल तो कभी कोई अन्य.

जिसके खिलाफ ये ठान लेते हैं, बस अभियान चलाने लगते हैं, चलाते ही जाते हैं, आंय बांय सांय कुछ भी… बिना दूसरे की सुने. जिंदल ग्रुप से खबर रोकने के मामले में रंगदारी मांगकर तिहाड़ हो आए सुधीर चौधरी ने नवीन जिंदल को जी न्यूज के दुष्प्रचार से बचाने और अपना पक्ष रखने के लिए फोकस न्यूज चैनल खरीदने चलाने पर मजबूर कर दिया तो इन्हीं चौधरी साहब ने पिछले कुछ समय से कुमार विश्वास को निशाने पर ले रखा है. कुमार विश्वास ने सोशल मीडिया की ताकत का जमकर इस्तेमाल करते हुए जी न्यूज और सुधीर चौधरी को इस कदर जवाब दिया कि एलीट लोग यानि पढ़े लिखे लोग अब इस न्यूज चैनल यानि जी न्यूज को देखने से परहेज करने लगे हैं. ज्ञात हो कि कुमार विश्वास की फेसबुक से लेकर ट्विटर और यूट्यूब तक पर कुल मिलाकर करोड़ों की फालोइंग है. साथ ही इनका सोशल मीडिया में जबरदस्त दखल हैं. डा. कुमार विश्वास के चाहने वाले उनके खिलाफ एक शब्द नहीं सुनना चाहते. ऐसे में जी न्यूज ने बर्र के छत्ते में हाथ डाल दिया और खुद अपने पैर पर कुल्हाड़ी मार ली.

जाने क्या बात है कि सुभाष चंद्रा की नजर से सुधीर चौधरी गिरते ही नहीं. लोग कहते हैं कि डा. सुभाष चंद्रा को डर है कि कहीं सुधीर चौधरी सरकारी गवाह न बन जाएं. यानि अगर सुधीर चौधरी को सुभाष चंद्रा ने छेड़ा तो जिंदल रंगदारी प्रकरण में सरकारी गवाह बनकर सुभाष चंद्रा को जेल भिजवा सकते हैं सुधीर चौधरी. इस बड़े भय खौफ के मारे सुभाष चंद्रा तब तक सुधीर चौधरी के खिलाफ कुछ नहीं बोल कर कह सकते हैं जब तक कि जिंदल वाला मुकदमा निपट न जाए. अपने दो संपादकों के जेल जाने के दौरान सुभाष चंद्रा पर भी गिरफ्तारी और तिहाड़ जाने की तलवार लटकी थी लेकिन जाने किस किस तरह के मैनेजमेंट के खेल खेलते हुए चंद्रा साहब खुद को जेल जाने से बचा सके थे. ऐसे में सुभाष चंद्रा अब सुधीर चौधरी को छेड़कर कोई रिस्क नहीं लेना चाहते, भले ही चैनल की टीआरपी नंबर तीन से नंबर छह पर चली आए. जी न्यूज के अंदरूनी हालात भी काफी संकटग्रस्त है. जो पुराने, ईमानदार और संजीदा किस्म के लोग थे, उन्हें प्रताड़ित पीड़ित परेशान कर बाहर जाने को मजबूर कर दिया गया है. अब जो नए लोग हैं वे चौधरी साहब के पसंद हैं और इनका समर्पण पत्रकारिता या जी न्यूज के प्रति न होकर सिर्फ और सिर्फ चौधरी साहब के प्रति है. ऐसे में कंटेंट और विजन को लेकर सोचा जा सकता है कि यह चैनल किस तरफ जा रहा है. हां, इस पूरी कवायद में सुधीर चौधरी की अपनी ब्रांडिंग बड़ी और तगड़ी हो चुकी है, जी न्यूज रसातल में जाए तो जाए.

आइए, इस साल के 22वें हफ्ते की टीआरपी देखें जिसमें सबसे ज्यादा नुकसान जी न्यूज को हुआ है….

Weekly Relative Share

Source: BARC, HSM, TG:15+,TB:0600Hrs to 2400Hrs, Wk 22

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DD News 1.5 same

TG: AB Male 22+

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टीआरपी 21वां सप्ताह : इंडिया टीवी नंबर तीन पर खिसका

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Comments on “चौधरी साब ने बजा दिया बाजा : छठें नंबर का चैनल हुआ ‘जी न्यूज’

  • Amit Awasthi says:

    Sudhir Choudhry Patrkarita ke naam par Kalank hai.Aagar patrkaron ne samay par aise dalalon ko bahar nahi kiya to Sadak par TV Chanl ki ID le kar chalna mushkil ho jayega !

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  • vese zee news me dalaalo ki kami nahi.. pahle bhi kai dalaal aese the jo gutt bana kar kaam karte the.. Baad me pura gutt ek saath chala gaya.. Kuch ek ko toh jabaran Be ejjat kar k nikala gaya.. en sab baato se haathi k kaan me joo nahi rengati… es liye jo jesa chal raha hai chalta rahega.. Or gadhe panjeere khaate rahenge…

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