कुमार विश्वास ने केजरीवाल के सिर मढ़ा आरोप तो जेटली ने माफ कर दिया

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केन्द्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने आम आदमी पार्टी नेता और कवि कुमार विश्वास पर किया मानहानि का मुक़दमा वापस ले लिया है। इसके साथ ही कई महीनों से लम्बित इस मामले का पटाक्षेप हो गया है। उल्लेखनीय है कि विश्वास ने अरुण जेटली को एक पत्र लिख कर पूरे मामले में अपना पक्ष स्पष्ट किया था। इसी पत्र के आलोक में अरुण जेटली द्वारा यह मुक़दमा वापस ले लिया। Continue reading

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केजरी-लालू के बेमेल मिलन में रोड़ा बनेंगे कुमार विश्वास, देखें वीडियो

राजद के राष्ट्रीय प्रवक्ता मनोज झा के इस बयान पर कि आम आदमी पार्टी और राजद में चुनावी गठबंधन संभव है,  पर आम आदमी पार्टी के संस्थापक सदस्य डॉ कुमार विश्वास का बयान पढ़िए-देखिए :  मैं आश्वस्त करता हूँ कि किसी भी हालत में हमारी पार्टी का लालू के साथ खड़े होने का कोई प्रश्न ही नहीं है। भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन का सिपाही और आम आदमी पार्टी का संस्थापक सदस्य होने के नाते मैं पूरी ज़िम्मेदारी से इस ख़बर का खंडन करता हूँ। We can’t and we won’t even think of political alliance with Lalu Prasad Yadav ever, this I assure you as a founder member of the party and as a foot-soldier of the anti-corruption movement.Rebutting this news with full responsibility.

मालूम हो कि राजद के राष्ट्रीय प्रवक्ता मनोज झा ने इस बात कि पुष्टि की है कि आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और राजद सुप्रीमो के पुत्र तेजस्वी यादव के बीच दो बार मुलाक़ात हुई है। इसी के बाद केजरी-लालू बेमेल गठबंधन की बातें होने लगीं जिस पर कुमार विश्वास ने चुप्पी तोड़ी है। कुमार विश्वास का बयान सुनिए :

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आशुतोष के ज्ञान और कुमार विश्वास के आखेट का किस्सा सुना रहे अभिषेक श्रीवास्तव

Abhishek Srivastava : कुछ महीने पहले आशुतोष गुप्‍ता से मुलाकात हुई थी। आम आदमी वाले। पूर्व पत्रकार। बात होने लगी तो किशन पटनायक का जि़क्र आया। बोले- ”कौन किशन पटनायक? आखिर किशन पटनायक हैं कौन? एक पत्रिका ही तो निकालते थे?” मैंने कहा भाई साब, ऐसा न कहिए, आप मुझे शर्मिंदा कर रहे हैं। मैंने उन्‍हें गंधमार्दन के ऐतिहासिक आंदोलन की याद दिलाई। इस पर वे बोले- ”अभिषेकजी, ये सब छोटे-छोटे बुलबुले हैं।”

आम आदमी पार्टी के भीतर शीर्ष नेतृत्‍व के स्‍तर पर अज्ञानता और अहंकार मिश्रित अंधकार की यह हालत तब थी जब किशन पटनायक के स्‍वयंभू मानस पुत्रों में एक योगेंद्र यादव इस विचारधारा-रहित पार्टी के काडरों को विचारधारा और राजनीति की ट्रेनिंग देकर बाहर धकियाए जा चुके थे। आशुतोष जैसे पत्रकार और नए-नवेले नेता को वे ये तक नहीं सिखा सके कि जानें या न जानें, लेकिन किशन पटनायक को कम से कम ‘पत्रिका निकालने वाला’ तो न ही कहें।

आज योगेंद्र यादव स्‍वराज इंडिया के वॉट्सएप ग्रुप में दांय-दांय मैसेज भेज रहे हैं और ट्वीट मार रहे हैं कि किशन पटनायक को टाइम्‍स ऑफ इंडिया के पत्रकारों ने नक्‍सली लिख दिया और किशनजी समझ बैठे। किशन पटनायक को नक्‍सली बता देना कोई पत्रकारीय चूक नहीं है। ऐसा जान-बूझ कर किया गया है। कल ही ओडिशा के नियमगिरि से एक डोंगरिया कोंढ आदिवासी लड़की को नक्‍सली बताकर गिरफ्तार किया गया था। गृह मंत्रालय नियमगिरि आंदोलन को अपनी रिपोर्ट में माओवादी करार दे चुका है। ज़ाहिर है, माओवाद वहां मंगल ग्रह से तो टपका नहीं। वह इलाका समाजवादी जन परिषद की राजनीति का गढ़ रहा है। किशन पटनायक का पुराना क्षेत्र है। आज भी लिंगराज जैसे कद्दावर नेता वहां डटे हुए हैं। सजप का वर्तमान दूषित करने के लिए ज़रूरी है कि चुपके से उसके अतीत को भी कलंकित कर दिया जाए।

अब भी वक्‍त है। योगेंद्र यादव को अपने सीने में धधकती कथित अपमान की ज्‍वाला पर थोड़ा पानी छिड़कना चाहिए। केजरीवाल से प्रतिशोध की आंच को सिम पर करना चाहिए और जितना ज्ञान जिंदगी भर हासिल किए हैं, उसे सामान्‍य लोगों के बीच बांटने में लग जाना चाहिए। दुख जताने से कुछ नहीं होगा। धीरे-धीरे आपके सारे नायक छीन लिए जाएंगे और बदनाम कर दिए जाएंगे। फिर योगेंद्र यादव के पास घर वापसी का रास्‍ता भी नहीं रह जाएगा।

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एक बार कुमार विश्वास को घेर कर आखेट करने का मौका मिला था। मिश्र बंधु अविनाश और अवनीश उसके साक्षी हैं। सदारत प्रेम भारद्वाज कर रहे थे। दफ्तर पाखी का था। तीन घंटे से भी लंबे चले साक्षात्कार के दौरान रचना प्रक्रिया आदि गंभीर सवालों पर जब उनका कंविंसिंग जवाब नहीं आया तो मैंने उनके बालों की स्टाइल पर सवाल पूछ दिया, कि कोई पढ़ा-लिखा आदमी बीच से मांग नहीं काढ़ता है तो आप ऐसा क्यों करते हैं? एकदम पश्चिमी यूपी के लौंडों जैसे दिखते हैं!

महाकवि इस पर भड़क कर पेशाब करने चला गया और उसके बाद बातचीत ही बंद हो गई। मैंने अलवर के उनके कुछ मित्रों का हवाला भी इंटरव्यू में दिया था जो बताते थे कि ये सज्जन वहां रहते हुए लड़कीबाज़ी के शौकीन थे। भाई ने साफ इनकार कर दिया था। ऐसी कई बातें थीं जिन पर कुमार विश्वास का जवाब अविश्वसनीय और कौमार्यपूर्ण था। बाद में पाखी में जो साक्षात्कार छपा, वह भयंकर रूप से सम्पादित था। शायद कुमार की नज़र से गुजरने और छंटाई के बाद उसे छापा गया था। इस शाकाहारी साक्षात्कार के बावजूद उनकी बहन ने मुझे लिख कर गरियाया था कि आप लोगों ने मेरे भाई को अकेला पाकर सामूहिक शिकार कर लिया।

सच को छांट कर छापने वाले मालिक अपूर्व जोशी ने कुमार से भले ही अपनी दोस्ती निभा दी थी लेकिन आज भी वह टेप पाखी के दफ्तर में रखा होगा। उसे यदि लीक या सार्वजनिक कर दिया जाए, तब जाकर शायद अरविंद केजरीवाल को पता चलेगा कि उनका पाला कैसे जड़ियल जीव से पड़ा है। वैसे भी, जो राजनीतिक दल या अखबार किसी कवि के चक्कर में पड़ा, इतिहास गवाह है कि वो बर्बाद होकर रह गया। कवि चाहे जैसा भी हो, उसे नेता या संपादक कभी नहीं बनाना चाहिए। शर्तिया ले डूबेगा!

पत्रकार, एक्टिविस्ट और मीडिया आलोचक Abhishek Srivastava की एफबी वॉल से.

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मोदी और केजरीवाल पर जम कर बरसे कुमार विश्वास

आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और कवि कुमार विश्वास ने शुक्रवार को एक नया वीडियो रिलीज़ किया। अपने ऑफिशियल यूट्यूब चैनल पर जारी किए गए इस वीडियो में कुमार विश्वास ने पिछले दिनों की कुछ घटनाओं पर क्षोभ व्यक्त किया है और कई सवाल खड़े किए हैं। लगभग तेरह मिनट के इस वीडियो में कुमार विश्वास कभी ख़ासे गुस्से में तो कभी भावुक नज़र आ रहे हैं। वीडियो में जहाँ एक तरफ़ पिछले दिनों कश्मीर में सीआरपीएफ के जवानों पर हुए हमले को ले कर सवाल खड़े किए गए हैं, वहीँ दूसरी तरफ़ सेना के जवानों द्वारा पिछले दिनों उठाए गए सवालों का भी जवाब माँगा है। पूरे वीडियो में किसी एक पार्टी या सरकार से सवाल न पूछ कर सभी नीति-निर्धारकों से पूछा गया है।

जहाँ एक तरफ कुमार विश्वास ने इशारा किया है कि केंद्र की मोदी सरकार अपने राष्ट्रवाद के मुद्दे के साथ इन्साफ नहीं कर रही है, वहीँ खुद अपनी पार्टी के नेता अरविन्द केजरीवाल पर भी निशाना साधते हुए उन्हें भ्रष्टाचार के मुद्दे से भटका हुआ भी बताया है। जिन मुद्दों पर कुमार विश्वास ने बात की है वो आज कमोबेश हर भारतीय की जुबान पर, या कम से कम ज़हन में तो है ही। पाकिस्तान द्वारा गिरफ्तार भारतीय कुलभूषण जाधव के साथ हो रहे अन्याय पर भी कुमार बोले हैं।

सबसे बड़ा सवाल जो उन्होंने इस वीडियो में पूछा है, वो यह है कि पठानकोट, कुलभूषण जैसी घटनाओं और कश्मीर में पाकिस्तान की शह पर लगातार चल रही हिंसा के बावजूद पाकिस्तान के साथ राजनैतिक और व्यापारिक सम्बन्ध क्यों जारी हैं? कुमार ने आम आदमी की भाषा में सीधा सवाल किया है कि क्या पाकिस्तान के प्याज और कपास के बिना हम जी नहीं पाएँगे? हम पाकिस्तान से सम्बन्ध समाप्त क्यों नहीं कर सकते।

कुमार ने यह आह्वान भी किया है कि स्वतंत्रता दिवस में दिल्ली में तिरंगा फहराने के बाद तमाम राजनेता कश्मीर पहुँच कर लाल चौक पर तिरंगा फहराएं और इसमें कश्मीरी निवासियों को भी शामिल करें। इस वीडियो की गूँज ‘दिल्ली के छोटे सिंहासन’ और ‘दिल्ली के बड़े सिंहासन’ के कानों तक कब पहुँचेगी, यह तो वक़्त बताएगा लेकिन आम आदमी पार्टी से नाराज़गी की ख़बरों के बीच कुमार विश्वास का यह वीडियो हर भारतीय के दिल तक ज़रूर पहुँचेगा।

वीडियो देखने के लिए नीचे दिए लिंक पर क्लिक करें…

हम भारत के लोग  We, The Nation

https://www.youtube.com/watch?v=iuoS2dpccHU

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‘गधों’ के इस मौसम में गधों को महिमा-मंडित करती कुमार विश्वास की यह कविता सुन कर बिना हंसे न रह पाएंगे

अब कुमार विश्वास बोले ‘गधे’ पर…  सियासी घमासान के बीच पिछले कुछ दिनों में चंद बड़े नेताओं के ‘गधों’ से संबधित बयान पर अब आम आदमी पार्टी के नेता कुमार विश्वास का एक वीडियो सामने आया है। वीडियो से ज़ाहिर है कि इसमें नेता डा कुमार विश्वास नहीं, बल्कि कवि कुमार विश्वास बोल रहे हैं। शनिवार शाम को कुमार विश्वास के ऑफिसियल यूट्यूब चैनल पर यह वीडियो लोड किया गया।

इसमें कवि कुमार विश्वास ‘गधों’ पर आधारित एक हास्य कविता पढ़ते हुए नज़र आ रहे हैं। कुमार यह भी बताते हैं कि यह कविता प्रसिद्द हास्य कवि स्वर्गीय ओम प्रकाश आदित्य द्वारा लिखी गई थी और आदित्य इसे मंच पर भी सुनाते थे। कविता में जम कर हास्य-व्यंग्य का रंग घुला हुआ है और गधों को आदमियों से श्रेष्ठ बताया गया है। चुनावी मौसम में जहाँ पिछले कई दिनों से नेताओं के गिरते भाषाई स्तर पर आम जनता चिंता व्यक्त कर रही थी, वहीँ कुमार की इस छोटी सी लेकिन दमदार प्रस्तुति ने फागुन के महीने की फगुआहट को आसमान में पसार दिया है।

गौरतलब है कि कुमार विश्वास जम कर होली मनाते हैं और उनके लिखे-गाए राजनीतिक जोगीरे होली में हर तरफ बजते-सजते नज़र आते हैं।

चढ़ते फागुन के बीच इस चुनावी ठिठोली ने जहाँ एक तरफ आम लोगों को मज़े में सराबोर कर दिया है, वहीँ कुमार के जोगीरे का इंतज़ार भी उत्सुकता में बदल गया है। यह देखना मनोरंजक होगा कि कुमार इस बार के होली के जोगीरे में क्या-क्या रंग बिखेरते हैं। पिछले साल के जोगीरों में कुमार ने भाजपा, कांग्रेस, राजद सहित अपनी पार्टी यानि आम आदमी पार्टी पर भी जम कर तंज किया था। बहरहाल, ‘गधों’ के इस मौसम में गधों को महिमा-मंडित करती इस कविता को सुन कर आप भी ठहाका लगाए बिना नहीं रह पाएंगे।

इस कविता को सुनने के लिए नीचे क्लिक करें…

https://www.youtube.com/watch?v=VG0vvAPzhFE

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कुमार विश्वास ने कोर्ट में आत्मसमर्पण किया, ज़मानत पर रिहा

सुल्तानपुर : आम आदमी पार्टी नेता और कवि कुमार विश्वास आज ज़िला न्यायालय पहुंचे और आत्म समर्पण कर दिया। इसके पहले पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि मैं आगे भी आम आदमी के लिये शांतिभंग करता रहूंगा। ज्ञात हो कि 2014 के लोकसभा चुनाव के दौरान आप नेता कुमार विश्वास ने अमेठी से दावेदारी ठोकी थी। इस बीच अमेठी के गौरीगंज थाने में श्री विश्वास के विरुद्ध भड़काऊ भाषण देने, सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने समेत कई धाराओं में अभियोग दर्ज हुआ था।

शनिवार को कुमार विश्वास के साथ गेस्ट हाऊस में कई उनके समर्थक मौजूद थे। पत्रकारों से कुमार विश्वास सवार्जनिक तौर पर रुबरु हुए। विश्वास ने बातचीत में कहा कि दो अलग-अलग मामले हैं और सामान्य राजनैतिक कार्यकर्ता के नाते कुछ किया जाये तो प्रशासन की शांति भंग हो जाती है। वैसे ही चुनाव के दौरान शांति भंग का केस दर्ज हुआ था और सामान्य न्यायिक प्रकिया है जिसके लिये प्रस्तुत हुए हैं। श्री विश्वास ने कहा कि आम आदमी की लड़ाई में ऐसी शांति भंग करते आये हैं और करते रहेंगे। क़रीब एक बजे श्री विश्वास ने अदालत में आत्म समर्पण किया जहां अदालत ने उन्हें ज़मानत पर रिहा कर दिया।

सुलतानपुर से असगर नकी और अज़हर अब्बास की रिपोर्ट. संपर्क : naqui1983@gmail.com

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कुमार विश्वास ‘हिन्दी हैं सब-वतन हैं’ टापिक पर 17 करोड़ लोगों से हुए आनलाइन रू-ब-रू

मशहूर कवि और आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता डा कुमार विश्वास मंगलवार को 17 करोड़ भारतीय फेसबुक यूज़र्स से रू-ब-रू हुए। मौका था विश्वास के ‘फेसबुक क्यू एंड ए’ सेशन का, जिसका विषय रखा गया था ‘हिन्दी हैं सब-वतन हैं – The Global Outreach of Hindi’। विश्वास द्वारा गूगल हेडक्वार्टर्स, कैलिफ़ोर्निया असेम्ब्ली, विक्टोरियन पार्लियामेंट और विश्व भर के अन्य विश्वविद्यालयों में हिन्दी भाषा का प्रतिनिधित्व करने के बाद यह वृहद् ऑनलाइन सेशन एक बड़ी उपलब्धि मानी जा सकती है।

इस सेशन का उद्देश्य था हिन्दी भाषा के वैश्विक विस्तार के विषय पर हिन्दी प्रेमियों और एक हिन्दी कवि के बीच का संवाद। इसके लिए मंगलवार शाम 7:30 से 8:15 तक का समय निर्धारित था जिसके बारे में विश्वास ने कई फेसबुक पोस्ट के माध्यमों से पहले ही अवगत कराया था। इस संवाद से सम्बद्ध एक पोस्टर फेसबुक इण्डिया के पेज पर भी शेयर किया गया था। उल्लेखनीय है कि इस पेज पर सत्रह करोड़ से ज़्यादा भारतीय फेसबुक यूज़र्स जुड़े हुए हैं। विश्वास के ऑफिसियल पेज पर इकत्तीस लाख से ज़्यादा यू ज़र्स हैं। इस लिहाज़ से हिन्दी भाषा के विस्तार पर यह अब तक की सबसे बड़ी ऑनलाइन चर्चा रही।

तय समय में लगभग 5500 सवाल पूछे गए। इसके बाद भी सवालों का आना लगातार जारी रहा और विश्वास को समय सीमा 8:15 से 8:30 कर देनी पड़ी। इस सेशन के दौरान हिन्दी से जुड़े कई सवाल पूछे गए। ज़्यादातर सवाल विश्वास के देश और विदेशों में होने वाले कवि-सम्मेलनों और विश्व भर के बड़े विश्वविद्यालयों में उनके व्याख्यानों से सम्बद्ध थे। इसके अलावा हिन्दी साहित्य मंचों और कवि सम्मेलनों से जुड़ने के सवाल भी पूछे गए। इस दौरान कई नवोदित कवियों ने भी उनसे संवाद किया। सेशन समाप्त होने के बाद भी सवाल आते रहे और रिपोर्ट लिखे जाने तक 8000 से भी ज़्यादा सवाल पूछे गए। सूत्रों के अनुसार यह अब तक का दूसरा सब से बड़ा क्यू एंड ए सेशन था।

विश्वास इस सेशन से खासे उत्साहित दिखे और इस सेशन के फ़ौरन बाद उन्होंने एक लाइव विडिओ जारी किया, जिसमें उन्होंने इस संवाद से जुड़े सभी हिन्दी प्रेमियों का धन्यवाद किया और साथ ही यह भी वादा किया कि समय समय पर विभिन्न मुद्दों पर वो ऐसी चर्चा करते रहेंगे।

Kumar Vishwas reaches out to 170 million people for Hindi

Renowned poet and senior leader of Aam Aadmi Party Dr Kumar Vishwas came face to face with more than 170 million Indian facebook users on Tuesday. This was a Facebook Q&A session titled ‘Hindi Hain Sab-Watan Hain – The Global Outreach of Hindi’. This grand online session is being seen as a big achievement by Dr Kumar Vishwas for Hindi after his presence at the Google HQ, California Assembly, Victorian Parliament and several international Universities as a torch bearer of Hindi language.
The said session was aimed at bridging the exchange of concepts among Hindi lovers and a Hindi poet.

It was set to be scheduled between 7:30 pm and 8:15 pm on Tuesday, but had to be extended for fifteen more minutes after the bombarding of questions continued past the deadline. The announcement of the event was shared by the Facebook India page which has more than one hundred seventy million likes. The official page of Dr Kumar vishwas has over 3 million likes.

This figures made this session the largest ever online session on the topic related to Globalization of Hindi language. Vishwas received more than 5500 questions in the set time and the questions kept coming after that too. More than 8000 questions that hit the timeline included questions related to the domestic as well as foreign tours of Vishwas. Also, newcomer poets wished to ask how they could write better and reach to bigger dais. Sources said that this is the second largest Facebook Q & A session ever. Dr Vishwas seemed to be high on this session and released a live video immediately after this session where he thanked all the participants and promised to hold more such sessions for his followers on social media.

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केजरीवाल को खबर मिल चुकी है कि कुमार विश्वास भाजपा ज्वाइन कर सकते हैं!

कुमार विश्वास ने कल यानि 10 फरवरी को दिल्ली के एनडीएमसी क्लब में अपनी हाई प्रोफाइल बर्थडे पार्टी को सेलीब्रेट किया. इसमें सब आए लेकिन केजरीवाल नहीं आए. मनीष सिसोदिया, संजय सिंह, गोपाल राय से लेकर आम आदमी पार्टी के ढेरों विधायक और दर्जनों बड़े छोटे पत्रकार. सबको इंतजार था तो बस अरविंद केजरीवाल का. लेकिन इंतजार खत्म नहीं हुआ और पड़ोस में रहकर भी केजरीवाल पार्टी में नहीं पहुंचे.

गाजियाबाद में रहने वाले कुमार विश्वास ने एनडीएमसी क्लब में अपनी बर्थडे पार्टी इसलिए आयोजित करी थी क्योंकि बगल में ही दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल रहते हैं. आम आदमी पार्टी के दिल्ली में सत्ता में होना भी एक कारण था जिसकी हनक कुमार विश्वास अपनी बर्थडे पार्टी के बहाने दिखाना चाहते थे और खुद को आम आदमी पार्टी का चाणक्य साबित करना चाहते थे. अरविंद केजरीवाल ने आयोजन में शिरकत करने के लिए हामी भी भर दी थी. वैसे भी माना जाता है कि कुमार विश्वास के किसी निजी और जरूरी कार्यक्रम में अरविंद केजरीवाल हर हाल में पहुंचेंगे ही. लेकिन केजरीवाल का न आना कई किस्म की चर्चाओं को जन्म दे गया.

बर्थडे पार्टी में शामिल कई लोगों का कहना है कि दरअसल अरविंद केजरीवाल समझ गए हैं कि कुमार विश्वास एक दिन उनके लिए और उनकी पार्टी के लिए बड़ा खतरा बनेंगे क्योंकि उनका तन मन लगातार डोलता रहता है. भाजपा और संघ के करीबी रहे कुमार विश्वास की हाल की गतिविधियां भी बताती हैं कि उनकी पार्टी के प्रति निष्ठा संदिग्ध है. सूत्रों के मुताबिक बीजेपी आलाकमान दिल्ली प्रदेश में केजरीवाल और आम आदमी पार्टी को रोकने के लिए कुमार विश्वास पर दांव लगाने पर विचार कर रहा है. कुमार विश्वास की सोच और विचारधारा भी भाजपा संघ के काफी करीब की रही है.

कुमार के बर्थडे के मौके पर हुई पार्टी में बीजेपी नेताओं का हुजूम देखने को मिला. कुमार विश्वास बीजेपी नेताओं समेत एनएसए चीफ डोभाल के साथ बैठे भी नजर आए. पार्टी में जहां बीजेपी नेता मनोज तिवारी ने अपने गानों से समां बांधा तो कुमार विश्वास ने भी उनके सुर में सुर मिलाए. पिछले साल की बर्थडे पार्टी के चीफ गेस्ट दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल इस पार्टी से नदारद दिखे. चर्चा के मुताबिक विश्वास काफी दिनों से बीजेपी नेताओं के टच में हैं. बर्थडे पार्टी में यूपी बीजेपी चीफ ओम माथुर का पहुंचना खास माना जा रहा है. विश्वास को उनके साथ अकेले में बात करते भी देखा गया. कहा जा रहा है कि यूपी विधानसभा चुनाव से पहले कुमार बीजेपी में शामिल हो जाएंगे. कुल मिलाकर कहा जा सकता है कि आम आदमी पार्टी के नेता कुमार विश्वास के बीजेपी में शामिल होने के आसार हैं.

आम आदमी पार्टी के सत्ता में आने के बाद कुमार विश्वास अपनी उपेक्षा से भी अंदरखाने नाराज बताए जाते हैं. वह इसका बदला उचित समय पर और बिलकुल ठीक तरीके से लेना चाहते हैं. पर उसके पहले वह यह जरूर जताना चाह रहे थे कि वह आम आदमी पार्टी में कितना महत्वपूर्ण हैं ताकि उनका वजह बाकी पार्टियों की निगाह में बढ़ जाए. पर केजरीवाल का ऐन मौके पर न आना उनकी सारी रणनीति पर पानी फेर गया. देखना है कि आने वाले दिनों में तन मन से डोलडाल रहने वाले कुमार विश्वास किस पार्टी की आलोचना और किसकी प्रशंसा में अपने तराने छेड़ते हैं.

भड़ास के एडिटर यशवंत सिंह की रिपोर्ट.


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आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता डा कुमार विश्वास ने कुख्यात व्यापमं घोटाले में बरती जा रही लापरवाही और घोटाले की जाँच से जुड़े पैंतालीस से ज़्यादा लोगों की संदिग्ध मृत्यु पर मध्य प्रदेश सरकार के खिलाफ उच्चतम न्यायलय में जनहित याचिका दायर की है। कुमार विश्वास ने सोमवार की दोपहर एक जनहित याचिका के माध्यम से उच्चतम न्यायलय से गुहार लगाई है कि वो इस पूरे मामले का संज्ञान लें और इस जाँच प्रक्रिया को तत्काल अपने नियंत्रण में लें ताकि मौतों के सिलसिले और इस घोटाले की निष्पक्ष जाँच हो सके।

विदित हो कि मध्य प्रदेश सरकार में व्यापमं भर्ती में भारी पैमाने पर गड़बड़ी सामने आई थी। शिकायतों के बाद इस घोटाले की जाँच शुरू हुई। लेकिन जाँच शुरू होने के बाद से अब तक इस घोटाले की जाँच से जुड़े लगभग पैंतालीस लोगों की अलग-अलग समय पर अलग-अलग संदिग्ध परिस्थितियों में मृत्यु हो चुकी है। गौरतलब है कि इस घोटाले में मध्य प्रदेश सरकार और मध्य प्रदेश के वर्तमान मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की भूमिका पर भी लगातार सवाल उठते रहे हैं।

कुमार विश्वास द्वारा दाखिल याचिका में इस बात का भी ज़िक्र किया गया है कि इतनी संदिग्ध मौतों के बावजूद मप्र सरकार उच्च स्तरीय जाँच से किनारा करती रही है। इस मामले में मप्र सरकार और प्रदेश के कुछ नेताओं द्वारा मीडिया में दिए जा रहे विवादस्पद बयानों की भी चर्चा इस याचिका में की गई है। याचिका में इस पूरे प्रकरण के पीछे व्यापक षड़यंत्र की आशंका जताई गई है। माननीय उच्चतम न्यायलय की इस पर क्या प्रतिक्रिया आती है, यह तो आने वाला समय ही बताएगा, लेकिन जिस तरह से एक के बाद एक संदिग्ध मौतों का सिलसिला जारी है, इतना तो तय है कि इसे ‘संयोग’ कह कर नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता।

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सुधीर चौधरी ने कुमार विश्वास को ‘कामुक कविराज’ कहा तो कुमार ने सुधीर को ‘तिहाड़ी’ करार दिया!

ट्विटर पर जी न्यूज के संपादक सुधीर चौधरी और कवि व ‘आप’ के नेता कुमार विश्वास के बीच जबरदस्त आरोप-प्रत्यारोप का दौर चल रहा है. सुधीर चौधरी ने कुमार विश्वास को एक ट्वीट में ‘कामुक कविराज’ कहा तो कुमार विश्वास ने सुधीर चौधरी को ‘तिहाड़ी’ करार देते हुए पूछा कि उन्हें उनके घर के किस सदस्य ने कामुक जैसी गोपनीय जानकारी दी है. दोनों के आरोप-प्रत्यारोप संबंधी ट्वीट का स्क्रीनशाट यूं है…

ज्ञात हो कि सुधीर चौधरी तिहाड़ जेल की यात्रा कर आए हैं इसलिए उन्हें तिहाड़ी कहकर कुमार विश्वास ने चिढ़ाया. उधर, सुधीर चौधरी ने जी न्यूज पर कुमार विश्वास पर लगे आरोपों को लगातार दिखाकर उन्हें ‘कामुक कविराज’ साबित करने की कोशिश की. इस आरोप प्रत्यारोप में कुमार विश्वास ने फोकस न्यूज पर चली वो क्लिप शेयर कर दी जिसमें सुधीर चौधरी और समीर अहलूवालिया की जमानत रद्द करने को लेकर कोर्ट ने पूछा है. वीडियो लिंक यूं है: https://www.youtube.com/watch?v=rSJsNYP8zNU

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चौधरी साब ने बजा दिया बाजा : छठें नंबर का चैनल हुआ ‘जी न्यूज’

एक अच्छा खासा न्यूज चैनल नए जमाने की धंधेबाज पत्रकारिता की सोहबत में पड़ा और देखते ही देखते पतन के पराकाष्ठा तक पहुंच गया. जिस जी न्यूज चैनल को लोग नंबर वन न्यूज चैनल की तरह ट्रीट करते थे और इसे नंबर वन न्यूज चैनल आजतक का प्रतिद्वंद्वी मानते थे, वह जी न्यूज अब छठें नंबर का न्यूज चैनल बन चुका है. इस सारे पतन के पीछे सिर्फ एक शख्स का नाम लिया जा सकता है और वह हैं सुधीर चौधरी. चौधरी साहब एजेंडा पत्रकारिता यानि सुपारी पत्रकारिता यानि रंगदारी पत्रकारिता के बादशाह माने जाते हैं. कभी जिंदल ग्रुप तो कभी कुमार विश्वास. कभी केजरीवाल तो कभी कोई अन्य.

जिसके खिलाफ ये ठान लेते हैं, बस अभियान चलाने लगते हैं, चलाते ही जाते हैं, आंय बांय सांय कुछ भी… बिना दूसरे की सुने. जिंदल ग्रुप से खबर रोकने के मामले में रंगदारी मांगकर तिहाड़ हो आए सुधीर चौधरी ने नवीन जिंदल को जी न्यूज के दुष्प्रचार से बचाने और अपना पक्ष रखने के लिए फोकस न्यूज चैनल खरीदने चलाने पर मजबूर कर दिया तो इन्हीं चौधरी साहब ने पिछले कुछ समय से कुमार विश्वास को निशाने पर ले रखा है. कुमार विश्वास ने सोशल मीडिया की ताकत का जमकर इस्तेमाल करते हुए जी न्यूज और सुधीर चौधरी को इस कदर जवाब दिया कि एलीट लोग यानि पढ़े लिखे लोग अब इस न्यूज चैनल यानि जी न्यूज को देखने से परहेज करने लगे हैं. ज्ञात हो कि कुमार विश्वास की फेसबुक से लेकर ट्विटर और यूट्यूब तक पर कुल मिलाकर करोड़ों की फालोइंग है. साथ ही इनका सोशल मीडिया में जबरदस्त दखल हैं. डा. कुमार विश्वास के चाहने वाले उनके खिलाफ एक शब्द नहीं सुनना चाहते. ऐसे में जी न्यूज ने बर्र के छत्ते में हाथ डाल दिया और खुद अपने पैर पर कुल्हाड़ी मार ली.

जाने क्या बात है कि सुभाष चंद्रा की नजर से सुधीर चौधरी गिरते ही नहीं. लोग कहते हैं कि डा. सुभाष चंद्रा को डर है कि कहीं सुधीर चौधरी सरकारी गवाह न बन जाएं. यानि अगर सुधीर चौधरी को सुभाष चंद्रा ने छेड़ा तो जिंदल रंगदारी प्रकरण में सरकारी गवाह बनकर सुभाष चंद्रा को जेल भिजवा सकते हैं सुधीर चौधरी. इस बड़े भय खौफ के मारे सुभाष चंद्रा तब तक सुधीर चौधरी के खिलाफ कुछ नहीं बोल कर कह सकते हैं जब तक कि जिंदल वाला मुकदमा निपट न जाए. अपने दो संपादकों के जेल जाने के दौरान सुभाष चंद्रा पर भी गिरफ्तारी और तिहाड़ जाने की तलवार लटकी थी लेकिन जाने किस किस तरह के मैनेजमेंट के खेल खेलते हुए चंद्रा साहब खुद को जेल जाने से बचा सके थे. ऐसे में सुभाष चंद्रा अब सुधीर चौधरी को छेड़कर कोई रिस्क नहीं लेना चाहते, भले ही चैनल की टीआरपी नंबर तीन से नंबर छह पर चली आए. जी न्यूज के अंदरूनी हालात भी काफी संकटग्रस्त है. जो पुराने, ईमानदार और संजीदा किस्म के लोग थे, उन्हें प्रताड़ित पीड़ित परेशान कर बाहर जाने को मजबूर कर दिया गया है. अब जो नए लोग हैं वे चौधरी साहब के पसंद हैं और इनका समर्पण पत्रकारिता या जी न्यूज के प्रति न होकर सिर्फ और सिर्फ चौधरी साहब के प्रति है. ऐसे में कंटेंट और विजन को लेकर सोचा जा सकता है कि यह चैनल किस तरफ जा रहा है. हां, इस पूरी कवायद में सुधीर चौधरी की अपनी ब्रांडिंग बड़ी और तगड़ी हो चुकी है, जी न्यूज रसातल में जाए तो जाए.

आइए, इस साल के 22वें हफ्ते की टीआरपी देखें जिसमें सबसे ज्यादा नुकसान जी न्यूज को हुआ है….

Weekly Relative Share

Source: BARC, HSM, TG:15+,TB:0600Hrs to 2400Hrs, Wk 22

Aaj Tak 16.0 up 0.5
ABP News 15.5 up 1.5
India TV 13.8 up 0.5
News Nation 10.7 up 1.2
India News 9.7 up 0.3
Zee News 8.0 dn 1.9
Tez 7.3 dn 0.2
News24 7.0 dn 0.5
IBN7 5.8 dn 0.7
NDTV India 4.8 dn 0.7
DD News 1.5 same

TG: AB Male 22+

Aaj Tak 15.4 dn 0.1
India TV 15.2 up 0.9
ABP News 12.9 dn 0.2
India News 9.9 up 1.6
News Nation 9.2 up 0.6
Zee News 8.7 dn 0.4
News24 8.0 up 0.3
Tez 8.0 up 0.6
IBN 7 6.2 dn 1.1
NDTV India 4.7 dn 2.2
DD News 1.8 up 0.1


इसके पहले वाले सप्ताह की टीआरपी जानने के लिए इस शीर्षक पर क्लिक करें…

टीआरपी 21वां सप्ताह : इंडिया टीवी नंबर तीन पर खिसका

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कुमार विश्वास ने जी न्यूज को ललकारा, नीचतापूर्ण हरकत न करे, मानहानि का दावा करेंगे

नई दिल्ली : कथित पीड़ित महिला द्वारा नंदनगरी थाने में तीन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज करा दिया है। पुलिस ने आइपीसी की धारा 509 और 67 ए के तहत अभद्र भाषा का प्रयोग करने और निजी चीज को सोशल साईट पर डालने का मामला दर्ज किया है। जी न्यूज चैनल द्वारा इस मामले को तोड़मरोड़ कर दिखाने पर कुमार विश्वास ने उसे नीचतापूर्ण हरकत करार दिया है। उन्होंने कहा है कि मुझे महिला आयोग से कोई नोटिस नहीं प्राप्त हुआ है। जी न्यूज चैनल का जो एडिटर सौ करोड़ रुपए मांगते हुए पकड़ा गया, वो ये घिनौनी अफवाह फैला रहा है। मैं उस पर मानहानि का दावा करने जा रहा हूं। गौरतलब है कि इससे पहले भी जी न्यूज ने कुमार विश्वास को टारगेट किया था। जंतर मंतर पर किसान की आत्महत्या के मामले में मशहूर बॉलिवुड सिंगर सोनू निगम के ये कहने पर कि कुमार विश्वास को लांछित करना गलत है, चैनल ने सोनू से छह करार रद्द कर दिए। 

उल्लेखनीय है कि आम आदमी पार्टी के नेता कुमार विश्वास को उनकी ही पार्टी की एक महिला ने निशाने पर ले लिया है। ये महिला पिछले लोकसभा चुनावों में कुमार विश्वास का प्रचार करने के लिए अमेठी भी गई थी। महिला का आरोप है कि कुमार विश्वास से संबंध की अफवाह के चलते उसकी पारिवारिक जिंदगी तबाह होने के कगार पर है। महिला चाहती है कि कुमार विश्वास इस पूरे मामले पर सफाई दें, ताकि उसकी पारिवारिक जिंदगी बच सके। उसने विश्वास की पत्नी पर बदनाम करने का आरोप लगाते हुए कहा है कि वह लोगों से कह रही है कि उसने अमेठी में उसे विश्वास के साथ पकड़ा था। सोशल मीडिया पर भी उसकी छवि खराब की जा रही है और इतना सब होने के बावजूद कुमार इसका सार्वजनिक तौर पर खंडन नहीं कर रहे हैं। दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष बरखा सिंह का कहना है कि शिकायतकर्ता ने पुलिस कमिश्नर, अरविंद केजरीवाल को भी शिकायत भेजी थी। कुमार विश्वास को सामने आकर इस मसले पर अपना पक्ष रखना चाहिए।

कुमार विश्वास ने आरोपों को तथ्यहीन बताते हुए कहा कि ऐसी नीचतापूर्ण हरकत नहीं होनी चाहिए। उस महिला ने उन्हें एक मेल किया था। उसमें स्पष्ट रूप से भैया सम्बोधित करते हुए लिखा था कि मैंने एक शिकायत दर्ज करवाई है। अब बताइए मुझे क्या करना चाहिए? उस महिला ने अपनी शिकायत में अवैध संबंध का जिक्र तक नहीं किया है, फिर भी मुझे बदनाम किया जा रहा है। कुछ मीडिया वाले जानबूझकर मेरे खिलाफ खबरें दिखा कर बदनाम कर रहे हैं। वो ये भूल जाते हैं कि घर परिवार उनके भी हैं। मैं उनके खिलाफ मानहानि का दावा करने जा रहा हूं।

उन्होंने कहा कि उस महिला ने पूरे मेल में लिखा है, भैया आगे क्या करना है। अवैध संबंध कहा जा रहा है, ये सब मत करिए। लोगों में ऐसे चैनल के खिलाफ घृणा भरेगी। कई शुभचिंतकों के फोन आए कि आप राजनीति छोडि़ए। राजनीति छुड़वाने के लिए आरोप लगाए जा रहे हैं। उनके (न्यूज चैनल) एडिटर 100 करोड़ मांगते पकड़े गए हैं। मैं न्यूज चैनल को नोटिस भेज चुका हूं। वो अपनी चमचागिरी चालू रखे। इस तरह की नीचतापूर्ण हरकत न करे।

विश्वास ने इस मामले में भाजपा और कांग्रेस को भी आड़े हाथ लेते हुए कहा कि दिल्ली में एक पार्टी 3 सीटों पर और दूसरी शून्य पर सिमट कर रह गई, ऐसी पार्टी के नेता मेरे खिलाफ गलत प्रचार कर रहे हैं। नेताओं को नैतिक अनुशासन रखना चाहिए। हम आखिरी सांस तक लड़ेंगे। मुझे महिला आयोग से कोई नोटिस नहीं प्राप्त हुआ है। हम डरने वाले नहीं हैं। हमारे इरादे कमजोर होने वाले नहीं हैं। पंजाब जा रहे हैं, दिखा देंगे। पंजाब के एक-एक खेत से आवाज उठेगी। उन्होंने इस पर ट्वीट में भी लिखा है कि ‘नोटिस में कुमार विश्वास के संबंध का जिक्र नहीं है। महिला के मुताबिक कुछ लोग उसे बदनाम कर रहे हैं। महिला ने आयोग से कार्रवाई की मांग की है।’ 

इस बीच आम आदमी पार्टी भी कुमार विश्वास के बचाव में उतर आई है। पार्टी ने कुमार पर लग रहे आरोपों को आधारहीन बताया है। आप के वरिष्ठ नेता संजय सिंह ने एक संवाददाता सम्मेलन में कुमार विश्वास पर लग रहे आरोपों पर कहा कि इस मामले में आधारहीन खबरें चलाईं जा रही रही हैं। महिला ने अपनी शिकायत में अवैध संबंधों का जिक्र नहीं किया है, बल्कि उसे बदनाम करने की कोशिश की जा रही है, ऐसा कहा है। उन्होंने कहा कि उस महिला ने 31 मार्च को 4 लोगों के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई थी। जिसपर कोई कार्रवाई नहीं हुई। उसने उसके बाद महिला आयोग से शिकायत की। इस संबंध में कोई प्रमाण हो तो सामने लाए जाने चाहिए।

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कुमार विश्वास के पक्ष में ट्वीट करना सोनू निगम को पड़ा महंगा, जी ग्रुप ने किया बैन!

: सोनू निगम के गाने नहीं खरीदेगा ज़ी ग्रुप : ज़ी न्यूज़ की झूठी खबर के खिलाफ सोनू निगम के एक सच्चे ट्वीट का नतीजा :  27 अप्रैल को मशहूर बॉलीवुड गायक सोनू निगम ने एक वीडियो ट्वीट किया, जिसमें उन्होंने ज़ी न्यूज़ की बेईमानी का साफ़तौर पर खुलासा कर दिया। हुआ यूं कि ज़ी न्यूज़ ने अपने चैनल पर बार-बार दिखाया था कि गजेन्द्र की मृत्यु के समय आप नेता कुमार विश्वास ने मंच से ‘लटक गया’ शब्द बोला था। सोनू निगम ने जो वीडियो ट्वीट किया, उसमें साफ़ दिख रहा है कि ‘लटक गया’ शब्द कुमार विश्वास द्वारा नहीं बोला गया था, बल्कि वह आवाज़ बाहर से भरी गई थी। इसका उद्देश्य निश्चित रूप से कुमार को बदनाम करना था।

सोनू निगम ने सच लिखते हुए अपने मित्र कुमार विश्वास के पक्ष में वह वीडियो ट्वीट कर दिया। इस ट्वीट से ज़ी न्यूज़ का षड़यंत्र साफ़-साफ सबको नज़र आने लगा। इसके बाद जी न्यूज ने उन्हें बैन कर दिया। ट्विटर पर इस प्रकरण को लेकर काफी गहमा-गहमी है। फिलहाल #IStandWithSonuNigam ट्रेंडिंग में हैं। कई बॉलीवुड गायकों ने सोनू निगम के पक्ष में ट्वीट किए हैं। 

सोनू निगम का शुरुआती ट्विट यूं है जिसके बाद जी ग्रुप भड़क गया…  Sonu Nigam @sonunigam : I am far from politics but I feel this truth should come out for the sake of my poet friend Kumar Vishwas. https://youtu.be/xmdtxzuyFi8

जी ग्रुप द्वारा बैन किए जाने पर सोनू निगम ने जो ट्वीट किया, वह इस प्रकार है… Sonu Nigam @sonunigam : Wonder should it not be illegal to ban someone on the pretext of nothing in a democracy? Influencing others to not work with an individual.

इस मामले की खबरें मीडिया माध्यमों पर भी आने लगी हैं… देखें एक खबर…

Zee not to buy music with Sonu Nigam songs

Zee News has put a ban on Bollywood singer Sonu Nigam. The channel will not buy music with ‘Sonu Nigam songs’, according to sources.  Speculations is going around that the ban came as a result after Nigam raised his voice in suppot of AAP leader Dr Kumar Vishwas. The channel ran a video footage of Dr Kumar Vishwas and quoted him saying ‘Latak Gaya’ on the recent farmer’s suicide case during AAP rally at Jantar Mantar.  Sonu Nigam tweeted, “So now Zee announces a ban on me. 🙂 What do I say.. God bless everyone.” He further quoted, “Well legal or illegal, one thing’s for sure. Banning someone, is definitely unGodly.”

इसे भी पढ़ें…

कुमार विश्वास के पक्ष में वीडियो ट्वीट पर ज़ी ने रद्द किए ‘Sonu Nigam songs’ के छह करार


वो कौन सा वीडियो है जिसे ट्वीट करने के बाद सोनू निगम पर जी ग्रुप भड़क गया, उस वीडियो को आप भी देखें… इस लिंक पर क्लिक करें: https://youtu.be/xmdtxzuyFi8

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कवि और नेता कुमार विश्वास पर ‘आप’ महिला कार्यकर्ता के साथ अनैतिक संबंध को लेकर सोशल मीडिया पर माहौल गरम

आम आदमी पार्टी नेता और कवि कुमार विश्वास पर पार्टी की एक महिला कार्यकर्ता से अनैतिक संबंध का आरोप लगा है. मामला लोकसभा चुनावों के दौरान का है लेकिन यह प्रकरण सोशल मीडिया में अब गरम हुआ है. #ExposingKumarVishwas ट्विटर पर टॉप ट्रेंडिंग टॉपिक है. आरोप है कि पिछले साल लोकसभा चुनाव के दौरान अमेठी में उन्‍होंने एक महिला कार्यकर्ता के साथ अनैतिक रिश्‍ते बनाए. एक अंग्रेजी अखबार में इस बारे में खबर छपने के बाद सोशल मीडिया पर यह मुद्दा चर्चा में आ गया. कुमार विश्वास ने इन आरोपों को खारिज किया है. उन्होंने ट्वीट किया है- ”BJP पालित मीडिया का एक हिस्सा और उसके नेट-नकटे भक्त 2 साल के दुष्प्रचार का तीन नंबरी फल दिल्ली में खाकर भी काम पर जुटे है. गजब.”

इस प्रकरण के बाद सोशल मीडिया पर कुछ का यहां तक कहना है कि कहा अमेठी में हार के पीछे कुमार की यही हरकतें जिम्मेदार हैं. कुछ ट्वीट्स में कुमार की पत्नी के प्रति वफादारी और उनकी नैतिकता पर भी सवाल उठाए गए हैं. एक ट्वीट में कहा गया है कि कुमार की हरकत के बाद यह साफ हो जाता है कि आम आदमी पार्टी में महिलाओं को लेकर क्या नजरिया है. एक अन्य ट्वीट में कहा गया है कि क्या ऐसे ही ‘आप’ महिलाओं की रक्षा करेगी.

कुमार विश्वास पर व्यभिचार के आरोप को लेकर एक खबर अंग्रेजी अखबार में छपी है. इसके बाद ‘एक्सपोज कुमार विश्वास’ ट्विटर पर टॉप-5 में ट्रेंड कर रहा है. खबर के मुताबिक लोकसभा चुनाव के दौरान अमेठी में कुमार विश्वास के रहते हुए उनको लेकर शिकायत की गई है. शिकायत अजय वोहरा नाम के शख्स ने अरविंद केजरीवाल से 23 दिसंबर 2014 को सुबह 11.28 बजे ईमेल के जरिये की. इस ईमेल पर आम आदमी पार्टी के तमाम बड़े नेताओँ ने अपनी-अपनी राय और जांच की बात लिखी है.

शिकायत करने वाले अजय वोहरा के उस ई-मेल पर अरविंद केजरीवाल ने 23 दिसंबर 2014 को दोपहर 3 बजकर 4 मिनट पर कुमार विश्वास से पूछा है कि इस पर आपका क्या कहना है? इस पर कुमार विश्वास ने उसी दिन शाम 5 बजे अपना जवाब भेजा जिसमें लिखा कि- ”प्रिय अरविंद, श्री वोरा कौन हैं और इस प्रकार के मेल से उनका क्या आशय है मैं नहीं जानता ? किंतु अरविंद के प्रशान उठाने का निराकरण होना जरूरी है.. क्योंकि इसमें लगाए गए आरोपों में कोई ऐसा नहीं है जिसका उत्तर या तो मेरे पीएसी के साथियों सूचित हो या उन्हें ज्ञात न हो.”

इस ईमेल पर दिलीप पांडे 23 दिसंबर को रात 8 बजे टिप्पणी लिखते हैं. आशुतोष भी 23 दिसंबर को ही रात 11.39 बजे उसके बारे में लिखते हैं. इस ईमेल पर योगेंद्र यादव, प्रशांत भूषण ने भी अपनी-अपनी बातें लिखी. पार्टी का कहना है कि शिकायत वाले इस ईमेल पर शिकायतकर्ता के बारे में कोई जानकारी नहीं है और कोई शरारत करने के लिए भी इस तरह के ईमेल के जरिये झूठी शिकायत कर सकता है इसलिए हमने इस पर कोई जांच नहीं करवाई और इस चैप्टर को बंद कर दिया गया.

कुछ तो गड़बड़ जरूर है…. !!!!!

बताया जा रहा है कि लोकसभा चुनाव के दौरान अमेठी में एक वालंटियर महिला के साथ सोते हुए कुमार विश्वास को उनकी पत्नी ने पकड़ा. अंग्रेजी अखबार डीएनए में छपी खबर की मानें तो अखबार का दावा है कि उनके पास कुमार विश्वास और केजरीवाल के बीच साझा हुए ऐसे इमेल की सीरीज है जिसमें इस सनसनीखेज बाज का खुलासा हुआ है. खबर के अनुसार कुमार विश्वास अमेठी में आप महिला वालंटियर के साथ सोते थे. उन्हें आपत्तिजनक स्थिति में उनकी पत्नी ने भी रंगेहाथ पकड़ा था.

आम आदमी पार्टी के अजय वोहरा ने केजरीवाल को एक मेल भेजा है जिसमें उन्होंने कुमार विश्वास पर ये आरोप लगाये हैं. उन्होंने कुमार पर कालाधन भी लेने का आरोप लगाया है. 24 दिसंबर को भेजे इस मेल के बाद केजरीवाल ने वोहरा को इस बात का आश्वासन दिया कि वह इस मामले की जांच करायेंगे और कार्यवाही करेंगे. इसके बाद केजरीवाल ने संसदीय मामलों की कमेटी को इस मामले की जानकारी दी और आगे की कार्यवाही के लिए राय मांगी.

कुमार विश्वास ने केजरीवाल को भेजे मेल में कहा है कि केजरीवाल को खुद मुझे इस बारे में पूछकर मेरा पक्ष जानना चाहिए था बजाए इसके कि वोहरा की बात पर यकीन करने के. मेल में विश्वास केजरीवाल से अपनी इस मामले में राय की बात कहते हैं, साथ ही उनकी पत्नी का नाम इस मामले में घसीटने पर आपत्ति जताते हैं. वोहरा के इस मेल के बाद पार्टी के वरिष्ठ नेताओं का दावा है कि अरविंद केजरीवाल के पास इस मामले की क्लिप पहले से ही मौजूद थी. यह बात उस परिपेक्ष्य में कही गयी है जिसमें कहा गया है कि वोहरा ने अपने मेल में विश्वास के खिलाफ सबूत के तौर पर ऑडियो टेप देने की बात कही है.

वोहरा अपने मेल में कहते हैं कि यह केजरीवाल का पहला सबसे बड़ा टेस्ट है जब उन्हें अपने सबसे करीबी मित्र के खिलाफ कदम उठाना था. उन्होंने कहा कि अगर मीडिया इस क्लिप का खुलासा करती है तो पार्टी की छवि को नुकसान पहुंचेगा, और वह खुद इस क्लिप को मीडिया में नहीं देंगे, बल्कि पार्टी के भीतर के लोकपास से इस मामले की जांच के बाद कार्यवाही करने की गुजारिश करेंगे.  इस मेल को प्रशांत भूषण, योगेंद्र यादव, दिलीप पांडे, आशुतोष, आशीष खेतान, मनीष सिसोदिया, आशीश तलवार, संजय सिंह आदि को भी भेजा गया है, जिसमें इन सभी नेताओं ने कहा है कि इस मामले में उचित कार्यवाही की जाएगी. योगेंद्र यादव कहते हैं कि यह आरोप छींटाकशी ज्यादा लगता है, बजाए सच्चाई के. लेकिन उन्होंने कहा कि वोहरा को अपनी बात कहने की आजादी है. भूषण ने इस मामले को लोकपाल को देने की बात कही है. सूत्रों का कहना है कि इस मामले में कभी भी जांच नहीं की गयी. हाल ही में उस मेल को केजरीवाल और विश्वास के बीच साझा करके उसे निपटा दिया गया था, ऐसे में देखने वाली बात होगी कि मीडिया में इस खबर के आने के बाद क्या केजरीवाल इस मामले में विश्वास की जांच करवायेंगे. कुमार विश्वास ने इन आरोपों को बीजेपी का प्रोपोगेंडा बताया है, उन्होंने आरोपों को बेबुनियाद बताया है, साथ ही उन्होंने इस खबर पर मीडिया पर जमकर हमला बोला है.

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‘आप’ में घमासान जारी : केजरी का स्टिंग करने वाले राजेश गर्ग निकाले गए, कुमार विश्वास को लीगल नोटिस

आम आदमी पार्टी यानि ‘आप’ में आपसी घमासान जारी है. आम आदमी पार्टी ने बागी नेता और पूर्व विधायक राजेश गर्ग को पार्टी से निकाल बाहर कर दिया है. पार्टी का कहना है कि राजेश ने पार्टी के खिलाफ काम किया. एक टेप पिछले दिनों मीडिया में लीक किया गया जिसमें राजेश गर्ग और केजरीवाल की बातचीत थी. इसमें केजरीवाल कांग्रेस विधायकों को तोड़ने की बात कर रहे थे.

राजेश गर्ग ने मीडिया के सामने आकर टेप को सच बताया. आम आदमी पार्टी का कहना है कि इस टेप से पार्टी की छवि खराब हुई. इसके कारण राजेश गर्ग को बाहर का रास्ता दिखा दिया गया. राजेश ने केजरीवाल के साथ कुमार विश्वास पर भी निशाना साधा था. राजेश गर्ग ने दावा किया था कि उन्होंने ये ऑडियो टेप कुमार विश्वास को दिया था. फिर ये टेप मीडिया के पास कैसे पहुंचा गया. राजेश ने विश्वास पर टेप लीक करने का आरोप लगाया था.

राजेश गर्ग ने कुमार विश्र्वास को अपने ऊपर गलत टिप्णियां करने के लिए लीगल नोटिस भिजवाया है. गर्ग ने मानहानि का कानूनी नोटिस भेजा है. विश्वास ने कहा था कि 30 दिसंबर 2014 को पार्टी के पूर्व विधायक राजेश गर्ग ने उनको एसएमएस भेजकर पार्टी को बर्बाद करने की धमकी दी थी. उन्होंने मीडिया में बयान देकर अपनी बातें मनवाने के लिए दवाब डालने का आरोप लगाते हुए गर्ग को ब्लैकमेलर भी करार दिया था. कुमार विश्वास का कहना था कि टिकट पाने के लिए गर्ग पार्टी को ब्लैकमेल कर रहे थे.

कुमार विश्वास ने अपनी बात को प्रूव करने के लिए कुछ एसएमएस के स्क्रीनशॉट सामने रखे थे. कुमार विश्वास ने बताया था कि 17 फरवरी को राजेश गर्ग ने उनको ऑडियो ई-मेल किया था जिसको उन्होंने पार्टी को पहले ही भेज दिया था. हाल ही में राजेश गर्ग ने जब विश्वास पर ये आरोप लगाया कि उन्होंने मीडिया में ऑडियो लीक किया है तब कुमार ने जवाब दिया कि जिस ऑडियो की बात हो रही है उसे तो गर्ग ने खुद ही मंगलवार रात को ही एक न्यूज चैनल के शो में लाइव चला दिया था.

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कुमार विश्वास के खिलाफ झूठ का ज़हर उगलते अमर उजाला के पत्रकार!

Dr Kumar Vishwas Passport Issue Wrongly reported by Amar Ujala

पत्रकारिता की गिरती साख के कई भागीदार हैं। लेकिन इस पेशे से जुड़े कई ऐसे लोग हैं, जो पत्रकारिता की अर्थी को कन्धा देने के लिए बहुत जल्दी में नज़र आते हैं। पिछले दिनों ‘अमर उजाला’ ने खबर छापी, कि कवि और आप नेता डा कुमार विश्वास का पासपोर्ट किसी विवाद के कारण गाज़ियाबाद स्थित क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय द्वारा जमा करवा लिया गया है। अगले ही दिन पासपोर्ट अधिकारी श्री यादव के हवाले से निर्देश आया, कि पूरा मामला साफ़ है। इसलिए पासपोर्ट वापस निर्गत कर दिया जाएगा। दिनांक 14 नवम्बर को डा कुमार विश्वास को पासपोर्ट निर्गत कर दिया गया।

इस पूरी प्रक्रिया की पाँच हज़ार रूपए की फीस होती है, जिसका भुगतान विश्वास द्वारा किया गया। इस खबर को दो प्रमुख हिंदी समाचार पत्रों ने छापा।  दैनिक जागरण ने यथास्थिति बताई, और पूरे मामले की अक्षरशः सही जानकारी दी। वहीँ अमर उजाला ने इसी खबर को ऐसे प्रस्तुत किया है, जैसे विश्वास बहुत बड़े अपराधी साबित हुए हों और अदालत से उन्हें कोई सज़ा दे दी गई हो। आश्चर्य है, कि कैसे कोई पत्रकार व्यावसायिकता का इस तरह से मज़ाक उड़ा सकता है।

15 Nov Jagran Link…​

http://epaper.jagran.com/epaperimages/15112014/delhi/14gag-pg23-0.pdf

15 Nov Amar Ujala Link…

http://www.delhincr.amarujala.com/feature/ghaziabad-news-ncr/aap-leader-kumar-vishwas-get-penalty-hindi-news-jn/

जब इसके तह में जाने की कोशिश की गई, तो पता चला कि अमर उजाला के दो स्थानीय पत्रकार संजय शिसोदिया और सौरभ पिछले लम्बे समय से विश्वास के खिलाफ बिना ठोस आधार के रिपोर्टिंग करने के आदी हैं। विश्वास जिस कॉलेज (एल आर कॉलेज, साहिबाबाद) में पढ़ाते थे, वहाँ के कार्यवाहक प्राचार्य संजय दत्त कौशिक के खिलाफ कुमार शुरू से ही खुल कर बोलते थे। कॉलेज में चर्चा है, कि वहां कई वर्ष पूर्व ही प्राचार्य की बहाली हो चुकी है, लेकिन दत्त अब भी प्राचार्य का पद हथियाए हुए है। इसके अलावा संजय दत्त कौशिक के शैक्षणिक दस्तावेज़ भी फ़र्ज़ी होने की बात सामने आई है। इसके मुताल्लिक़ दस्तावेज भी कॉलेज के कई कर्मचारियों के पास हैं। विरोध करने की वजह से कार्यवाहक प्राचार्य ने समय समय पर विश्वास को विभागीय जाँच इत्यादि में फंसाया है। लेकिन हर जाँच के बाद उच्च जाँच समितियों ने संजय दत्त कौशिक को ही षड़यंत्र का दोषी माना, जिसके कागज़ात भी हैं। चूँकि कॉलेज एक बड़े कोंग्रेसी नेता का है, और संजय दत्त कौशिक उनके चहेते हैं, इन सारे षड्यंत्रों के बावजूद कौशिक पर चेतावनी के अलावा कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस बीच कौशिक ने स्थानीय पत्रकारों को अपने पक्ष में करने के गुर सीख लिए, और मनमाफ़िक खबरें छपवाने लगे।

जब विश्वास के पासपोर्ट की बात आई, तो NOC के बहाने संजय दत्त कौशिक ने फिर से विश्वास को फँसाने की कोशिश की। पासपोर्ट के लिए NOC जारी कर, बाद में स्वयं ही पासपोर्ट अधिकारी को सूचना दे दी, कि मैंने NOC नहीं दिया है। इसकी जाँच के लिए क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी ने विश्वास से पासपोर्ट जमा करने को कहा, जो उन्होंने अविलम्ब जमा करवा दिया। इस खबर को अमर उजाला ने ‘बड़ा खुलासा’, ‘फर्जीवाड़ा’ इत्यादि शब्दों से सजा कर ऐसे परोसा जैसे विश्वास अपराधी हों।

9 Nov Amar Ujala…

http://m.amarujala.com/delhincr/feature/ghaziabad-news-ncr/aap-leader-kumar-vishwas-charged-on-fraud-case-hindi-news-bm/?page=0

इस बीच दिनांक 1 सितम्बर से विश्वास का अपने पद से त्यागपत्र कॉलेज प्रबंधन द्वारा स्वीकृत हो गया था। अतः NOC की उपयोगिता को शून्य मानते हुए 14 Nov को विश्वास का पासपोर्ट निर्गत कर दिया और जाँच प्रक्रिया के लिए देय पाँच हज़ार रूपए उनसे लिए गए। इस खबर को अमर उजाला के इन क्रांतिवीर पत्रकारों ने झूठे तथ्यों का जामा पहना कर ब्रेकिंग न्यूज़ बनाने की कोशिश की। थोड़ा और गहरे जाने पर पता चला कि पूर्व में भी इन पत्रकारों ने संजय दत्त कौशिक के कहने पर विश्वास के खिलाफ खबरें छापी थीं। एक बार तो यह लिख दिया,कि विश्वास कॉलेज में क्लास नहीं पढ़ा रहे, जबकि वो उस समय दो वर्ष के अवैतनिक अवकाश पर थे। ये तो भगवान ही जाने कि कौशिक से उन पत्रकारों को क्या मिलता है, लेकिन अंत में पत्रकारिता को बदनामी ही मिलती है।

भड़ास को मिले एक पत्र पर आधारित.

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कुमार विश्वास कविता पढ़ने नहीं, स्टैंड अप कॉमेडी करने जा रहे हैं

Shailesh Bharatwasi : आप कहते हैं कविता का बाज़ार नहीं है। देखिए यहाँ तो रु 500 से कम का कोई टिकट ही नहीं है। फिलिम से भी महँगा!!!

http://in.bookmyshow.com/events/kumar-vishwas-night/ET00024428

Vimal Chandra Pandey : कविता का बाज़ार नहीं है साहब, लाफ्टर का तो बहुत है… ये कविता पढ़ने नहीं जा रहे, स्टैंड अप कॉमेडी करने जा रहे हैं. अच्छी करते हैं…

हिंदयुग्म प्रकाशन के कर्ताधर्ता शैलेष भारतवासी और राइटर विमल चंद्र पांडेय के फेसबुक वॉल से.

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