उत्तराखंड में वरिष्ठ पत्रकार उमेश कुमार पर एफआईआर, पत्रकार राजेश शर्मा गिरफ्तार

एनयूजे ने उत्तराखंड में पत्रकारों की गिरफ्तारी और फर्जी मुकदमों की पीएम और गृहमंत्री से शिकायत की, प्रेस काउंसिल से मामले में दखल देने का अनुरोध

नई दिल्ली। नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स (इंडिया) ने उत्तराखंड में पत्रकारों की गिरफ्तारी और फर्जी मुकदमे दर्ज करने के खिलाफ प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री से हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया है। साथ ही पत्रकारों की गिरफ्तारी की प्रेस काउंसिल से शिकायत की है।

एनयूजे के अध्यक्ष रास बिहारी ने एक प्रेस बयान में बताया कि उत्तराखंड के पुराने अखबार पर्वतजन के संपादक शिव प्रसाद सेमवाल पर धारा 268, 500, 501, 503 और 504 और साथ ही 120 बी भी लगा दी गई तथा रंगदारी समेत कई मामलों में केस फर्जी केस दर्ज किये गये हैं। लगभग डेढ़ महीने जेल में रहने के बाद उन्हें जमानत मिली है। सरकार सेमवाल पर फिर से राजद्रोह का मामला दर्ज करने तैयारी कर रही है। यह भी बताया गया है कि देहरादून के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के धमकाने के बाद सेमवाल पिछले दो सप्ताह से गायब हैं।

एनयूजे की तरफ प्रधानमंत्री और गृहमंत्री को भेजे गए पत्र में जानकारी दी गई है कि पत्रकार राजीव गौड़ ने कोटद्वार में सरकार की खनन नीति को लेकर सवाल उठाए थे। खनन माफिया के बारे खबरें दिखाने पर राजीव गौड़ पर हमला किया गया। पुलिस ने खनन के पैसे लूटने का केस बना कर गिरफ्तारी के आदेश दिए थे। उनकी कुर्की की मुनादी सरे बाजार करवाई गई। सुप्रीम कोर्ट से ही उन्हें अग्रिम जमानत मिली है।

पत्र में लिखा है कि क्राइम स्टोरी के संपादक राजेश कुमार और पत्रकार उमेश कुमार पर भी प्रदेश सरकार ने एफआईआर दर्ज कराई है। पत्रकार राजेश शर्मा की आधी रात में गिरफ्तारी की गई। मुख्यमंत्री के नजदीकी और पूर्व सलाहकार रहे हरेंद्र रावत द्वारा एक कमजोर सा आधार बनाकर उन्हें गिरफ्तार किया गया। उमेश शर्मा की गिरफ्तारी के लिए अनेक टीम बनाकर दबिश दी जा रही है। पहाड़ टीवी के दीप मैठाणी पर धारा 504, 151 धारा लगा कर फर्जी मुकदमा दर्ज किया गया।

एनयूजे अध्यक्ष रास बिहारी का कहना है कि लॉकडाउन के दौरान उत्तराखंड में अगल अलग स्थानों पर पत्रकारों पर फर्जी मुकदमें दर्ज कर उत्तराखंड सरकार बार-बार मीडिया को धमका रही है और पत्रकारों को परेशान कर रही है। पत्रकारों के खिलाफ की गई कार्रवाई से उत्तराखंड में मीडिया की स्वतंत्रता को खतरा है। इस तरह की घटनाओं से मीडिया बिरादरी में नाराजगी बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री और गृहमंत्री से तुरंत दखल देते हुए पत्रकारों को रिहा करने की मांग की है।

NUJ complains to PM and Home Minister of arrest and fake cases of journalists in Uttarakhand, NUJ(I) cmpalains to the Press Council of the arrest of journalists

New Delhi, August 02, 2020 : The National Union of Journalists (India) has requested the Prime Minister Shri Narendra Modi and the Union Home Minister to intervene against the arrest of journalists in Uttarakhand and filing of fake cases. NUJ(I) also complained to the Press Council of the arrest of journalists and atrocities against them.

In a press statement, Mr.Ras Bihari, President, NUJ(I) said that Siva Prasad Semwal, the editor of Uttarakhand’s old newspaper Parvatjan, was imposed sections 268, 500, 501, 503 and 504, as well as 120B and the case, was fake in many cases including extortion. Cases have been registered. He has been granted bail after spending nearly one and a half months in jail. The government is preparing to file a case of treason again on Semwal. It has also been reported that Semwal has been missing for the last two weeks following bullying by Dehradun’s Senior Superintendent of Police.

In the letter sent to the Prime Minister and Home Minister, it has been informed that journalist Rajiv Gaur had raised questions about the government’s mining policy in Kotdwar. Rajiv Gaur was attacked for showing news about the mining mafia. The police ordered the arrest by making a case of looting mining money. His attachment was made in the Surrey market. He got anticipatory bail from the Supreme Court itself. It is written in the letter that the State Government has also filed an FIR against Crime Story Editor Rajesh Kumar and journalist Umesh Kumar. Journalist Rajesh Sharma was arrested at midnight. He was arrested based on a weak base by Harendra Rawat, a close and former advisor to the Chief Minister. Several teams are formed to arrest Umesh Sharma. A fake case was filed against Deep Maithani of Pahar TV by putting Section 504, Section 151.

NUJ president, Mr. Ras Bihari said that the Uttarakhand government is repeatedly threatening the media and harassing journalists by filing fake cases against journalists at different places in Uttarakhand during the lockdown. Freedom of media in Uttarakhand is threatened by action taken against journalists. Such incidents are increasing resentment in the media fraternity. He said that he immediately intervened with the Prime Minister and the Home Minister and demanded the release of journalists.

Press release

  • भड़ास की पत्रकारिता को जिंदा रखने के लिए आपसे सहयोग अपेक्षित है- SUPPORT

 

 

  • भड़ास तक खबरें-सूचनाएं इस मेल के जरिए पहुंचाएं- bhadas4media@gmail.com

One comment on “उत्तराखंड में वरिष्ठ पत्रकार उमेश कुमार पर एफआईआर, पत्रकार राजेश शर्मा गिरफ्तार”

  • आलोक तनेजा-पत्रकार,सहारनपुर says:

    पत्रकारों पर लगातार बढ़ रहे उत्पीडन के मामले निंदनीय है,देश के प्रेस काँसिल ऑफ इंडिया से अपील कि उत्तराखंड में पत्रकार राजेश शर्मा की गिरफ्तारी सहित अन्य मामलों में जल्द हस्तक्षेप कर पत्रकारों पर फर्जी मुकदमे वापिस लिए जाए

    Reply

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *