उत्तराखंड में पीडीएफ का काम केवल दाल-भात खाना था?

उत्तराखण्ड में मुख्यमंत्री हरीश रावत के साथ ही विजय बहुगुणा, हरक सिंह रावत समेत नौ विद्रोही विधायकों की छवि पर हालिया घटनाओं से ऐसा बट्टा लगा है, जिसे सुधारने के लिए उन्हें शायद दूसरा जन्म रखना पड़े, लेकिन सरकार की बैसाखी बने पीडीएफ के विधायक भी इस राजनीति की इस काली कोठरी से बेदाग़ नहीं निकल पाए। राज्य में स्थायी सरकार के लिए समर्थन करने की पीडीएफ की जितनी मुक्त कण्ठ से प्रशंसा की गयी थी, स्टिंग प्रकरण के बाद भी सरकार से इनके गलबहियां किये रहने की उतनी ही भर्त्सना हुई है। पीएडीएफ के नेता मन्त्री प्रसाद नैथानी सतपाल महाराज के ख़ास लोगों में एक माने जाते रहे हैं। जब कॉंग्रेस महासचिव होते हुए भी पिछले विधानसभा चुनाव में मन्त्री को देवप्रयाग से टिकट न मिला तो मन्त्री प्रसाद निर्दलीय लड़े और जीत गए थे।

नक्षत्र न्यूज रांची से छह लोग बाहर किए गए

नक्षत्र न्यूज रांची से खबर है कि अनुशासनहीनता और दुर्व्यवहार के आरोप में आउटपुट हेड समीर रंजन और बुलेटिन प्रोड्यूसर सत्यशरण मिश्रा, पवन कुमार (एंकर) और आकांक्षा कुमारी (MCR आपरेटर) को एक महीने का वेतन देकर चैनल से निकाल दिया गया है… दो वीडियो एडिटर नवाज़ और प्रमोद भी कर्तव्यहीनता के आरोप में निकाल दिए गए हैं…

बारहवीं विकास संवाद मीडिया फैलोशिप के लिए पांच पत्रकार चयनित

वंचित समुदायों की खाद्य सुरक्षा-पोषण और प्राथमिक शिक्षा की गुणवत्ता पर करेंगे काम 

भोपाल। हाशिए के मुद्दों पर काम करने के लिए दी जाने वाली विकास संवाद मीडिया फैलोशिप के लिए पांच पत्रकारों का चयन किया गया है। फैलोशिप के बारहवें साल में अहद खान, कमल सिंघी, कुंदन पांडे, राजेश नवले और रूपाली ठाकुर शामिल हैं। इन पत्रकारों का चयन वरिष्ठ पत्रकारों की एक चयन समिति ने किया।

यूपी में जंगलराज : पुलिस ने चोरी के आरोप में दो मुस्लिम युवकों को उठाया और हिरासत में पीट कर मार डाला

उत्तर प्रदेश का हाल बेहद खराब है. भ्रष्ट शासन से संरक्षित भ्रष्ट पुलिस कोई भी कांड कर दे रही है. ताजा मामला पीलीभीत का है। यहां दो मुस्लिम युवकों की हिरासत में हत्या कर दी गई। क्या इसके लिए अखिलेश सरकार जिम्मेदार नहीं है? अगर यही कांड भाजपा के किसी राज्य में होता तो पूरे मामले को देश भर के मुस्लिम भाजपा की सांप्रदायिक सोच और फासिज्म से जोड़ते लेकिन यह कांड उत्तर प्रदेश में हुआ है जहां समाजवादी पार्टी की सरकार है, जिसमें आजम खां शामिल है तो मुस्लिम इस कांड पर चुप्पी साध जाएंगे।