महाराष्ट्र विधानसभा में मजीठिया वेतन आयोग पर ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के तहत चर्चा होगी

बंधुओं, आज महाराष्ट्र विधानसभा में मजीठिया वेतन आयोग पर अब तक अमल न होने के विषय पर ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के तहत चर्चा होगी। सभी पत्रकारों से अनुरोध है क़ि इससे जुड़े मुद्दे विभिन्न पार्टियों के विधायकों को बताएं ताकि अखबार मालिकों और सरकार के लेबर विभाग की मिलीभगत सामने आ सके। मुख्य मुद्दे इस प्रकार हैं..

समाजवादी नवरात्र शुरू : एमएलए के भतीजे ने सरेआम नंगा किया अनाथ किशोरी को

: विन्‍ध्‍य-क्षेत्र में देवी उपासना, विधायक पूजा में और भतीजा चीर-हरण में : भदोही में सीए की पढाई करती युवती को दी भद्दी गालियां, कपडे फाड़ डाले : नवनीत सिकेरा की कम्पनी 1090 ने शिकायत पर कार्रवाई करने के बजाय पल्‍लू थाने पर झाड़ा : सपा के सांसद अबू आजमी के करीबी और एमएलए जाहिद बेग का भतीजा है सादाब : सिर्फ बेशर्म गिरोहबन्दी करते हैं भदोही के टुच्चे पत्रकार : अमर उजाला और आज ने तीन लाइनों में छापा:- सिर्फ छेड़खानी हुई : नियमित पैकेट हासिल करते हैं जाहिद बेग और विजय मिश्र से पत्रकार : बिटिया को न्याय पर चील मंडराये, पत्रकारों ने क्‍या इस मसले पर वाकई छोड़ दी अपनी कमीनगी : पुलिस अब तक नहीं गिरफ्तार कर सकी : पुलिस अधीक्षक का दावा- कोर्ट के पहले ही दबोचेंगे सादाब को : सपा विधायक के खेमे ने प्रशासन-पत्रकारों से की प्रभावी रणनीतियों की पेशकश : जनदबाव बढ़ा तो बिकाऊ पत्रकारों ने फिर थाम ली अपनी-अपनी कलम : दल्ला-भांड़ पत्रकार जो होता है वह वाकई दल्ला ही रहता है हमेशा : पत्रकार बनने का मकसद रौब ऐंठना-दलाली, खबरों से वास्ता नहीं : बेबस जनता, दबंग नेता, बेईमान पुलिस और तलवाचाटू पत्रकार :

फेसबुक पर वरिष्ठ पत्रकारों को गालियां देता है दैनिक जागरण भदोही का पत्रकार हरिनाथ यादव!

Sanjaya Kumar Singh : छोटे शहरों के बड़े अखबारों की पत्रकारिता… भदोही में एक नेता के भतीजे ने किसी लड़की से छेड़खानी की और बात बढ़ी को उससे बदतमीजी की तथा उसके कपड़े भी फाड़ दिए। यह खबर भदोही से कायदे से रिपोर्ट नहीं हुई और लखनऊ के पत्रकार कुमार सौवीर ने इसपर अपने पोर्टल मेरी बिटिया डॉट कॉम पर विस्तार से लिखा और फेसबुक पर उसका लिंक भी दिया। खबर का शीर्षक था, “समाजवादी नवरात्र शुरू: एमएलए के भतीजे ने सरेआम नंगा किया अनाथ किशोरी को”।

यूपी में जंगलराज : जिंदा जलाए गए यासीन की लखनऊ में इलाज के दौरान मौत

लखनऊ । बाराबंकी, हैदरगढ़ के मो0 यासीन की जमीनी विवाद में जिंदा जला देने की वजह से सिविल अस्पताल लखनऊ में इलाज के दौरान मृत्यु हो गई। यह खबर आज सुबह उनके परिजनों ने रिहाई मंच के अध्यक्ष मुहम्मद शुऐब को दी। यासीन की मृत्यु की खबर के बाद रिहाई मंच महासचिव राजीव यादव, शबरोज मोहम्मदी, शकील कुरैशी, सामाजिक कार्यकर्ता नाहिद अकील, सृजन योगी आदियोग, इंसानी बिरादरी के वीरेन्द्र गुप्ता आदि सिविल अस्पताल लखनऊ पहुंचे।

नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स का कदम असंवैधानिक : एचयूजे

रोहतक, 12 अप्रैल। हरियाणा यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स के प्रदेशाध्यक्ष संजय
राठी ने नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स (इंडिया) की ओर से जारी सम्बद्धता
निरस्त करने के सन्दर्भ में भेजे गये पत्र को असंवैधानिक, अनुचित,
अनाधिकृत व राजनीति से प्रेरित बताया है। उन्होंने इस पत्र के माध्यम से
लगाये गये आरोपों को भी झूठे, बेबुनियाद, तथ्यहीन एवं निराधार बताते हुए
इस कार्रवाई को तुरन्त निरस्त करने का आग्रह किया है। यदि इस पत्र को
निरस्त नहीं किया गया तो एच.यू.जे. कानूनी कार्रवाई को बाध्य होगी।

चंदन बंगारी, राहुल शेखावत, जहूर आलम, प्रयाग जोशी और स्वामी प्रेमानंद होंगे सम्मानित

चंदन बंगारी और राहुल शेखावत

उमेश डोभाल ट्रस्ट ने सम्मान और पुरस्कारों की घोषणा कर दी है. ये सम्मान और पुरस्कार 24 अप्रैल को उत्तरकाशी में होने वाले स्मृति समारोह में प्रदान किए जाएंगे. इसके तहत 11 हजार रुपये की धनराशि के अलावा अंग वस्त्र और प्रतीक चिन्ह दिए जाते हैं.

औरत के उड़ते वस्त्रों वाली यह तस्वीर छापने पर टाइम्स आफ इंडिया की सोशल मीडिया पर खिंचाई

ये फोटो टाइम्स ऑफ इंडिया के मुखपृष्ठ पर है. कभी विदेशी अतिथियों की उडती ड्रेस की तस्वीर तो कभी दीपिका पादुकोण की क्लीवेज पर चर्चा पत्रकारिता के कौन से मापदंड स्थापित किए जा रहे हैं. पता नहीं. टाइम्स ऑफ इंडिया का यह कृत्य न केवल स्त्री की गरिमा पर वार करता है बल्कि यह यह भी दिखाता है कि उसकी मानसिकता क्या है? खैर, मैं टाइम्स ऑफ इंडिया लेना काफी पहले बंद कर चुकी हूं, पर कभी कभी ई-पेपर पढ़ती हूं.

सेलरी के लिए राष्ट्रीय सहारा लखनऊ में बवाल, नोएडा में सहारा प्रबंधन को आरसी जारी किए जाने को लेकर नोटिस जारी

लखनऊ से खबर है कि वेतन न मिलने से नाराज सहारा मीडिया कर्मियों ने कल सायं 5.00 बजे यूनिट हेड का घेराव किया. राष्ट्रीय सहारा लखनऊ के जनरल डेस्क और लोकल डेस्क के सब एडिटरों ने यूनिट हेड देवकी नन्दन मिश्र का घेराव करने से पहले सभी एकजुट होकर प्रभारी स्थानीय एडिटर दयाशंकर राय से मुलाकात की और वेतन न मिलने का मुद्दा उठाया था. इस पर श्री राय ने सभी को यूनिट हेड से मिलने की सलाह दी. यह घेराव डेढ़ घंटा चला और 20 अप्रैल तक वेतन मिलने के आश्वासन पर समाप्त हुआ. ज्ञात हो कि मैनेजर से नीचे के कर्मचारियों को जनवरी तक का वेतन मिला है. इसके अलावा 9 माह का वेतन पुराना बकाया है. कनवेन्स और मोबाइल बिल भी बकाया है.

आशीष गुप्ता ने दैनिक जागरण से इस्तीफा देकर अपनी कंपनी शुरू की

ऊर्जावान युवा आशीष गुप्ता विगत 15 वर्षों से समाचार माध्यमों, विशेषकर समाचार-पत्रों में सतत रूप से सक्रिय रहे हैं. राष्ट्रीय सहारा से पत्रकारीय कर्म की शुरुआत संवाददाता के रूप में करने वाले आशीष ने लगभग 6 सालों तक दैनिक जागरण में बुलंदशहर, मेरठ से लेकर नोएडा तक सेवा दी. इस दौरान वह विभिन्न ब्यूरो में कार्यरत रहे. कुछ नया कर गुजरने की चाहत में आशीष ने गत दिनों दैनिक जागरण से त्याग-पत्र देकर स्वयं की कंपनी ‘मेक यू बिग’ का शुभारम्भ किया.

ये एसएमबीसी चैनल में क्या चल रहा है भाई, दनादन गिर रहे हैं नोटिस और लेटर….

सी मीडिया सर्विसेज प्राइवेट लिमिेटेड नामक कंपनी एसएमबीसी नामक एक न्यूज चैनल चलाती है. इस चैनल में अंदरखाने जबरदस्त बवाल चल रहा है. चैनल के सीएमडी श्रीराम तिवारी ने सुशील खरे को एक मेल भेजा है. सुशील खरे का पद इस मेल में आनरेरी सीईओ का दिखाया गया है. यानि सुशील खरे ऐसे सीईओ हैं जो अवैतनिक हैं. पत्र में क्या लिखा गया है, आप खुद पढ़ लीजिए. उधर, सुशील खरे ने सी मीडिया प्राइवेट लिमिटेड जबलपुर मध्य प्रदेश और डा. प्रकाश शर्मा मैनेजिंग डायरेक्टर सी मीडिया सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड को तीन पन्ने का लीगल नोटिस भिजवाया है. सारे लेटर व लीगल नोटिल नीचे है, पढ़िए और बूझिए…

रुद्रपुर में पत्रकारों पर सिपाही ने सरकारी राइफल की बट से हमला किया, बवाल

पुलिस कप्तान के आफिस के गेट पर तैनात सिपाही ने छोटी सी बात को लेकर पत्रकारों पर धावा बोल दिया. उसने सरकारी राइफल की बट से पत्रकारों को पीटना शुरू कर दिया. घटना की जानकारी मिलते ही पत्रकार इकट्ठा हो गए और आरोपी सिपाही के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की मांग करने लगे. पूरा प्रकरण आप रुद्रपुर में छपे एक अखबार की कटिंग के जरिए पढ़ जान सकते हैं जिसे नीचे प्रकाशित किया जा रहा है…

खुद अपने बारे में भी झूठी खबर देते हैं अरनब गोस्‍वामी! देखिए, प्रसार भारती ने कैसे दिखाया आइना

जेएनयू प्रकरण में इंडिया न्यूज, इंडिया टीवी और जी न्‍यूज के साथ मि‍लकर पूरे देश के माहौल बि‍गाड़ने के दोषी अरनब गोस्‍वामी खुद अपने चैनल के बारे में सबको झूठ ही बताते रहे हैं। प्रसार भारती ने एक ट्वीट करके मामले का खुलासा कि‍या है। प्रसार भारती के ट्वीट के मुताबि‍क अरनब का 97 फीसद व्‍यूवरशि‍प का दावा पूरी तरह से खोखला है। असल में अंग्रेजी में देखे जाने वाले चैनलों में उनका कुल हि‍स्‍सा सिर्फ 37 फीसद है। टाइम्‍स नाऊ की जगह देश में डीडी न्‍यूज सबसे ज्‍यादा देखा जाता है जो कि कुल व्‍यूवरशि‍प का 62 फीसद है।

क्या पत्रिका का प्रसार बहुत तेजी से गिर रहा है? देखें ये अंदर के आंकड़े

पत्रिका ग्रुप के ये खुफिया दस्तावेज वहीं के कुछ साथियों ने भड़ास को भेजा है. नीचे दोनों दस्तावेज प्रकाशित किए जा रहे हैं. इन इंटर आफिस कम्युनिकेशन से पता चलता है कि पत्रिका अखबार का प्रसार ज्यादातर जगहों पर गिर रहा है…

सन स्टार अखबार नोएडा से ओंकारेश्वर पांडेय और विद्याशंकर तिवारी की छुट्टी, निशिकांत ठाकुर बने एडिटर इन चीफ, आलोक कुमार स्थानीय संपादक

रायपुर और दिल्ली-एनसीआर से प्रकाशित अखबार सन स्टार से खबर है कि नोएडा आफिस में सत्ता पलट कर दिया गया है. एडिटर इन चीफ पद से ओंकारेश्वर पांडेय और संपादक पद से विद्याशंकर तिवारी को हटाकर निशिकांत ठाकुर को प्रधान संपादक बना दिया गया है. साथ ही आलोक कुमार को नया स्थानीय संपादक बनाया गया है. कहा जा रहा है कि ओंकारेश्वर और विद्याशंकर की जोड़ी ने सन स्टार के मालिकों से बातचीत के बाद संस्थान को अलविदा कह दिया. इसके बाद मालिक ने आनन फानन में सन स्टार को नई टीम के हवाले कर दिया. निशिकांत और आलोक ने कामकाज संभाल लिया है.

एनयूजेआई से संजय राठी वाली एचयूजे की सम्बद्धता तत्काल प्रभाव से खत्म

अप्रैल 11, 2016
-सूचना-

नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स (इंडिया), श्री संजय राठी की अध्यक्षता वाली हरियाणा यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स (एचयूजे) की सम्बद्धता तत्काल प्रभाव से खत्म करती है। एचयूजे के वरिष्ठ नेताओं के माध्यम से हरियाणा में सदस्यता अभियान चलाकर राज्य में नई इकाई का गठन किया जाएगा। श्री संजय राठी के खिलाफ मिली वित्तीय अनियमितताओं तथा अन्य शिकायतों और एनयूजे के दिशा-निर्देशों की निरंतर अवहेलना करने के कारण यह कार्रवाई की जा रही है।

सामाजिक स्वीकृति पाने के लिए कई वर्षों तक विनोद बड़थ्वाल और सूर्यकांत धस्माना पैसे देकर सार्वजनिक कार्यक्रमों के मुख्य अतिथि बनते थे!

Rajiv Nayan Bahuguna : शायद 1994 के आसपास कभी, मैं जयपुर से अपने अख़बार की नौकरी से कुछ दिन की छुट्टी पर घर आया था। देहरादून घण्टा घर के चौराहे पर मैंने देखा कि हथियार बन्द पुलिस वाले भले घर के से दिखने वाले दो युवकों को घेर कर ले गए। मैंने साथ खड़े अग्रज मित्र नवीन नौटियाल का आह्वान किया कि हमे हस्तक्षेप करना चाहिए। उत्तरखण्ड आंदोलन के दिन थे। मुझे लगा कि पुलिस इन दोनों को प्रताड़ित करने थाने ले जा रही है।

सुप्रीम कोर्ट के नए आदेश के बाद श्रम आयुक्त कार्यालय मध्यप्रदेश ने मजीठिया मामले में जारी किया सर्कुलर

पत्रकारों और गैर पत्रकार कर्मचारियों के वेतन से जुड़े मजीठिया मामले में माननीय सुप्रीम कोर्ट के नए आदेश के बाद मध्यप्रदेश के श्रम आयुक्त कार्यालय ने एक सर्कुलर सभी सहायक श्रम आयुक्तों को और संभागीय श्रम कार्यालय को तथा श्रम निरीक्षकों और जिला श्रम कार्यालय को जारी कर तत्काल इस पर कदम उठाने का निर्देश दिया है। केसी गुप्ता श्रम आयुक्त मध्य प्रदेश इंदौर ने 30 मार्च 2016 को ये सर्कुलर जारी किया है जिसमें लिखा है कि भारत सरकार और सर्वोच्च न्यायालय द्वारा आदेश के बावजूद मजीठिया वेतनमान न लागू किए जाने की अनेक शिकायतें प्राप्त हो रही हैं।

चीन के बारे में लिखने वाले चुनिंदा पत्रकारों में शामिल हुए अनिल आज़ाद पांडेय

‘मेड इन चाइना’ से इतर छवि पेश करती है, ‘हैलो चीन’ किताब

किताब शीर्षक- ‘हैलो चीन : देश पुराना, नई पहचान’
लेखक- अनिल आज़ाद पांडेय
प्रकाशन- राजकमल प्रकाशन

वैसे दुनिया भर में मेड इन चाइना के तमाम किस्से हैं। लेकिन हैलो चीन किताब चीन के बनने की, एक ताकत के रूप में उभरने की, उसकी मुकम्मल पहचान की कहानी को सामने लाती है। हाल के वर्षों में चीन पहुंचने वाले भारतीयों की तादाद में काफी इजाफ़ा हुआ है। जिसमें चीन-भारत के बीच बिजनेस आदि के क्षेत्र में करने वाले सबसे अधिक हैं। जबकि चीन के विकास से आकर्षित होकर चीनी भाषा सीखने वाले छात्रों और निजी कंपनियों में काम करने वाले लोगों की संख्या भी लगातार बढ़ रही है। लेकिन चीन में रहकर उस अजनबी से देश को समझने वाले और उसके बारे में कलम चलाने वाले पत्रकारों की संख्या बहुत कम है। अपनी लेखनी को किताब का रूप देने वाले और भी कम हैं। लेखक अनिल आज़ाद पांडेय शायद चुनिंदा पत्रकारों में से एक हैं, जिनहोंने चीन के बारे में किताब लिखने का सफल प्रयास किया है। लेखक मानते हैं कि किताब में मौजूद जानकारी भारतीय लोगों की चीन और चीनियों के बारे में समझ को बढ़ाएगी।

जनता टीवी में काम करने वालों को लिखकर देना होगा कि पत्रकारिता उनका पेशा नहीं!

जनता टीवी में अगर काम करना है तो आपको लिखकर देना होगा कि पत्रकारिता आपका पेश नहीं है, आप बस शौकिया न्यूज भेजने का काम करते हैं. शोषण के इस नए हथियार से रिपोर्टर दुखी हैं. जनता टीवी में रिपोर्टिंग करने के लिये इस तरह के शपथ पत्र देने से मीडिया रिपोर्टरों का शोषण बढ़ जाएगा. दुनिया के शोषण को बे-नकाब करने वाली मीडिया के इस काले सच पर कौन लिखेगा, कौन बोलेगा? नीचे वो फारमैट है जिसे हर रिपोर्टर / स्ट्रिंगर को भर कर जनता टीवी के आफिस कूरियर करने के लिए कह दिया गया है.

आम्रपाली ग्रुप के झूठ से नाराज निवेशकों ने धोनी पर दबाव बना बयान देने को मजबूर किया

रीयल एस्टेट से जुड़ी कंपनी आम्रपाली के ब्रांड एंम्‍बेस्‍डर तथा भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने कहा कि कंपनी को अपने वादों को पूरा करना चाहिए। धोनी ने कहा है कि वह कंपनी की परियोजनाओं में देरी का मुद्दा कंपनी प्रबंधन के समक्ष उठाएंगे। कंपनी की आवासीय परियोजनाओं में भारी देरी से नाराज उसके ग्राहकों ने सोशल मीडिया पर धोनी की खूब आलोचना की थी। एक प्रेस कांफ्रेंस में जब धोनी से इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि मौजूदा आर्थिक परिदृश्य में बिल्डरों के लिए बहुत मुश्किल हो गई है। धोनी ने कहा, ‘हालांकि मेरी राय में जो वादे किए गए उन्हें पूरा किया जाना चाहिए भले ही हालात कैसे हों।’

रायटर्स के दो रिपोर्टर्स की मान्यता रद्द कराना चाहती थीं मेनका गांधी!

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय को लिखा था पत्र, मंत्रालय का इंकार ऐसा कोई नियम नहीं, इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट में रिपोर्टर अमिताव रंजन ने किया खुलासा

-दीपक खोखर-

नई दिल्ली, 12 अप्रैल। केंद्रीय महिला एवं बाल कल्याण मंत्री मेनका गांधी को इंटरनेशनल न्यूज एजेंसी रायटर्स की एक रिपोर्ट रास नहीं आई और उन्होंने रायटर्स के दो पत्रकारों आदित्य कालड़ा व एंड्रयू मैकआसकिल की सरकारी मान्यता खत्म करने के लिए सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय को पत्र लिख दिया था। लेकिन मंत्रालय ने ऐसा कोई नियम होने से इंकार करते हुए प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया के पास जाने की नसीहत दी है। दरअसल मेनका गांधी अपने मंत्रालय से संबंधित प्रकाशित की गई एक रिपोर्ट में संशोधन चाहती थी, पर एजेंसी ने साफ तौर पर मना कर दिया।  इंडियन एक्सप्रेस की 12 अप्रैल की रिपोर्ट में रिपोर्टर अमिताव रंजन ने यह खुलासा किया है।

दलाल पीआर और फ्रॉड बिल्डर के फेर में फंसे लखनऊ के पत्रकार

लखनऊ की पत्रकारिता रो रही है….इस शहर में बड़े-बड़े संपादक हुए देश दुनिया में नाम कमाया….बीबीसी से लेकर रायटर्स और कई चैनलों में बड़े ओहदों पर पहुंचे पत्रकार इसी शहर की देन हैं….इतना ही नहीं वालस्ट्रीट जर्नल और गल्फ टुडे जैसे बड़े समूहों में अच्छे पदों पर पहुंचे कई नामचीन पत्रकार लखनऊ के पत्रकारिता से ही ककहरा सीखकर आगे बढ़े हैं..लेकिन अब जो यहां देखने को मिल रहा है उससे लग रहा है ज़हर खाकर जान दे दूं या पत्रकारिता को अलविदा कह दूं…..

यूपी वर्किंग जर्नलिस्ट यूनियन में फेरबदल, अखिलेश सिंह महासचिव नियुक्त

यूपी यूनियन की नोएडा महानगर कार्यकारिणी के अध्यक्ष चुने गए हेमेन्द्र सिंह व महासचिव बने अखिलेश सिंह प्रदेश सचिव सुल्तान शहरयार ने पदाधिकारियों को सौंपे मनोनयन पत्र

नोएडा। यूपी वर्किंग जर्नलिस्ट यूनियन की कार्यकारिणी की बैठक गुरुवार को सेक्टर-59 स्थित दैनिक जन प्रवाद समाचार पत्र के सम्मेलन कक्ष में संपन्न हुई। बैठक में बतौर मुख्य अतिथि यूनियन के प्रदेश सचिव सुल्तान शहरयार मौजूद रहे। बैठक की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष इकबाल चौधरी ने की। इस अवसर पर यूनियन की नोएडा महानगर कार्यकारिणी की घोषणा की गई। मुख्य अतिथि एवं प्रदेश सचिव सुल्तान शहरयार ने सभी पदाधिकारियों को मनोनयन पत्र सौंपे। कार्यकारिणी में हेमेन्द्र सिंह को नोएडा महानगर अध्यक्ष एवं अखिलेश सिंह को महासचिव नियुक्त किया गया।

वेतन मांगने पर बाहर कर दिए गए सहाराकर्मी का एक खुला पत्र उपेंद्र राय के नाम

प्रतिष्ठार्थ
श्री उपेंद्र राय,
एडिटर इन चीफ
सहारा मीडिया
नोएडा

विषय- आपकी कथनी और करनी में अंतर के संर्दभ में

महोदय

मैं सहारा राष्ट्रीय सहारा देहरादून से विगत आठ साल से जुड़ा एक कर्मचारी हूं। इस दौर में मैंने देखा जो मौज सहारा के अफसर और उनके चमचे लेते रहे हैं, वह किसी की नहीं है। हम कुछ लोग खच्चर की तरह सहारा के लिए काम करते रहे और बाकी मौज लेते रहे। महोदय, यह सही है कि पहले सहारा में नौकरी को सरकारी माना जाता था और एक तारीख को वेतन एकाउंट में आ जाता था। विगत डेढ़ साल से सहारा में वेतन भुगतान संबंधी समस्या है। तर्क दिया जा रहा है कि कंपनी संकट में है तो कृपया आप हमें बता दें कि जब कंपनी संकट में नहीं थी तो प्रबंधन ने कितनी बार हमारी सेलरी बढ़ाई?

जानिए, दीपक चौरसिया समेत कई पत्रकारों के खिलाफ सीबीआई ने क्यों दर्ज की एफआईआर

Vishwanath Chaturvedi : धरा बेच देगे, गगन बेंच देगे, कलम बिक चुकी है, वतन बेच देगे! पैसे खाकर फर्जी खबर चलाने के आरोपी दीपक चौरसिया, भूपेंद्र चौबे, मनोज मित्ता सहित अन्य के खिलाफ सीबीआई ने दर्ज की एफ़आईआर… मुलायम के आय से अधिक संपत्ति मामले में सुप्रीम कोर्ट में 10 फ़रवरी 2009 को सुनवाई से पहले फर्जी दस्तावेजों के आधार पर मुलायम कुनबे को क्लीन चिट दिए जाने की खबर प्राइम टाइम में प्रमुखता से चलाकर सुप्रीम कोर्ट को गुमराह करने और सीबीआई की इमेज को नुकसान पहुंचाने के आरोप में सीबीआई की डीआईजी रहीं तिलोतिमा वर्मा ने लिखाई एफआईआर.

जानिए, मोदी का मूड बिगड़ा तो किस तरह चौटाला के बगल वाली बैरक में पहुंच जाएंगे मुलायम!

ये ‘सीबीआई प्रमाड़ित ईमानदार’ क्या होता है नेताजी? सौदेबाज मुलायम का कुनबा 26 अक्टूबर 2007 से वाण्टेड है, क़ानूनी रूप में सीबीआई की प्राथमिक रिपोर्ट के बाद 40 दिनों में एफआईआर हो जानी चाहिए थी. चूँकि सीबीआई सत्ता चलाने का टूल बन चुकी है, सो सीबीआई कोर्ट पहुँच गई एफआईआर की परमीशन मांगने। उस वक्त …

ईटीवी पत्रकार से पासपोर्ट वेरीफिकेशन के नाम पर रिश्वत मांगने वाले दरोगा और सिपाही सस्पेंड

फैजाबाद से खबर है कि ईटीवी के पत्रकार से पुलिस वालों ने पासपोर्ट वेरीफिकेशन के नाम पर पंद्रह सौ रुपये की रिश्वत मांगी थी. इसकी शिकायत पत्रकार ने पुलिस कप्तान से की. पता चला है कि पत्रकार से रिश्वत माँगने के मामले में दरोगा व दीवान सस्पेंड कर दिए गए हैं. फैज़ाबाद एसएसपी मोहित गुप्ता …

नेशनल दुनिया अखबार ने गाजियाबाद, फरीदाबाद और गुडगांव के ब्यूरो कार्यालय किये बंद

एचआर ने स्टाफ को मेल भेज कर सेवा समाप्त करने की दी सूचना, किसी भी ब्यूरो कार्यालय का नहीं दिया किराया, रेगुलर स्टाफ की 6-9 माह की नहीं दी सेलरी, चपरासी और स्टींगर का भी बकाया है साल भर का वेतन

नोएडा । नेशनल दुनिया में उठक-पटक का दौर जारी है। अखबार का शातिर मैनेजमैंट एक-एक कर कर्मचारियों को बिना वेतन दिये हटा रहा है। अखबार का मालिक किसी कायदे कानून को नहीं मानता। एनसीआर के तीनों ब्यूरो कार्यालय फरीदाबाद, गुडगांव और गाजियाबाद के सभी स्टाफ को 31 मार्च की रात साढे दस बजे एचआर की तरफ से एक मेल भेजकर उन्हें सूचना दी गयी कि आपकी सेवा समाप्त कर दी गयी है। मजे की बात यह है कि मेल में यह कहा गया है कि नो ड्यूज सर्टिफिकेट लेने के बाद आपका हिसाब कर दिया जायेगा। कर्मचारियों का कहना है कि उनका ही कम्पनी पर लाखों की देनदारी निकलती है, सात माह से लेकर 14 माह तक की सेलरी कर्मचारियों की बकाया है।

पनामा पेपर्स की तरह कहीं आपके कारोबार का भी आनलाइन कच्चा चिट्ठा लीक न हो जाए, जानें सुरक्षा के उपाय

पनामा पेपर्स के लीक को लेकर बवाल मचा हुआ है. छोटे बड़े देशों के वीआईपी लपेटे में आ चुके हैं. दरअसल ये मोजाक फोंसेका कंपनी के कारोबार से जुड़े दस्तावेजों का लीक है. इन दस्तावेजों में कंपनी के पिछले 30+ सालों के कारोबार का कच्चा चिठ्ठा मौजूद है. कंपनी के मैनेजमेंट का कहना है कि उसके डाटा को बाहर के व्यक्तियों द्वारा चुराया गया है. उनका मानना है कि संभवतः किसी ने उनके सर्वर्स पर मौजूद जानकारी को चुराया है. तो हम कह सकते हैं कि ये मामला हैकिंग से जुड़ा हो सकता है. सालों पहले विकीलीक्स में भी कुछ ऐसा ही हुआ था. उन्होंने किस किस देश से कितना डाटा चुराया या प्राप्त किया, ये आज तक पता लगाया जा रहा है.

यूपी में जंगलराज : बाराबंकी के यासीन को जिंदा जलाने के लिए सपा नेता व पुलिस जिम्मेदार

  • पीड़ित की मां व भाई पर दर्ज फर्जी मुकदमा वापस लेते हुए उन्हें तत्काल रिहा किया जाए
    दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए घटना की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए
    पीड़ित यासीन से लखनऊ सिविल अस्पताल में रिहाई मंच ने की मुलाकात

लखनऊ 10 अप्रैल 2016। बाराबंकी के हैदरगढ़ के मो0 यासीन जिनको सपा के दबंगों ने तेल छिड़कर जिंदा जलाने की कोशिश की उनसे रिहाई मंच के महासचिव राजीव यादव व शबरोज मोहम्मदी ने सिविल अस्पताल लखनऊ में मुलाकात की। बाराबंकी के वरिष्ठ अधिवक्ता रणधीर सिंह सुमन ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा सपा संरक्षित स्थानीय दंबग और पुलिस का गठजोड़ इसके लिए जिम्मेदार है। मंच ने कहा कि एक शख्स के जिंदा जलाने की घटना जिसमें सपा मंत्री व पुलिस पर सवाल उठ रहा है उसके सुरक्षा के लिए कोई प्रबंध न होना साफ करता है कि पुलिस न सिर्फ खुद को बचा रही है बल्कि हर संभव दबाव भी बनाने की कोशिश कर रही है।

लोकसभा टीवी के एंकर के भाई की फर्जी नियुक्ति के विरोध को दबा रहा हिंदुस्तान अख़बार

आदरणीय सम्पादक जी

नमस्कार

महोदय, जिला बुलन्दशहर के गांव लडाना के इंटर कालेज में एक सहायक अध्यापक की अबैध नियुक्ति लाखों रूपये लेकर नियमों को ताक पर रख कर दी गई है। इसके विरोध में  पूरा गांव व कालेज प्रबंधन के काफी लोग पांच दिन से बीएसए कार्यालय बुलन्दशहर में अनिशित कालीन अनशन पर बैठे हैं। दैनिक जागरण व अमर उजाला इस प्रकरण को प्रमुखता से प्रकाशित कर रहे हैं। लेकिन देश के प्रतिष्ठित समाचार पत्र हिन्दुस्तान में प्रकरण को प्रकाशित नहीं किया जा रहा है।

नई ट्रेन के नाम को लेकर सोशल मीडिया पर तलवारें खिंचीं, राजा सुहेल देव राजपूत थे या राजभर या पासी?

Anand Kumar : आने वाली 13 अप्रैल को गाजीपुर से दिल्ली के लिए एक नयी ट्रेन शुरू हो रही है, “राजा सुहेल देव राजभर एक्सप्रेस” (ट्रेन सं० 22419). तीन दिन ये शाम 5.30 पर गाज़ीपुर से रवाना होकर सुबह 8.30 आनंद विहार टर्मिनल पहुंचेगी. वहां से बुधवार, शुक्र और रविवार को ट्रेन सं 22420 शाम 6.45 बजे चलकर सुबह 9.05 गाजीपुर पहुचेगी. अब ये ट्रेन का नाम बड़ा अनोखा है. आपको वामपंथी इतिहास में पढ़ाया ही नहीं गया होगा कि राजा सुहेल देव राजभर कौन थे. तो फिर ये थे कौन जिनके नाम पर ट्रेन चलाई गई है?

गाजीपुर से दिल्ली के लिए नई ट्रेन ‘राजा सुहेल देव राजभर एक्सप्रेस’ 13 अप्रैल से, हफ्ते में तीन दिन चलेगी

गाजीपुर के सांसद और रेल राज्य मंत्री मनोज सिन्हा की पहल पर पूर्वी यूपी के गाजीपुर जिले से दिल्ली के लिए ट्रेन शुरू हो रही है। ट्रेन को मनोज सिन्हा 13 अप्रैल की शाम पांच बजे गाजीपुर सिटी स्टेशन से हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। यह ट्रेन सप्ताह में तीन दिन चलेगी। बुधवार-शुक्रवार तथा रविवार की शाम साढ़े पांच बजे गाजीपुर सिटी स्टेशन से खुलेगी और सुबह साढ़े सात बजे दिल्ली के आनंद बिहार स्टेशन पहुंचेगी।

मुस्लिम लड़के से प्यार में धोखा खाई तो मरने के पहले पूरे कौम को कमीना बता गई (पढ़ें पत्र)

Sanjay Tiwari : वह दलित होकर भी वेमुला नहीं थी। न ही अखलाक हो पायी थी। आनंदी होती तो टीवी रोता। सोशल मीडिया भी निंदा ही करता लेकिन उसका दुर्भाग्य यह था कि वह न रोहित थी, न टीवी की आनंदी, इसलिए बिहार के एक जिले में सिंगल कॉलम की खबर बनकर रह गयी। लेकिन पूनम भारती की मौत का एक संदेश है। उसी तरह का संदेश जैसे रोहित वेमुला की मौत में एक संदेश था। पूनम भारती एक ऐसे झूठे फरेब का शिकार हुई जिससे वह प्यार के आवेग में बच नहीं पायी।

राकेश सिन्हा ने कहा है कि वे जनसत्ता में कभी नहीं रहे… फिर सच्चाई क्या है…

Sanjaya Kumar Singh : भूल सुधार… एक पोस्ट में मैंने लिखा कि भाजपा के विचारक राकेश सिन्हा जनसत्ता में थे। परिचित हैं। उसे भड़ास4मीडिया ने प्रकाशित किया और अपने ट्वीटर पर भी। राकेश जी ने कहा है कि वे जनसत्ता में कभी नहीं रहे। मैंने चेक कर लिया। मुझे ही गलत याद था और मैं उन्हें जनसत्ता का स्ट्रिंगर समझता था। पर चूंकि स्ट्रिंगर और स्टाफर के तकनीकी अंतर को मैं नहीं मानता इसलिए मैंने लिख दिया था कि वे जनसत्ता में थे।

जूते तो केजरीवाल पर फेंके गए लेकिन पिट गए दर्जनभर से भी ज़्यादा न्यूज़ चैनल

Vineet Kumar : जूते तो केजरीवाल पर फेंके गए लेकिन पिट गए दर्जनभर से भी ज़्यादा न्यूज़ चैनल. एक भी चैनल के पास जूते फेंकनेवाले की फ्रंट से तस्वीर नहीं है. साभार, इंडियन एक्सप्रेस लिखकर तस्वीर इस्तेमाल करनी पड़ रही है. आप सोचिये, न्यूज़ चैनलों के पल-पल की खबर, सबसे तेज जैसे दावे कितने खोखले हैं. लाइव में भी प्रिंट से साभार कंटेंट इस्तेमाल करने की ज़रुरत पड़ जाए, न्यूज़ चैनल के लिए इससे ज़्यादा बुरा क्या हो सकता है? अब लूप की दालमखनी इसी फ्रंट स्टिल के बूते बन रही है..

यूपी के वरिष्ठ पत्रकार अजय कुमार के मुताबिक नए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष को गुनाहगारों की लिस्ट में नहीं खड़ा किया जा सकता

अजय कुमार, लखनऊ

भारतीय नववर्ष के पहले ही दिन उत्तर प्रदेश भारतीय जनता पार्टी को अपना नया हाकिम मिल गया। यूपी में अगले साल होने वालो विधान सभा चुनाव में कमल खिलाने की जिम्मेदारी भाजपा आलाकमान ने राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) की सहमति के बाद कट्टर हिन्दूवादी छवि वाले नेता और सांसद केशव प्रसाद मौर्य पर डालकर बड़ा दांव चल दिया है। अति पिछड़ा वगै से आने वाले केशव के उत्तर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष बनते ही यूपी की सियासी पारा एकदम से बढ़ना स्वभाविक था और ऐसा ही हुआ। कांग्रेस, सपा और बसपा एक तरफ केशव की कुंडली खंगाल रहे हैं तो दूसरी ओर उनकी ताजपोशी से होने वाले नफा-नुकसान का भी आकलन भी इन दलों द्वारा किया जा रहा है।

सुनील छइयां की याद : मिलना था इत्तेफाक, बिछड़ना नसीब था

सुनील छइयां की तीन तस्वीरें, तीन मुद्राएं… अब यादें शेष!


 

-पारस अमरोही

सुनील छइयां से पहली मुलाकात कब हुई, अब याद नहीं। शायद अमरोहा के किसी
प्रोग्राम में। याद आते हैं सुनील के साथ बिताये दिन। दोनों साथ ही तो
अमर उजाला के मुरादाबाद संस्करण में रहे। सुनील एक पारखी छायाकार थे।
समर्पित। जुझारू। एक विश्वसनीय। इन्सान दोस्त। तब अमर उजाला की मुरादाबाद
ब्यूरो की कमान थी वरिष्ठ पत्रकार उमेश प्रसाद कैरे के हाथों में। अमर
उजाला का मुरादाबाद कार्यालय था-19 सिविल लाइंस यानी कैरे साहब का निवास।
सुनील की पहचान का दायरा मुरादाबाद में किसी भी लोकप्रिय माननीय से
ज्यादा था।

BHU में हॉस्टल मांगने वाले मेडिकल छात्र की सुरक्षाकर्मियों ने टांग तोड़ी (देखें वीडियो)

बीएचयू के PRO राजेश सिंह आधिकारिक बयान दे रहे हैं कि मेडिकल के बच्चों पर लाठीचार्ज हुआ ही नहीं है। लेकिन एक ऐसा वीडियो सामने आया है जिसमें सुरक्षीकर्मी एक छात्र को पीट रहे हैं और बाद में टांग टूटने से छात्र जमीन पर लेटकर बुरी तरह चिल्ला रहा है. इन दिनों B.H.U प्रशासन पूरी तरह छात्र विरोधी रवैया अपनाए हुए है. एक तरफ़ जहां वो मेडिकल छात्रों पे लाठियां भांज रही थी वहीं रात को जब BIRLA और LBS के छात्र आपस मे भिड़े हुए थे तब तक कोई PROCTORIAL नहीं आयी, जब तक बनारस प्रशासन ने मोर्चा नहीं सम्भाल लिया.

अब कर्मचारियों को बेवकूफ बना रहा सहारा

निवेशकों के बाद अब कर्मचारियों / भूतपूर्व कर्मचारियों को बेवकूफ बना रहा है सहारा प्रबंधन। अपने मुखिया सुब्रतो राय के धरे जाने के बाद कथित रूप से आर्थिक तंगी झेल रहे समूह ने बचे खुचे कर्मचारियों से “पिंड” छुडाने के लिए सेल्फ या सेफ ऐक्जिट प्लान लाने की घोषणा की, और उसे दो चरणों में ले आए। हो सकता है कि उसका तीसरा चरण भी शीघ्र आये। याद रहे कि प्लान हमेशा सामान्य से बेहतर होता है।

लोकमत प्रबंधन को अदालत ने फिर दी पटखनी

नागपुर : लोकमत श्रमिक संघटना पर अवैध रूप से कब्जा करने वाले लोकमत समाचारपत्र समूह को नागपुर स्थित इंडस्ट्रियल ट्राइब्यूनल ने जोर का झटका दिया है. इंडस्ट्रियल ट्राइब्यूनल ने यूनियन पर इस कब्जे को न सिर्फ अवैध ठहराया है, बल्कि मैनेजमेंट के पिट्टू कर्मचारियों-अफसरों की कथित कार्यकारिणी को बरखास्त भी कर दिया है. साथ ही पुरानी कार्यकारिणी को फिर से बहाल कर दिया गया है. 

पोस्टपेड को प्रीपेड कराने जाएंगे तो एयरटेल वाले खून पी जाएंगे (सुनें टेप)

Dear Sir/Madam,

This is to inform you that I visited Airtel Store at Aditya Mall, Indirapuram, Ghaziabad today, that is, 7th April 2016 at around 7:15 PM. Following are some issues regarding the visit:

फरीदाबाद में हॉस्पिटल संचालक से रंगदारी मांगने पर दो पत्रकारों पर केस दर्ज

पत्रकार बताने वाली पूजा तिवारी व लाईव इंडिया का पत्रकार बताने वाले अनुज मिश्रा के खिलाफ आईएमए के प्रदेशाध्यक्ष की शिकायत पर दर्ज किया गया मामला

फरीदाबाद। मीडियाकर्मी बनकर एक अस्पताल संचालक को अस्पताल बंद करवाने की धमकी देकर दो लाख रुपए रंगदारी मांगने के मामले में फरीदाबाद पुलिस ने एक महिला पत्रकार व एक फर्जी पत्रकार के खिलाफ संगीन धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। यह मामला इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के प्रदेशाध्यक्ष डा. अनिल गोयल की शिकायत पर दर्ज किया गया है। फरीदाबाद के सेंट्रल थाने में दर्ज मामले के अनुसार आईएमए के प्रदेशाध्यक्ष डा. अनिल गोयल ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वे सेक्टर-17 में नर्सिंग होम चलाते हैं। उनकी पत्नी भी इसमें उनके साथ है।

संघ के मुताबिक टीवी पर ब्रेन लेश डिसकसन, इसमें शामिल होते हैं अपठित पत्रकार जिन्हें भारतीय संस्कृति का ज्ञान नहीं (देखें वीडियो)

मऊ : भारत में चाहें जो बड़ी समस्या चल रही हो, सूखा हो, महंगाई हो, भ्रष्टाचार हो लेकिन आरएसएस वालों का हमेशा एक राग बजता है. वह है राग मुसलमान. घुमा फिरा कर कोई ऐसा मुद्दा ले आते हैं जिससे मुसलमानों को चुनौती दी जा सके और पूरे भारत की बहस इसी मसले पर शिफ्ट किया जा सके. दुर्भाग्य से मीडिया का बड़ा हिस्सा भी इसी उलझावों में बह जाता है और भाजपा-संघ का भोंपू बनते हुए मूल मुद्दों से हटते हुए इन्हीं नान इशूज को इशू बना देता है. हालांकि संघ नेता फिर भी टीवी वालों को बख्शते नहीं और कहते हैं कि चैनलों पर ब्रेनलेस डिसकशन चलती है और इसमें अपठित पत्रकार भाग लेते हैं जिन्हें भारतीय संस्कृति का ज्ञान नहीं. मतलब कि अगर संघ का चले तो वो सारे चैनल बंद करा के सिर्फ एक संघ नाम से चैनल चलाएं और उसमें जो कुछ ज्ञान दिया जाएगा, उसे ही प्रसाद के रूप में पाने के लिए देश भर के दर्शक बाध्य होंगे.

सूखे और कर्ज की मार झेल रहे यूपी के एक किसान ने नातिन की शादी से हफ्ते भर पहले कर लिया सुसाइड

सूखे से तप रहे यूपी के बेहाल बुंदेलखंड में किसान के पास आत्महत्या के अलावा कोई विकल्प नहीं है शायद! इस मृतक किसान को नातिन की शादी करनी थी। धन का प्रबन्ध नही कर पाया तो ‘मेरा चोला हो लाल बसंती, सूख रही बुन्देली धरती’ कहते फांसी पर झूल गया! इसने बैंक से क्रेडिट कार्ड का 50 हजार का कर्ज लिया था जो चुकता नहीं हुआ!

केजरीवाल जी, आपभी मोदी की तरह जुमलेबाजी की सियासत कर रहे हो?

Vishwanath Chaturvedi : जुमले बाजों ने बिगाड़ा देश मिज़ाज़. बड़े मिया तो बड़े मिया छोटे मियां सुभानल्लाह. जुमलेबाज़ो ने बदरंग किया सियासी चेहरा. केजरीवाल की दिल्ली सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में हरियाणा सरकार को समर्थन करते हुए दिल्ली की जनता का कर्ज उतार दिया. अब बारी थी पंजाब चुनाओं में लड़ रही पार्टी के लिए फर्ज पूरा करने की. सो केजरीवाल ने शाम होते-होते वकील को बलि का बकरा बनाते हुए यू टर्न लिया और कहा ये वकील तो कांग्रेसी था, इसे मैंने हटा दिया.

लो जी, यशवंत जी ने यह भी सीख लिया (देखें वीडियो)

Yashwant Singh : लो जी, मैंने ये काम करना भी सीख लिया.. ”सीखने की कोई उमर नहीं होती, लगन हो तो कुछ भी हासिल किया जा सकता है”… ऐसी बातें अक्सर हम लोगों को बातें ही लगती हैं लेकिन परसों मेरे साथ कुछ अदभुत हुआ. एक वीडियो को मैं चाह रहा था कि उसमें का ओरीजनल साउंड हटाकर मैं अपनी आवाज दूं ताकि सब कुछ थोड़ा मनोरंजक और गुदगुदाने वाला बन जाए. पहला प्रयास था, इसलिए कितना मनोरंजक बना, यह तो नहीं कह सकता लेकिन रिजल्ट शानदार रहा.

मिशन सक्सेसफुल.

‘द जंगल बुक’ वाले रुडयार्ड किपलिंग तब दी पॉयोनियर इलाहाबाद में असिस्टेण्ट एडिटर थे

Sant Sameer : रुडयार्ड किपलिंग की मशहूर रचना ‘द जंगल बुक’ पर बनी बहुप्रतीक्षित फ़िल्म आज रिलीज हो रही है। बनी कैसी है, यह तो देखने के बाद पता चलेगा, पर इस रिलीज ने रुडयार्ड किपलिंग की याद ज़रूर दिला दी। किपलिंग सन् 1888 और 1889 के दो बरस इलाहाबाद में भी रहे थे। तब वे पॉयोनियर अख़बार में असिस्टेण्ट एडिटर थे। इलाहाबाद विश्वविद्यालय के सामने ही उनका बंगला था और पास में ही अख़बार का दफ़्तर।

रोहित गांधी को डीएनए अखबार का भी जिम्मा, श्रेयासी बनीं कंटेंट एडवाइजर, आशा पहुंचीं ‘द क्विंट’

जी समूह के नए अंग्रेजी चैनल wion की लांचिंग की जिम्मेदारी संभाल रहे रोहित गांधी को अंग्रेजी दैनिक अखबार ‘डीएनए’ का एडिटर-इन-चीफ भी बना दिया गया है. डीएनए में कंटेंट एडवाइजर के तौर पर श्रेयासी गोयनका को तैनात किया गया है. अभी तक डीएनए अखबार देख रहे उदय निर्गुडकर को अब जी24 तास की जिम्मेदारी …

दैनिक भास्कर के विजय सिंह कौशिक को राज्यस्तरिय पुरस्कार

मुंबई : पत्रकारिता में सामाजिक परिवर्तन की ताकत है। पत्रकार अभिव्यक्ति के प्रत्येक माध्यम का सकारात्मक इस्तेमाल कर बदलाव ला सकते हैं। मीडिया को आलोचना के साथ-साथ अच्छे कार्यों को भी लोगों तक पहुंचाना चाहिए। यह बाद मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कही। श्री फडणवीस यशवंतराव चव्हाण सभागृह में आयोजित राज्य सरकार के उत्कृष्ट पत्रकारिता पुरस्कार वितरण समारोह में बोल रहे थे। समारोह में वरिष्ठ पत्रकार उत्तम कांबले को जीवनगौरव पुरस्कार से नवाजा गया जबकि दैनिक भास्कर के प्रमुख संवाददाता विजय सिंह कौशिक को राज्यस्तरिय बाबूराव विष्णू पराडकर पुरस्कार प्रदान किया गया।

थू है यूपी की ऐसी चापलूस पत्रकारिता और ऐसे बेशर्म नेताओं पर

बीते दिनों उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव चित्रकूट दौरे पर थे. प्रेस कांफ्रेंस के दौरान जहाँ वहां के पत्रकारों को जमीन पर नीचे बिठा दिया गया, वहीं खुद सीएम कुर्सी में बैठे पीसी लेते रहे. इस वाकये से छत्तीसगढ़ के पत्रकार योगेश स्तब्ध और ग़मज़दा हैं, एक पत्रकार होने के साथ ही पत्रकारिता का छात्र होने के नाते… पढ़िए उनका विश्लेषण….

कायदे से यही होना चाहिए जो अभी एनडीटीवी इंडिया पर हो रहा है

Vineet Kumar : कायदे से यही होना चाहिए जो अभी एनडीटीवी इंडिया पर हो रहा है. एबीवीपी और आइसा के छात्र नेता के बीच आमने-सामने बातचीत. (आज साकेत बहुगुणा, एबीवीपी और सहला रशीद, आइसा) कुछ नहीं, बाकी के चैनल एक सप्ताह यही काम करें, किसी राजनीतिक दल के प्रवक्ता, बुद्धिजीवी, पत्रकार के बजाय इन छात्र नेताओं को शो में शामिल करें, काफी कुछ बदल जाएगा. हम दर्शकों को काफी कुछ नया देखने को मिलेगा वो तो है ही.

बुरांश के फूल में हिमालय की विराटता बनाम बुरांश विहीन पहाड़ी बसंत की कल्पना

नैनीताल से प्रयाग पाण्डे

बसंत और फूल एक-दूसरे के पूरक हैं। जहां फूल हैं, वहां बारहों महीने बसंत है। बसंत है, तो फूल हैं। फूल बसंत ऋतु के द्योतक है। वनों को प्रकृति का श्रृंगार कहा जाता है। वनों के श्रृंगार से आच्छादित प्रकृति बसंत ऋतु में रंग-बिरंगे फूलों के नायाब गहनों से सज-संवर जाती है। फूलों का यह गहना प्रकृति के सौंदर्य में चार चांद लगा देता है। फूल को सौन्दर्य, कमनीयता, प्रेम, अनुराग और मासूमियत का प्रतीक माना जाता है। फूल का रंग उसकी सुन्दरता को बढा़ता है। प्रकृति के हरे परिवेश में सूर्ख लाल रंग के फूल खिल उठे हों तो यह दिलकश नजारा हर किसी का मन मोह लेता है।

सहारा से सेफ एग्जिट लेने वालों का पैसा फंसा, कर्मियों ने लेबर आफिस में की लिखित शिकायत (पढ़ें पत्र)

सेफ एग्जिट लेने के बाद भी सहारा मीडिया के कर्मचारियों का पूरा भुगतान नहीं किया गया है. पहली बारी में सेफ एग्जिट लेने वालों का पीएफ और ग्रेच्युटी कंपनी नहीं दे रही है, दूसरी बारी में सेफ एग्जिट लेने वालों का पूरा का पूरा वेतन भी फंसा हुआ है और कंपनी द्वारा तय की गई समय-सीमा भी खत्म हो गई है. वहीं कॉमर्शियल प्रिंटिंग के कर्मचारियों को तो एक पैसा भी नहीं दिया गया है. दफ्तर में काम कर रहे तमाम कर्मचारी हालात के आगे मजबूर हैं.

कोर्ट में भास्कर प्रबंधन को मिली करारी हार, मीडियाकर्मी के हक में आया फैसला, नौकरी बहाल करने के आदेश

दैनिक भास्कर लुधियाना से सूचना आ रही है कि यहां के एक सीनियर डिजाइनर के हक में इंडस्ट्रियल ट्रिब्यूनल कोर्ट ने फैसला दिया है. फैसले में कहा गया है कि डिजायनर की नौकरी बहाल की जाए और इतनी देर से हैरसमेंट के एवज में हर्जाना भी अदा किया जाए। सूचना के अनुसार लुधियाना के एक सीनियर डिजाइनर को डिजाइनिंग हेड सुरजीत दादा ने रंजिश के कारण बिना किसी वजह ऑफिस में उसकी एंट्री बंद करा दी थी।

सेक्स हौव्वा क्यों है… सेक्स पर चर्चा जरूरत है, बोल्ड होना नहीं

Sanjaya Kumar Singh : आज के समाज में जब लड़कियां नौकरी कर रही हैं, बड़े शहरों में परिवार से दूर अकेले रह रही हैं, किराए पर मकान लेने की समस्या है, शादी देर से हो रही है आदि कई कारण है जिनके आलोक में लिव-इन एक जरूरत है। लिव इन वालों के यौन संबंध के मामले में भी मेरी राय वही है – जरूरत है। इसे ना कानून बनाकर रोका जा सकता है। ना आत्महत्याओं पर टीआरपी बटोरने से या बेटी की हत्या के मामले को दबा देने से। समझदारी और संयम ज्यादा कारगर होगा। कोशिश ये होनी चाहिए कि विवाहपूर्व सेक्स के नुकसान के बारे में बच्चों को बताया जाए और उन्हें इतना जागरुक किया जाए कि वे सही गलत समझ कर निर्णय करें। लड़कियों के मामले में गर्भनिरोधकों (उससे पहले शारीरिक संबंध से गर्भ रहने के खतरे) के बारे में भी बताया जाना चाहिए।

सुमंत भट्टाचार्य फेसबुक पर भक्तों के बीच वैसे ही लोकप्रिय हैं जैसे टीवी पर राकेश सिन्हा!

Sanjaya Kumar Singh : भक्ति या आस्था समर्थन, नहीं रोग है… मित्र सुमंत भट्टाचार्य फेसबुक पर भक्तों के बीच वैसे ही लोकप्रिय हैं जैसे टीवी पर राकेश सिन्हा। दोनों जनसत्ता में रहे हैं। राकेश सिन्हा सिर्फ परिचित हैं। सुमंत मित्र रहे हैं। विमर्श के बड़े पैरोकार हैं। मुझसे भी उलझते रहते हैं और कहते हैं कि विमर्श का फलक खुला रहना चाहिए। जब आप सवाल उठाते हैं तो कोई भी आपसे सवाल पूछ सकता है। आपकी निष्पक्षता जांच सकता है। यहां तक कि मैं कन्हैया को जमानत मिल जाने की बात करूं तो वे मुझसे पूछ सकते हैं कि मैं शाहबानो मामले में क्या जानता हूं। और फिर ऐसे ही विमर्श करते रहना चाहते हैं जिसमें मुद्दा गोल हो जाता है। जो अक्सर भाजपा, संघ या सरकार के खिलाफ होता है। मैंने उनसे सार्वजनिक रूप से हार मान ली है और मानता हूं कि वे विमर्श के बहाने लोगों को विषयांतर करने का महान काम कर रहे हैं।

मुकेश अंबानी अमेरिकी मीडिया को भी पटाने में कामयाब, अपनी पत्नी को घोषित कराया सबसे ताकतवर बिजनेस वुमन!

Deepak Sharma : खुद का न्यूज़ चैनल हो तो फिर चाहे प्राइम टाइम एंकरिंग करनी हो या अपने नाम से कोई शो…तो ये कौन सी बड़ी बात है? लेकिन अगर आपके पास दुनिया की सबसे बड़ी बिज़नेस पत्रिका का लाइसेंस हो तो फिर क्या होगा? …. जान कर हैरत होगी कि फोर्ब्स मैग्ज़ीन ने नीता अम्बानी को एशिया की सबसे ताकतवर बिज़नेस वुमन घोषित कर दिया. ये जानते हुए भी कि नीता अम्बानी रिलायंस के बोर्ड में नॉन-एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर हैं. यानि नीता अपने पति मुकेश की वजह से सिर्फ बोर्ड में मनोनीत हैं. नीता का रिलायंस के अहम बिज़नेस फैसलों में कभी लेना देना नहीं रहा. फिर भी उन्हें बिज़नेस की सबसे बड़ी उपाधि मिल गई है.

सहारा में विजय राय ग्रुप एडिटर और गौतम सरकार सीओओ बनाए गए

एक बड़ी खबर सहारा मीडिया से है. गौतम सरकार को सहारा टीवी नेटवर्क आपरेशंस का चीफ आपरेटिंग आफिसर यानि सीओओ बनाया गया है. विजय राय को पूरे सहारा न्यूज नेटवर्क का ग्रुप एडिटर बनाया गया है. ये दोनों ही लोग उपेंद्र राय को रिपोर्ट करेंगे. इसके अलावा एक कोर कमेटी का भी गठन किया गया है जो सहारा न्यूज नेटवर्क के सभी मामलों पर फैसला करेगी. इस कमेटी में गौतम सरकार, विजय राय, सीबी सिंह और मनोज मनु को शामिल किया गया है.

अगर आप दिल्ली में हैं या दिल्ली गए हुए हैं तो हौज खास विलेज में ये मकबरे वाली जगह घूम आइए (देखें वीडियो)

Yashawnt Singh : दिल्ली में हौज खास विलेज नामक जगह है. कभी यह दिल्ली के दूसरे शहर सीरी में हुआ करता था, ऐसा हौज खास जाने पर बाहर लगी पट्टिका को पढ़ने से पता चलता है. आज हौज खास दिल्ली का हिस्सा बन चुका है. यहां लगी पट्टिका पर लिखा है-

एनआईटी श्रीनगर में मीडिया पर रोक का पीसीआई ने लिया संज्ञान

प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया के अध्यक्ष न्यायमूर्ति चन्द्रमौलि कुमार प्रसाद ने श्रीनगर के एनआईटी में मीडिया के प्रवेश पर रोक को चिंताजनक बताया है. प्रसाद ने कहा कि प्रथम दृष्टया यह मामला प्रेस की आजादी के खिलाफ नज़र आता है. मामले में पीसीआई ने स्वत: संज्ञान लेते हुये संबंधित पक्षों से जवाब तलब किया गया …

कैमूर के टीवी पत्रकार पर जानलेवा हमला, गंभीर हालत में वाराणसी रेफर

बिहार के कैमूर जिले में एक टीवी न्यूज चैनल के संवाददाता पर अपराधियों ने हमला कर दिया. रिपोर्टर देवब्रत तिवारी पर उस वक्त हमला किया गया जब वो ख़बर कवर करने के बाद घर लौट रहे थे. पहले से घात लगाए हथियारों से लैस सात की संख्या में मौजूद अपराधियों ने उन पर हमला बोल दिया जिससे वो वहीं गिर गए. इसके बाद अपराधियों ने लोहे के सरिया से उनके शरीर पर कई प्रहार किया. हमलावर रिपोर्टर की हत्या के उद्देश्य से आये थे. हमला करने के दौरान उन लोगों ने देवब्रत पर गोली भी चलाई, लेकिन संयोगवश गोली देवव्रत को नहीं लगी.

यूपी में जंगलराज : मंत्री के गुर्गों ने पत्रकार को दौड़ाकर पीटा

वेस्ट यूपी के बागपत जिले के बड़ौत इलाके से खबर है कि मंत्री के गुर्गों ने एक पत्रकार को दौड़ा दौड़ा कर पीटा. मीडियाकर्मी का आरोप है कि एक खबर को प्रकाशित ना करने को लेकर गन्ना बीज विकास निगम के चेयरमैन के गुर्गो ने उस पर हमला करवाया है. पत्रकारों की समस्याओं के लिए हेल्पलाइन जारी करने वाले सूबे के मुखिया अखिलेश यादव के जंगलराज की असल तस्वीर यह है कि इनके मंत्री अपनी कार से उतर कर पत्रकारों को पीट रहे हैं.

बंदीप सिंह, नीलांजन दास, गौरंग सिन्हा, दर्पण सिंह, सुदीप मुखिया के बारे में सूचनाएं

‘इंडिया टुडे’ में क्रिएटिव एडिटर और ग्रुप फोटो एडिटर के पद पर दो वरिष्ठ मीडियाकर्मी जुड़े हैं. फोटो जर्नलिस्ट बंदीप सिंह ने ग्रुप फोटो एडिटर के पद पर ज्वाइन किया है जबकि नीलांजन दास को ग्रुप के नए क्रिएटिव एडिटर की जिम्मेदारी सौंपी गई है. बंदीप सिंह पहले भी इस ग्रुप के साथ काम कर चुके हैं. इससे पहले वह एबीपी ग्रुप की फॉर्च्यून इंडिया मैगजीन में फोटो एडिटर के तौर पर काम कर रहे थे. बंदीप को फोटोग्राफी क्षेत्र में चार्ल्स वैलेस ट्रस्ट अवॉर्ड भी मिल चुका है. नीलांजन दास फॉर्च्यून मैगजीन, टाइम मैगजीन और ओपन मैगजीन में क्रिएटिव क्रिएटिव डायरेक्टर रह चुके हैं. वह इंडिया टुडे में वर्ष 1996 में आर्ट डायरेक्टर बने थे और वहां 11 साल रहे.

स्मार्टफोन यूजर्स बिना इंटरनेट ही डीडी के दर्जन भर से ज्यादा चैनल देख सकेंगे

अब आप अपने मोबाइल फोन पर बिना इंटरनेट खर्च किए फ्री में टीवी देख सकेंगे। यह सुविधा दूरदर्शन ने स्मार्टफोन के बढ़ते क्रेज और यूजर्स की बढ़ती संख्या को देखते हुए देने का फैसला किया है। दूरदर्शन की ये सर्विस निशुल्क होगी। स्मार्ट फ़ोन यूज़र्स के लिए शुरू की गई यह सर्विस दिल्ली, मुबंई, कोलकाता, चेन्नई, लखनऊ, पटना, रांची, गुवाहाटी, जालंधर, रायपुर, इंदौर, भोपाल, औरंगाबाद, बेंगलुरु, अहमदाबाद आदि शहरों के लिए है।

डेन केबल नेटवर्क पर एनडीटीवी का प्रसारण रोकने के खिलाफ सड़कों पर उतरे लोग

वाराणसी : देश के कई हिस्‍सों में डेन केबल नेटवर्क पर एनडीटीवी चैनल का प्रसारण नहीं किए जाने के कारण लोगों में निराशा और रोष है। इसी सिलसिले में 4 अप्रैल को बनरास के लहुराबीर इलाके में चंद्रशेखर आज़ाद पार्क में सद्भावना एकता मंच के बैनर तले शहर के सामाजिक राजनीतिक संगठनों और प्रबुद्ध जनों ने धरना प्रदर्शन किया। इसमें तमाम लोगों ने अपने विचार व्यक्त किए और कहा कि किसी केबल नेटवर्क पर लंबे समय से किसी चैनल को बंद करना सूचना प्राप्त करने के जनता के मौलिक अधिकार का हनन है। इसके लिए इन लोगों ने लंबी लड़ाई लड़ने के साथ इसकी शिकायत संबंधित विभाग में करने की बात कही।

News channel ownership: I&B secy asks IBF to take tough stand

Mumbai : Noting the industry’s concerns over ownership of some news channels, Information and Broadcasting Secretary Sunil Arora today asked the industry body Indian Broadcasting Foundation to take a firm stand on the issue. To a question on non-serious players entering the news broadcasting space for ancillary benefits at a Ficci Frames session here, Arora said: “I don’t know what you mean by ancillary benefits, but I presume it kind of subserves as a camouflage for their business interest.”

यौन उत्पीड़न के कई आरोपों से घिरे आरके पचौरी ने टीओआई और टाइम्स नाऊ के खिलाफ दायर याचिका अदालत से वापस ली

यौन उत्पीड़न के कई मामलों में आरोपी टेरी के कार्यकारी उपाध्यक्ष और जाने माने पर्यावरणविद आरके पचौरी ने टाइम्स आफ इंडिया और टाइम्स नाऊ को संचालित करने वाली मीडिया कंपनी बेनेट कोलमैन कंपनी लिमिटेड के खिलाफ याचिका अदालत से वापस ली. पचौरी ने बेनेट कोलमैन के खिलाफ कार्यवाही करने और जांच के नतीजे से संबंधित खबरों के प्रकाशन पर रोक लगाने की मांग मानने से इनकार करने वाले एकल पीठ के फैसले को चुनौती दी थी.

मीडिया का गला घोंटने पर उतारू हैं सीएम रमन सिंह

जेल, उत्पीड़न, राज्य निकाला- छत्तीसगढ़ की बीजेपी सरकार आज़ाद पत्रकारों को आजकल यही इनाम दे रही है।  पत्रकार प्रभात सिंह, दीपक जायसवाल, संतोष यादव और सोमारू नाग जेल में हैं और कई पत्रकार बस्तर जैसे इलाकों से बाहर कर दिये गये हैं। एडिटर्स गिल्ड की रिपोर्ट आ चुकी है जो कहती है कि छत्तीसगढ़ की रमन सिंह सरकार के रुख से आज़ाद नज़र पत्रकारों का जीना हराम है। पुलिस की निगाह में जो सवाल नहीं उठाते वे ‘राष्ट्रवादी’ पत्रकार हैं और जो तथ्यों की पड़ताल के लिए मेहनत करके आज़ाद रिपोर्ट तैयार करते हैं, वे ‘राष्ट्रद्रोही’।

दिग्गज पत्रकार योगेंद्र बाली और वयोवृद्ध पत्रकार काशीनाथ चतुर्वेदी नहीं रहे

नई दिल्ली / ग्वालियर । वरिष्ठ पत्रकार व लेखक योगेंद्र बाली का गुरुवार सुबह निधन हो गया। वह 86 वर्ष के थे और पिछले कुछ समय से बीमार थे। योगेंद्र के पारिवारिक सूत्रों ने उनके निधन की जानकारी दी। उनके परिवार में पत्नी विजय और बेटियां- कलिका तथा पूर्वा हैं। उनका अंतिम संस्कार यहां लोधी रोड स्थित इलेक्ट्रिॉनिक शवदाह गृह में शाम सात बजे किया जाएगा। अपने लंबे करियर में योगेंद्र ने ‘टाइम्स ऑफ इंडिया’ में बतौर संवाददाता भी सेवा दी। वह ‘द ट्रिब्यून’, ‘करंट वीकली’, ‘प्रोब’, ‘संडे मेल’, ‘द डे आफ्टर’, ‘एशिया डिफेंस न्यूज इंटरनेशनल’ से भी जुड़े रहे। वह ललित कला अकादमी की जनरल काउंसिल के सदस्य थे और इसकी कला, शिक्षा, प्रकाशन तथा अंतर्राष्ट्रीय प्रदर्शनियों से संबद्ध समितियों के भी सदस्य रहे। योगेंद्र द्वारा लिखित पुस्तकों में ‘द कम्यूनल बोगी’, ‘चंद्र शेखर : ए पॉलिटिकल बायोग्रॉफी’, ‘पवन चैमलिंग : डेयरिंग टू बी डिफरेंट’ और ‘श्री सतगुरु राम सिंह जी एंड फ्रीडम मूवमेंट ऑफ इंडिया’ शामिल हैं।

इंडिया न्यूज और न्यूज नेशन ने जी न्यूज को पानी पिला रखा है

: 13वें हफ्ते की टीआरपी : कई हफ्तों से तीसरे नंबर से भी खिसके हुए एबीपी न्यूज चैनल ने अब फिर से अपनी तीन नंबर की कुर्सी हासिल कर ली है. इंडिया न्यूज का पतन शुरू हो गया है और वह अब तीन से चार नंबर पर चला आया है. उधर, जी न्यूज के बुरे दिन जारी हैं. कभी यह दो नंबर का चैनल था. फिर तीन नंबर पर पहुंचा. फिर चौथे पोजीशन पर संतोष करना पड़ा. अब तो यह छठवें नंबर का चैनल हो गया है.

मीडिया का फोकस बदल गया है, सामाजिक दायित्व से ज्यादा उसके लिए आर्थिक लाभ जरूरी हो चला है

ईटीवी, लखनऊ के पत्रकार मनीष सिंह का फ्रीडम आफ स्पीच पर दिया गया पूरा भाषण पढ़ें… बाबा साहब डॉ. भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय (केन्द्रीय विवि), लखनऊ में “FREEDOM OF SPEECH AND EXPRESSION – CONTEMPORARY ISSUES AND CHALLENGES” पर आयोजित नेशनल सेमिनार में ईटीवी, लखनऊ के पत्रकार मनीष सिंह ने जो भाषण दिया, वह अविकल नीचे प्रस्तुत है.. सेमिनार में हिन्दुस्तान टाइम्स की सम्पादक सुनीता ऐरन, वरिष्ठ पत्रकार रामेश्वर पाण्डेय के साथ लखनऊ विवि के विधि विभाग के विभागाध्यक्ष रहे अवस्थी जी आदि मौजूद थे…

26 साल से अमर उजाला झांसी में डटे राजेंद्र मिश्रा का आगरा स्थानांतरण

अमर उजाला झांसी में पिछले 26 साल से डटे राजेंद्र मिश्रा का आगरा यूनिट में स्थानांतरण कर दिया गया है। राजेंद्र मिश्रा रिटेनर के तौर पर यहां भर्ती हुए थे और वर्तमान में मुख्य उप संपादक के पद पर हैं। पिछले चार साल से उनका स्थानांतरण किया जा रहा है, लेकिन तब वह स्थानीय संपादक …

अमर उजाला, देहरादून के सम्पादक की आँखों में खटक रहे डीएनई ओमप्रकाश तिवारी का रोहतक तबादला

अमर उजाला, देहरादून के सम्पादक की आँखों में खटक रहे डीएनई ओमप्रकाश तिवारी की आखिरकार देहरादून से विदाई तय हो ही गयी. उनका तबादला रोहतक कर दिया गया है. ओमप्रकाश ने देहरादून अमर उजाला में कई अहम पदों पर काम किया. ओमप्रकाश तिवारी सिटी रिपोर्टिंग और डेस्क के संयुक्त इंचार्ज रहे. हरिद्वार, रुड़की और गढ़वाल डाक के कोर्डिनेशन इंचार्ज भी रहे.

अमर उजाला हरिद्वार के रिपोर्टरों में चले लात-घूंसे, एक की संपादक ने कर दी छुट्टी

हरिद्वार से खबर है कि 2 अप्रैल की शाम अमर उजाला के हरिद्वार जिला कार्यालय में दो रिपोर्टरों में जमकर लात-घूंसे चले. गालियों की ऐसी बौछार हुई कि आसपास के घरों में रहने वाले लोग भी बाहर निकल आये. दूसरों को नैतिकता की दुहाई देने वाले पत्रकारों में इस तरह मारपीट होता देख लोग तरह तरह की बात करते रहे. शनिवार की शाम करीब 6 बजे अमर उजाला ऑफिस में कामकाज चल रहा था.

OK INDIA NEWS में थानेश्वर शर्मा से परेशान हैं मीडियाकर्मी!

हाल में ही लांच हुए चैनल OK INDIA NEWS का हाल खस्ता है. कहने को तो ये नेशनल चैनल है, पर दिखने के नाम पर ये मात्र सिर्फ और सिर्फ अपने ऑफिस के अंदर ही दिखता है. आई विटन्स न्यूज के सेटप को खरीदने वाले जोगिंदर सिह ने इस चैनल को आरंभ करवाया है. सबसे पहले यहां संजय दिवेदी थे. बाद में यश मेहता ने यहां पांव पसारने आरंभ किया जिसको हरियाणा में इंसा एमएसजी बाबा राम रहिम के चैनल फॉर रियल न्यूज को चलाने की जिम्मेदारी दी गई थी लेकिन यह बंद हो गया.

यूपी में जंगलराज : तंजील की हत्या बिगड़ी कानून व्यवस्था एक और नमूना

…2007 के विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी को इसलिये हार का सामना करना पड़ा था, क्योंकि तब प्रदेश में जंगलराज जैसे हालात थे और तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव ने इस पर कोई खास ध्यान नहीं दिया था, यही समस्या अखिलेश सरकार के साथ है…

अजय कुमार, लखनऊ

पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिला बिजनौर में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के डीएसपी मोहम्मद तंजील अहमद की जिस तरह से एक शादी समारोह से लौटते समय मौत के घाट उतारा गया वह शर्मनाक तो है ही इस तरह की वारदातें कई गंभीर सवाल खड़े करती है। खासकर तब तो और भी आश्चर्य होता है जब ऐसे हादसों के समय सियासतदार चुप्पी साध लेते हैं कथित धर्मनिरपेक्ष शक्तियां की जुबान पर ताला लग जाता है। उम्मीद तो यही की जा रही थी शहीद डीएसपी तंजील की मौत के बाद फिजाओं में तुम कितने तंजील मारोगे, घर-धर से तंजील निकलेगा’ का नारा गूंजेगा। यह तंजील को सच्ची श्रद्धांजलि होती, लेकिन नारा लगाना तो दूर चंद लोगों के अलावा तंजील के घर जाकर उनके परिवार के आंसू तक पोछना किसी ने जरूरी नहीं समझा। तंजील की हत्या आतंकवादी साजिश थी या फिर कोई और वजह, इसका खुलासा देर-सबेर हो ही जायेगा। 

पत्रकार अजय सेतिया की विरोध और भक्ति की पत्रकारिता

Sanjaya Kumar Singh : इंदौर में एक अभय प्रशाल (abhayprashal.com) है। यह एक स्टेडियम, स्पोर्ट्स क्लब और मध्य प्रदेश की खेल राजधानी कहे जाने वाले इंदौर में खेलों का मुख्य केंद्र भी। इसका नाम अभय प्रशाल एक समय हिन्दी के बड़े और सम्मानित मीडिया संस्थान रहे नई दुनिया के संपादक, मालिक, पत्रकार या सर्वेसर्वा अभय छजलानी के नाम पर है। इंदौर एक समय नई दुनिया का मुख्यालय भी था। नहीं जानने वालों के लिए मैं अभय प्रशाल के नामकरण की कहानी उमेश त्रिवेदी के एक निबंध, “वे हर बार अमिट छाप छोड़ते हैं”, से कर रहा हूं जो अभय छजलानी के बारे में है और 1997 में प्रकाशित, “कठोर डग, सधे कदम” में प्रकाशित है। संबंधित अंश (संपादित) इस प्रकार है…

इसलिए लड़के आत्महत्या नहीं करते, लड़कियां कर लेती हैं

प्रत्यूशा की मौत के बहाने : मरने वाली लड़की ही क्यों?

Sanjaya Kumar Singh : मैंने किसानों की आत्महत्या पर नहीं लिखा, डेल्टा मेघवाल की मौत पर भी नहीं लिखा लेकिन प्रत्यूशा बनर्जी की मौत पर लिख रहा हूं। कारण इसी में है फिर भी ना समझ में आए तो उसपर फिर कभी बात कर लेंगे। फिलहाल प्रत्यूशा और उसके जैसी अभिनेत्रियों की मौत के कारणों को समझने की कोशिश करते हैं। जो छोटे शहरों से निकलकर बड़ा काम करती है। शोहरत और पैसा कमाती हैं, सब ठीक-ठाक चल रहा होता है और अचानक पता चलता है कि उसकी मौत हो गई (आत्महत्या कर ली, हत्या हो गई या शीना बोरा की तरह) या गायब हो गई। कारण हर तरह के हैं, होते हैं लेकिन प्रेम संबंध, पति, प्रेमी, आशिक, ब्वायफ्रेंड की भूमिका भी सामने आती है और कुछ मामले खुलते हैं, कुछ नहीं खुलते हैं। मरने वाली बदनाम जरूरी होती है या कर दी जाती है। मीडिया ट्रायल की अलग समस्या है। जो तुरंत बंद होना चाहिए पर वह हमारे हाथ में नहीं है।

वरिष्ठ पत्रकार समेत छब्बीस परिवरों को बेघर करने पर आमादा है ‘कंडोमपा’

कल्याण (मुंबई) : कल्याण-डोंबिवली महानगर पालिका (कंडोंमपा) स्थानीय बिल्डर मनोज राय के फ़ायदे के लिए वरिष्ठ पत्रकार और लोक सुरभि के संपादक विजय प्रकाश सिंह सहित संकष्टी कोऑपरेटिव हाउसिंग सोसायटी के छब्बीस परिवारों के बेघर करने पर आमादा है। बता दें कि वह इसके पहले हिंदी ब्लिट्ज,  जनसत्ता सहित मुंबई से प्रकाशित कई अखबारों में काम कर चुके  हैं। कल्याण पूर्व में हाजीमंलग रोड पर चेतना स्कूल के पास स्थित संकष्टी को ऑपरेटिव हाउसिंग सोसायटी से महज 100 मीटर की दूरी पर इस बिल्डर की बनायी एक आवासीय इमारत है। कल्याण का बड़ा बिल्डर समझे जाने वाले इस बिल्डर ने संकष्टी और इसके आस-पास की कई आवासीय सोसायटियों की जमीनें उनके मूल मालिकों से अपने नाम करा ली हैं।

जेएनयू से निकला एक संत, प्रत्यूष पुष्कर को सलाम करो (देखें वीडियो)

Yashwant Singh : जेएनयू से लोग अफसर बनकर निकलते हैं, नेता बनकर निकलते हैं, इतिहासकार बनकर निकलते हैं, शिक्षक बन जाते हैं, पर बहुत कम लोग संत बनते हैं. प्रत्यूष पुष्कर उनमें से एक हैं. ये शुरुआती दिनों में मीडिया में रहे हैं. आशीष खेतान के साथ काम कर चुके हैं. फ्रीलांस फोटो जर्नलिस्ट के बतौर पूरा देश घूम चुके हैं. इन दिनों वे आर्ट और अध्यात्म पर काम कर रहे हैं. 

सरेराह मूतने और चौराहे पर कान साफ कराने का काम भारतीय बड़े तल्लीनता से करते कराते हैं (देखें वीडियो)

Yashwant Singh : ओए बाबा, रुक रुक, देख तेरे कान में क्या है! Great Indian Drama… भारतीय कई काम बेहद ध्यानमग्न और तल्लीनता से करते कराते हैं. सरेराह मूत्रदान करना हो या यूं ही कहीं भी कान साफ करवाना… दोनों में आनंद एक सा आता है. अक्सर ऐसा होता है कि एक मूत्र विसर्जित कर रहा हो तो उसे देख दो चार दूसरों को ऐसी ही फीलिंग हो जाए और वो भी कतार में खड़े हो जाएं, ये मानकर कि अगर ये भाई साहब हलके हो रहे हैं तो जरूर ये जगह इसी काम के लिए बनी/छूटी होगी.

पत्रकार प्रसून लतांत लाला जगत ज्योति प्रसाद स्मृति सम्मान से सम्मानित

मुंगेर। जानेमाने पत्रकार और जनसत्ता के महानगर संस्करण के संपादक प्रसून लतांत को मुंगेर के सूचना भवन में आयोजित समारोह में लाला जगत ज्योति प्रसाद स्मृति सम्मान से सम्मानित किया गया। यह सम्मान लाला जगत ज्योति प्रसाद की 18 पुण्यतिथि पर दिया गया। उनके अलावा यह सम्मान मुंगेर के युवा कवि कुमार विजय गुप्त को दिया गया। सूचना भवन में आयोजित समारोह में यह सम्मान सूचना एवं जनसंपर्क के उपनिदेशक कमलाकांत उपाध्याय ने दिया। सम्मान समारोह की अध्यक्षता डॉ मृदुला झा ने की। समारोह के विशिष्ट अतिथि थे प्रसिद्ध समाजसेवी राजकुमार सरावगी तथा विशिष्ट अतिथि थीं मंजू सिन्हा।

अनिता भारती की किताब को ‘सावित्री बाई फुले वैचारिकी सम्मान 2016’ की घोषणा

स्त्रीवादी पत्रिका ‘स्त्रीकाल, स्त्री का समय और सच’ के द्वारा वर्ष 2016 के लिए ‘सावित्री बाई फुले वैचारिकी सम्मान’ लेखिका अनिता भारती की किताब ‘समकालीन नारीवाद  और दलित स्त्री का प्रतिरोध’ (स्वराज प्रकाशन) को देने की घोषणा की गई है. अर्चना वर्मा , सुधा अरोड़ा , अरविंद जैन,  हेमलता माहिश्वर, सुजाता पारमिता, परिमला आम्बेकर की सदस्यता वाले निर्णायक मंडल ने यह निर्णय 3 अप्रैल को 2016 को बैठक के बाद लिया . 2015 में पहली बार यह सम्मान शर्मिला रेगे को उनकी किताब ‘ अगेंस्ट द मैडनेस  ऑफ़ मनु : बी आर आम्बेडकर्स  राइटिंग ऑन ब्रैहम्निकल पैट्रीआर्की ‘ (नवयाना प्रकाशन) के लिए दिया गया था.

पत्रकार सुधीर सिंह ने मासिक पत्रिका ‘अलख इंडिया’ का प्रकाशन शुरू किया

परम प्रिय यशवंत भाई,

सादर नमस्कार,

सूचित करना है कि हम पटना से मासिक पत्रिका अलख इंडिया का प्रकाशन मार्च 2016 से शुरू किया हूँ। इससे पहले न्यूज पोर्टल न्यूज फास्ट इंडिया डाॉट काम शुरू किया था जिसके संबंध में आपने अपने अप्रतिम लोकप्रिय भड़ास पर स्थान दिया था। याद दिलाना चाहता हूँ कि मैजिक टीवी में मैं आपरेशन हेड के तौर पर सेवाएं दी थी जिसे आपने छापा था। हम चाहते हैं कि अलख इंडिया मासिक पत्रिका के प्रकाशन से संबंधित समाचार भी प्रकाशित करें।

भास्कर वालों ने महिला के मरने पर उसे चरित्रहीन लिख दिया, परिजनों ने ठोंका संपादकों पर मुकदमा

अखबार वाले किस कदर संवेदनहीन होते जा रहे हैं, इसके उदाहरण तो आए दिन मिलते रहते हैं लेकिन राजस्थान के भीलवाड़ा में एक ऐसा मामला हुआ है जिसे सुनकर पूरे पत्रकार समुदाय का सिर शर्म से झुक जाता है. दैनिक भास्कर वालों ने एक महिला के मरने के बाद उसे चरित्रहीन और व्यभिचारी बताने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ा. इससे नाराज परिजनों ने अखबार के संपादकों पर मुकदमा ठोंका है और कड़ी से कड़ी कार्रवाई की अपील की है.

मोदी की फर्जी फोटो ट्वीट करने वाले सीएनएन आईबीएन के पत्रकार राघव चोपड़ा ने मांगी माफी, भाजपा ने दर्ज कराई पुलिस कंप्लेन

सीएनएन आईबीएन चैनल में एक पत्रकार काम करते हैं, राघव चोपड़ा नाम से. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक फर्जी, फोटोशाप्ड की हुई फोटो ट्विटर से जारी की. इस फोटो में प्रधानमंत्री मोदी को सऊदी अरब के शासक का चरण छूने के लिए झुकते हुए दिखाया गया है. भाजपा के अरविंद गुप्ता ने सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री की छेड़छाड़ की हुई फोटो डालने पर इस पत्रकार राघव चोपड़ा के खिलाफ दिल्ली पुलिस की साइबर शाखा में शिकायत दर्ज कराई है.

बलात्कार कर बेटी को गर्भवती करने वाले कलयुगी बाप पर महिला वकीलों ने किया हमला

आगरा के थाना शाहगंज के ज्ञासपुरा में अपनी बेटी का लगातार शारीरिक शोषण कर गर्भवती करने वाले कलयुगी बाप को पुलिस ने न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया। न्यायलय में कलयुगी बाप के आने की खबर मिलते ही महिला अधिवक्ताओं का आक्रोश फूट पड़ा। उनका साथ देने के लिए पुरुष अधिवक्ता भी आ मिले। दर्जनों की संख्या में माहिला और पुरुष अधिवक्ताओं ने न्यायलय परिसर को घेर लिया, जिसे देख पुलिस के हाथ पैर फूल गए।

टेलीफिल्म “नहीं क़ुबूल” के लिए कलाकारों का चयन किया गया

वाराणसी के ग्रामीण परिवेश पर बनने वाली टेली फिल्म “नहीं क़ुबूल” के लिय आज पात्रों का चयन किया गया. शुभिका प्रोडक्शन के बैनर तले वैभव पाण्डेय द्वारा निर्देशित 75 मिनट की इस टेली फिल्म का कथानक कानपुर के ‘जन नाट्य मंच’ के संस्थापक स्व. बृजेश शर्मा द्वारा लिखा गया है. कई नाट्य समूहों द्वारा इस कहानी पर आधारित नाटक का मंचन किया जा चूका है. इसे फिल्म के रूप में प्रदर्शित करने की कोशिश वाराणसी के कुछ नवोदित कलाकारों द्वारा की जा रही है.

टीवी चैनल चलाने वाला एक और चिटफंडिया मालिक निवेशकों को लूटने के लिए तैयार…

Vishwamitra India Parivar भी निवेशकों को लूटने के लिए तैयार, सुनिए इस मुखिया की वीडियो अपील… VIP यानि vishwamitra india parivar का chief manoj chand है. ये VIP नाम से वेस्ट बंगाल से टीवी चैनल भी चलाते हैं और यह चैनल इन्होंने अपनी चिटफंड कंपनी से जमा रुपयों से खोली है. जिन लोगों ने निवेश किया पिछले 2 साल से, उनकी मेच्यूरिटी के रुपये खाकर बेठे हैं. रुपये लौटने का वादा किस तरह किया जा रहा है, यह इस वीडियो में देख सकते हैं. हालांकि उन्होंने चौथी बार ऐसा वादा किया है. लेकिन अब सबको लगने लगा है कि ये सबके रुपये डकार जाएगा.

चैनल के तीन साल पूरे होने पर ऑफिस में जश्न और मेरा जवाहर बाग़ में कथित सत्याग्रहियों के साथ 1.30 घण्टा….

मथुरा : कल हमारे चैनल ‘समाचार 24’ ने तीन साल पूरे किये… ऑफिस में लोगों का आना-जाना लगा था.. जश्न का मौका था.. तभी खबर आयी कि जवाहर बाग प्रकरण को लेकर कलेक्ट्रेट पर उपद्रव हुआ है… मै अपने दो अन्य सहयोगी महेश व अमित को साथ लेकर वहाँ के लिए निकल लिया.. लेकिन शायद हमें सूचना देर से मिली क्योंकि जब हम जवाहर बाग़ पहुंचे तब वहां कोई भी पुलिस या प्रशासन का अधिकारी नहीं था…

इंडियन एक्सप्रेस का आज का अंक स्टडीज़ टेबल या सोफ़े पर रखकर मत पढ़िएगा

Mukesh Kumar : पनामा लीक्स ने देश ही नहीं दुनिया भर के समूचे प्रभु वर्ग के चेहरे से नकाब उठा दी है। ये वर्ग सत्ता में है या सत्ता से जुड़ा हुआ है। पिछले पाँच साल में ये चौथा खुलासा है जिसने देश का धन विदेश में गैर कानूनी ढंग से जमा करने वाले ढेरों नाम उजागर किए हैं। लेकिन इसमें कोई हैरत की बात नहीं है कि अभी तक एक भी शख्स जेल के अंदर नहीं गया है और न ही किसी का धन देश में आया है। यहां तक कि जो सरकार काला धन वापस लाने के वायदे के साथ आई थी उसका भी रवैया ठंडा है और ये स्वाभाविक भी है क्योंकि चोर चोर मौसेरे भाई हैं। अलबत्ता इंडियन एक्सप्रेस और उस अंतरराष्ट्रीय खोजी टीम (International consortium of investigative journalists) को जिसकी रीतू सरीन और उनकी टीम हिस्सा है, शुक्रिया कहा जाना चाहिए, जो लगातार भ्रष्टाचार की परतें उघाड़ती जा रही है। बाक़ी स्वनामधन्य मीडिया घराने तो सत्ता के चाकर हो चुके हैं या उनकी नसबंदी कर दी गई है।

रिफ़त अब्दुल्लाह ने विशेष संवादादाता पद से इस्तीफ़ा दे दिया

Priyabhanshu Ranjan : क्या आपको श्रीनगर में तैनात ईटीवी के उस रिपोर्टर की याद है जिसने 2014 में आई बाढ़ के वक़्त अपनी जान दाँव पर लगाकर 300 लोगों की जान बचाई थी। उसका नाम है रिफ़त अब्दुल्लाह। रिफ़त ने एक बार फिर किसी डूबते को बचाने की कोशिश की है। इस बार उसने अपनी नौकरी दाँव पर लगाई है ताकि मीडिया की साख न डूब जाये। रिफ़त ने आज ईटीवी उर्दू के विशेष संवादादाता पद से इस्तीफ़ा दे दिया।

जागरण के आजादी वाले कार्यक्रम में विनीत कुमार क्या जागरणकर्मियों के शोषण की बात रख पाएंगे?

Yashwant Singh : आज मंच जागरण का, परीक्षा विनीत कुमार की… ‘मीडिया मंडी’ किताब के लेखक विनीत कुमार मीडिया विमर्श में उभरते नाम हैं। विनीत बेबाक राय के लिए जाने जाते हैं। मीडिया संस्थानों के दोहरे मानदंडों को बेनकाब करने में विनीत कोई उदारता नहीं बरतते। सामाजिक मुद्दों पर भी विनीत की लेखनी ईमानदार और …

राजकमल झा और इंडियन एक्सप्रेस की टीम को मेरा लाल सलाम

Samar Anarya : Most of the Indians in Panama Papers are patriots like Amitabh Bachchan, Adani who keep chanting Bharat Mata Ki Jai. Some of them are even Padma Awardees. Bharat Mata ki Jai. पनामा पेपर्स में सामने आए ज़्यादातर भारतीय नाम अडानी से अमिताभ बच्चन जैसे राष्ट्रवादियों के हैं जो अक्सर भारत माता की जय बोलते रहते हैं। कुछ तो पद्म पुरस्कृत भी हैं! भारत माता की जय।

उर्वशी का आरोप- यूपी में आरटीआई को कमजोर करने में जुटे पत्रकार अमित और आरटीआई एक्टिविस्ट मुन्नालाल

लखनऊ : पीत पत्रकारिता करने वाले पत्रकार हमेशा रहे हैं और रहेंगे भीl ऐसे ही एक पत्रकार हैं दैनिक जागरण लखनऊ के रिपोर्टर अमित मिश्रl इसी प्रकार आस्तीन के सांप आरटीआई एक्टिविस्ट भी हमेशा रहे हैं और रहेंगे भीl ऐसे ही एक आरटीआई एक्टिविस्ट हैं मुन्नालाल शुक्लl आज एक तरफ सूबे के आरटीआई आवेदक सूचनाएं न मिलने से बेहाल-परेशान हैं तो वहीं अपने निहितार्थ साधने के लिए मुन्नालाल शुक्ल सरीखे आरटीआइ कार्यकर्ता सूचना देने में उदासीन सरकारी विभागों को क्लीन चिट देने में लगे हुए हैंl

Doordarshan started Mobile TV in India

New Delhi, 4.4.2016: Digital Terrestrial Television services of Doordarshan started its operation from 25 February 2016 at 16 cities, thereby providing mobile TV to the users. The sixteen cities are- Delhi, Mumbai, Kolkata, Chennai, Guwahati, Patna, Ranchi, Cuttack, Lucknow, Jallandhar, Raipur, Indore, Aurangabad, Bhopal, Bangalore and Ahmadabad.  Mobile TV can be received in and around these cities using DVB-T2 Dongles in OTG enabled smart phones and tablets, Wi-Fi dongles for moving vehicles, besides the TV sets having built in DVB-T2 Tuner which are called as integrated digital TV (iDTV).

अंग्रेजी अखबार सिर्फ इलीट क्लास के लोग ही पढ़ते हैं, ऐसे में वह गरीब और आम लोगों के बारे में कोई राय कैसे बना सकते है : प्रत्यूष कंठ

जनभावनाओं को सिर्फ हिंदी पत्रकार समझते हैं

मुंबई : देश की जनभावनाओं को जानने का दावा चाहे जो कोई करे पर हिंदी के पत्रकारों से बेहतर देश के आम लोगों की भावनाएं कोई नहीं जानता है। यह उद्गार टाइम्स ऑफ इंडिया के पूर्व संपादक प्रत्यूष कंठ ने राइट्स की तरफ आयोजित एक सम्मान समारोह में व्यक्त किये। प्रत्युष कंठ ने कहा कि यदि मैं दिल्ली के किराड़ी विधानसभा से चुनाव नहीं लड़ा होता तो मैं कभी नहीं जान पाता कि गरीबों और आम लोगों की समस्याएं क्या है। अंग्रेजी अखबार सिर्फ इलीट क्लास के लोग ही पढ़ते हैं ऐसे में वह गरीब और आम लोगों के बारे में कोई राय कैसे बना सकते हैं। प्रत्यूष ने कहा कि यह अच्छा हुआ कि मुझे किराड़ी में आम लोगों से जुडऩे का मौका मिला, नहीं तो मैं भी अंग्रेजी संपादकों की तरह बिना बुनियादी समस्या जानें सिर्फ तर्क-वितर्क करता रहता।

विक्रम राव को झटका, महासचिव मदनगौड़ा ने दिया इस्तीफा

पत्रकारों के संगठन इंडियन फेडरेशन आफ वर्किंग जर्नलिस्ट (आईएफडब्लूजे) से कुछ ही दिनों पहले निकाले गए पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष के विक्रम राव की मुसीबतें कम होने का नाम नही ले रही हैं। आईएफडब्लूजे के इस बहिष्कृत गुट ने बीते ही महीने कनार्टक के बंगलोर में सम्मेलन कर कामरेड परमानंद पांडेय की जगह जे मदनगौड़ा को राष्ट्रीय महासिचव बनाने का एलान किया था। बंगलोर सम्मेलन के एक महीने भी नही बीते थे कि ३१ मार्च को मदनगौड़ा ने विक्रम राव को एक पत्र लिखकर अपना इस्तीफा दे दिया है।

इंस्पेक्टर ने बताया यूपी पुलिस की इज्जत बचाने का तरीका- ”राजनीतिक लोगों से मेलजोल न बढ़ाएं”

Vinod Sirohi : पुलिस से थानों या सार्वजनिक जगहों में बदतमीजी करने वाले कुछ राजनीतिक लोग एसा जानबूझकर करते हैं| अपनी दबंग छवि बनाने के लिए और उसे कैश करने के लिए| ऐसे कुछ लोग जानबूझकर पुलिस से उलझते हैं और उनके अनुशासन का फाइदा उठा कर इन्सल्ट करने की कोशिश करते हैं| थानों में घुस कर गाली गलौच करना तोडफोड करना हमला करना ऐसे ही लोग निश्चित केलकुलेशन के साथ करते हैं, और अक्सर व बार-बार करते हैं| उनके साथ उनके स्थानीय समर्थकों का जमावड़ा भी होता है| कभी ज्यादा मामला उलझने पर जन ताकत का बेजा स्तेमाल करने से नहीं चूकते हैं|

तिरंगा पर एनआईटी श्रीनगर के छात्रों को प्रोफेसरों की धमकी!

आईपीएस अफसर अमिताभ ठाकुर ने एनआईटी, श्रीनगर में पढने वाले जम्मू-कश्मीर के बाहर के छात्रों द्वारा उन्हें बताये गए तथ्यों के आधार पर गृह मंत्री राजनाथ सिंह और मानव संसाधन मंत्री स्मृति ईरानी को पत्र लिख कर मामले की गंभीरता के मद्देनज़र तत्काल समस्त आवश्यक कार्यवाही करने की मांग की है.

महाराष्ट्र राज्य हिंदी साहित्य अकादमी के वर्ष 2014 के पुरस्कारों की घोषणा, देखें लिस्ट

मुंबई : सांस्कृतिक कार्य संचालनालय, महाराष्ट्र शासन ने महाराष्ट्र राज्य हिंदी साहित्य अकादमी के वर्ष 2014 के पुरस्कारों की घोषणा कर दी है। इस वर्ष अखिल भारतीय स्तर पर जीवन गौरव पुरस्कार अंतर्गत दिए जाने वाले दो पुरस्कारों में महाराष्ट्र भारती अखिल भारतीय हिन्दी सेवा पुरस्कार श्री दामोदर खड़से (पुणे) तथा डॉ. राममनोहर त्रिपाठी अखिल भारतीय हिन्दी सेवा पुरस्कार डॉ. सुधाकर मिश्र (ठाणे) को प्रदान किया जाएगा।

कैबिनेट सेक्रेट्रिएट के विरोध के बावजूद मोदी सरकार ने केजी सुरेश को आईआईएमसी का डीजी बना दिया!

कैबिनेट सेक्रेट्रिएट के विरोध करने के बावजूद मोदी सरकार ने केजी सुरेश को आईआईएमसी का डीजी बना दिया. आखिर कुछ ही हफ्तों में ऐसा क्या बदला गया था कि कैबिनेट सेक्रेट्रिए के विरोध के बावजद केजी सुरेश को आईआईएमसी डीजी के पद के योग्य मान लिया गया? केजी सुरेश की आईआईएमसी डीजी पद पर नियुक्ति के साथ ही विवेकानंद फाउंडेशन से अप्वायंट होने वाले ये पांचवें शख्स हैं. पढ़िए इंडियन एक्सप्रेस की वो खबर जिसमें केजी सुरेश का आईआईएमसी के डीजी के लिए प्रस्तावित तैनाता का कैबिनेट सेक्रेट्रिएट ने विरोध किया था.

अखिलेश यादव की प्रेस वार्ता में पत्रकारों को जमीन पर बैठाया गया, देखें तस्वीर

चित्रकूट : मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की प्रेस वार्ता में पत्रकारों को बैठाया गया जमीन पर। पत्रकारिता की गरिमा से हुआ खिलवाड़। बता दें कि 31 मार्च को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव चित्रकूट में कई योजनाओं का लोकार्पण करने आए थे। उसी दौरान एक प्रेस वार्ता भी रखी गई। प्रेस वार्ता में दिल्ली लखनऊ की भी मीडिया …

अमर उजाला डिजिटल से विनोद वर्मा ने विदाई ले ली, दिनेश श्रीनेत बनाए गए संपादक

अमर उजाला डिजिटल से विनोद वर्मा ने विदाई ले ली। 31 तारीख को उनका अंतिम कार्यकाल था। देशबंधु और बीबीसी में लंबे समय तक काम कर चुके विनोद वर्मा ने अपने तीन साल के कार्यकाल में अमर उजाला डाट काम को नई ऊंचाइयां दीं। उन्होंने न सिर्फ टीम का विस्तार किया बल्कि अमर उजााल डाट काम के ट्रैफिक को भी बहुत आगे ले गए। मगर बाद में नए प्रबंधन की अकुशल नीतियों के चलते उनका लगातार मनमुटाव रहा। खास तौर पर अमर उजााल वेबसाइट के नए डिजाइन से उनकी बहुत सारी असमहतियां थीं और अंतत उन्होंने छोड़ दिया। ऐसा प्रतीत होता है कि कंपनी के निदेशकों और प्रबंधन ने इस संकट को देखते हुए ही बाहर से नया संपादक लाने की बजाय दिनेश श्रीनेत को अमर उजाला डाट काम का संपादक बना दिया है। उन्होंने एक तारीख से कार्यभार संभाल लिया है।

टीवी पत्रकार कीर्ति पंत का हार्ट अटैक से निधन

टीवी पत्रकार कीर्ति पंत का शुक्रवार रात हार्ट अटैक की वजह से निधन हो गया. कीर्ति ने करीब 14 साल तक ईटीवी को अपनी सेवाएं दी लेकिन पिछले दिनों अचानक उनको इस्तीफा देना पड़ा. आजकल वो लखनऊ में एक ऑनलाइन न्यूज़ सर्विस के साथ जुड़े हुए थे. कीर्ति पंत को होली के दिन से ही वायरल था लेकिन फिलहाल वो ठीक हो गये थे. कल शाम जब वो टहल कर घर लौटे तो उन्हें सीने में दर्द की शिकायत हुई, फौरन लखनऊ ये मेयो अस्पताल ले जाया गया जहां उनका निधन हो गया.

मुम्बई के श्रम आयुक्त कार्यालय के पास नहीं है प्रमोशन पाने वाले समाचार पत्र कर्मियों की सूची

: आरटीआई से हुआ खुलासा : मजीठिया वेज बोर्ड की अनुशंसा के अनुसार सरकार के श्रम और रोजगार मंत्रालय ने 11 नवम्बर 2011 को भारत के राजपत्र में अधिसूचना संख्या 2532 (अ) में अधिसूचित्त आदेश दिया है जिसके मुताबिक़ 10 वर्ष की सेवा संतोषजनक करने पर पदोन्नति का प्रावधान है। यानि अगर आप दस साल से ज्यादा समय से एक ही समाचार पत्र प्रतिष्ठान में कार्यरत हैं तो आपको एक प्रमोशन मिलना चाहिए था।

महिला पत्रकार ने ऑटो में जब मनचले को जड़ा झन्नाटेदार थप्पड़

नई दिल्ली। दोपहर का वक्त था। डांस क्लास के लिए मुझे देरी हो रही थी। जल्दी-जल्दी अपना सामान समेटकर मैं दफ्तर से निकल गई। मुझे नोएडा सिटी सेंटर जाना था। मैं सेक्टर 62 के पास एक शेयर्ड ऑटो में बैठ गई। ऑटो में मेरे ठीक सामने अधेड़ उम्र का एक आदमी बैठा था। पहले उसने मुझे घूरना शुरू किया, फिर धीरे-धीरे छूने की कोशिश की। चूंकि ऐसे लोगों को सबक सिखाने के लिए मैं पहले ही मन बना चुकी हूं, इसलिए बिना सोचे-समझे उसे एक झन्नाटेदार थप्पड़ रसीद कर दिया। थप्पड़ की आवाज़ सुनकर ऑटो में हर कोई सन्न रह गया।

हिन्दी चैनलों के संपादक अपने बॉस एंकर सुषमा स्वराज की हिन्दी चिंता पर टीटीएम में लगे हैं!

Vineet Kumar : हिन्दी चैनलों के संपादक ऑब्लिक बॉस एंकर सुषमा स्वराज की हिन्दी चिंता पर जिस कदर टीटीएम में लगे हैं, एक बार पलटकर सुषमा स्वराज पूछ दें कि आपने अपने चैनलों के जरिए किस तरह की हिन्दी को विस्तार दिया तो शर्म से माथा झुक जाएगा. इन संपादकों को इतनी भी तमीज नहीं है कि ये समझ सकें कि वो जो चिंता जाहिर कर रही है, उनमे हम संपादकों के धत्तकर्म भी शामिल हैं. आखिर उन्हें लाइसेंस हिन्दी चैनल चलाने के दिए जाते हैं, हिंग्लिश के तो नहीं ही न..

मेरठ के वरिष्ठ पत्रकार सुनील छईयां का निधन

मेरठ के वरिष्ठ पत्रकार सुनील छइयां नहीं रहे. वे कई अखबारों में वरिष्ठ पदों पर रह चुके हैं. उन्होंने मेरठ के सुभारती मेडिकल कालेज में आखिरी सांस ली. आज शाम मेरठ में 4 बजे सूरजकुंड में दाह संस्कार किया जाएगा. सुनील छइयां काफी समय से बीमार चल रहे थे. उनका ब्रेन हैमरेज का इलाज लंबा चला और बाद में काफी स्वस्थ हो गए थे. लेकिन शरारी का काफी हिस्सा इस ब्रेन हैमरेज से प्रभावित हो गया था.

सहरसा में वीडियो जर्नलिस्ट के साथ मारपीट, कैमरा छीना

बिहार के सहरसा में खबर बनाने के दौरान जन टीवी के विकास यादव के साथ मार पीट की गई और उनके कैमरा को तोड़ कर छीन लिया गया है। नामांकन के दौरान एक प्रत्याशी के समर्थक की मौके पर हुई गिरफ्तारी से संबंधित खबर बनाने के दौरान पुलिस कर्मियों ने इस घटना को अंजाम दिया …

पूंजीपतियों ने बैंको के 13473 करोड़ हड़पे. सरकारी दबाव में नहीं हो पा रही वसूली

देश के पूंजीपतियों ने बैंको के 13473 करोड़ हड़पे. सरकारी दबाव में बैंक नहीं कर पा रहे वसूली. मोदी जी के लफ्फाजी बयानों से देश हुआ आजिज. 250 जिलो में अकाल और सूखे की मार झेल रही जनता. घुमक्कड़ी मोदी को बिदेशी दौरों से फुरसत नहीं. राम के नाम पर आये, राम भरोसे हो गई …

अवसरवादी भाजपा के सांस्कृतिक राष्ट्रवाद का अदभुत डांस… देखें ये पांच वीडियो…

Yashwant Singh : भजपइये पूरे बकलोल होते हैं क्या… यार, मंदिर में कोई नेक कार्यक्रम कराने जा रहे हो तो मंत्री जी खातिर भीड़ जुटाने के वास्ते बार बालाओं का डांस क्यों करा दिया? क्या अब जनता को बुलाने जोड़ने के लिए यही तरीका बच गया है? क्या वाकई जमीनी लोकप्रियता भाजपा की खत्म हो चुकी है जो भीड़ दिखाने के लिए ठुमके लगवाने का ही आप्शन शेष रहा… खैर, मजा आप लोग भी लो…

अपने मित्र Amitabh Thakur की ये फोटो मुझे बहुत पसंद है…

अपने मित्र Amitabh Thakur की ये फोटो मुझे बहुत पसंद है..

जानते हैं क्यों?

इसमें मुझे नए दौर का एक ऐसा डिजिटल हीरो दिखता है

जो अपने चश्मे में पूरा ब्रह्मांड समेटे है

भगत सिंह का अंतिम पत्र

साथियों,

स्वाभाविक है कि जीने की इच्छा मुझमें भी होनी चाहिए, मैं इसे छिपाना नहीं चाहता. लेकिन मैं एक शर्त पर जिंदा रह सकता हूँ, कि मैं क़ैद होकर या पाबंद होकर जीना नहीं चाहता.

MAHARASHTRA JOURNALISTS ACTION PLAN FROM MAY DAY

Journalist and non-journalist employees of the Newspaper industry in Maharashtra today resolved to go in public from the May Day this year to ensure proper and speedy implementation of the Justice Majithia Wage Boards Awards, as mandated by the Supreme Court of India. In an interaction , hosted by the Brihanmumbai Union of Journalists (BUJ) at its office hall in Mumbai, the participants of  various  organisations and institutions of  mediapersons, including Marathi Patrakar Parishad, Marathi Patrakar Sangh, Mumbai Press Club, UNI Employees Federation, Maharashtra Media Employees’ Union decided to hold a preparatory meeting on 9th April in Mumbai to finalise the call for the May Day action in public.

मुलायम खानदान से सुभाष चंद्रा की बढ़ती नजदीकी के मायने क्या हैं?

 

आज शाम सात बजे से दिल्ली के 4, भगवानदास रोड (यह पता सुभाष चंद्रा के दर्जनों एकड़ में फैले बंगले का है)पर एक बड़ा जलसा होने वाला है. मौका है शिवपाल सिंह यादव के बेटे आदित्य यादव की शादी के बाद होने वाली एट होम पार्टी का. इस आयोजन के लिए जो न्योता यानि कार्ड छपा है उस पर सबसे उपर लिखा है ”विथ कांप्लीमेंट्स फ्रॉम डा. सुभाष चंद्रा, चेयरमैन जी एंड एस्सेल ग्रुप, मिस्टर एंड मिसेज अमर सिंह कोआर्डली इनवाइट यू फॉर डिनर टू सेलीब्रेट द वेडिंग आफ चिरंजीवी आदित्य यादव, सन आफ  मिस्टर एंड मिसेज शिवपाल यादव.”

पिंक सिटी प्रेस क्लब (जयपुर) के चुनाव में IFWJ के दो वरिष्ठ सदस्य अध्यक्ष तथा महासचिव निर्वाचित

IFWJ की राजस्थान इकाई के अध्यक्ष श्री जगदीश जैमन ने सूचित किया कि “दैनिक समाचार जगत” के मुख्य संवाददाता वीरेन्द्र सिंह राठौर पिंक सिटी प्रेस क्लब के अध्यक्ष तथा हिंदी पत्रिका “द किंग” के संवाददाता श्री मुकेश चौधरी महासचिव चयनित हुये हैं| IFWJ अध्यक्ष कामरेड के विक्रम राव ने दोनो विजेताओं को फ़ोन पर बधाई दी थी| IFWJ के मनोनीत राष्ट्रीय पार्षद राठौर ने 2005 में IFWJ की राष्ट्रीय परिषद् का भव्य अधिवेशन जयपुर में करवाया था| उसे तब की (और आज भी) मुख्यमंत्री वसुन्धरा राजे ने संबोधित किया था|

मृणाल, शकील, नेहा, विजय, पावस, शुभांकर, समर्थ, आनंद, अमृत के बारे में सूचनाएं

टाइम्स इंटरनेट ने मृणाल कांति धारा को जनरल मैनेजर ( मर्जर्स एंड एक्जीविजशन्स) के पद पर नियुक्त किया है. धारा अभी तक एचसीएल में सीनियर मैनेजर कारपोरेट स्ट्रेटजी के पद पर काम कर रहे थे. धारा डायचे बैंक, एस्सार, और एचसीएल जैसे बड़े प्रतिष्ठानों में काम कर चुके हैं.

बाबू, हिमांशु, यश, कुशाग्र, कुणाल, अनिल के बारे में सूचनाएं

जाने-माने लेखक और वरिष्ठ पत्रकार बाबू भारद्वाज का निधन हो गया. 68 वर्षीय भारद्वाज हृदय संबंधित बीमारी से पीड़ित थे. वे केरल के कोझिकोड में एक निजी अस्पताल में भर्ती थे. भारद्वाज ऑनलाइन न्यूज पोर्टल दूलन्यूज के चीफ एडिटर थे. उन्होंने कैराली टीवी, चिंता मैगजीन और मीडिया वन के साथ भी काम किया है. स्टूडेंट्स फेड्रेशन ऑफ इंडिया के पहले जॉइंट सेक्रेट्री रह चुके बाबू भारद्वाज के उपन्यास Kalapangalkkoru Grahapadam को केरल साहित्य अकादमी का बेस्ट नॉवेल पुरस्कार भी मिल चुका है.

गैंगस्टर ने खुद को चिंदी चोर लिखने वाले मुंबई के पत्रकार को मारने के लिए दे दी सुपारी

मुंबई के एक पत्रकार ने एक गैंगस्टर को चिंदी चोर लिख दिया. इससे गैंगस्टर इतना नाराज हुआ कि उसने पत्रकार को जान से मारने के लिए एक अपराधी को सुपारी दे दी. यह खुलासा तब हुआ जब पुलिस ने फोन पर बातचीत को ट्रेस कर अपराधी को गिरफ्तार किया. घटना पुरानी है. यह फिर सुर्खियों में इसलिए आया क्योंकि कोर्ट ने इस मामले में अपना अंतिम फैसला सुना दिया है.

सुमित नागपाल, अरुण नतेश, अल्केश, सुनील धवन, शशि भूषण, आशा झा के बारे में सूचनाएं

न्यूजएक्स के वरिष्ठ पत्रकार सुमित नागपाल ने मीडिया इंडस्ट्री को छोड़ दिया है. वे एंकर और डिप्टी एडिटर थे. उन्होंने बतौर एडवोकेट नागपाल एंड असोसिएशन ज्वाइन कर लिया है. न्यूजएक्स में वे 2012 से थे. वे इंडिया न्यूज, लाइव इंडिया और इंडिया टीवी जैसे चैनलों में काम कर चुके हैं.

संदीप खोसला, नेहा सिंह, अंकित गुप्ता, चौधरी ताराचंद्र, पंकज, अमित के बारे में सूचनाएं

अंग्रेजी दैनिक ‘मिड-डे’ से खबर है कि यहां संदीप खोसला ने बतौर सीईओ जॉइन किया है. संदीप जागरण ग्रुप के प्रेसीडेंट अपूर्व पुरोहित और डायरेक्टर शैलेश गुप्ता को रिपोर्ट करेंगे. संदीप इससे पहले नेटवर्क18 के साथ थे.

अजय ढौंडियाल, शैलेश अमोंकर, राहुल जौहरी, इरफान रशीद, अनंत भट्ट के बारे में सूचनाएं

पत्रकार अजय ढौंडियाल ने न्यूज एडिटर के तौर पर आई-नेक्स्ट, देहरादून ज्वाइन किया है. ढौंडियाल दैनिक जागरण, नोएडा में काम कर चुके हैं. वे अमर उजाला, दैनिक भास्कर, सहारा टीवी, आजतक, साधना न्यूज़, ईटीवी, न्यूज एक्सप्रेस में भी रहे हैं.