कब्जा गैंग के आगे बेबस है बनारस की ये महिला पत्रकार!

क्यों नहीं खुल रहा दबंगों का ताला?

बनारस। लाक डाउन के दौरान बीते अप्रैल अपने घर पर लगे कब्जा गैंग के ताले को खुलवाने में महिला पत्रकार बेबस नज़र आ रही है। आज अखबार में वरिष्ठ उपसंपादक के पद पर पिछले 20 साल से कार्यरत सुमन द्बिवेदी गिरोह बंद कब्जा गैंग से अकेले ही लड़ है उनकी इस लड़ाई में न तो उनका अखबार और न ही काशी पत्रकार संघ कहीं साथ खड़ा दिख रहा है। एक सहपाठी महिला के हक में बोलना शायद इनके प्राथमिकता में नहीं आता। कहीं न कही बोलने से इनके बरसों खामोश रहकर अर्जित मधुर संबंधों पर विपरीत असर पड़ सकता है सो बोलने से खामोशी अच्छी अब भले अपने ही कोई सहयोगी पत्रकार परेशानी और संकट के दौर से गुजर रहा हो!

उधर महिला पत्रकार सुमन द्बिवेदी कहती है पिछले तीन महीनों से दौड़ रही हूं लाक डाउन में घर पर दबंगों, भू-भवन माफिया के कब्जे की जानकारी मिली तो आफिस से तीन-चार किलोमीटर पैदल भाग कर मौके पर पहुंची तो मेरे साथ हाथापाई की गई खुद को बचाकर अस्सी चौकी पहुंच कर सूचना दी तो चौकी प्रभारी ऐसे पेश आये की गलती मेरी हो, मुझसे कहा गया क्या सबूत है कि आप वहां रहती है? दर्जनों बार थाने दौड़ती रही उपर से लेकर नीचे तक अर्जियां दी लेकिन घर पर लगा ताला नही खुला।

बनारस में खादी की सरपरस्ती खाकी का मौका-ए-वारदात पर निष्क्रिय होना और सफेदपोशों का हाथ भूमाफिया को मजबूत कर रहा है बल,धन,छल का नेटवर्क इतना मजबूत है कि इनका शिकार बेबस खड़ा होकर घर-मकान,जमीन-दुकान सब जाते देखता हूं और अर्जियों, शिकायतों की मोटी फाईल का बोझ लादे यहां से वहां अधिकािरयों का चक्कर लगा कर एक दिन कहीं गुम होकर रह जाता है। तकरीबन दो दशक पहले शंकर देव भट्टाचार्य के पूरे परिवार ने दबंग भूमाफियाओ से तंग आकर गंगा में छलांग लगा दी थी जिसमें पिता और पुत्री की मौत हो गई थी जब कि शंकर देव की पत्नी और पुत्र को बचा लिया गया था वो आज भी इसी शहर में गुमनामी की ज़िंदगी जी रहे है। घटना के बीते दो दशक बाद आज भी कब्जा गैंग बेहद संगठित तरीके से अपने मिशन को अंजाम दे रहा है इनके निशाने पर कमजोर,एकल परिवार और वृद्ध है । पीड़ित को शायद ही न्याय मिलता है शिकायतों की लम्बी फेहरिस्त है पर सुनवाई और न्याय का अता-पता नहीं। अपनी 78 वर्षीय वृद्धा बीमार मां के साथ सुमन जी अकेले दबंग भूमाफियाओ के खिलाफ मोर्चे पर घर पर लगे ताले को खुलवाने के लिए जद्दोजहद कर रही है न्याय के इंतजार में।

बनारस से भास्कर गुहा नियोगी की रिपोर्ट. संपर्क- 941535428

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