क्या भारत में बीबीसी अब ब्राह्मण ब्रॉडकास्टिंग कॉर्पोरेशन बन गया है?

Saroj Kumar : बीबीसी (ब्राह्मण ब्रॉडकास्टिंग कॉर्पोरेशन) हिन्दी असल में ब्राह्मणों/सवर्णों का एक गैंग है! एक तो दलित हैं नहीं वहां. दूसरे, जो बतौर अपवाद हैं भी उन्हें हटा देते हैं या फिर दलित-गैर सवर्ण को वे कैसे टारगेट करते हैं, इसके किस्से भी पता हैं मुझे. यह तो महज एक उदाहरण भर है ( वैसे मैं किसी ब्राह्मण से तुलना करता, ऐसे ब्राह्मण वहां भरे पड़े हैं):

Tarique Anwar Champarni लिखते हैं- बीबीसी हिंदी न्यूज़ सर्विस में दो लड़कियों की एक साथ बहाली होती है। एक लड़की जामिया मिल्लिया से हिंदी पत्रकारिता में बैचलर डिग्री, मास्टर डिग्री, बाद में एमफिल की डिग्री ले चुकी है। वह IIMC जैसे पत्रकारिता के संस्थान में भी पढ़ाई कर चुकी है। दूसरी लड़की दाँतों का ईलाज करने वाली पद्धति डेंटल की पढ़ाई की है और बाद में कही से पत्रकारिता की डिग्री लेती है। किसी जुगाड़ के दम पर एनडीटीवी में रविश कुमार के साथ काम करना शुरू कर देती है। सितंबर, 2017 में दोनों लड़कियों की बहाली बीबीसी में होती है। जुलाई, 2019 आते-आते दूसरी वाली लड़की यानी डेंटिस्ट का प्रोमोशन हो जाता है। जबकि पहली वाली लड़की को बिना किसी कारण के नौकरी से निकालने की नोटिस थमा दी जाती है। बस फ़र्क़ यही है कि नौकरी से निकाले जाने वाली पहली लड़की राजस्थान के एक दूरस्थ गाँव की दलित है और उसके सर पर किसी बड़े पत्रकार का हाथ नहीं है जब्कि प्रोमोशन पाने वाली डेंटिस्ट लड़की हरियाणा की जाट है और सर पर रविश कुमार जैसे बड़े पत्रकारों का हाथ है। यह ब्राह्मण ब्रॉडकास्टिंग कॉर्पोरेशन (BBC), दिल्ली का जातिवादी चरित्र है।

पत्रकार सरोज कुमार और तारिक अनवर की एफबी वॉल से.

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Comments on “क्या भारत में बीबीसी अब ब्राह्मण ब्रॉडकास्टिंग कॉर्पोरेशन बन गया है?

  • साले … कुछ जान तो ले … जाट कब से ब्राह्मण हो गए ?? अपनी मानसिक स्थिति की जाँच करवाओ .. फिर चाँद पर थूकने की कोशिश करना

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  • पवन कुमार गुप्ता says:

    सर डेंटिस्ट लड़की जाट समुदाय से है तो बीबीसी ब्राह्मण ब्रॉडकास्टिंग सर्विस कैसे हो गया????

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  • Wah re patalkaro. Media me jativaad ki rajneeti karo. Khub koso savarno ko, lakhon savarn aise he jinke ghar me khane ka dana nahi, lekin aap logo ki jativaad ki rajniti me kewal kagji savarn hone se ve bhi khub gaaliya khate he
    Ek baar fir wah re pattalkaron

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