दरोगा की तरह हटाए गए मुकुल गोयल! डीजीपी रैंक के किसी अधिकारी को हटाने के लिए ऐसे शब्दों का इस्तेमाल शायद ही कभी हुआ हो!

कन्हैया शुक्ला-

बड़ी खबर … पुलिस महानिदेशक मुकुल गोयल पर गिर गई गाज। उन पर शासकीय कार्यों की अवहेलना करने, विभागीय कार्यों में रुचि न लेने एवं अकर्मण्यता का आरोप लगा है। इन सबके चलते DGP पद से उन्हें मुक्त करते हुए डीजी नागरिक सुरक्षा के पद पर भेज दिया गया है।

बताया जाता है उत्तर प्रदेश की बिगड़ती क़ानून व्यवस्था से मुख्यमंत्री योगी नाराज़ चल रहे थे। हालात सुधरने के नाम नहीं ले रहे थे। ज़िले जिले से अपराध और रिश्वतख़ोरी की शिकायतें मिल रहीं थीं। विपक्षी दलों को सरकार पर हमलावर होने का मौक़ा मिल रहा था।

समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव रोज़ाना क़ानून व्यवस्था पर हमला बोल रहे थे।

आम जन पर पुलिस अत्याचार बढ़ता जा रहा था। इसे देखते हुए योगी ने बड़ा और कड़ा फ़ैसला लेते हुए सीधे डीजीपी पर ही गाज गिरा दी।

अब नए डीजीपी की तैनाती की क़वायद शुरू हो गई है।

पत्रकार मनोज मनयानिल कहते हैं-

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यूपी के डीजीपी मुकुल गोयल को उनके पद से हटाने का जो आदेश जारी किया है उसकी भाषा पढ़िए- ‘मुकुल गोयल को शासकीय कार्यों की अवहेलना करने, विभागीय कार्यों में रुचि न लेने एवं अकर्मण्यता के चलते DGP पद से मुक्त करते हुए डीजी नागरिक सुरक्षा के पद पर भेजा जा रहा है’।

डीजीपी रैंक के किसी अधिकारी को हटाने के लिए शायद ही कभी इस तरह के शब्दों का इस्तेमाल हुआ होगा और उसे सार्वजनिक किया गया होगा।

नालायक नौकरशाहों से कैसे निपटा जाए, इस मामले में दूसरे राज्यों के सीएम को योगी से सीखने की ज़रूरत है। झारखंड में घूसख़ोर आईएएस की कारस्तानी आप देख ही रहे हैं। जब तक जवाबदेही नहीं तय करेंगे ये पुलिस-नौकरशाह नहीं सुधरेंगे।

लखनऊ के पत्रकार संजय तिवारी का ये विश्लेषण पढ़ें-

उत्तर प्रदेश की भ्रष्ट नौकरशाही को कड़ा संदेश… मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुंदेलखंड में दो दिन पहले ही जो कहा था, आज एक बानगी उन्होंने प्रदेश की जनता और अपने उन कार्यकर्ताओ को दे दी जिनको नौकरशाही से शिकायत थी। नौकरशाही को सुधारने की उन्होंने ऐसी शुरुआत कर दी है जिसकी कल्पना सपने में भी कोई घाघ नौकरशाह ने कभी नहीं किया होगा। उत्तर प्रदेश के अतिशक्तिशाली पुलिस महानिदेशक को मुख्यमंत्री ने ठीक वैसे ही हटाया है जैसे जिले के कप्तान लोग कभी कभी अपने दरोगा को हटा दिया करते हैं। संदेश साफ है। जनता की गाढ़ी कमाई से मोटी तनख्वाह लेने और अकूत सुविधाओं में रह कर जनता को अपने पांव की धूल समझने की भूल कर बैठे घाघ नौकरशाहों, अब से भी ठीक हो जाओ वरना सबकी यही गति होने वाली है।

मुख्यमंत्री ने इसी लिए अपनी पार्टी के जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं को संदेश दे दिया था कि आप अनावश्यक लाइजनिंग से दूर होइए, अफसरों को तो हम ठीक कर देंगे। आज मुख्यमंत्री ने यह शुरुआत कर दी। आगे भी यह जारी रहेगा। दरअसल, उत्तर प्रदेश के नौकरशाहों में से कुछ घाघ लोगो को अभी तक यह भरोसा ही नहीं हो रहा कि उत्तर प्रदेश में दूसरी बार सत्ता में आई सरकार के मुखिया अब अपने उस स्वरूप में हैं जिसके लिए उन्हें जाना जाता है। पिछली बार हो सकता है उनमें कुछ झिझक रही हो या कोई मजबूरी रही हो, इस बार उनके साथ ऐसा नहीं है। पिछली सरकार चलाकर उन्होंने यह भी जान लिया है कि यहां की नौकरशाही वास्तव में काम कम, फाइल दौड़ाने में ज्यादा माहिर है। अपने अपने जुगाड़ और अलग अलग दरबार इनकी फितरत हैं। आज मुख्यमंत्री ने इन्हें बहुत ही कड़ा संदेश दे दिया है।



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Comments on “दरोगा की तरह हटाए गए मुकुल गोयल! डीजीपी रैंक के किसी अधिकारी को हटाने के लिए ऐसे शब्दों का इस्तेमाल शायद ही कभी हुआ हो!

  • राकेश कुमार मौर्य says:

    ऐसा हाल आजमगढ़ ,फतेहपुर का फतेहपुर मे बकेवर थाना के मोहद्दीपुर ग्राम की शिवानी हत्याकांड में आजतक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं कि गई ,पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार सिंह ने CO बिंदकी एवं बकेवर थाना में यह सब आरोपियों से मिलीभगत है सत्ता के कारण इनका कुछ नही कर रही है !

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  • Madan Tiwary says:

    बेशक योगी ने सही शब्दों का इस्तेमाल किया है, देश की हर समस्या की जड़ में आइएएस-आईपीएस हैं, एक जिले का बड़ा बाबू, दूसरा जिले का हवलदार, इन्ही कमीनो ने तबाह कर के रख दिया है देश को

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