मेरे साथ न्याय नहीं हुआ, बुलाया गया तो मोदी के साथ रहने दिल्ली जाऊंगी : जसोदा बेन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पत्नी जसोदाबेन का कहना है कि उनके साथ न्याय नहीं हुआ है और उन्हें वे सुविधाएं नहीं मिली हैं, जो एक पीएम की पत्नी होने के नाते उन्हें मिलनी चाहिए थीं। यदि उन्हें बुलाया जाता है तो वह दिल्ली मोदी के साथ रहने जाएंगी। सोमवार को मेहसाणा में स्कूटर की पिछली सीट पर बैठकर घर लौट रहीं जसोदाबेन से जब एक न्यूज चैनल के पत्रकार ने पूछा कि उन्होंने आरटीआई आवेदन क्यों दिया है, तो उन्होंने कहा कि उन्हें न्याय नहीं मिला है और कोई सुविधा भी नहीं मिल रही है।

अपनी सुरक्षा व्यवस्था से नाखुश जसोदाबेन ने आरटीआई के तहत आवेदन देकर खुद को मिल रही सुरक्षा का ब्योरा भी मांगा है। उन्होंने यह भी जानना चाहा है कि पीएम की पत्नी के तौर पर वह किन-किन सुविधाओं की हकदार हैं। जब उनसे पूछा गया कि यदि उन्हें बुलाया जाए तो क्या वह मोदी के साथ रहने के लिए तैयार हैं। इस पर उनका जवाब था कि बुलाया जाता है तो वह दिल्ली जाएंगी। जसोदाबेन अपने भाई अशोक मोदी के साथ गुजरात के मेहसाणा जिले के ऊंझा कस्बे में रहती हैं। मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद मेहसाणा पुलिस ने उन्हें सुरक्षा मुहैया कराई है।

सूचना के अधिकार (आरटीआई) के तहत दिए आवेदन में जसोदाबेन ने उन्हें प्रोटोकॉल के तहत मिल रही सुरक्षा से संबंधित कई दस्तावेज पुलिस विभाग से मांगे हैं। इसमें सुरक्षा मुहैया कराने के बारे में सरकार से जारी वास्तविक आदेश की प्रमाणित कॉपी भी शामिल है। उन्होंने एक प्रधानमंत्री की पत्नी को सुरक्षा मुहैया कराने के बारे में भारतीय संविधान में प्रावधान और कानूनों की भी जानकारी मांगी है। इसमें उन्होंने खुद को मुहैया मौजूदा सुरक्षा व्यवस्था पर भी नाखुशी जाहिर की है और कहा है कि पीएम की पत्नी होने के बावजूद वह सार्वजनिक वाहन से यात्रा करती हैं जबकि उनके सुरक्षा गार्ड सरकारी वाहन से चलते हैं।

जसोदाबेन ने लिखा है कि पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या उनके ही सुरक्षा गार्डों ने कर दी थी। इसके चलते उन्हें अपने सुरक्षा गार्डों से भय महसूस होता है। इसलिए सरकार उन्हें उनकी सुरक्षा में लगे हर गार्ड की तैनाती के आदेश की कॉपी दे। मेहसाणा पुलिस अधीक्षक (एसपी) जेआर मोठालिया ने बताया कि जसोदाबेन ने आरटीआई के तहत जानना चाहा है कि प्रधानमंत्री की पत्नी होने के नाते सुरक्षा को लेकर उनके क्या अधिकार हैं। उन्होंने बताया कि सोमवार को वह हमारे दफ्तर आईं और एक आरटीआई आवेदन दिया। जसोदाबेन की सुरक्षा के लिए सशस्त्र गार्डों के समेत 10 पुलिसकर्मी तैनात हैं। ये सभी दो शिफ्ट में काम करते हैं। हर शिफ्ट में पांच-पांच जवान होते हैं।

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