अखिलेश राज में संरक्षण प्राप्त महाभ्रष्ट अफसर पर योगी राज में गिरी गाज, हुआ गिरफ्तार

महाभ्रष्ट एपी मिश्रा

एपी मिश्रा उर्फ अयोध्या प्रसाद मिश्रा यूपी का महाभ्रष्ट अफसरों में से एक माना जाता रहा है. इसकी तूती बोलती थी. उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन लिमिटेड को इसने जैसे चाहे चलाया, जैसा चाहा नचाया. अखिलेश यादव के काल में यह सत्ता का इतना करीबी था कि इसके एक इशारे पर कोई भी फैसला हो जाता था.

इसने सत्ता की नजदीकी को चिरस्थाई बनाने के लिए तत्कालीन युवा सीएम अखिलेश यादव पर किताब का लेखन भी कर डाला. मीडिया को मैनेज करने में माहिर महाभ्रष्ट एपी मिश्रा आखिरकार करियर के आखिरी मोड़ पर अरेस्ट होने को मजबूर हो ही गया.

पूर्व एमडी एपी मिश्रा पर आरोप है कि उसने बिजली विभाग के कर्मचारियों के पीएफ का हजारों करोड़ का पैसा एक निजी कंपनी में इनवेस्ट करा दिया. यह निजी कंपनी अब डूबने के कगार पर है.

आर्थिक अपराध शाखा ने यूपी पॉवर कारपोरेशन के पीएफ घोटाले में पावर कारपोरेशन के पूर्व एमडी एपी मिश्रा को आज गिरफ्तार कर लिया. बताया जाता है कि सोमवार देर रात ही यह सबको मालूम चल गया था कि ये मगरमच्छ अब बचेगा नहीं.

इसके गोमतीनगर व अलीगंज के आवासों-दफ्तरों पर यूपी पुलिस की विशेष टीम लगातार नजर रखे हुए थी. यह भी कहा जा रहा है कि इस एपी मिश्रा को कल देर रात ही हिरासत में ले लिया गया था. इससे लगातार पूछताछ की जा रही है.

पावर कारपोरेशन के पीएफ घोटाले में यह तीसरी गिरफ्तारी है. इससे पहले कॉर्पोरेशन के पूर्व निदेशक (वित्त) सुधांशु द्विवेदी और इम्पलाइज ट्रस्ट के तत्कालीन सचिव प्रवीण कुमार गुप्ता को पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है.

2268 करोड़ के पीएफ घोटाले की सीबीआई जांच के लिए यूपी सरकार ने सिफारिश कर दी है. फिलहाल तो आर्थिक अपराध शाखा जांच जारी रखे हुए है. एपी मिश्रा उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन लिमिटेड (यूपीपीसीएल) के पूर्व एमडी रहे चुके हैं.

पूर्व मुख्यमंत्री और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के करीबी एपी मिश्रा ने अखिलेश यादव पर किताब भी लिखा है. एपी मिश्रा का पूरा नाम अयोध्या प्रसाद मिश्रा है.

एपी मिश्रा के अरेस्ट होने के बाद लखनऊ के कई पत्रकारों ने सोशल मीडिया पर अपने अपने तरीके से रिएक्ट किया है. देखें कुछ स्क्रीनशॉट्स-



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