पैसा जमा कर प्रेस क्लब आफ इंडिया ने अपनी स्वायत्तता गिरवी रखे जाने से बचा लिया

प्रेस क्लब आफ इंडिया ने शहरी विकास मंत्रालय को 1.75 करोड़ रुपए की राशि जमा करा दी है। इस मामले में राज्य सभा के एडीशनल सेकेट्री ए.ए.राव और प्रेस क्लब आफ इंडिया के अध्यक्ष गौतम लाहिड़ी और उनकी टीम सक्रिय थी और चाहती थी कि 80 करोड़ व्यय करके राज्य सभा टीवी पूरी इमारत बनवाए और जमीन का मालिकाना हक क्लब औऱ राज्य सभा दोनों के नाम पर हो जाये।

इस बारे में क्लब के पदाधिकारियों ने ए.ए.राव को पूरा भरोसा दिया था कि जीबीएम में फैसला उनके हक में आएगा। लेकिन सदस्यों ने भारी विरोध किया औऱ कहा कि हम लोग राज्य सरकारों से मिल कर और अपनी फीस कई सालों की देकर क्लब की स्वायत्तता में कोई आंच नहीं आने देंगे। इस नाते यह डील कैंसिल हो गयी।

ए.ए.राव हर हाल में यह डील कराना चाहते थे और इसमें शहरी विकास मंत्रालय भी दिलचस्पी ले रहा था। राव ने इस मामले में राज्य सभा टीवी में वरिष्ठ सहायक संपादक अमृतांशु राय को शामिल किया था। उन्होंने भरोसा दिलाया था कि राज्य सभा की प्रेस क्लब से डील हो कर रहेगी। लेकिन यह डील नहीं हो पायी तो फिर राय साहब को मई के आखिर में पद से हटा दिया गया।

इस मामले को लेकर क्लब में राज्य सभा टीवी के अधिकारियों की ओर से क्लब को कब्जाने की योजना पर कई सदस्यों और क्लब की कार्यकारिणी के कई सदस्यों ने भारी विरोध जताया था। यहां तक कि क्लब में वोटिंग की भी नौबत आ गयी थी लेकिन माहौल देख कर बैठक में ही लाहिड़ी औऱ उनके साथियों ने रास्ता बदलने का फैसला किया। यह उनकी भारी पराजय है। सदस्यों ने मदद करके इतना पैसा दे दिया है कि अब भवन पर जल्दी ही शहरी विकास मंत्रालय को कब्जा देने की मजबूरी होगी।

5 मई 2018 को क्लब में हुई बैठक को लेकर ए.ए.राव को अपने पक्ष में फैसला होने का इतना भरोसा था कि उन्होंने राज्य सभा टीवी के पदाधिकारियों या प्रधान संपादक किसी को बैठक में नहीं भेजा। 4 मई की रात में वो प्रेस क्लब के कुछ चुनिंदा पदाधिकारियों से मिल कर विदेश चले गए। दफ्तर में दावा करके गए थे कि आप लोग तैयारी करिए क्लब अपने कब्जे में आ गया समझिए।

क्लब के सदस्यों के भारी विरोध के कारण क्लब की स्वायत्ता गिरवी रखे जाने से बच गई। अब क्लब की ओर से सभी सदस्यों को मेल भेजा जा रहा है कि क्लब ने पैसा जमा कर दिया। लेकिन असली कहानी यह है कि ये पदाधिकारी लोग तो बैठे रहते अगर कुछ वरिष्ठ सदस्यों ने मामला अपने हाथ में न ले लिया होता। ये प्रेस क्लब पदाधिकारी तो प्रेस क्लब को राज्यसभा टीवी के हवाले कर चुके होते और राव जो चाहते, वही करते। देखें वो मेल जो सबको भेजा जा रहा है….

We are extremely happy to inform you that the Press Club of India has been able to pay the entire amount of Rs. 2.47 crores, with today’s final payment of Rs. 1.75 crores to the Land and Development Office, Urban Development Ministry, Government of India, towards possession of our allotted land.

We have been able to achieve this difficult task with only your cooperation and the efforts made by the Managing Committee, headed by President Gautam Lahiri and Secretary-General Vinay Kumar, to collect all resources at our disposal.

This calls for an all round cheer and gratitude to our esteemed members who chipped in with their valuable contributions. We are sure that this level of cooperation will continue to be made available in abundance to the Managing Committee of the PCI for our future endeavours.

Cheers, Best and Thanks to all members.

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