प्रेस क्लब चुनाव में दिलीप मंडल भी हार गए, पढ़िए अभिषेक श्रीवास्तव का विश्लेषण

प्रेस क्‍लब ऑफ इंडिया : चुनाव नतीजे और सबक… अपेक्षा के मुताबिक इस बार भी प्रेस क्‍लब ऑफ इंडिया में सत्‍ताधारी पैनल की ही जीत हुई। विपक्ष का इकलौता खंडित पैनल और कुछ स्‍वतंत्र उम्‍मीदवार सात साल से चले आ रहे विजय रथ को रोकने में नाकाम रहे। लोकतांत्रिक तकाजे के लिहाज से जीतने व …

प्रेस क्लब आफ इंडिया के चुनाव का रिजल्ट आया, देखें किसे कितना वोट मिला!

प्रेस क्लब आफ इंडिया के चुनाव के नतीजे आ गए. लगातार जीतने वाला सत्ताधारी पैनल इस बार फिर जीता. पीसीआई को डेमोक्रेटिक और ट्रांसपैरेंट बनाने की आवाज उठाने वाले विपक्षी पैनल समेत निर्दली बुरी तरह हारे. कृपया हमें अनुसरण करें और हमें पसंद करें:

प्रेस क्लब आफ इंडिया इलेक्शन को लेकर बड़े पैमाने पर सरकुलेट हुई इस जबरदस्त मेल पर आपकी नजर गई?

From: PCI Elections 2018 (pcielections2018@gmail.com)Date: Wed, Dec 12, 2018 at 3:13 PMSubject: An appeal for PCI electionsTo: Members of PCI (pcielections2018@gmail.com) Respected Members, Greetings! कृपया हमें अनुसरण करें और हमें पसंद करें:

फोटो और वीडियो जर्नलिस्ट्स ने महुआ चटर्जी व उनके पैनल को वोट न देने की अपील की

प्रेस क्लब आफ इंडिया में जितने भी फोटो जर्नलिस्ट्स और वीडियो जर्नलिस्ट्स सदस्य हैं, उनने अपने एक ह्वाट्सअप ग्रुप में आपस में चर्चा कर इस दफा सत्ताधारी पैनल को वोट न देने की अपील की. खासकर इनकी नाराजगी महुआ चटर्जी से ज्यादा है. कृपया हमें अनुसरण करें और हमें पसंद करें:

PCI चुनाव : निर्निमेष-विनोद-अनिल-यशवंत पैनल का एजेंडा पढ़ें

प्रेस क्लब आफ इंडिया में व्याप्त भ्रष्टाचार और तानाशाही को खत्म करने के लिए क्लब मेंबर्स ने मन बना लिया है. 15 दिसंबर को होने वाले चुनाव में फिलहाल सत्ता पक्ष के खिलाफ एक ही पैनल मैदान में है जो भारी समर्थन के चलते जीत की ओर अग्रसर है. कृपया हमें अनुसरण करें और हमें …

प्रेस क्लब आफ इंडिया में 15 दिसंबर को पड़ेंगे वोट, पढ़िए एक सदस्य की पीड़ा और सुझाव

The current dispensation of Press Club of India has done a good job, three cheers for them, but we should think on certain core issues, which is being neglected since long. As we are going to vote new PCI team @15 Dec, my appeal to all, to have to VOTE those, who will do promises …

जमीन विवाद में कोर्ट पहुंचे प्रेस क्लब आफ इंडिया ने मोदी सरकार को नोटिस भिजवाया

HC seeks Centre’s reply on plea by Press Club… The Delhi High Court has sought a response from the government on a plea by the Press Club of India (PCI), seeking possession of a plot, which it claimed was allotted to it in March 2002 to construct a club. कृपया हमें अनुसरण करें और हमें …

कौन है ये अंचा राव, जिसने प्रेस क्लब आफ इंडिया की ज़मीन रद्द करवा दी?

इंडियन एक्सप्रेस में बीते दिनों कूमी कपूर ने प्रेस क्लब आफ इंडिया को लेकर एक मजेदार खुलासा किया. उनने बताया कि किन्हीं अंचा राव ने प्रेस क्लब आफ इंडिया की जमीन के सौदे को कैंसल करवा दिया. कृपया हमें अनुसरण करें और हमें पसंद करें:

पैसा जमा कर प्रेस क्लब आफ इंडिया ने अपनी स्वायत्तता गिरवी रखे जाने से बचा लिया

प्रेस क्लब आफ इंडिया ने शहरी विकास मंत्रालय को 1.75 करोड़ रुपए की राशि जमा करा दी है। इस मामले में राज्य सभा के एडीशनल सेकेट्री ए.ए.राव और प्रेस क्लब आफ इंडिया के अध्यक्ष गौतम लाहिड़ी और उनकी टीम सक्रिय थी और चाहती थी कि 80 करोड़ व्यय करके राज्य सभा टीवी पूरी इमारत बनवाए …

एनडीटीवी में भयंकर छंटनी पर प्रेस क्लब आफ इंडिया ने लिखा प्रणय रॉय को पत्र

To

Dr. Prannoy Roy,
Founder-Chairperson, NDTV
NEW DELHI

Dear Dr. Roy,

Warm Greetings from the Press Club of India.

As this year comes to an end, there are disturbing reports emanating from the NDTV which refer to massive reduction and lay-offs of employees connected with the news operations of your organisation.

राम बहादुर राय को वोटिंग का अधिकार देना पड़ा, प्रेस क्लब प्रबंधन झुका, देखें वीडियो

प्रेस क्लब आफ इंडिया के चुनाव में राम बहादुर राय को वोट देने का अधिकार क्लब प्रबंधन को देने के लिए मजबूर होना पड़ा. ड्यूज न जमा करने का हवाला देकर राय साहब की सदस्यता रद्द कर दी गई थी. इसके खिलाफ राय साहब ने प्रेस क्लब चुनाव के दौरान विरोध का ऐलान कर दिया था. वे चुनाव के दिन मौके पर पहुंचे और वोट देने का अधिकार मांगा. इससे हड़बड़ाए क्लब प्रबंधन ने तुरंत उनका ड्यूज जमा कराने के बाद उन्हें वोटिंग का राइट दे दिया.

पीसीआई चुनाव : यशवंत को आख़िर क्यों जितायें दिल्ली के पत्रकार!

Naved Shikoh : यशवंत को आख़िर क्यों जितायें दिल्ली के पत्रकार! क्योंकि ये ऐसा पत्रकार ने जो ब्रांड अखबारों की नौकरी छोड़कर शोषित पत्रकारों की लड़ाई लड़ रहा है। इस क्रान्तिकारी पत्रकार ने अपने कॅरियर को दांव पर लगाकर, वेतन गंवाया.. तकलीफें उठायीं. मुफलिसी का सामना किया.. जेल गये.. सरकारों से दुश्मनी उठायी… ताकतवर मीडिया समूहों के मालिकों /उनके मैनेजमेंट से टकराये हैं ये। छोटे-बड़े अखबारों, न्यूज चैनलों में पत्रकारों का शोषण /महीनों वेतन ना मिलना/बिना कारण निकाल बाहर कर देना.. इत्यादि के खिलाफ कितने पत्रकार संगठन सामने आते हैं? कितने प्रेस क्लब हैं जहां पत्रकारों की इन वाजिब समस्याओं के समाधान के लिए कोई कदम उठाया जाता है!

Jatin Gandhi बता रहे, वो पीसीआई में क्यों लड़ रहे हैं वाइस प्रेसीडेंट पद पर चुनाव


A PERSONAL MANIFESTO

(Or, why I am contesting for the post of vice-president in the Press Club of India on Saturday, November 25)

Friends,

The IWPC, that enviously cosy and clean club for women journalists down the road from us, will over the next weekend host a film appreciation course of the FTII, Pune, for its members. A few days ago, it had collaborated with the Indian Council for Cultural Relations to celebrate its annual day in one of the best auditoriums in Lutyens’ Delhi.

अनिकेंद्र-शाहिद पैनल से लड़ रहे जतिन गांधी, प्रवीण जैन और निर्मिमेष कुमार के बारे में जानिए

Vice President
Jatin Gandhi

Published author and journalist with 21 years in the profession across different media. At present Associate Editor with Hindustan Times. Before that Jatin worked with The Hindu, The Indian Express, India Today magazine, Open, Star News (now ABP), Times Now, NDTV convergence and wahindia.com.

प्रेस क्लब चुनाव : बैलट पेपर में सबसे आखिरी पायदान पर है यशवंत का नाम

प्रेस क्लब आफ इंडिया के चुनाव कल यानि पच्चीस नवंबर को होने वाले हैं. भड़ास के संपादक यशवंत भी मैनेजिंग कमेटी पद के लिए अनिकेंद्र सेन उर्फ बादशाह, शाहिद फरीदी और जतिन गांधी पैनल से चुनाव लड़ रहे हैं. यशवंत का बैलट नंबर 33 है. नाम अल्फाबेटिकली लिखा जाता है बैलट पेपर पर इसलिए यशवंत का नाम सबसे आखिर में है. मतदाताओं से अपील है कि वे बैलट पेपर के सबसे आखिरी नाम से मुहर मारना शुरू करें ताकि इस चुनाव में यशवंत और उनके पैनल को विजयी बनाकर प्रेस क्लब आफ इंडिया में बदलाव की मुहिम को अंजाम तक पहुंचाया जा सके.

पत्रकारों के सामने मौजूदा चुनातियों पर यशवंत लड़ते हैं, प्रेस क्लब पदाधिकारी दुम दबाए रहते हैं…

इन बातों से आप सहमत हों तो पीसीआई इलेक्शन में बैलट नंबर 33 पर मुहर मार कर यशवंत को सबसे ज्यादा वोटों से विजयी बनाइए…

अपनी प्रासंगिकता खो रहे प्रेस क्लब ऑफ इंडिया के चुनाव में इस बार नई बयार देखी जा रही है. मैनेजिंग कमेटी मेंबर के लिए 33 नंबर पर चुनाव लड़ रहे यशवंत सिंह उन पत्रकारों के लिए आशा की नई किरण हैं, जो अपनी नौकरी के चक्कर में मीडिया मालिकों और कुछ कारपोरेट संपादकों की मनमानी सहने पर मजबूर रहते हैं. उनसे बातचीत के आधार पर यह लेख लिख रहा हूं…

ये है सत्ताधारी गौतम-विनय पैनल, देखिए संजय सिंह से खास बातचीत

प्रेस क्लब आफ इंडिया चुनाव में कई सालों से लगातार जीत रहे लोगों का पैनल भी मैदान में उतरा है. इस पैनल का नाम है गौतम-विनय पैनल. गौतम लाहिरी प्रेसीडेंट और विनय कुमार सेक्रेट्री जनरल पद के वास्ते लड़ रहे हैं. ये दोनों वर्तमान में भी इसी पद पर काबिज हैं और आगे भी इसी पद पर बने रहने के लिए चुनाव लड़ रहे हैं. इस पैनल से राष्ट्रीय सहारा अखबार के संजय सिंह अबकी ज्वाइंट सेक्रेट्री पद के लिए लड़ रहे हैं.

प्रेस क्लब आफ इंडिया इलेक्शन में मैनेजिंग कमेटी मेंबर के लिए भड़ास वाले यशवंत ने भरा पर्चा

इसी नवंबर महीने की पच्चीस तारीख को होने वाले प्रेस क्लब आफ इंडिया के सालाना चुनाव की गहमागहमी तेज हो गई है.  भड़ास फॉर मीडिया के संस्थापक और संपादक यशवंत सिंह ने शनिवार को अपना नामांकन दाखिल किया. यशवंत मैनेजिंग कमेटी के सदस्य पद हेतु चुनाव लड़ेंगे. दैनिक जागरण, अमर उजाला और आई-नेक्स्ट जैसे अखबारों में सब एडिटर से लेकर चीफ रिपोर्टर और संपादक पद पर आसीन रह चुके यशवंत फिलहाल कई न्यूज चैनलों और अखबारों के सलाहकार के रूप में भी कार्यरत हैं. साथ ही साथ वह दशक भर से भड़ास फार मीडिया के जरिए मीडिया इंडस्ट्री की अच्छी-बुरी हलचलों को जनता के सामने लाने का काम कर रहे हैं.

प्रेस क्लब आफ इंडिया के चुनाव घोषित, 13 तक नामांकन, 25 को पड़ेंगे वोट

प्रेस क्लब आफ इंडिया का चुनाव घोषित कर दिया गया है. 13 नवंबर तक नामांकन कर सकते हैं. 25 नवंबर को वोट पड़ेंगे और 26 नवंबर को नतीजे आएंगे. इस बारे में जो नोटिस पीसीआई के सूचना पट पर चिपकाया गया है, वह इस प्रकार है-

प्रेस क्लब आफ इंडिया में अलोकतंत्र : बिना नोटिस या वार्निंग के चंदन यादव की सदस्यता खत्म कर दी!

Satyendra PS : आज Chandan Yadav ने बताया कि प्रेस क्लब आफ इंडिया ने उनकी सदस्यता निलम्बित कर दी है। उनसे पूछा कि काहे ऐसा किया है भाई? उन्होंने कहा कि मैंने सवाल उठा दिया था कि हल्दीराम से भी महंगा रसगुल्ला प्रेस क्लब में क्यों मिलता है? कुछ लोगों ने यह भी कहा कि चन्दन संघी है। वो अपना एजेंडा चलाने के लिए फेसबुक पर प्रेस क्लब के खिलाफ लिखा, इसलिए सदस्यता से निलंबित कर दिया। अब जरा प्रेस क्लब के वामपंथ और संघीपन्थ को समझें, जो मुझे समझ में आया।

यशवंत की गुरिल्ला छापामार पत्रकारिता और प्रेस क्लब में दो दलाल/भक्तनुमा पत्रकारों का हमला करना…

Anil Jain : गौरी लंकेश की हत्या के विरोध में प्रेस क्लब ऑफ इंडिया में आयोजित सभा में कुछ वामपंथी नेताओं के आ जाने पर कुछ ‘राष्ट्रवादी’ पत्रकार मित्रों के पेट में काफी दर्द हुआ, जिसका इजहार करते हुए उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि प्रेस क्लब वामपंथियों और नक्सलियों का अड्डा बनता जा रहा है। लेकिन उसी सभा के दो दिन पहले प्रेस क्लब में न्यूज पोर्टल भडास4मीडिया के संपादक यशवंत सिंह पर हुए हमले को लेकर प्रेस क्लब के पदाधिकारियों सहित किसी ने कोई प्रतिक्रिया जाहिर नहीं की। प्रेस क्लब के ‘नक्सलियों का अड्डा’ बन जाने की काल्पनिक चिंता में दुबले हुए पत्रकार मित्रों की संवेदना भी पता नहीं कहां चली गई दक्ष-आरम और ध्वज प्रणाम करने!

इन 315 पत्रकारों पर है प्रेस क्लब आफ इंडिया का बकाया, देखें लिस्ट

प्रेस क्लब ऑफ इंडिया के तीन सौ पंद्रह सदस्यों पर क्लब का पैसा बकाया है. क्लब की प्रबंधन समिति ने सभी को मेल भेज कर बकाया जमा करने का अनुरोध किया है. कुछ पत्रकारों पर क्लब की सालाना सदस्यता शुल्क बकाया है तो कइयों पर खाने-पीने का पैसा बाकी है.

काक्रोच क्लब आफ इंडिया में तब्दील हो गया पीसीआई! (देखें वीडियो)

प्रेस क्लब आफ इंडिया को अगर काक्रोच क्लब आफ इंडिया भी कह लें तो कोई बुरा न मानेगा क्योंकि एक तो वैसे ही होली नजदीक है और दूजे प्रेस क्लब की टेबल पर सरेआम काक्रोच घूमते टहलते और आपके खाने में मुंह मारते मिल जाएंगे. सबकी दुर्व्यवस्था की खोज खबर रखने वाले पत्रकारों के अपने ही क्लब का क्या हाल है, इसे देखने लिखने वाला कोई नहीं.

प्रेस क्लब आफ इंडिया चुनाव 2016 : ये है फाइनल लिस्ट, देखिए कौन कितने वोट से हारा, कौन जीता

प्रेस क्लब आफ इंडिया चुनाव 2016 में हार जीत की फाइनल लिस्ट आ गई है. निवर्तमान महासचिव नदीम अहमद काजमी द्वारा समर्थित लाहिरी-विनय पैनल को भारी जीत मिली है. सिर्फ मैनेजिंग कमेटी में तीन सदस्य इस पैनल से बाहर के जीते हैं जिसमें एक अनीता चौधरी हैं जो बाला-कृष्णा पैनल से थीं. समृद्धि भटनागर और रवि बत्रा निर्दल लड़े और जीते. इन तीन के अलावा सभी वो जीते जो लाहिरी-विनय पैनल के थे. लाहिरी-विनय पैनल ने काफी मतों से अपने प्रतिद्वंदियों को पछाड़ा. मतगणना का काम आज सुबह चार बजे खत्म हुआ. ये है हार जीत की पूरी लिस्ट…

प्रेस क्लब आफ इंडिया में नदीम अहमद काजमी का जंगलराज

अमित भनोट पीआईबी एक्रेडेटेड जर्नलिस्ट हैं. दिल्ली में नौ साल से पत्रकारिता कर रहे हैं. दलाल स्ट्रीट मैग्जीन में डिप्टी एडिटर हैं. बावजूद इसके कई साल से प्रयास करने पर भी उन्हें प्रेस क्लब आफ इंडिया की मेंबरशिप नहीं दी गई. ऐसा इसलिए क्योंकि नदीम अहमद काजमी का जंगलराज प्रेस क्लब आफ इंडिया में चलता है. हाल फिलहाल बनाए गए पांच सौ नए मेंबर्स की डिटेल अगर निकलवा ली जाए तो आपको सैकड़ों ऐसे मेंबर मिलेंगे जिनका बैकग्राउंड पत्रकारिता का नहीं है. लेकिन उन्हें अपने धर्म या जाति का होने के कारण सदस्य बना दिया गया है ताकि प्रेस क्लब में वोटबैंक का राजनीति में पलड़ा भारी रहे.

प्रेस क्लब आफ इंडिया : किसी ज़माने में यहां का खाना अच्छा होता था, आज लगा ये मयखाना ही अच्छा…

Ajit Anjum : मैं आमतौर पर प्रेस क्लब जाता नहीं क्योंकि मैं पीता नहीं… साल में दो तीन दिन चाहे अनचाहे चला जाता हूं… कुछ दोस्तों की ज़िद पर या तो वोट देने या किसी के साथ खाने के लिए.. पिछले साल वोट देने तो नहीं जा पाया लेकिन आज अपने मित्र राजीव कुमार और शिल्पा जी के कहने पर ना ना करते हुए कुछ खाने के लिए प्रेस क्लब पहुँच गया और एक एक करके पाँच तरह का स्नैक्स मंगवाकर खाने की नाकाम कोशिश करता रहा…

प्रेस क्लब आफ इंडिया अब सेफ जगह नहीं, सीसीटीवी फुटेज लीक होने से हड़कंप (देखें वीडियो)

बिल्डरों से अपवित्र रिश्ते रखने समेत कई किस्म के गंभीर आरोपों में घिरे प्रेस क्लब आफ इंडिया के महासचिव नदीम अहमद काजमी जो इस बार भी चुनाव में इसी पद के लिए उम्मीदवार हैं, पर एक नया आरोप ये लगा है कि उनके नेतृत्व में प्रेस क्लब आफ इंडिया के भीतर होने वाली सीसीटीवी रिकार्डिंग के चुनिंदा फुटेज अपने विरोधियों को नुकसान पहुंचाने के इरादे से लीक करा दिए गए हैं. इसी तरह का एक फुटेज भड़ास4मीडिया के भी हाथ लगा है जिसमें प्रेस क्लब चुनाव के दो प्रत्याशियों में किसी बात पर कहासुनी हो रही है.

प्रेस क्लब आफ इंडिया के चुनाव में इस बार बिल्डर लॉबी जबरदस्त एक्टिव है!

Sunil Verma : कई साथी जिक्र कर रहे थे कि प्रेस क्लब के चुनाव में इस बार बिल्डर लॉबी जबरदस्त एक्टिव है… कान लगाकर सुना तो ज्ञान मिला कि बिल्डर लॉबी ने नई बिल्डिंग का ठेका मिलने के लालच में चुनाव लड़ रहे कई पत्रकार भाई लोगों को एक लाख रूपए दिए हैं…. मुझे तो …

नदीम अहमद काजमी ने बिल्डर से कांट्रैक्ट साइन करने की इच्छा के कारण प्रेस क्लब इलेक्शन टलवाया?

: Raise a voice against delay in elections and demand immediate elections : New Delhi : On March 23, 2015, the office bearers and managing committee of the PRESS CLUB OF INDIA (PCI) held a meeting in which it was decided to postpone the Club’s elections, which were originally scheduled to take place in March. 

पंकज श्रीवास्तव की प्रेस कांफ्रेंस के लिए केजरीवाल ने जुटा दी मीडिया वालों की भीड़!

अगर फिक्सिंग होती है तो हर कदम पर दिखने लगती है. नाकारापन और अकर्मण्यता के आरोपों में आईबीएन7 से निकाले गए पंकज श्रीवास्तव ने तयशुदा रणनीति के तहत अपने संपादक को एक मैसेज भेजा. उस मैसेज का स्क्रीनशाट लिया. उसे क्रांतिकारी भाषण के साथ फेसबुक पर लगा दिया. ‘आप’ वालों ने फेसबुक और ट्विटर पर पंकज को शहीद बताते हुए उनके मसले को वायरल करना शुरू किया. ‘आप’ नेता आशुतोष, जो कभी आईबीएन7 के मैनेजिंग एडिटर रह चुके हैं, ने पंकज के मसले को जोरशोर से सोशल मीडिया पर उठाया.