ख़ूब मीठी भोजपुरी बोलने वाले और खांटी बलियाटिक हरिवंश जी को हार्दिक बधाई!

Dayanand Pandey : ख़ूब पढ़ाकू , भाषा के धनी , सार्वजनिक जीवन में शुचिता और शालीनता के लिए जाने जाने वाले मेरे मित्र हरिवंश जी आज राज्यसभा के उप सभापति चुन लिए गए हैं। मेरे लिए यह हर्ष का विषय है। यह बताते हुए ख़ुशी होती है कि हरिवंश जी मेरे उपन्यासों, कहानियों के भी …

उप सभापति बनने के बाद हरिवंश के पत्रकारीय व्यक्तित्व का मोदी ने भरपूर किया बखान, देखें वीडियो

Shashi Shekhar : सर, तब आपने पत्रकारिता के मुद्दों को बदला था, आज राजनीतिक मुद्दों को बदलवा दीजिए… जहर बन चुके हवा, पानी, जमीन को राजनीतिक मुद्दा बनवा दीजिए… करीब दो साल पहले इंटरनेट पर माखलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविध्यालय के किसी छात्र ने अपने शैक्षणिक कार्य के लिए प्रभात खबर पर एक रिसर्च किया था. …

सांसद बनने के बाद हरिवंशजी ने क्या किया?

Nirala Bidesia : सांसद हरिवंशजी को आप कितना जानते हैं? परसो जब एनडीए की ओर से हरिवंशजी को राज्यसभा के उपसभापति का उम्मीदवार बनाने की घोषणा हुई तो कुछ साथियों के सवाल थे कि उन्होंने सांसद रहते किया क्या है? यह पोस्ट उनके लिए ही है. इसका प्रतिप्रश्न यह है कि सांसद बनने के बाद …

प्रभात खबर ने हरिवंश को दी विदाई, कमान आशुतोष चतुर्वेदी ने संभाली

प्रभात खबर को गढ़ने और मजबूत बनाने वाले प्रधान संपादक हरिवंश को प्रभात खबर के स्टाफ ने विदाई दी और नए ग्रुप एडिटर आशुतोष चतुर्वेदी को वेलकम कहा. अलविदा और स्वागत का आयोजन रांची में किया गया था. हरिवंश को विदाई देते हुए सबकी आंखें नम थीं. हरिवंश ने जदयू की तरफ से राज्यसभा सदस्य बनाए जाने के बाद संपादक पद से इस्तीफा दे दिया था.

मेरे प्रति तबके तीन सीनियर हरिवंशजी, संजीव क्षितिज और हरिनारायणजी का नजरिया काफी बदल गया था

ओमप्रकाश अश्क


जीवन में जटिलताएं न आयें तो आनंद की अनुभूति अलभ्य है। मुंह जले को ही तो मट्ठे की ठंडाई का एहसास हो सकता है। जो ठंड में ही रहने का आदी हो, उसके लिए ठंड का का क्या मायने? और अगर ठंड के बाद जलन की पीड़ा झेलनी पड़े तो उसकी हालत का आप अनुमान लगा सकते हैं। हरिवंशजी ने प्रथमदृषटया भले ही मुझे घमंडी समझ लिया था, लेकिन बाद के दिनों में उनकी यह धारणा बदली और वह मेरी शालीनता के कायल हो गये। मैं दफ्तर में शायद ही किसी से घुल-मिल कर बातें करता था। तब अपने काम में मगन रहना ही मुझे ज्यादा श्रेयस्कर लगा। बीच-बीच में हरिवंशजी मुझे अंगरेजी-हिन्दी अखबारों की कतरनें देते और उनसे एक नयी स्टोरी डेवलप करने को कहते। मैं वैसा करने लगा। हरिनारायण जी की कृपा से वैसे पीस बाईलाइन छप जाते। ऐसी बाईलाइन स्टोरी की संख्या जितनी होती, उतने 40 रुपये की कमाई हो जाती। इसका भुगतान वेतन वितरण के पखवाड़े-बीस दिन बाद होता।

मजीठिया वेज बोर्ड पर हरिवंश अभी भी सुप्रीम कोर्ट के फैसले का इंतजार कर रहे हैं!

नीचे राज्यसभा टीवी पर मजीठिया वेज बोर्ड पर हुई बहस का लिंक दिया जा रहा है। बहस में हरिवंश (संपादक, प्रभात खबर) और सुप्रीम कोर्ट में वकील कोलिन गोंसाल्विस भी शामिल हैं। जब हरिवंश से एंकर गिरीश निकम ने पूछा कि आपके अखबार में लागू हुआ तो बोले क‌ि अभी हम सुप्रीम कोर्ट के फैसले का इतंजार कर रहे हैं। इस पर गोंसाल्विस ने कहा क‌ि एक साल पहले फैसला आ चुका है। बहस में जागरण, इंडियन एक्सप्रेस और भास्कर पर सीधे नाम लेक‌र आरोप लगाए गए हैं।

हरिवंश को भव्य समागम में 2014 के आचार्य तुलसी सम्मान से सम्मानित किया गया

अध्यात्म साधना केंद्र, छतरपुर (नयी दिल्ली) में जैन परंपरा और सादगी के साथ आयोजित भव्य समागम में प्रभात खबर के प्रधान संपादक हरिवंश को 2014 के ‘आचार्य तुलसी सम्मान’ से सम्मानित किया गया.  अनुव्रत अनुशास्ता आचार्य श्री महाश्रमणजी के सान्निध्य में आयोजित समारोह में गुजरात के राज्यपाल ओम प्रकाश कोहली ने उन्हें यह सम्मान प्रदान किया. इस मौके पर 2013 का ‘आचार्य तुलसी सम्मान’ स्व. भूपतभाई वडोदरीया को प्रदान किया गया. समभाव ग्रुप के संस्थापक पत्रकार वडोदरीया ने गुजरात दंगों के दौरान साहसिक रिपोर्टिग की थी.

पहले विचारों से दुनिया बदलती थी, अब तकनीकी से दुनिया बदल रही है : हरिवंश

(हरिवंश)


जदयू के राज्यसभा सांसद व वरीय पत्रकार हरिवंश का मानना है कि पहले विचारों से दुनिया बदलती थी, अब तकनीकी से दुनिया बदल रही है। बदलाव का सबसे बड़ा वाहक तकनीकी हो गया है। विचारों का स्थान उसके बाद हो गया है। राज्यसभा के लिए निर्वाचित होने के बाद सोमवार को उनसे पहली मुलाकात हुई थी। उनके ही पटना स्थित कार्यालय में। साथ में नौकरशाहीडॉटइन के संपादक इर्शादुल हक भी थे। करीब 20 मिनट की मुलाकात में कई मुद्दों पर चर्चा हुई। बातचीत तकनीकी  पर ही केंद्रित हो गयी।