टेलीकाम कंपनियाँ कार्टेल बनाकर उपभोक्ताओं का खून चूस रही हैं!

अभिषेक पाराशर-

मौजूदा वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में जियो का मुनाफा (YoY) 23.4 फीसदी के इजाफे के साथ 3,728 करोड़ रुपये रहा. पिछली यानी पहली तिमाही में जियो को 3,651 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ था. एयरटेल को भी दूसरी तिमाही 1,134 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ.

वहीं, वोडाफोन को दूसरी तिमाही में 7,132 करोड़ रुपये का घाटा हुआ. वोडाफोन के लिए टैरिफ में बढ़ोतरी करना कंपनी के सर्वाइवल के लिए जरूरी है. लेकिन एयरटेल और जियो के लिए टैरिफ में बढ़ोतरी करना क्यों जरूरी था?

आम तौर पर कोई कंपनी बाजार में वर्चस्व स्थापित करने की कोशिश करती है और ऐसी स्थिति में वह कंपनी संबंधित क्षेत्र में अकेली होती है या उसके प्रतिस्पर्धी इतनी कमजोर हालत में होते हैं कि वह कुछ कर नहीं पाते हैं. लेकिन टेलीकॉम के मामले में यह स्थिति विचित्र है. भारत में इस क्षेत्र में अब कंपनियों की संख्या सिमट कर तीन हो गई है और तीनों ने एक के बाद एक कर टैरिफ को बढ़ा दिया.

यह कार्टेल बनाकर उपभोक्ताओं का खून चूसने जैसा है. 2016 में सीसीआई ने ऐसे ही कार्टेल के जरिए सांठ गांठ की मदद से सीमेंट की कीमतों में इजाफा के मामले में 11 सीमेंट कंपनियों पर 6,300 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया था.

हाल ही में सीसीआई ने ऐसे ही मामले में बीयर कंपनियों के खिलाफ 873 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है. यही कार्टेल जैसी स्थिति टेलीकॉम में भी दिखाई दे रही है. एक कंपनी टैरिफ बढ़ाती है और कुछ दिनों के भीतर ही दोनों कंपनियां भी ऐसा कर देती है. यह समय इस मामले में नियामकीय दखल का है. (जिन विद्वत जनों को लगता है कि भारत में डेटा अभी भी अन्य देशों के मुकाबले सस्ता है, उन्हें यह पोस्ट नहीं पढ़ना चाहिए.)

भड़ास की खबरें व्हाट्सअप परBWG7

आपसे सहयोग की अपेक्षा भी है… भड़ास4मीडिया के संचालन हेतु हर वर्ष हम लोग अपने पाठकों के पास जाते हैं. साल भर के सर्वर आदि के खर्च के लिए हम उनसे यथोचित आर्थिक मदद की अपील करते हैं. इस साल भी ये कर्मकांड करना पड़ेगा. आप अगर भड़ास के पाठक हैं तो आप जरूर कुछ न कुछ सहयोग दें. जैसे अखबार पढ़ने के लिए हर माह पैसे देने होते हैं, टीवी देखने के लिए हर माह रिचार्ज कराना होता है उसी तरह अच्छी न्यूज वेबसाइट को पढ़ने के लिए भी अर्थदान करना चाहिए. याद रखें, भड़ास इसलिए जनपक्षधर है क्योंकि इसका संचालन दलालों, धंधेबाजों, सेठों, नेताओं, अफसरों के काले पैसे से नहीं होता है. ये मोर्चा केवल और केवल जनता के पैसे से चलता है. इसलिए यज्ञ में अपने हिस्से की आहुति देवें. भड़ास का एकाउंट नंबर, गूगल पे, पेटीएम आदि के डिटेल इस लिंक में हैं- https://www.bhadas4media.com/support/

भड़ास का Whatsapp नंबर- 7678515849

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*

code