एंकर अब चैनल के नहीं होते, वे पार्टी के होते हैं!

Amitaabh Srivastava : दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल बीजेपी को टीवी पर बहस के लिए चुनौती देते हुए कह रहे हैं कि एक एंकर उनकी (बीजेपी की) पसंद का हो और एक हमारी (यानि आम आदमी पार्टी की) पसंद का हो।

यह सब केजरीवाल ने भले ही बहुत हल्केफुल्के अंदाज़ में कहा लेकिन मीडिया के लिए इसे सुनना कायदे से तो बहुत शर्मनाक होना चाहिए। सारे चमकदार चेहरों का वज़न ‘इनकी’ और ‘उनकी’ पसंद के तराज़ू में तोला जा रहा है।

यह इज़्ज़त कमाई है हमने!

बहुत दुखद और अपमानजनक है अरविंद केजरीवाल की यह टिप्पणी अगर गहराई से इसके निहितार्थों के बारे में सोचा जाए तो।

वरिष्ठ पत्रकार अमिताभ श्रीवास्तव की एफबी वॉल से.

  • भड़ास की पत्रकारिता को जिंदा रखने के लिए आपसे सहयोग अपेक्षित है- SUPPORT

 

 

  • भड़ास तक खबरें-सूचनाएं इस मेल के जरिए पहुंचाएं- bhadas4media@gmail.com

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *