न्यूज़ चैनलों पर अब इस तरह की ख़बरें नहीं दिखतीं!

छोटे से छोटे न्यूज़ चैनल में भी एक रिसर्च विभाग जैसा कुछ होता है जहाँ से संपादकीय विभाग को मौक़े और मुद्दे की तात्कालिक और दीर्घकालिक ज़रूरत के मुताबिक़ बैकग्राउंडर उपलब्ध कराये जाते हैं।

बड़े टीवी नेटवर्क में तो यह बहुत महत्वपूर्ण विभाग होता है जहाँ कई लोग 24 घंटे शिफ़्ट के हिसाब से काम करते हैं। लेकिन न्यूज़ चैनलों पर आपको अब इस तरह की ख़बरें नहीं दिखतीं।

इसके लिए टेलीग्राफ़, इंडियन एक्सप्रेस, हिंदू जैसे अख़बारों पर ही उम्मीद और भरोसा करना पड़ता है। चैनलों के मालिकों और संपादकों को कलह करवाने वाली चर्चाओं के अलावा और किसी चीज़ में निवेश करने की ज़रूरत अब महसूस नहीं होती।

वरिष्ठ पत्रकार अमिताभ श्रीवास्तव की एफबी वॉल से.

Tweet 20
fb-share-icon20

भड़ास व्हाटसअप ग्रुप ज्वाइन करें-

https://chat.whatsapp.com/JcsC1zTAonE6Umi1JLdZHB

भड़ास तक खबरें-सूचना इस मेल के जरिए पहुंचाएं- bhadas4media@gmail.com

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *