कलेट्टर के नाम खत : गाजीपुर कोई वर्जित क्षेत्र नहीं जिसकी जमीन से गुजरना कोई जुर्म बनता है!

चंचल

कलेट्टर गाजीपुर के नाम एक खत।

प्रिय कलेट्टर

अल सुबह एक खबर मिली कि आपके प्रशासन ने 10 गांधीवादी सत्याग्रही जो चौरी चौरा से चलकर राजघाट दिल्ली जा रहे थे, उन्हें गिरफ्तार कर जेल में डाल दिया है ये सब काशी विश्वविद्यालय से जुड़े हुए युवजन हैं जिनमे एक लड़की भी है। इस विषय पर हम आपसे बात करना चाहते थे लेकिन आपके सहायक ने बताया कि ‘साहेब’ जनता दरबार’ में व्यस्त हैं।

इस विषय पर हम लिखत पढ़त में ही संवाद बना लें और अगर बात तार्किक लगे तो बेहतर रास्ता निकाल लिया जाए।

हमारे ख्याल से गाजीपुर कोई वर्जित क्षेत्र नहीं है जिसकी जमीन से गुजरना कोई जुर्म बनता है। ये दस सत्याग्रही गांधी के 150 जन्मदिवस के उपलक्ष्य में चौरीचौरा से राजघाट तक जा रहे थे। भारत के तवारीख का ये दो हिस्सा चौरी चौरा और राजघाट तक बापू का अंतिम पड़ाव अहिंसा के लिए ही जाना जाता है।

भौगोलिक दृष्टि से चौरी चौरा शायद गोरखपुर जिले में दर्ज है न कि गाजीपुर में । अगर शासन को इन दस सत्याग्रही यात्रियों से खतरा होता तो इन्हें गोरखपुर प्रशासन ही गिरफ्तार कर लेता लेकिन गोरखपुर ने ऐसा नही किया। गाजीपुर ने ऐसा फैसला क्यों लिया, समझ से परे है।

क्या आप इस विषय पर इन सत्याग्रही यात्रियों से बात करके इन्हें दिल्ली यक जाने की डगर दिखा सकेंगे? क्या आपको ऐसा नहीं लगता कि सत्ता के मनमानी रवैये के खिलाफ़ आवाम का सवाल पूछना या उसका विरोध करना, संवैधानिक है? अगर जम्हूरी निजाम में विरोध करना संवैधानिक है तो इस हक पर हमला करना खुद में असंवैधानिक नहीं बनता?

उम्मीद है आप इसे बेहतर अंजाम तक पहुंचा कर अपने कर्तव्य का पालन करेंगे।

नागरिक
चंचल


यह खत गाजीपुर के अधिवक्ता भाई विजय शंकर राय के मार्फ़त कलेट्टर तक भेज रहा हूं। गोकि गाजीपुर हमारे निजी दोस्तो से भरा पड़ा है।

कलेट्टर गाजीपुर, इन सत्याग्रहियों को व्यक्तिगत मुचलके पर रिहा कराइये। ये ढाई ढाई लाख के दो जमानतदार कहां से लाएंगे? जिला अध्यक्ष कांग्रेस – भाई मार्कण्डेय सिंह , पूर्व मंत्री ओम प्रकाश सिंह , और भो लोग साथ हैं मदद करें इन सत्याग्रहियों की। गजब खेल कर रहा है प्रशासन गाजीपुर से होकर गुजरना ही जुर्म है?

चंचल


गाजीपुर से एक बेहतर खबर। sDM गाजीपुर सदर निहायत सुलझे हुए ऑफिसर हैं उनसे खुल कर बात हुई है। बापू के 150 वन जन्मदिन के उपलक्ष्य में चौरी चौरा से चलकर राजघाट तक निकलने वाला दस सदस्यीय सत्यग्रही दस्ता जिसे गाजीपुर में रोका गया है उनपर बहुत मामूली धारा लगी है। शांति भंग की आशंका। SDM सदर से हमने अनुरोध किया कि इन सत्याग्राहियों को ढाई ढाई लाख के जमानत पर नही बल्कि व्यक्तिगत मुचलके पर छोड़ दें। SDM सदर ने इस बिंदु पर सहमति दी है। इन सत्याग्रहियों की मदद में लगे भाई विकास और दिवाकर भू जी कृपया SDM साहब से संपर्क कर लें।

गोरखपुर से जो सत्याग्रह यात्रा शुरू हुई थी उसमें गिरफ़्तार कर जेल भेजे गए लोगों की लिस्ट

Priyesh Pandey , Student, Banaras Hindu University

Murari Kumar, Student, Banaras Hindu University

Raj Abhishek , Student, Banaras Hindu University

Anant Prakash Shukla, Student, Banaras Hindu University

Neeraj Rai , Student, Banaras Hindu University

Atul Yadav , Student, Delhi University

Manish Sharma , Social Activist

Shesh Narayan Ojha , Student, Allahabad University

Ravindra Kumar Ravi, Student

Pradipika, Journalist

आख़िरी नाम एक लड़की का है, ये अभी तक जेल में है…

चंचल


लेखक चंचल बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के छात्रसंघ अध्यक्ष रह चुके हैं. वे जाने-माने रंगकर्मी, पत्रकार और राजनेता भी हैं. उपरोक्त कंटेंट उनके एफबी वॉल से लिया गया है.


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