भाजपा को डाक्टर हुदा जैसे युवा मुस्लिम नेताओं ने भी जिताया… जानिए इनकी कहानी

Yashwant Singh : मेरे मित्र हर तरह के हैं. हर जगह हैं. शिवजी की बारात है पूरी. लेफ्ट से लेकर राइट तक. कांग्रेस से लेकर सपा-बसपा तक. हिंदू से लेकर मुस्लमान तक. दलित से लेकर पंडत तक. सबमें बस कामन एक बात है कि वे स्वभाव से सरल सहज हों और मानवीय मूल्यों के प्रति सरोकार रखते हों. ऐसे ही एक मेरे मुस्लिम मित्र हैं, बरेली के Syed Ehtesham Ul Huda डॉ. सयैद एहतेशाम-उल-हुदा. ये जबरदस्त भाजपाई हैं. इनने चुनाव से पहले एक जोरदार दावा कर दिया- ”अगर बरेली व आंवला में 5-10% ज़्यादा मुस्लिम वोट बीजेपी को न पड़ा तो सियासत छोड़ दूंगा”. डॉ. हुदा सही थे. इस बार ऐसा ही हुआ है. मैं तब उनके लिखे पर चौंका था. पर डाक्टर साहब अपने मित्र हैं, सो इन्हें भड़ास पोर्टल या भड़ास ब्लाग पर फुल सम्मान के साथ छापता रहा.

उन दिनों डाक्टर साहब के दावे मुझे अतिवादी लगते थे. पहले तो सोचता रहा कि मुस्लिम होकर ये भाजपाई क्यों हैं. फिर मैंने खुद को दिलासा दिया कि कोई भी पार्टी जो इस देश के संविधान को मानती हो, चुनाव लड़ती हो, उसमें कोई भी मेंबर हो सकता है. जब मुख्तार अब्बास नकवी और शाहनवाज हुसैन बीजेपी के बड़े नेता हो सकते हैं तो हमारे डाक्टर साहब तो माशाअल्लाह अच्छा खासा पढ़े-लिखे और बोलने-समझाने वाले आदमी हैं. डाक्टर साहब को मुस्लिम होकर भी भाजपाई होने के कारण बहुत कुछ झेलना पड़ा. गाली, धमकी, उपहास, कटाक्ष. ये सब उनके कौम के लोगों ने दिए.

डाक्टर हुदा

वजह बस ये कि आप भाजपा में क्यों हो. पर इनके कौम के लोग मुख्तार अब्बास नक़वी, शाहनवाज हुसैन आदि से नहीं पूछते कि आप भाजपा में क्यों हैं. इनके कौम के ठेकेदार लखनऊ के उन मौलानाओं-धर्मगुरुओं से क्यों नहीं कुछ पूछते जिनने भाजपा को वोट देने का फतवा जारी कर दिया था. आखिर कौम की सारी नैतिकता और कौम की सारी ठेकेदारी का बोझ अपना ये डाक्टर ही क्यों झेले.

मेरा मानना है कि अच्छे लोगों को हर दल में फैल कर रहना चाहिए. बुरे लोगों को सिर्फ एक पार्टी तक सीमित कर बंगाल की खाड़ी में डाल देना चाहिए. ताकि बुराई फैले न और अच्छाई जगह-जगह पुष्पित पल्लिवत हो सके. डाक्टर साहब को इसलिए बधाई कि वे हिम्मती आदमी हैं. वे लीक से अलग चलने वालों में से हैं. वे जहां होते हैं, वहां खुलकर और दिल से होते हैं. हां, ये भी सच है कि जिस दिन वो भाजपा छोड़ेंगे, उनका सहर्ष स्वागत कर खुश होने वालों में से पहला आदमी मैं हूंगा क्योंकि भइया मैं तो भाजपा विरोधी हूं.

फिलहाल तो यही कहूंगा कि भाजपाइयों को डाक्टर साहब का हृदय से स्वागत और धन्यवाद करना चाहिए कि इनके पास इनके जैसा कर्मठ और तेजस्वी कार्यकर्ता-नेता है. उम्मीद करूंगा कि डाक्टर हुदा भविष्य में सियासत की पायदान पर लंबे लंबे कदम रखेंगे ताकि उन्हें उनकी मंज़िल मिले. राजनीति में नए लोगों को आना चाहिए और उन्हें जो पार्टी जमे, उसमें घुसना चाहिए. पार्टी खराब लगे तो छोड़कर नई पार्टी पकड़ लेने में कोई गुरेज नहीं.

डाक्टर साहब को जब उनके दावे के सच में तब्दील होने पर बधाई दी तो वो भावुक हो गए. कहने लगे- ”आप जानते हैं पिछले सालों में मैंने कितना कुछ सहन किया है. गालियां, जान से मारने की धमकियां, परिवार को ख़त्म करने की घमकियाँ. उसके बाद भी लगातार हिम्मत से डटा रहा. यूपी भर में 15 से 20% सुन्नी मुसलमानों का वोट बीजेपी को गया तो मेरी रात दिन की मेहनत सफल हुई. पिछले एक साल में य़ूपी भर के सुन्नी मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्रों की ख़ाक छान डाली. मैंने पूरी यूपी में अपनी व्यक्तिगत टीम लगाकर गोपनीय चुनाव प्रबंधन किया. कहां कहां नहीं गया. दरगाह, ख़ानक़ाहों, मदरसों और मोअज़्ज़िज लोगों तक पहुंचा. युवाओं का जोड़ा. ये सब कुछ इतना साइलेंट था कि विपक्षी पार्टियों को हवा तक नहीं लगने दी.”

डाक्टर साहब को सुन कर मैं दंग रह गया. कोई व्यक्ति किसी पार्टी के लिए इतनी निष्ठा से कैसे काम कर लेता है. डाक्टर साहब की मेहनत को भाजपा वाले भाव देंगे या नहीं, मुझे नहीं पता लेकिन मेरे मन में उनके प्रति श्रद्धा बढ़ गई. डाक्टर साहब में विपरीत हालात में जूझने और लड़ने की जबरदस्त क्षमता का कायल हो गया. उन्हें मेरी तरफ से उनकी मेहनत के लिए बधाई. नीचे डाक्टर साहब से जुड़ी कुछ पोस्ट के लिंक हैं जो मैंने चुनाव के वक्त भड़ास पोर्टल और ब्लाग पर पब्लिश किए थे.

डाक्टर साहब को उनके मोबाइल नंबर पर आप भी बधाई दे सकते हैं-

9837357723

भड़ास4मीडिया डॉट कॉम के संस्थापक और संपादक यशवंत सिंह की एफबी वॉल से.

डाक्टर हुदा से जुड़ी कुछ पोस्ट के लिंक यूं हैं-

बरेली व आंवला में 5-10% ज़्यादा मुस्लिम वोट बीजेपी को न पड़ा तो सियासत छोड़ दूंगा : डॉ.हुदा

दलाल और धार्मिक माफियाओं का संगठित गिरोह है ‘मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड’!

इस्लाम में जब तस्वीर लगाना ही नाजायज़ तो जिन्ना के फ़ोटो पर इतना बवाल क्यों

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मैं नूर बनके ज़माने में फैल जाऊँगा…

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One comment on “भाजपा को डाक्टर हुदा जैसे युवा मुस्लिम नेताओं ने भी जिताया… जानिए इनकी कहानी”

  • Sanjay Rajput says:

    यशवंत जी आप भाजपा विरोधी क्यों हैं?
    इस पर भी एक लेख विस्तार से लिखें..सभी लोग अवश्य जानना चाहेंगे

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