Connect with us

Hi, what are you looking for?

Local News Community

उत्तर प्रदेश

सीएम योगी ने आईपीएस हिमांशु कुमार को निलंबित कर दिया

यूपी के युवा आईपीएस अधिकारी हिमांशु कुमार को पुलिस विभाग के अंदर की पोल खोलना महंगा पड़ गया. उन्हें मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी ने निलंबित कर दिया है. कहा जा रहा है कि इस कदम के बाद यूपी को एक नया अमिताभ ठाकुर मिल गया है, हिमांशु कुमार के रूप में, बशर्ते हिमांशु कुमार अपनी लड़ाई पूरे जोश और दम के साथ लड़ सकें. संभव ये भी है कि वे मामले को रफादफा करा कर फिर से बहाल हो सकते हैं. हालांकि हिमांशु ने सस्पेंड होेने के बाद ट्विटर पर लिखा है कि सत्य की जीत होती है. यानि उन्होंने इरादे जता दिए हैं कि वे झुकेंगे नहीं.

यूपी के युवा आईपीएस अधिकारी हिमांशु कुमार को पुलिस विभाग के अंदर की पोल खोलना महंगा पड़ गया. उन्हें मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी ने निलंबित कर दिया है. कहा जा रहा है कि इस कदम के बाद यूपी को एक नया अमिताभ ठाकुर मिल गया है, हिमांशु कुमार के रूप में, बशर्ते हिमांशु कुमार अपनी लड़ाई पूरे जोश और दम के साथ लड़ सकें. संभव ये भी है कि वे मामले को रफादफा करा कर फिर से बहाल हो सकते हैं. हालांकि हिमांशु ने सस्पेंड होेने के बाद ट्विटर पर लिखा है कि सत्य की जीत होती है. यानि उन्होंने इरादे जता दिए हैं कि वे झुकेंगे नहीं.

आईपीएस हिमांशु कुमार ने यूपी में नई सरकार बनने के बाद आरोप लगाया था कि पुराने पुलिस अफसर नई सरकार को खुश करने के लिए अचानक यूटर्न ले चुके हैं और एक जाति विशेष के पुलिस कर्मियों को दंडि़त कर रहे हैं. नेशनल वायस चैनल के एडिटर इन चीफ बृजेश मिश्रा ने हिमांशु कुमार से लंबी बातचीत की और उसका प्रसारण नेशनल वायस चैनल पर किया. इस बातचीत में हिमांशु ने खुलकर पुलिस विभाग के भ्रष्टाचार के बारे में बताया.

योगी आदित्‍य नाथ के नेतृत्‍व में भाजपा की सरकार बनने के बाद एक आईपीएस अधिकारी हिमांशु ने डीजीपी पर जाति विशेष के अधिकारियों को ‘सजा’ देने का आरोप लगाया. जब मीडिया में उनके ट्वीट की चर्चा शुरू हुई तो सफाई देते हुए कहा कि लोगों ने गलत मतलब निकाला. यूपी कैडर के 2010 बैच के आईपीएस अधिकारी हिमांशु कुमार फिरोजाबाद के एसपी थे. बयानों के बाद में उन्हें डीजी आफिस अटैच कर दिया गया. उन्‍होंने ट्वीट कर कहा था कि ‘कुछ वरिष्‍ठ अधिकारियों में उन सभी पुलिस कर्मचारियों को सस्‍पेंड / लाइन हाजिर करने की जल्‍दी है जिनके नाम में ‘यादव’ है.’

वरिष्ठ पत्रकार ब्रजेश मिश्रा ने रिपोर्ट दी कि ‘नोएडा और गाजियाबाद में 90 सिपाहियों को लाइन हाजिर कर दिया गया है।’ मिश्रा के मुताबिक इन्‍हें ‘कारखास’ कहते हैं और आईपीएस-नेता मिलकर इनसे वसूली कराते थे।’ इसी ट्वीट पर हिमांशु ने जवाब देते हुए पूछा कि ‘आखिर डीजीपी ने मेरे द्वारा बिसरख नोएडा में फाइल की गई एफआईआर की सही से जांच कराने की इजाजत क्‍यों नहीं दी? आखिर डीजीपी कार्यालय अफसरों को जाति के नाम पर लोगों को परेशान करने के लिए मजबूर क्‍यों कर रहा है?’

यूपी कैडर के आईपीएस अधिकारी हिमांशु कुमार बिहार के मोतिहारी के रहने वाले हैं. हिमांशु पर उनकी पत्नी प्रिया सिंह ने पटना के महिला थाने में दहेज प्रताड़ना और मानसिक शोषण करने का आरोप लगाया था. इनकी पत्नी प्रिया सिंह पटना की रहने वाली है. इन दोनों की 2014 में शादी हुई थी. लेकिन शादी के कुछ दिनों के बाद ही प्रिया ने मार्च 2015 में हिमांशु पर दहेज प्रताड़ना और मानसिक रूप से शोषण करने का आरोप लगाया था.

कोर्ट ने इनकी इस मामले में अग्रिम जमानत को रद्द कर दिया था. पटना हाई कोर्ट की ओर से यूपी सरकार को हिमांशु के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए थे लेकिन, यूपी की अखिलेश सरकार लगातार हिमांशु को बचाती रही, ऐसा आरोप है. इस मामले पर आईपीएस हिमांशु ने ट्वीट कर बताया था कि उनकी पत्नी 10 करोड़ रुपए के लिए ब्लैकमेल कर रही हैं.

हिमांशु ने यूपी में योगी आदित्यनाथ के सीएम बनने के बाद पुलिस विभाग में हुए तबादले पर प्रश्न उठाया था. यूपी की योगी सरकार द्वारा सस्पेंड किए जाने के बाद हिमांशु ने अपने ट्वविटर अकाउंट पर लिखा-सत्य की जीत होती है. 2010 बैच के आईपीएस अधिकारी हिमांशु कुमार फिलहाल डीजी ऑफिस से जुड़े हुए हैं. कुछ दिन पहले ही एसपी फिरोजाबाद के पद से इनका ट्रांसफर डीजी ऑफिस में कर दिया गया था. यूपी पुलिस का कहना है कि हिमांशु को अनुशासनहीनता के लिए सस्पेंड किया गया है.

आईपीएस हिमांशु कुमार और नेशनल वायस चैनल के एडिटर इन चीफ के बीच की बातचीत सुनने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें :

https://www.youtube.com/watch?v=wF1993jy7AI&t=352s

Local News Community
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

भड़ास लीगल टीम : Bhadas Legal Team

भड़ास मेल: [email protected]

Latest 100 भड़ास

विज्ञापन