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एसएन विनोद के कारण मीडियाकर्मी लड़ने को बाध्य हुए और जीते

एक छोटी लड़ाई तो हम जीत गए। ठीक एक माह पहले जब जिया इंडिया के कर्मियों ने तीन महीने का बकाया वेतन मांगा तो देश के महान अवसरवादी संपादक एसएन विनोद ने कहा था- ‘मैं एक पैसा नहीं दूंगा, तुम लोग कोर्ट में जाओ।’ उनका ये अति प्रेरक वाक्य सुन कर हम कोर्ट में चले गए. तब विनोद जी ने कुछ कर्मियों को फोन कर के ये कहा कि – ‘कई लोग क्लेम वापस ले रहे हैं, तुम भी ले लो तो कल ही तुम्हारा पेमेन्ट कर दिया जायेगा।’

एक छोटी लड़ाई तो हम जीत गए। ठीक एक माह पहले जब जिया इंडिया के कर्मियों ने तीन महीने का बकाया वेतन मांगा तो देश के महान अवसरवादी संपादक एसएन विनोद ने कहा था- ‘मैं एक पैसा नहीं दूंगा, तुम लोग कोर्ट में जाओ।’ उनका ये अति प्रेरक वाक्य सुन कर हम कोर्ट में चले गए. तब विनोद जी ने कुछ कर्मियों को फोन कर के ये कहा कि – ‘कई लोग क्लेम वापस ले रहे हैं, तुम भी ले लो तो कल ही तुम्हारा पेमेन्ट कर दिया जायेगा।’

लेकिन कोई नहीं टूटा. लेबर कोर्ट ने भी कड़ा रुख अपनाया. तब तीन माह के बकाए के पोस्ट डेटेड चेक 27 अप्रैल की भुगतान तारीख के ही सही, मिल गए. फाइनल सेटलमेंट अभी नहीं हुआ है. अगली सुनवाई 1 मई को है. कर्मचारियों में एकजुटता और आक्रोश की आग जलाने के लिये असली बधाई के पात्र तो एसएन विनोद ही हैं जिनके नेतृत्व में ना जाने कितने मीडिया संस्थान खुले और बंद भी हो गए. फिर भी कोई ना कोई नवधनिक उनके कहने पर करोड़ों डुबाते ही रहते हैं. ये भी एक कला है. देखना है जीवन के बचे हुए वर्षों में एसएन विनोद कितने मालिकों और कितने मीडियाकर्मियों को चूना लगाते हैं.

जिया इंडिया के एक मीडियाकर्मी द्वारा भेजे गए पत्र पर आधारित.

इसे भी पढ़ें…

”मैंने एसएन विनोद की गलत नीतियों से नाराज होकर ‘जिया इंडिया’ से खुद इस्तीफा दिया”

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दूसरी बार भी न्यूज एक्सप्रेस में टिक नहीं पाए एसएन विनोद, अब दूसरी बार जिया न्यूज पहुंचे

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3 Comments

3 Comments

  1. tc chander

    March 30, 2015 at 4:34 pm

    मैंने सीनियर इण्डिया से जिया इण्डिया तक एस एन विनोद के लिए काफ़ी काम किया पर आजतक एक धेला नहीं मिल सका। इस बार तो काफ़ी बीमार रहने पर भी काम किया।
    सीनियर इण्डिया में एस एन विनोद के बाद अगले सम्पादक विनोद श्रीवास्तव नामक सम्पादक वायदों के साथ पिछले-अगले (तत्कालीन) भुगतान का झुनझुना दूर से ही दिखाया।
    अब यदि ऐसे लोग गरम तवे पर बैठकर भी काम के बदले भुगतान की कसम खाएं तो भी इनके लिए काम नहीं करूंगा।

  2. Anjali Jain

    March 31, 2015 at 1:19 am

    Maine to Jiya News platform ko bharpur use kiya. Vahan reporter thi. E24 aakar anchor ban gayi.

  3. Vidya

    March 31, 2015 at 1:23 am

    Sabko pata hai teri aur Sant ki setting. Jisse ek word nahi bola jata. Na koi jankari. Sab E24 men anchor bane huy hain

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