हिंदू राजाओं पर विजय के प्रतीक के रूप में निर्मित है कुतुब मीनार! (देखें वीडियो)

कुतुब मीनार भारत में दक्षिण दिल्ली शहर के महरौली में स्थित है. यह ईंट से बनी विश्व की सबसे ऊंची मीनार है. इसकी ऊँचाई 72.5 मीटर (237.86 फीट) और व्यास 14.3 मीटर है जो ऊपर जाकर शिखर पर 2.75 मीटर (9.02 फीट) हो जाता है. इसमें 379 सीढियां हैं. कहा जाता है कि दिल्‍ली के अंतिम हिन्‍दू शासक की हार के तत्‍काल बाद 1193 में कुतुबुद्दीन ऐबक ने कुतुब मीनार को बनवाया. कुतुब मीनार पुरातन दिल्ली शहर, ढिल्लिका के प्राचीन किले लालकोट के अवशेषों पर बनी है. ढिल्लिका अन्तिम हिन्दू राजाओं तोमर और चौहान की राजधानी थी.

इस मीनार के निर्माण उद्देश्य के बारे में कहा जाता है कि यह कुव्वत-उल-इस्लाम मस्जिद से अजान देने, निरीक्षण एवं सुरक्षा करने या इस्लाम की दिल्ली पर विजय के प्रतीक रूप में बनी. कुछ पुरातत्व शास्त्रियों का मत है कि इसका नाम प्रथम तुर्की सुल्तान कुतुबुद्दीन ऐबक के नाम पर पडा. वहीं कुछ यह मानते हैं कि इसका नाम बग़दाद के प्रसिद्ध सन्त कुतुबुद्दीन बख्तियार काकी के नाम पर है, जो भारत में वास करने आये थे. इल्तुतमिश उनका बहुत आदर करता था, इसलिये कुतुब मीनार को यह नाम दिया गया.

इसके शिलालेख के अनुसार, इसकी मरम्मत फ़िरोज शाह तुगलक ने (1351–88) और सिकंदर लोधी ने (1489–1517) करवाई. मेजर आर.स्मिथ ने इसका जीर्णोद्धार 1829 में करवाया था. मीनार के निकट भारत की पहली क्‍वातुल-इस्‍लाम मस्जिद है. कहा जाता है कि यह 27 हिन्‍दू मंदिरों को तोड़कर इसके अवशेषों से निर्मित की गई है. इस मस्जिद के प्रांगण में एक 7 मीटर ऊँचा लौह-स्‍तंभ है. यह कहा जाता है कि यदि आप इसके पीछे पीठ लगाकर इसे घेराबंद करते हो जो आपकी इच्‍छा होगी पूरी हो जाएगी.

कुतुबमीनार का निर्माण विवादपूर्ण है. कुछ मानते हैं कि इसे विजय की मीनार के रूप में भारत में मुस्लिम शासन की शुरुआत के रूप में देखा जाता है. कुछ मानते हैं कि इसका निर्माण मुअज्जिन के लिए अजान देने के लिए किया गया है. अफ़गानिस्तान में स्थित, जाम की मीनार से प्रेरित एवं उससे आगे निकलने की इच्छा से, दिल्ली के प्रथम मुस्लिम शासक कुतुबुद्दीन ऐबक, ने कुतुब मीनार का निर्माण सन 1193 में आरम्भ करवाया. मीनार के चारों ओर बने अहाते में भारतीय कला के कई उत्कृष्ट नमूने हैं, जिनमें से अनेक इसके निर्माण काल सन 1193 या पूर्व के हैं. यह परिसर यूनेस्को द्वारा विश्व धरोहर के रूप में स्वीकृत किया गया है.

वीडियो देखने के लिए नीचे क्लिक करें…

https://www.youtube.com/watch?v=dREDn-zicZ8



भड़ास का ऐसे करें भला- Donate

भड़ास वाट्सएप नंबर- 7678515849



Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *