घुमक्कड़ी : कोरापुट घूम आए युवा पत्रकार सक्षम द्विवेदी

पर्यटन हमारे देश के जन मानस में व्याप्त है। चाहे तीर्थ यात्रा हो, स्कूल टूर हो या फिर फक्कड़ी यात्रा…. भारत के लोगों को घूमना बेहद पसंद है… अब तो ट्रैकिंग, बंजी जम्पिंग, राफ्टिंग जैसी विधाओं ना सिर्फ एडवेंचर पर्यटन को बढ़ावा दिया बल्कि हर तरह के भ्रमण को और रोमांचकारी बना दिया। Share on:कृपया …

प्रदूषित दिल्ली से भागे यशवंत अबकी बुलेट यात्रा करते पहुंचे खजुराहो, देखें वीडियो

Yashwant Singh : नगर निगम अतिथि गृह कानपुर से आगे का सफ़र…. मोतीझील का फेवरिट ब्रेड बटर गिलास भर मसाला मट्ठे के साथ मारा तो ताज़गी दुगुनी हो गई। ‘बेस्वाद’ वाले ठेले पर ताजे निकाले गए लौकी एलोविरा गाजर चुकंदर मिक्स जूस ने नाश्ते का सुख चरम पर पहुंचा दिया। निकलते निकलते भाई Manish Dubey …

एक पत्रकार के आवाज उठाने पर यूं रुकी शनि शिंगणापुर में भक्तों से होने वाली लूट!

जनवरी 2009 की बात है। पहली बार साईं बाबा के दर्शन के लिए सपरिवार शिरडी गया था। वहां से शनि शिंगणापुर भी गया था, क्योंकि बहुत नाम सुना था। ये भी सुना था कि यहां किसी घर में ताला नहीं लगता। जब हमारी गाड़ी शनि शिंगणापुर पहुंची तो मंदिर के पास पार्किंग में रुकी। वहां …

मां विंध्यवासिनी धाम पहुंचे ‘आजतक’ के वरिष्ठ पत्रकार ने लिखा- यहां तो ‘गुंडों’ का कब्जा है!

मां विंध्यवासिनी के धाम पर ‘गुंडों’ का कब्जा.. जी हां, आपने सही पढ़ा है। विंध्याचल में मां विंध्यवासिनी के धाम पर गुंडों का कब्जा हो गया है। ये गुंडे कोई और नहीं यहां के कुछ अवैध पंडे हैं या पंडों के भेष में कुछ गुंडे हैं। माथे पर त्रिपुंड, गले में सोने की मोटी मोटी …

राजगीर : ऐतिहासिक पंच पहाड़ियों से घिरे और पवित्र ब्रह्मकुंड वाले नगर में मलमास मेला शुरू

मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार ने आज राजगीर मलमास मेला 2018 का उद्घाटन फीता काटकर किया। मलमास (पुरुषोत्तम मास) मेला के उद्घाटन समारोह में सम्मिलित मुख्यमंत्री ने सबसे पहले सप्तधारा ब्रह्मकुंड में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पूजा-अर्चना करने के बाद महाआरती में हिस्सा लिया। ब्रह्मकुंड के पास स्थित श्री महालक्ष्मी मंदिर प्रांगण में मुख्यमंत्री ने ध्वजारोहण …

घुमक्कड़ों, यूनेस्को प्रमाणित ‘रम्माण मेला’ देखने 26 अप्रैल को जोशीमठ पहुंचो Video

नृत्य के जरिए रामलीला मंचन की अनूठी परंपरा है ‘रम्माण मेला’ जोशीमठ। विश्व सांस्कृतिक धरोहर ‘रम्माण मेला’ 26 अप्रैल को आयोजित किया जाएगा। धार्मिक पंरपरा के अनुसार भूमि क्षेत्रपाल देवता के अपने मूल स्थान पर प्रतिष्ठित होने के बाद इस वर्ष रम्माण मेले के आयोजन की तिथि निश्चित की गई। पंचाग गणना के अनुसार इस …

रामराजा का शहर ‘ओरछा’ यानि ऐतिहासिक आख्यानों वाला एक अदभुत स्थान (देखें वीडियो)

ओरछा वैसे तो मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ जिले का कस्बा है लेकिन यह यूपी के झांसी जिला मुख्यालय से मात्र 17 किलोमीटर की दूरी पर है. इस कस्बे में दर्जनों ऐतिहासिक आख्तानों के सजीव चिन्ह मिलते हैं. भड़ास के एडिटर यशवंत सिंह विकास संवाद द्वारा आयोजित मीडिया कानक्लेव में शिरकत करने पहुंचे तो उन्होंने ओरछा …

गंगोत्री और केदारनाथ की यात्रा : एक संस्मरण

रासबिहारी पाण्डेय

बहुत दिनों से उत्तराखंड भ्रमण की इच्छा थी। वैसे तो उत्तराखंड को देवभूमि कहा गया है। यहाँ बहुतेरे तीर्थस्थल और ऐतिहासिक महत्त्व के दर्शनीय स्थल हैं लेकिन उन सबमें यमुनोत्री, गंगोत्री,  केदारनाथ और बदरीनाथ प्रमुख हैं। अक्सर ये यात्राएं लोग समूह में करते हैं, बसों से या छोटी गाड़ियाँ रिजर्व करके। ये बस और छोटी गाड़ियों वाले ड्राइवर यात्रियों को एक निश्चित समय देते हैं जिसके भीतर यात्रियों को लौटकर एक निश्चित स्थान पर आना होता है। मेरे एक मित्र ने बताया कि निश्चित समय होने की वजह से कभी कभी कई लोग बिना दर्शन लाभ लिए बीच रास्ते से ही लौटकर उक्त स्थान पर चले आते हैं ताकि अगली यात्रा के लिए प्रस्थान कर सकें।

हिंदू राजाओं पर विजय के प्रतीक के रूप में निर्मित है कुतुब मीनार! (देखें वीडियो)

कुतुब मीनार भारत में दक्षिण दिल्ली शहर के महरौली में स्थित है. यह ईंट से बनी विश्व की सबसे ऊंची मीनार है. इसकी ऊँचाई 72.5 मीटर (237.86 फीट) और व्यास 14.3 मीटर है जो ऊपर जाकर शिखर पर 2.75 मीटर (9.02 फीट) हो जाता है. इसमें 379 सीढियां हैं. कहा जाता है कि दिल्‍ली के अंतिम हिन्‍दू शासक की हार के तत्‍काल बाद 1193 में कुतुबुद्दीन ऐबक ने कुतुब मीनार को बनवाया. कुतुब मीनार पुरातन दिल्ली शहर, ढिल्लिका के प्राचीन किले लालकोट के अवशेषों पर बनी है. ढिल्लिका अन्तिम हिन्दू राजाओं तोमर और चौहान की राजधानी थी.

जिंदगी ओएलएक्स ओला से लेकर ब्ला ब्ला तक…. तो गाइए, झिंगालाला… झिंगालाला…

Yashwant Singh : जिंदगी ओला ओएलएक्स से लेकर ब्ला ब्ला तक हो गई है.. कार बेचने के बाद पैदल होने का जो अदभुत अकल्पनीय सुख उठा रहा हूं, उसे शेयर करने का मन नहीं कर रहा है लेकिन कर ही देता हूं क्योंकि अपनी फिलासफी जोत से जोत जलाए रखने वाली रही है. दिल्ली नोएडा मेट्रो से आने-जाने में क्या खूब सुकून मिलता है. इतनी सस्ती और इतनी द्रुतगामी सेवा दिल्ली में कोई दूसरी नहीं. द्रुतगामी इसलिए कि दिल्ली की सड़कों पर कार के सागर में फंस कर चींटी माफिक खिसक रहे कार मालिकों के दयनीय चेहरे देखकर यही लगता है कि सबसे द्रुतगामी अपनी मेट्रो रानी.