Connect with us

Hi, what are you looking for?

Local News Community

उत्तर प्रदेश

फर्जी इंस्टीट्यूट ‘राधा गोविंद इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी’ के खिलाफ एफआईआर का आदेश

उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद से बड़ी खबर। न्यायलय ने दिया फर्जी इंस्टीट्यूट के खिलाफ एफआईआर का आदेश। एक छात्र पारस ने अपनी शिकायत जिले के पुलिस अधीक्षक से लेकर मुख्यमंत्री तक की लेकिन विडंबना देखिए कि उसकी किसी ने नहीं सुनी। उसकी शिकायत थी कि वह जिस इंस्टीट्यूट में पढ़ रहा था वह फर्जी है। उसके अनुसार उस जैसे हजारों विद्यार्थियों का भविष्य बर्बाद किया जा रहा है। वह कहता रहा लेकिन सुनने वाला कौन था। आखिरकार उसने एक आरटीआई लगाई और फिर सच प्रामाणिक और लिखित तौर पर सामने आया। इसके बाद न्यायालय की शरण ली और जहां से इंस्टीट्यूट के खिलाफ मामला दर्ज करा सका।

उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद से बड़ी खबर। न्यायलय ने दिया फर्जी इंस्टीट्यूट के खिलाफ एफआईआर का आदेश। एक छात्र पारस ने अपनी शिकायत जिले के पुलिस अधीक्षक से लेकर मुख्यमंत्री तक की लेकिन विडंबना देखिए कि उसकी किसी ने नहीं सुनी। उसकी शिकायत थी कि वह जिस इंस्टीट्यूट में पढ़ रहा था वह फर्जी है। उसके अनुसार उस जैसे हजारों विद्यार्थियों का भविष्य बर्बाद किया जा रहा है। वह कहता रहा लेकिन सुनने वाला कौन था। आखिरकार उसने एक आरटीआई लगाई और फिर सच प्रामाणिक और लिखित तौर पर सामने आया। इसके बाद न्यायालय की शरण ली और जहां से इंस्टीट्यूट के खिलाफ मामला दर्ज करा सका।

मामला है राधा गोविंद इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी का जिस पर फर्जी इंस्टीट्यूट होने का आरोप है। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट चंदौसी मुरादाबाद ने अपने आदेश में कहा कि प्रथम दृष्टया यह मामला संज्ञेय अपराध है और स्वीकार करने के योग्य है। न्यायालय ने थाना बनियाठेर को आदेशित करते हुए कहा किप्रार्थना पत्र अंतर्गत धारा 156 3 में वर्णित तथ्यों के आधार पर सुसंगत धाराओं में मामला दर्ज कर नियमानुसार विवेचना कराया जाना सुनिश्चित किया जाए। उक्त मामले के आरोपी हैं पवन कुमार शर्मा चेयरमैन मनोज तोमर, मैनेजिंग डायरेक्टर और आशीष कुमार डायरेक्टर। अब यह बात उठना लाजमी है कि एक इंस्टीट्यूट खुलेआम फर्जी रूप से चलता रहा और सारे जिम्मेदार मौन रहे। आखिर पारस की शिकायत क्यों नहीं सुनी गई और खुले आम फर्जी इंस्टीट्यूट कैसे चलता रहा?

वैसे भी तथ्यों के आधार पर यह गंभीर सवाल उठना लाजमी है। यह खुद को हापुड़ दिल्ली रोड पर स्थित मोनाड विश्वविद्यालय से संबद्ध घोषित कर रहा था लेकिन मोनाड विश्वविद्यालय ने लिखित में कहा कि उक्त परिसर के अतिरिक्त उसके कोई सम्बन्धित परिसर हैं ही नहीं। अगर आरोप सही है तो फिर राधा गोविन्द इंस्टीट्यूट ऑफ टैक्नोलॉजी निकट अकरोली चौराहा चंदौसी जिला सम्भल जैसे इंस्टrट्यूट, स्कूल, या फिर विश्वविद्यालय उत्तर प्रदेश में खुलेतौर पर हजारों छात्रों का भविष्य बर्बाद करते रहे और हमारी सरकार शिक्षा क्षेत्र में ‘पूरे होते वादे’ के विज्ञापनों से जनता को अपना बेसुरा राग सुनाती रही। क्या ऐसा ही संवरेगा हमारा आज? क्या ऐसे अपराध पूर्ण समाज से बनेगा हमारा कल? क्या यहीं है वह पूरे होते वादे? क्या यहीं है हमारा उत्तम प्रदेश उत्तर प्रदेश?

रामजी मिश्र ‘मित्र’ की रिपोर्ट.

CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

भड़ास लीगल टीम : Bhadas Legal Team

भड़ास मेल: [email protected]

Latest 100 भड़ास

विज्ञापन