पत्रकार महेंद्र अग्रवाल की चारसौबीसी : फर्जी अखबार ‘कूटचक्र’ के नाम विज्ञापन लेकर सरकार को लगाया चूना!

लखनऊ : भारत के समाचारपत्रों के पंजीयक के कार्यालय की वेबसाइट के अनुसार देश में हिंदी भाषा के समाचार पत्र-पत्रिकाओं के 52050 टाइटल पंजीकृत हैंl पत्रकारिता के क्षेत्र में कुछ ‘भेंड़ की खाल में छुपे भेड़ियों’ ने फर्जी समाचार पत्र-पत्रिकाओं के नाम पर सरकारी और प्राइवेट विज्ञापन लेने जैसे अनेकों गैरकानूनी काम फैला दिया है। इससे पत्रकारिता के क्षेत्र को भी बदनामी के दलदल में घसीटने का काम शुरू कर दिया हैl लखनऊ की समाजसेविका और आरटीआई कार्यकत्री उर्वशी शर्मा ने तथाकथित पत्रकारों द्वारा फर्जी अखबारों को खड़ा करके इन अखबारों के माध्यम से अपराध किये जाने का खुलासा किया है।

साथ ही भारत के समाचारपत्रों के पंजीयक द्वारा समाचार पत्र-पत्रिकाओं का पंजीकरण करने और भारत सरकार के विज्ञापन और दृश्य प्रचार निदेशालय द्वारा समाचार पत्र-पत्रिकाओं को विज्ञापन आवंटित करने की प्रणाली की ईमानदारी पर प्रश्नचिन्ह लगाकर इन संस्थाओं को भी कठघरे में खड़ा कर दिया हैl

मामला सोनभद्र का है जहाँ से प्रकाशित होने वाले हिंदी साप्ताहिक अखबार ‘कूटचक्र’ के फर्जी होने की बात एक पुलिस जांच से सामने आई हैl बताते चलें कि सोनभद्र के रहने वाले महेंद्र अग्रवाल का यह हिंदी साप्ताहिक समाचार पत्र बाकायदा भारत के समाचारपत्रों के पंजीयक के कार्यालय से पंजीकृत हैl समाचारपत्रों के पंजीयक की वेबसाइट के अनुसार इस अखबार के पब्लिशर, प्रिंटर, एडिटर और ओनर महेंद्र अग्रवाल हैं जिसका पता अनपरा, सोनभद्र, उत्तर प्रदेश हैl यह वेबसाइट सोनभद्र, उत्तर प्रदेश में ‘कूटचक्र’ के नाम से एक प्रिंटिंग प्रेस का होना भी बताती है जहाँ इस अखबार की छपाई की जाती हैl

उर्वशी को पता चला कि यह समाचार पत्र फर्जी और जेबी है जिसकी मात्र फाइल कॉपी लखनऊ के रहने वाले महेंद्र अग्रवाल द्वारा लखनऊ में ही छाप ली जाती है। कूटरचित प्रपत्र बनाकर सोनभद्र के फर्जी पते पर इस अखबार का पंजीकरण कराया गया है। फर्जी प्रिंटिंग प्रेस से इसका बड़ी संख्या में छपना दिखाकर सरकारी विज्ञापन लेकर सरकार के साथ धोखाधड़ी की जा रही है। लोगों को ब्लैकमेल करने का अपराध भी किया जा रहा है। उर्वशी ने सूबे के युवा मुख्यमंत्री अखिलेश यादव द्वारा शुरू किये गए जनसुनवाई पोर्टल पर अपनी शिकायत दर्ज करा दी हैl

उर्वशी की शिकायत पर सोनभद्र के पुलिस अधीक्षक ने अनपरा थाने द्वारा जो स्थलीय जांच कराई है उसमें यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है कि सोनभद्र जिले में न तो ‘कूटचक्र’ नाम के किसी अखबार का कोई कार्यालय है, न प्रिंटिंग प्रेस है, न इस अखबार की कोई छपाई होती है। स्थानीय मीडिया को भी ऐसे किसी भी समाचारपत्र की कोई जानकारी नहीं हैl यह जांच आख्या थाना अनपरा जिला सोनभद्र के उपनिरीक्षक विनोद कुमार यादव ने बीते 21 नवम्बर को तैयार की है जिसके आधार पर अब उर्वशी ने महेंद्र अग्रवाल को फ्रॉड बताते हुए सोनभद्र के हिंदी साप्ताहिक समाचार पत्र ‘कूटचक्र’ को पूरी तरह से फर्जी अखबार बताया हैl

बकौल उर्वशी पुलिस जांच से यह प्रमाणित हो गया है कि महेंद्र अग्रवाल ने फर्जीवाड़े से कूटरचित अभिलेखों के आधार पर इस जेबी अखबार का सर्कुलेशन 25500 दिखाकर इस फर्जी अखबार के लिए भारत सरकार के विज्ञापन और दृश्य प्रचार निदेशालय से वित्तीय वर्ष 2015-16 में 3708 Rs. के और वित्तीय वर्ष 2016-17 में अब तक 7270Rs. के विज्ञापन हासिल करके सरकार के साथ वित्तीय धोखाधड़ी भी की हैl

उर्वशी के मुताबिक महेंद्र फर्जी अखबार कूटचक्र के नाम पर सरकारी और निजी क्षेत्र की कंपनियों, प्रतिष्ठानों आदि को ब्लैकमेल कर धनउगाही की जाती है। ब्लैकमेलिंग के पैसों से इस शातिर कथित पत्रकार ने न केवल लखनऊ के हजरतगंज जैसे पॉश इलाके में आवास बना रखा है अपितु गोमती पार नए लखनऊ की कई कॉलोनियों में फ्लैट भी ले रखे हैं जिनकी जांच आवश्यक है। उन्होंने 326-A, प्रिंस काम्प्लेक्स, हजरतगंज, लखनऊ निवासी  महेंद्र अग्रवाल के खिलाफ प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराकर कठोर विधिक कार्यवाही कराने और अखबार का पंजीकरण तत्काल समाप्त कर विज्ञापन की धनराशि की वसूली कराने की कार्यवाही कराने के लिए प्रार्थना पत्र पुलिस विभाग और सूचना विभाग के अधिकारियों को प्रेषित कर दिए हैंl

Urvashi Sharma
Social Activist
102, Narayan Tower, Opposite F block Idgah
Rajajipuram, Lucknow-226017, Uttar Pradesh,India
Contact 9369613513

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फर्जी इंस्टीट्यूट ‘राधा गोविंद इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी’ के खिलाफ एफआईआर का आदेश

उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद से बड़ी खबर। न्यायलय ने दिया फर्जी इंस्टीट्यूट के खिलाफ एफआईआर का आदेश। एक छात्र पारस ने अपनी शिकायत जिले के पुलिस अधीक्षक से लेकर मुख्यमंत्री तक की लेकिन विडंबना देखिए कि उसकी किसी ने नहीं सुनी। उसकी शिकायत थी कि वह जिस इंस्टीट्यूट में पढ़ रहा था वह फर्जी है। उसके अनुसार उस जैसे हजारों विद्यार्थियों का भविष्य बर्बाद किया जा रहा है। वह कहता रहा लेकिन सुनने वाला कौन था। आखिरकार उसने एक आरटीआई लगाई और फिर सच प्रामाणिक और लिखित तौर पर सामने आया। इसके बाद न्यायालय की शरण ली और जहां से इंस्टीट्यूट के खिलाफ मामला दर्ज करा सका।

मामला है राधा गोविंद इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी का जिस पर फर्जी इंस्टीट्यूट होने का आरोप है। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट चंदौसी मुरादाबाद ने अपने आदेश में कहा कि प्रथम दृष्टया यह मामला संज्ञेय अपराध है और स्वीकार करने के योग्य है। न्यायालय ने थाना बनियाठेर को आदेशित करते हुए कहा किप्रार्थना पत्र अंतर्गत धारा 156 3 में वर्णित तथ्यों के आधार पर सुसंगत धाराओं में मामला दर्ज कर नियमानुसार विवेचना कराया जाना सुनिश्चित किया जाए। उक्त मामले के आरोपी हैं पवन कुमार शर्मा चेयरमैन मनोज तोमर, मैनेजिंग डायरेक्टर और आशीष कुमार डायरेक्टर। अब यह बात उठना लाजमी है कि एक इंस्टीट्यूट खुलेआम फर्जी रूप से चलता रहा और सारे जिम्मेदार मौन रहे। आखिर पारस की शिकायत क्यों नहीं सुनी गई और खुले आम फर्जी इंस्टीट्यूट कैसे चलता रहा?

वैसे भी तथ्यों के आधार पर यह गंभीर सवाल उठना लाजमी है। यह खुद को हापुड़ दिल्ली रोड पर स्थित मोनाड विश्वविद्यालय से संबद्ध घोषित कर रहा था लेकिन मोनाड विश्वविद्यालय ने लिखित में कहा कि उक्त परिसर के अतिरिक्त उसके कोई सम्बन्धित परिसर हैं ही नहीं। अगर आरोप सही है तो फिर राधा गोविन्द इंस्टीट्यूट ऑफ टैक्नोलॉजी निकट अकरोली चौराहा चंदौसी जिला सम्भल जैसे इंस्टrट्यूट, स्कूल, या फिर विश्वविद्यालय उत्तर प्रदेश में खुलेतौर पर हजारों छात्रों का भविष्य बर्बाद करते रहे और हमारी सरकार शिक्षा क्षेत्र में ‘पूरे होते वादे’ के विज्ञापनों से जनता को अपना बेसुरा राग सुनाती रही। क्या ऐसा ही संवरेगा हमारा आज? क्या ऐसे अपराध पूर्ण समाज से बनेगा हमारा कल? क्या यहीं है वह पूरे होते वादे? क्या यहीं है हमारा उत्तम प्रदेश उत्तर प्रदेश?

रामजी मिश्र ‘मित्र’ की रिपोर्ट.

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कथित पत्रकार ने ‘इंडिया टीवी’ के नाम पर आधा दर्जन सरपंचों से लाखों रुपये की ठगी कर ली

अपने आपको पत्रकार बताने वाले एक व्यक्ति ने इंडिया टीवी के नाम पर आधा दर्जन सरपंचों को ठग लिया. छत्तीसगढ़ में जांजगीर-चांपा से खबर है कि अपने आपको इंडिया टीवी का पत्रकार बताते हुए शातिर ठग ने पहले सचिवों तथा सरपंचों से उनके गांव के विकास कार्यों के बारे में जानकारी ली. फिर कुछ दिनों बाद वो वापस पहुंचकर समाचार के बदले पन्द्रह पंद्रह सौ रुपए की मांग करने लगा. पन्द्रह सौ रुपए का चेक दिए जाने पर उस शातिर ठग ने उसमें कूटरचना कर आधा दर्जन सरपंचों से लाखों रूपए ठग लिए. निर्माण कार्यों के लिए राशि निकलवाने बैंक पहुंचने पर सरपंचों को खाते में राशि नहीं होने पर ठगे जाने का अहसास हुआ जिसके बाद सरपंचों ने मामले की शिकायत जांजगीर थाने में की है.

ग्राम पंचायत हरदी हरि के सरपंच नारदप्रसाद कश्यप पिता लल्लूराम कश्यप ने बताया कि एक माह पूर्व एक व्यक्ति खुद को इंडिया टीवी का पत्रकार बताते हुए आया और गांव में हुए विकास कार्यों के बारे में इंटरव्यू लिया. फिर वहा सरपंच श्रीमती सुकबाई के पास पहुंचा तथा उससे भी गांव में हुए विकास कार्यों के संबंध में इंटरव्यू लिया. जाते समय समाचार चलने पर शुल्क लगने की बात कही. दो दिन बाद उसने समाचार के एवज में पन्द्रह सौ रूपए की मांग की. उस समय पैसा नहीं दिए जाने पर बाद में आने की बात कहकर वह चला गया.

20 जून 2016 को फिर आने पर सरपंच एवं सचिव ने अपने हस्ताक्षर कर उसे ग्रामीण बैंक शाखा जांजगीर का एक हजार पांच सौ रूपए का चेक क्रमांक 786269 पंचायत प्रस्ताव की कापी के साथ दे दिया. दो दिन बाद वापस गांव पहुंचकर ठग ने उस पंचायत प्रस्ताव के आधार पर बैंक से राशि नहीं निकलने की बात कहते हुए अपने हाथ से लिखकर लाए गए पंचायत प्रस्ताव पर हस्ताक्षर करने के लिए कहा जिस पर सरपंच एवं सचिव ने हस्ताक्षर कर दिए. 16 जुलाई को सांसद मद से ग्राम पंचायत हरदी हरि में बनवाए गए सीसी रोड का पैसा निकलवाने के लिए सरपंच एवं सचिव जब ग्रामीण बैंक की जांजगीर शाखा पहुंचे तो उन्हें अपने खाते में राशि नहीं होने और 6 लाख 1 हजार पांच सौ रूपए निकलवाए जाने की जानकारी हुई.

नवागढ़ सचिव संघ के अध्यक्ष भूपेन्द्र सिंह गहलौत ने बताया कि अपने आपको इंडिया टीवी का रिपोर्टर बताने वाले उस ठग के शिकार नवागढ़ ब्लाक के ही आधा दर्जन पंचायत के सरपंच हुए हैं. शातिर ठग ने सभी से 1 हजार 5 सौ रूपए का चेक लिया था जिसमें कूटरचना कर ग्राम पंचायत जगमहंत के खाते से 3 लाख 1 हजार 5 सौ, हरदी हरि के खाते से 6 लाख 1 हजार 5 सौ, पचेड़ा के खाते से 2 लाख 1 हजार 5 सौ, ग्राम पंचायत गौद के खाते से 91 हजार 5 सौ तथा दो अन्य पंचायतों के खाते से भी लाखों रुपये निकाल लिए.

इंडिया टीवी के नाम से जो बिल ठग ने सरपंचों को दी है उसे देखते ही उसके फर्जी होने का अहसास हो रहा है. बिल में इंडिया टीवी का मोनो अथवा लेटर पेट के स्थान पर सामान्य रूप से ही इंडिया टीवी लिखा है तथा उसके कार्यालय के रूप में भारत टाकीज, जुब्लेरी बिल्डिंग इन्द्रपुरी भोपाल मध्यप्रदेश का पता तथा प्रधान कार्यालय शाप नं.9, शिवाजी नगर, एलएमरोड, बोरीबली वेष्ट, लैन्डमार्क माउस प्रोयसर चर्च मुम्बई 400103 भारत लिखा हुआ है. बिल में दिए ईमेल एड्रेस सहित इसके नियम और शर्ते इसे संदेहास्पद बनाते हैं जिसमें कंपनी के नाम पर चेक बनाए जाने की जगह चेक अथवा ड्राफ्ट प्रतिनिधि या ब्यूरो चीफ के नाम से ही बनाए जाने की बातें लिखी है वहीं संवाददाता के नाम के स्थान पर आशीष तिवारी लिखा गया है. थाना प्रभारी जांजगीर बी.एस. खूंटिया ने बताया कि सरपंचों द्वारा ठगी का शिकार होने की लिखित शिकायत की गई है. मामले की जांच के बाद उचित कार्यवाही की जावेगी.

नीचे दी गई तस्वीर में थाने में शिकायत करने पहुंचे ठगी के शिकार सरंपच और सचिव दिख रहे हैं.

छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस के संपादक राजेश सिंह क्षत्री की रिपोर्ट.

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भास्कर डाट काम ने नेशनल सिक्युरिटी एडवाइजर अजित डोभाल का झूठा इंटरव्यू छापा

भास्कर डाट काम की जिस खबर पर बवाल मचा है, उसके बारे में कुछ तथ्य साझा करना चाहता हूं. भास्कर डाट काम ने नेशनल सिक्युरिटी एडवाइजर अजित डोभाल का झूठा इंटरव्यू छापा था. जिसका डोभाल ने तत्काल  खंडन कर दिया लेकिन भास्कर बेशर्मी से इंटरव्यू को अभी तक चलाये जा रहा है. कोई भी हिंदी मीडिया को गंभीरता से नहीं लेता उसका ये फायदा उठाते हैं. अगर यह इंटरव्यू किसी अंग्रेजी अखबार की साइट पर होता तो अब तक बवाल मच गया होता.

हकीकत यह है कि डोभाल साहब से कुछ मिनट की अनौपचारिक बातचीत में इस संवाददाता रोहिताश्व मिश्र ने सहमे अंदाज के एक दो सवाल पूछे उसके बाद पूरा इंटरव्यू मनगढ़ंत लिख के चला दिया. डोभाल साहब ने इस पर कारर्वाई करने को कहा है. इससे पहले भी यह संवाददाता पाकिस्तान जाकर दाउद के घर से खबर करने का झूठा दावा कर चुका है जबकि यह आज तक इंडिया से बाहर नहीं गया.

उस वक्त उसने जो खबर की थी वह कई महीने पहले एक्सप्रेस व हिंदू में छप चुकी थी. इंटरव्यू पढ़कर देखिये. क्या एनएसए इस भाषा में बात करता है. यह दसवीं पास पत्रकार की भाषा है. इस पत्रकार से ज्यादा तरस तो इस अखबार के मालिकों व संपादकों पर आता है जो ऐसे चोर व फर्जी पत्रकारों को अपने यहां जगह दिये हैं. इतना ही नहीं, एनएसए के खंडन के बाद उसे गाड़ी व सुरक्षा भी भास्कर प्रबंधन ने मुहैया करायी है. जय हो.

एक मीडियाकर्मी द्वारा भेजे गए पत्र पर आधारित.

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इंडिया न्यूज के बस्ती जिले के रिपोर्टर सतीश श्रीवास्तव सहित पांच लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज

बस्ती। नगर थाना क्षेत्र के पोखरनी गांव में धर्मांतरण के नाम पर चैनल की टीआरपी बढ़ाने को लेकर दिखाई गई खबर को जिला प्रशासन ने संज्ञान लिया. जांच कराने पर खबर और प्रकरण फर्जी पाया गया. इसको लेकर जिला प्रशासन ने कड़ा कदम उठाते हुए आपसी सौहार्द बिगाड़ने के मामले में इंडिया न्यूज के रिपोर्टर सतीश श्रीवास्तव सहित पांच लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज करा दिया.

मामला 19 दिसंबर 2014 का है जब बस्ती जिले में तैनात इंडिया न्यूज के रिपोर्टर सतीश श्रीवास्तव अपने चैनल की टीआरपी बढ़ाने के लिए नगर थाना क्षेत्र के पोखरनी गांव के निवासी संतोष कुमार पुत्र राम लखन चमार और गांव के ही विश्वनाथ पुत्र रामचेत के घर पहुंचे और वहां पर मौजूद घर की महिलाओं से पूछा कि तुम लोगों ने मुस्लिम धर्म क्यों अपना लिया है। इस पर महिलाओं ने बताया कि नहीं, हम हिन्दू ही हैं लेकिन हम मजार पर जाकर अपनी आस्था प्रकट करते हैं. इन सभी बात को इंडिया न्यूज के पत्रकार सतीश श्रीवास्तव ने रिकार्ड कर लिया. फिर इसे तोड़मरोड़ कर मजहबी रंग देकर अपने चैनल पर प्रसारित करा दिया.

धर्मांतरण की खबर फ्लैश होते ही जिला प्रशासन के हाथपांव फूल गए और आनन फानन में पोखरनी गांव में जिले के आलाधिकारी पंहुचे. पूरे मामले की जानकारी ली. उन्हें पता चला कि चैनल की टीआरपी बढ़ाने के लिए फर्जी तरीके से खबर को तोड़मरोड़ कर चलाया गया इससे समाज का सौहार्द बिगड़ सकता था. दो समुदायों के बीच कोई भी बड़ी घटना घट सकती थी. वहीं इस झूठी खबर का असर ये हुआ कि हिंदू युवा संगठन ने बाजार बंद कराया. बाद में महिला के पति संतोष की तहरीर पर पुलिस ने इंडिया न्यूज के बस्ती रिपोर्टर सतीश श्रीवास्तव सहित पांच लोगों पर मु0अ0सं0 1436/14 धारा 147, 295ए, 506, व अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति का मुकदमा दर्ज करके पूरे मामले की जांच सीओ कलवारी को सौंप दी है. इस संबध में विवेचक सीओ कलवारी प्रभंस राम ने बताया कि प्रथम दृष्टया आरोप सही है. विवेचना की जा रही है. सारे तथ्यों को इक्ठ्ठा कर कार्यवाही की जाएगी.

बस्ती से राजकुमार की रिपोर्ट. 

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भय दिखाकर वसूली करने वाले इस फर्जी पत्रकार की शक्ल याद रखिए, ये न तो दैनिक जागरण में है और न के. न्यूज में

सेवा में,
प्रभारी, साइबर सेल,
हजरतगंज,
जनपद लखनऊ

विषय- कथित पत्रकार रणजीत सिंह राठौड़, जनपद लखनऊ विषयक

महोदय,

कृपया निवेदन है कि मुझे कतिपय विश्वस्त सूत्रों द्वारा यह बताया गया कि रणजीत सिंह राठौड़ नाम के एक व्यक्ति स्वयं को पत्रकार बता कर ना सिर्फ तमाम लोगों पर गलत-सही रौब दिखा रहा है बल्कि वह इसके जरिये कई सरकारी कर्मियों को भय दिखा कर उनसे वसूली भी कर रहा है. मुझे जब इस बारे में विश्वास हो गया कि ये शख्स फर्जी है, तो इस प्रकरण में कार्यवाही कराने के लिए आवेदन कर रहा हूं.

फर्जी पत्रकार ने अपने फेसबुक वॉल पर खुद की यही फोटो डाल रखी है

सूत्रों द्वारा मुझे उस व्यक्ति का Ranjeet Singh Rathour नाम से फेसबुक एकाउंट (वेबलिंक https://www.facebook.com/ranjeet.singhrathour.92 ) भेजा गया जिस पर उसका पता लखनऊ का और मूल निवास लखीमपुर खीरी का बताया गया. इस एकाउंट में उसने खुद को crime reporter in samajwadi party and dainik jagran बताया है.  इसके अलावा इस फेसबुक एकाउंट में उसने खुद को न्यूज़ चैनल का भी पत्रकार बताते हुए एक फोटो लगा रखा है. फोटो उपर प्रकाशित है.

मैंने इस सम्बन्ध में दैनिक जागरण लखनऊ के जिम्मेदार पदाधिकारियों से बात की तो उन्होंने बताया कि उन्होंने भी सुन रखा है कि इस नाम का कोई आदमी उनके अख़बार का पत्रकार बन गलत काम कर रहा है. उन्होंने स्पष्ट किया कि इस आदमी का उनके अख़बार से कोई रिश्ता नहीं है पर वह फर्जी रूप से स्वयं को इस अख़बार का पत्रकार बता कर गलत काम कर रहा है.

मैंने के-न्यूज़ के भी जिम्मेदार लोगों से इस बारे में बात किया तो उन्होंने भी बताया कि उन्हें भी एक आदमी द्वारा के-न्यूज़ की आईडी लगा कर घुमने और गलत काम करने की शिकायत मिली है. उन्होंने मुझे व्हाट्सएप पर उस आदमी की फोटो भेजी जो हूबहू इसी आदमी श्री रणजीत सिंह राठौड़ की थी.

उपरोक्त तथ्यों से स्पष्ट होता है कि यह आदमी फर्जी रूप से स्वयं को दैनिक जागरण और के-न्यूज़ और शायद अन्य अख़बारों का पत्रकार बता कर इसके जरिये समाज में गलत काम कर रहा है. वह इसके लिए फेसबुक का भी अनुचित प्रयोग कर रहा है.

अतः आपसे निवेदन है कि कृपया इस व्यक्ति द्वारा इन्टरनेट और भौतिक जगत में स्वयं को गलत ढंग से पत्रकार बता कर लोगों को ठगने, गलत रौब दिखाने, इसके माध्यम से विधि-विरुद्ध कार्य करने आदि के मामले में रिपोर्ट दर्ज कर अग्रिम कार्यवाही करने की कृपा करें. निवेदन करूँगा कि यह कार्य व्यापक जनहित का है, जिसमे एक व्यक्ति द्वारा पत्रकारिता जैसे गंभीर कार्य को अनुचित, अनैतिक और अवैध हितों के लिए प्रयोग किया जा रहा है, अतः इस शिकायत पर प्राथमिकता देने की कृपा करें.

पत्रांक संख्या- AT/Comp/37/14 
दिनांक –    24/12/2014                                                                  
(अमिताभ ठाकुर)
5/426, विराम खंड,
गोमती नगर, लखनऊ
094155-34526

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ईटीवी का पत्रकार बताकर उगाही करने वाला शख्स धरा गया

मध्यप्रदेश के मंडला जिले में पंचायत सचिव से रंगदारी मांगते एक फर्जी पत्रकार को पुलिस ने गिरफ्तार किया है. कथित पत्रकार का नाम अमित मिश्रा है जो रीवा जिले के मऊगंज का निवासी है. पंचायत सचिव के अनुसार ये फर्जी पत्रकार अपने आपको ईटीवी न्यूज का संवाददाता बतलाकर पत्रकारिता का धौंस दिखा तीन हजार रुपयों की मांग कर रहा था.

इतना ही नहीं, कथित पत्रकार पंचायत सचिव को तीन अलग अलग पंचायतों से रंगदारी में मिले पांच पांच हजार के चेक दिखलाकर झांसे में लेने की कोशिश कर रहा था. शिकायतकर्ता ने सुनियोजित तरीके से रुपये देने के नाम पर फर्जी पत्रकार को बुलाया और पुलिस के हवाले कर दिया. बहरहाल पुलिस कथित पत्रकार से गहन पूछताछ में जुटी है. पुलिस की मानें तो आरोपी पत्रकार द्वारा लगातार भ्रामक जानकारियां दी जा रही है.

विजय तिवारी की रिपोर्ट.

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