सहारा समूह ने अपने बेचैन निवेशकों से कहा- ‘सरकार से नहीं, हमसे ही करें हमारी शिकायत!’

सहारा समूह ने अखबारों में फिर एक विज्ञापन दिया है. इस विज्ञापन में सहारा के निवेशकों को संबोधित करते हुए आश्वस्त किया गया है कि उन्हें उनका पेमेंट मिलेगा. साथ ही यह भी कहा गया है कि अगर पेमेंट नहीं मिल रहा है तो केंद्र या राज्य सरकारों के पास शिकायत करने की बजाय सहारा ग्रुप के शिकायती पोर्टल पर ही शिकायत करें जिससे पेमेंट जल्दी मिल जाए.

इस उलटबांसी भरे विज्ञापन के अर्थ लोग अपने अपने तरीके से निकाल रहे हैं. पहली नजर में ये विज्ञापन निवेशकों को आश्वस्त करने की बजाय भ्रमित कर रहा है. वहीं कुछ लोगों का कहना है कि सहारा ने जिस पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने के लिए कहा है वह अक्सर तकनीकी खराबी का शिकार रहता है.

देखें विभिन्न अखबारों में छपे सहारा के विज्ञापन…. साथ ही वो लिस्ट जिसमें विवरण है कि ये विज्ञापन कहां कहां और कितने स्पेश में प्रकाशित किए जाने हैं-

ज्ञात हो कि सहारा में पैसे लगाने वाले लोग बुरी तरह परेशान हैं. उन्हें मेच्योरिटी के बाद पैसे लौटाने की जगह उनके पैसे को दुबारा बिना उनकी मर्जी के निवेश कर दिया जा रहा है. किसी के चालीस लाख रुपये फंसे हैं तो किसी के चालीस हजार. देश भर में सहारा के निवेशक परेशान हैं और भुगतान के लिए सरकार की विभिन्न एजेंसियों में शिकायत दर्ज कराते रहते हैं. पर ऐसी शिकायतों का क्या हश्र होता है, ये भी सबको पता है. फिलहाल सहारा समूह ने अपने निवेशकों को भड़ास निकालने का एक नया अड्डा दे दिया है. पर निवेशक तो पैसे मांग रहे, सिर्फ शिकायत दर्ज कराना उनका मकसद नहीं. निवेशकों को भुगतान न मिलने से सहारा के एजेंट काफी परेशान हैं. निवेशकों का तात्कालिक कोप सहारा के एजेंटों को ही झेलना पड़ता है. इसी चक्कर में कई एजेंटों ने सुसाइड कर लिया.

संबंधित खबरें-

मुश्किलों में घिरे सहारा समूह के लिए दो दिशाओं से आईं राहत भरी दो खबरें

कल अखबारों में छपने वाले सहारा के फुल पेज विज्ञापन को आज ही देखें

सहारा समूह ने इंडियन एक्सप्रेस अखबार को लीगल नोटिस भेजा

  • भड़ास की पत्रकारिता को जिंदा रखने के लिए आपसे सहयोग अपेक्षित है- SUPPORT

 

 

  • भड़ास तक खबरें-सूचनाएं इस मेल के जरिए पहुंचाएं- bhadas4media@gmail.com

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *