राफेल विमान सौदों पर हुई रिपोर्टिंग से नाराज अनिल अंबानी ने एनडीटीवी पर दस हजार करोड़ का मुकदमा ठोका

अनिल अंबानी के रिलायंस ग्रुप ने एनडीटीवी पर 10 हजार करोड़ रुपये का मुकदमा ठोका है। राफेल विमान सौदों को लेकर एनडीटीवी की रिपोर्टिंग को लेकर यह मुकदमा अहमदाबाद की अदालत में किया गया है। इस मामले पर सुनवाई 26 अक्टूबर को होगी। Share on:कृपया हमें अनुसरण करें और हमें पसंद करें:

अनिल अंबानी का 175 करोड़ माफ

केंद्र के दबाव में राज्य सरकार ने माफ किए करोड़ों रुपए… सेवा के नाम पर अस्पताल में स्पॉ, सैलून और गिफ्ट शॉप का कारोबार… मुंबई। नागरिकों की सेवा करने के नाम पर अंधेरी स्थित कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी अस्पताल को सरकार द्वारा भूखंड दिया गया था, लेकिन अस्पताल द्वारा व्यापार किए जाने मामला सामने आया है। …

टैक्स चोर अनिल अंबानी का 1452 करोड़ का घोटाला

मुंबई। केंद्र सरकार और राज्य सरकार टैक्सी चोरी रोकने के लिए नित्य नए-नए कदम उठाने के साथ ही नागरिको में जनजागृति कर रही है। इसे लेकर जहां आम जनमानस में टैक्स जमा करने में वृद्धि हुई है, वहीं मुंबई में लाखों उपभोक्ताओं को बिजली आपूर्ति करने के दौरान बिल में सरकारी टैक्स वसूल किया गया …

मुकेश अंबानी अपने छोटे भाई अनिल अंबानी के कारोबार को लील गए!

तकनीक के तेवर रिश्तों को तहस नहस कर रहे हैं। मुकेश अंबाजी और अनिल अंबानी को ही देख लीजिए। दोनों भाई हैं। सगे भाई। धीरूभाई अंबानी के स्वर्ग सिधारते ही रिश्तों में दूरियां आ गई थी, और दोनों मन से बहुत दूर हो गए। फिर मोबाइल फोन के जिस धंधे में अनिल अंबानी थे, उसी मोबाइल की दुनिया में कदम रखते ही मुकेश अंबानी ऐसा भूचाल ले आए कि उनके स्मार्टफोन और फ्री डेटा से अनिल अंबानी की दुनिया न केवल हिलने लगी, बल्कि गश खाकर धराशायी हो गई। इन दिनों अनिल अंबानी की नींद उड़ी हुई है। वे धंधा समेटने की फिराक में है। वैसे भी वे कोई मुनाफे का धंधा नहीं कर रहे हैं। भारी कर्ज का बोझ उनके सर पर है और बहुत आसानी से इससे उबरने की फिलहाल कोई गुंजाइश नहीं है।

अनिल अंबानी ने TOI पर ठोका 5 हजार करोड़ की मानहानि का मुकदमा

अनिल अंबानी ने टाइम्स ऑफ इंडिया पर पाँच हज़ार करोड़ की मानहानि का दावा ठोका है। भारतीय मीडिया के इतिहास में अब तक किसी मीडिया ग्रुप पर लगाया गया मानहानि का ये सबसे बड़ा दावा है। सीएजी यानी कैग की ड्राफ्ट रिपोर्ट के आधार टाइम्स ऑफ इंडिया ने 18 अगस्त को अपने अखबार में कई लेख प्रकाशित किए थे। जिसमें अंबानी की बिजली कंपनी बीएसईस के खातों में कई तरह की गड़बड़ियाँ पाए जाने की बात कही गई थी।