दैनिक भास्कर के जालंधर आफिस की कुर्की का आदेश

मजीठिया वेजबोर्ड का बकाया ना देने के कारण होगी कार्रवाई… ए.एल.सी. द्वारा पास किया 23.52 लाख का क्लेम ब्याज सहित अदा ना किया तो होगी भास्कर कार्यालय की नीलामी… पंजाब के फिरोजपुर से एक बड़ी खबर आ रही है। यहां सहायक लेबर कमिश्रर फिरोजपुर की कोर्ट द्वारा भास्कर कर्मी राजेन्द्र मल्होत्रा को 23 लाख 52 …

मजीठिया जंग : हेमकांत को स्टे के बावजूद ऑफिस में न घुसने देने वाले दैनिक भास्कर प्रबंधन पर कोर्ट ने शुरू की अवमानना कार्रवाई

मजीठिया मांगने वाले हेमकांत चौधरी को ट्रांसफर पर स्टे के बावजूद ऑफिस में नहीं घुसने देने वाले दैनिक भास्कर के अफसरों पर कोर्ट ने शुरू की अवमानना कार्रवाई… तीन महीने जेल की सजा और 5000 जुर्माना होना तय, भास्कर के अफसरों में हड़कंप… मजीठिया मामले में अब तक की सबसे बड़ी खबर महाराष्ट्र के औरंगाबाद से प्रकाशित होने वाले दैनिक भास्कर के मराठी अखबार दिव्य मराठी से आई है। यहाँ प्रबंधन की लगातार धुलाई कर रहे हेमकांत चौधरी ने अबकी बार प्रबंधन के चमचों को पटखनी देते हुए एक ही दांव में न केवल धूल चटा दी है बल्कि चारों खाने चित्त कर दिया है।

डीबी कॉर्प ने मुंबई के ब्यूरो चीफ सहित कई पत्रकारों को बनाया मैनेजेरियल और एडमिनिस्ट्रेटिव स्टाफ!

मुंबई से शशिकांत सिंह की रिपोर्ट…

जस्टिस मजीठिया वेज बोर्ड मामले में सबसे ज्यादा शिकायत डीबी कॉर्प लिमिटेड के अखबारों- दैनिक भास्कर, दिव्य भास्कर और दिव्य मराठी आदि के मीडियाकर्मियों ने कर रखी है। इस संस्थान के पत्रकारों ने माननीय सर्वोच्च न्यायालय सहित महाराष्ट्र के लेबर डिपार्टमेंट और मुंबई के लेबर कोर्ट में तमाम शिकायतें कर रखी हैं। एक तरफ जहां डी बी कॉर्प का दावा है कि वह खूब लाभ कमा रहा है, वहीं जस्टिस मजीठिया वेज बोर्ड के मानकों के मुताबिक वेतन न देना पड़े, इसके लिए इस कंपनी ने अपने मुंबई के माहिम दफ्तर में कार्यरत कई सीनियर पत्रकारों को मैनेजेरियल और एडमिनिस्ट्रेटिव स्टाफ बना दिया है। पत्रकारों को इस बात की भनक तक नहीं लगी कि उन्हें संपादकीय में नहीं बल्कि मैनेजर और एडमिन स्टाफ में रख कर काम लिया जा रहा है।

अपने मीडियाकर्मियों का हक मारने वाली कंपनी डी बी कार्प का तीसरी तिमाही मुनाफा बढ़कर 118 करोड़ रपये हुआ

केंद्र सरकार और सुप्रीम कोर्ट द्वारा आदेश दिए जाने के बावजूद अपने मीडिया कर्मियों को मजीठिया वेज बोर्ड के अनुसार सेलरी, भत्ता और बकाया न देने वाली भास्कर समूह की कंपनी डीबी कार्प का मुनाफा तीसरी तिमाही में 6.64 प्रतिशत बढ़ गया है. मीडिया क्षेत्र की कंपनी डी बी कार्प का एकीकृत शुद्ध लाभ चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में 6.64 प्रतिशत बढ़कर 118.1 करोड़ रुपये हो गया है.

बैलेंसशीट मांगने पर डीबी कॉर्प के अधिकारी सुनवाई में ही नहीं आये

सहायक महाप्रबंधक को भी होना था हाजिर, होगी कारवाई

मुंबई : डी.बी. कार्प की रिसेप्शनिस्ट लतिका आत्माराम चव्हाण और आलिया शेख द्वारा लगाए गए 17(1) के मजीठिया वेज बोर्ड रिकवरी क्लेम मामले में प्रबंधन को अपनी कम्पनी का वर्ष 2007 से 10 तक की बैलेंसशीट देनी थी मगर गुरुवार को आयोजित सुनवाई में ना ही डी बी कॉर्प की तरफ से कोई आया ना ही इस सुनवाई में डी बी कॉर्प का कोई वकील ही आया। इसी सुनवाई में डीबी कॉर्प की सहायक महाप्रबंधक (कार्मिक) श्रीमती अक्षता करनगुटकर को भी मुम्बई की सहायक कामगार आयुक्त नीलांबरी भोषले ने उपस्थित होने का निर्देश दिया था मगर इस सुनवाई में वे भी नहीं आईं।

डीबी कॉर्प को एक सप्ताह में बैलेंसशीट देने का सख्त निर्देश

मुंबई : जस्टिस मजीठिया वेज बोर्ड मामले में कामगार आयुक्त कार्यालय के साथ लगातार असहयोग कर रहे दैनिक भास्कर की प्रबंधन कंपनी डीबी कॉर्प को अब अपना वर्ष 2007 से 2010 तक की बैलेंसशीट देनी ही पड़ेगी। जस्टिस मजीठिया वेज बोर्ड मामले में डी बी कॉर्प के धर्मेन्द्र प्रताप सिंह, जो दैनिक भास्कर के मुम्बई यूनिट में प्रिंसिपल करेस्पॅान्डेंट हैं, के अलावा रिसेप्शनिस्ट लतिका आत्माराम चव्हाण और आलिया शेख ने 17 (1) का रिकवरी क्लेम और उत्पीड़न का मामला लगाया है। इन दोनों मामलो की सुनवाई कामगार आयुक्त कार्यालय में रखी गयी थी।

सबसे ज्यादा बददुआ पाने वाली मीडिया कंपनी है डीबी कॉर्प!

राजश्री प्रोडक्शन ने एक से बढकर एक हिट फिल्में दी हैं जिन्हें लोगो ने बार बार देखा और बार बार सराहा। राजश्री प्रोडक्शन के सूरज बड़जात्या से एक बार मैंने सवाल पूछ लिया और जो उत्तर मिला वो आज तक नहीं भुला सका। सवाल था राजश्री प्रोडक्शन की कामयाबी का राज आप क्या मानते हैं? सूरज जी ने उत्तर दिया- हम फिल्में पैसे से नहीं, दुआओं से बनाते हैं। तह तक गया तो पता चला राजश्री प्रोडक्शन में आज भी कई लोग ऐसे हैं जो ‘दोस्ती’ फिल्म के समय से जुड़े और इसी कंपनी के होकर रह गए। कंपनी प्रबंधन उनके हर सुख दुख में साथ देता है।

भास्कर ग्रुप की कंपनी डीबी कार्प में 24 घंटे के भीतर श्रम विभाग डालेगा छापा!

महाराष्ट्र के श्रम आयुक्त ने मजीठिया संघर्ष मंच द्वारा दिए गए ज्ञापन पर कार्रवाई के आदेश दिए….  समाचार कर्मियों से अनुरोध ये है कि वो श्रम आयुक्त को अपना क्लेम निवेदन भेजें….

समाचार पत्र कर्मियों के वेतन भत्ते और एरियर्स से जुड़े मजीठिया वेज बोर्ड मामले में आज महाराष्ट्र के श्रम आयुक्त श्री केरुरे से मजीठिया संघर्ष मंच के अध्यक्ष शशिकान्त सिंह के नेतृत्व में पत्रकारों की एक टीम उनके कार्यालय में मिली. इस मौके पर श्रम आयुक्त को एक ज्ञापन दिया गया. बाद में उनसे बातचीत में मजीठिया वेज बोर्ड के राज्य में ठीक से क्रियान्वयन न होने को लेकर उनसे कई बिंदुओं पर गंभीर चर्चा की गई.

कोर्ट जाने पर छह मीडियाकर्मियों को भास्कर प्रबंधन ने किया टर्मिनेट

गुजरात से खबर है कि दैनिक भास्कर वालों के गुजराती अखबार दिव्य भास्कर की मेहसाणा यूनिट के 20 मीडियाकर्मियों ने प्रबंधन के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर कर दी है. ये लोग मजीठिया वेज बोर्ड के अनुरूप सेलरी एरियर न दिए जाने के खिलाफ कोर्ट गए हैं. प्रबंधन को अपने कर्मियों के कोर्ट जाने की जानकारी मिली तो अब सभी को परेशान किया जा रहा है.

गुजरात हाईकोर्ट ने दिया दिव्यभास्कर (डीबी कॉर्प) को तगड़ा झटका, भास्कर प्रबंधन के सभी कुतर्क अस्वीकार

मजीठिया वेज बोर्ड के हिसाब से वेतन और एरियर देने के मामले में गुजरात हाईकोर्ट की न्यायमूर्ति परेश उपाध्याय की पीठ ने डीबी कॉर्प (दैनिक भास्कर और दिव्य भास्कर की प्रकाशक कंपनी) के खिलाफ दिव्य भास्कर कर्मचारियों की याचिका को सही माना है। हाईकोर्ट ने बीते आठ तारीख को कर्मचारियों की ओर से दाखिल याचिका को खारिज करने को लेकर दिव्य भास्कर के प्रबंधन के सभी तर्कों को अस्वीकार कर दिया।

भास्कर चेयरमैन रमेश अग्रवाल की पत्नी की याचिका पर बहू-बेटों को नोटिस

रमेश अग्रवाल यानि भास्कर के चेयरमैन की सच्ची कहानी इंदौर के अखबार दबंग दुनिया ने प्रकाशित की है. पत्रकार विनोद शर्मा की बाइलाइन इस खबर को दूसरे अखबारों ने इसलिए नहीं प्रकाशित किया क्योंकि मामला चोर-चोर मौसेरे भाई का है. तू मेरी कहानी छिपा, मैं तेरी छिपाउंगा टाइप का गठबंधन है मीडिया हाउसेज में. इसीलिए दूसरों की जिंदगी में घुसकर ढेर सारी एक्सक्लूसिव खबरें फोटो निकालने छापने वाले मीडिया हाउसेज के मालिक एक दूसरे की कुत्ती कहानियों को छिपा-ढंक के रखते हैं.