हिंदुस्तान और दैनिक जागरण अखबारों में गल्तियों की भरमार

बड़े अखबारों में गल्तियां छपने से लाखों पाठकों का जायका बिगड़ता है. हिंदुस्तान मेरठ संस्करण में पेज नंबर छह पर 28 अक्टूबर को गलत हेडिंग छप गई. इसी तरह दैनिक जागरण में गलत तथ्य छपे हैं. देखें दोनों अखबारों की कटिंग…

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‘समाचार प्लस’ चैनल का दिवालियापन : अमित शाह की रैली में मुलायम सिंह यादव को पहुंचा दिया!

उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड केंद्रित रीजनल न्यूज चैनल ‘समाचार प्लस’ की कोई क्रेडिबिल्टी नहीं रह गई है. यह ओछी और घटिया पत्रकारिता पर उतर आया है. ऐसी ऐसी खबरें यह चैनल दिखा रहा है कि लोग माथा पकड़ ले रहे हैं. इस चैनल ने अपने यहां लिख दिया कि अमित शाह की रैली में मुलायम सिंह यादव पहुंच गए. बताइए भला, क्या यह संभव है कि भाजपा नेता अमित शाह की रैली में सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव पहुंच जाएं?

पिछले दिनों अमित शाह जब भाजपा की इटावा रैली में शामिल होने के लिए रैली स्थल नुमाइश पंडाल पहुंचे तो समाचार प्लस चैनल ने ब्रेकिंग न्यूज चलाया और यह भी लिखा कि सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव भी हुए शामिल. यकीन न आ रहा हो तो देखिए ये वीडियो : https://youtu.be/fkybMjoD6W8

एक मीडियाकर्मी द्वारा भेजे गए मेल पर आधारित.

इसे भी सुनें :

Ufff इतना घटिया कोई कैसे बोल सकता है अपने शहीद जवानों के बारे में!

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हे कमाल खान जी, संविधान में ‘दफा’ नहीं होती बल्कि अनुच्छेद यानि Article होता है

Chandan Srivastava : अभी कैंटीन में देखा एनडीटीवी चैनल पर आ रहा था कि मुख्यमंत्री अखिलेश यादव राज्यपाल से मिलने पहुंचे जिसके बारे में विस्तृत जानकारी चैनल के पत्रकार कमाल खान लाइव दे रहे थे। उन्होंने बताया कि मिलने की वजह हाईकोर्ट का कल का आदेश हो सकता है जिसमें कहा गया है कि प्रदेश में क्यों न “दफा 156” के तहत राष्ट्रपति शासन की अनुशंसा कर दी जाए।

जहां तक मुझे जानकारी है कमाल खान यूपी में इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के वरिष्ठ पत्रकार हैं। इन वरिष्ठ पत्रकार महोदय को कोई बता दे कि पहली बात संविधान में ‘दफा’ नहीं होती बल्कि अनुच्छेद यानि Article होता है। दूसरी बात अनुच्छेद- 156 राज्यपाल के पदावधि यानि Term of office of Governor के सम्बंध में है। राष्ट्रपति शासन की व्यवस्था अनुच्छेद- 356 में है। धत् तेरे की। इन पत्रकारों पर हमें जानकारियां देने का दारोमदार है।

लखनऊ के वकील और पत्रकार चंदन श्रीवास्तव की इस एफबी पोस्ट पर आए कुछ प्रमुख कमेंट्स इस प्रकार हैं :

Mahendra Yadav कुछ पत्रकारों ने अपनी ब्रांडिंग इतनी जोरदार की है कि अब वो कूड़ा करकट कुछ भी फैलाएं, लोग वाह वाह करने लगते हैं। कमाल भी ऐसे ही हैं।

Vivek Singh संयोग से मैं भी टीवी के पास बैठा था.. एक बार 156 कहा था दूसरी बार 356 ही कहा था। शायद त्रुटि हो गई हो। वैसे पत्रकार से गलती पर कोई आश्चर्य नहीं होता मुझे।

Anil Dwivedi चन्दन भाई, दिक्कत यही है कि ज्यादातर पत्रकार अपडेट नही रहते।

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आईबीएन7 ने अमित शाह को उप राष्ट्रपति घोषित कर दिया!

हमारे हिंदी न्यूज चैनल जो न कर दिखाएं, वो कम है. आईबीएन7 न्यूज चैनल ने कल चैनल पर अमित शाह को उपराष्ट्रपति घोषित कर दिया. ऐसा चैनल की स्क्रीन पर चलने वाली पट्टी पर लिखाा हुआ आया जिसे एक सुधी दर्शक ने पकड़ लिया और मोबाइल से फोटो खींचकर भड़ास के पास भेज दिया. देखें आप भी उस तस्वीर को. नीचे की तस्वीर में बिलकुल नीचे लिखा हुआ है- ‘कार्यक्रम में उप राष्ट्रपति अमित शाह भी पहुंचे’.

क्या चैनल वालों को नरेंद्र मोदी और अमित शाह का ऐसा फोबिया हो गया है कि वो हर पद के साथ इन्हीं का नाम जोड़ दे रहे हैं? या यह सिर्फ एक मानवीय चूक भर है? जो भी हो, कम से कम अंबानी के चैनल में ऐसी गल्ती तो नहीं जानी चाहिए जहां लाखों के पैकेज लेकर सैकड़ों लोग कुर्सियां तोड़ रहे हैं.

अगर आप भी न्यूज चैनलों या अखबारों में जाने वाली गल्तियों को देख-पढ़ परेशान होते हैं तो उसे मोबाइल से फोटो खींच कर भड़ास तक भेज दें, bhadas4media@gmail.com पर मेल करके.

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देखिए एनसीईआरटी की किताब में ‘विद्वानों’ ने ‘बिदेसिया’ के बारे में क्या लिख डाला है!

Dilip Gupta : यह जानकारी ‘बिदेसिया’ के बारे में एनसीईआरटी की कक्षा 6 की किताब में दी गई है। विषय हिंदी और पाठ का नाम लोकगीत। ज़रा आप भी एक नज़र डालें…। समझ में नहीं आता कि जो कमेटी बैठती है वो काम क्या करती है। खाली चैप्टरवे का नाम पढ़ती है का। इन पर तरस नहीं बल्कि गुस्सा आता है। टेक्स्टबुक में ऐसा गलत लिखा जाएगा तो इसे पढ़कर बच्चे क्या धारणा बनाएंगे। 

 रंगकर्मी दिलीप गुप्ता के फेसबुक वॉल से.

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थोड़ी अंग्रेजी भी पढ़ लिए होते भड़ासी… इन घसियारों को कौन लाया पत्रकारिता में…

Anuranjan Jha : थोड़ी अंग्रेजी भी पढ़ लिए होते भड़ासी… कुछ दिन पहले मुंबई में अर्णब गोस्वामी ने एक तेज गति Lamborghini कार की शिकायत झट से पुलिस से की और पुलिस ने तत्परता दिखाकर उस कार चालक को रोक लिया ….. इस खबर को एक भड़ासी वेबसाइट ने कुछ इस तरह छापा है – ”तेज गति कार चलाकर फंसे अर्णब गोस्वामी”.

और, यह आलम तब है जब मूल खबर अंग्रेजी में सब कुछ साफ बयान कर रही है और वहां छपी भी है….

शर्मनाक …. इन घसियारों को कौन लाया पत्रकारिता में…

पत्रकार अनुरंजन झा के फेसबुक वॉल से.

मूल खबर जिस पर उपरोक्त टिप्पणी अनुरंजन झा ने की है, पढ़ने के लिए इस शीर्षक पर क्लिक करें…

तेज गति कार चलाकर फंसे अर्णब गोस्वामी! (देखें तस्वीरें)

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वीके सिंह पर बड़ा सवाल पूछने वाला एबीपी न्यूज खुद सवालों के घेरे में घिरा

फेसबुक और ट्विटर पर एबीपी न्यूज की तरफ से एक बड़ा सवाल पूछा गया है. लेकिन जो सवाल है, वह खुद सवाल के घेरे में है. वजह है पूछे गए सवाल के वाक्य संरचना में गलती. एक छोटी-सी गलती के कारण अर्थ का अनर्थ हो रहा है. लोग मजे ले लेकर इसे शेयर कर रहे हैं. इस तरह एबीपी न्यूज ने जो सवाल पूछा, वह तो गौण हो गया. प्रमुख हो गया एबीपी न्यूज द्वारा की गई गलती.

इसलिए हे कारपोरेट और करप्ट मीडिया वालों, सावधान होकर काम करो… सोशल मीडिया वाले पैनी नजर गड़ाए हैं. उधर गलती हुई नहीं कि इधर गर्दन दबोचने की तैयारी शुरू. इसे कहते हैं शेर को मिला सवा शेर. फेसबुक पर DrAnil Tyagi एबीपी न्यूज की पोस्ट शेयर करते और चैनल द्वारा लिखे गए गलत वाक्य को उद्धृत करते हुए स्टेटस अपडेट करते हैं: ” साले अनपढ… हिन्दी लिखनी आती नहीं… लिखा है: ”जनरल वी के सिंह सरकार क्यों में हैं”. हिन्दी चैनल चलाते हैं… और नीच भी कितने हैं कि गाली खाये बिना चैन से नहीं बैठ सकते. ‪#‎presstitutes‬ ”. एक अन्य सज्जन Ajay Mishra लिखते हैं: ” सही हिंदी तो लिख पहले.”

 

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लखनऊ में भास्कर डिजिटल ने दिन भर चलाई गलत खबर, अज्ञानी भास्कर वालों ने ट्वीट को कोहली का बता दिया

लखनऊ।। भास्कर डिजिटल में हर दिन गलत खबर चलाने का नया कीर्तिमान बना रहा है। यहां खबर क्या होती है, यह तय करने वाले मुकेश कुमार उर्फ गजेंद्र अहम के शिकार हो गए हैं। वह अन्य छोटे पोर्टलों को दो कौड़ी का पोर्टल बताते हैं। भड़ास पर खबर देखकर भी नाक सिकोड़ने लगते हैं, लेकिन आजकल क्या हो रहा है, यह उनको दिखाई नहीं दे रहा है।

हफ्ते भर पहले यानि बीते शुक्रवार को यूपी विधानसभा की वोटिंग के दौरान भास्कर ने मुख्यमंत्री से ही वोट डलवाकर दिन भर खबर चलाई। लेकिन हकीकत यह है कि मुख्यमंत्री खुद विधानपरिषद के सदस्य हैं वह वोट नहीं डाल सकते, लेकिन भास्कर ने खबर चलाई की मुख्यमंत्री ने डाला वोट। स्क्रीनशाट उपर देखिए।

एक भास्करकर्मी द्वारा भेजे गए पत्र पर आधारित.


दैनिक भास्कर की खबर है कि कोहली ने लिंक ट्वीट की जिसमें धोनी पर आरोप हैं। बहुत ही गैर जिम्मेदराना रिपोर्ट… सनसनीखेज और पूर्णतया झूठी रिपोर्ट। दैनिक भास्कर को नहीं पता कि कोई भी यूजर ट्विटर पे कुछ भी नाम रख सकता है। किसी ने कोहली के ट्विटर हैंडल को अपना नाम रख के ट्वीट कर दिया। नोटिफिकेशन हमेशा नाम से आता है।

Dainik Bhaskar’s pathetic Reporting. They Dont know difference between name as handle and real handle

#BoycottBhaskar

https://twitter.com/cric_SKB/status/559245765525008384

Suresh Kumar Bijarniya
eerskb@gmail.com


भास्कर अपने पहले पेज पर नं 1 अख़बार होने का तो रोज दावा करता है। पर शायद पढ़ने वालों को बेवकूफ समझता है। 19 जनवरी से भास्कर ने ‘नो निगेटिव न्यूज हर सोमवार’ का अभियान शुरु किया है। फ्रंट पेज पर बड़े विज्ञापन के साथ दावा किया है कि ‘आप विश्व के पहले ऐसे पाठक होंगे जिनके सप्ताह की शुरुआत होगी नो निगेटिव सोमवार से’। यह बात हालिया या शुरु से भास्कर से जुड़े पाठकों ने शायद हजम कर ली हो। पर यह बहुत बड़ा झूठ है। इंदौर के बाशिंदे जो बरसों से नईदुनिया और भास्कर दोनों ही पढ़ते आ रहे हैं, वे जानते हैं कि यह पहल नई नहीं है। बरसों पहले भास्कर का प्रतिद्वन्द्वी अखबार नईदुनिया ‘सकारात्मक सोमवार’ शुरु करके बंद भी कर चुका है। नईदुनिया ने 1 जनवरी 2007, जो संयोग से सोमवार का दिन था, ‘सकारात्मक सोमवार’ की शुरुआत की थी, जिसमें सोमवार के दिन पहले पेज पर कोई नकारात्मक खबर नहीं होती थी। नईदुनिया के संपादकीय में ऐसी सकारात्मक पहल के ‘विश्व में पहला’ होने का कोई दावा नहीं किया गया था। पर धृष्टता देखिए कि भास्कर ने नईदुनिया की पहल और संपादकीय नोट की शब्दश: नकल को अपनी अक्ल होने का दावा किया। और तो और अपनी इस पहल को ‘विश्व में पहला’ होने का दावा कितनी बेहयाई से किया। भास्कर के कर्ता-धर्ताओं की स्मृति यदि इतनी कमजोर है, तो अखबार का तो भगवान ही मालिक है। पाठकों के साथ-साथ अब बॉलीवुड सितारों को भी बरगलाकर इस अभियान से जोड़ा जा रहा है। आज आमिर खान जी से साथ एक बड़ा विज्ञापन फिर छापा है। भास्कर नं. 1 होने का दावा चाहे किसी भी आधार पर करे, नं. 1 झूठा उसने खुद को साबित कर दिया है।

इंदौर से एक मीडियाकर्मी द्वारा भेजे गए पत्र पर आधारित.

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दूरदर्शन की नजर में अब भी प्रधानमंत्री के पद पर मनमोहन सिंह हैं (देखें वीडियो)

दूरदर्शन न्यूज वाले सुधरने का नाम नहीं ले रहे. अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा के भारतीय दौरे के दौरान लाइव प्रसारण में दूरदर्शन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जगह प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह बोल दिया गया. यह काम किसी और ने नहीं बल्कि यहां के वरिष्ठ एंकर अशोक श्रीवास्तव ने किया. सोशल मीडिया पर डीडी न्यूज की इस गलती का वीडियो वायरल हो चुका है.

डीडी न्यूज में लगातार गल्तियां हो रही हैं लेकिन कोई इसकी जिम्मेदारी लेने को तैयार नहीं है. कुछेक मामलों में कार्रवाई तो हुई लेकिन अंततः नतीजा सिफर रहा. आप भी देखिए कि एंकर महोदय बोलते बोलते प्रधानमंत्री मनमोहन बोल गए. संबंधित वीडियो का लिंक यूं है….

https://www.youtube.com/watch?v=fYPu6H4TyyU


इन ताजातरीन वीडियोज को भी देख सकते हैं….

प्रिंटिंग प्रेस : मशीन और इंसान के काम की शुद्धता में फर्क बताइए
https://www.youtube.com/watch?v=bmcFPDnPA44

xxx

डीएम साब सोते रहे, मंत्री जी भाषण देते रहे
https://www.youtube.com/watch?v=QRVxOXWp__4

xxx

जी संगम के प्रतिनिधि ने हत्यारोपी को ‘साहब’ कहा
https://www.youtube.com/watch?v=OKwtz3bqhK0

 

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डीडी न्यूज वालों की जय हो, अबकी मोदी बंदर कथा

डीडी न्यूज वाले लगातार गलती पर गलती करते जा रहे हैं. ताजा मामला भी ट्वीट से जुड़ा है. डीडी न्यूज की तरफ से ट्वीट किया गया- “A man dressed as Santa Claus feeds monkeys ahead of Christmas”. लेकिन इस कैप्शन के साथ जो तस्वीर लगाई गई उसमें नरेंद्र मोदी बैठक की अध्यक्षता कर रहे हैं और बैठक में Amit Shah, Arun Jaitley, Sushma Swaraj और Rajnath Singh हैं. लोग सोच में पड़ गए कि आखिर इस तस्वीर में क्या मोदी सांता हैं और बंदर बाकी लोग?

खैर, डीडी न्यूज वालों को गलती का एहसास हुआ तो तुरंत इस ट्वीट को डिलीट मार दिया. साथ ही एक खेद प्रकाश भी प्रकाशित किया, कुछ यूं:  “An unrelated picture was inadverently placed by side of the China zoo story. We have removed the tweet.”

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डीडी न्यूज वालों का सामान्य ज्ञान देखिए, राजनाथ सिंह को भाजपा अध्यक्ष बता दिया

दूरदर्शन वाले सुधरेंगे नहीं. डीडी न्यूज की तरफ से झारखंड इलेक्शन को लेकर जो ट्वीट किया गया है उसमें राजनाथ सिंह को भाजपा अध्यक्ष बताया गया है. ट्विटर का स्क्रीनशाट देखिए.

अमित शाह भाजपा अध्यक्ष हैं और राजनाथ सिंह गृहमंत्री, इतनी सामान्य सी बात अगर डीडी न्यूज के बंदों को नहीं पता तो उनकी योग्यता पर क्या कहना.

 

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डीडी महिला रिपोर्टर के बचाव में उतरे मुंबई हेड मुकेश शर्मा, लेकिन सीईओ जवाहर सिरकार नाराज, जांच शुरू

गोवा फिल्म फेस्टिवल की घटिया रिपोर्टिंग करने वाली दूरदर्शन की महिला रिपोर्टर के बचाव में उतर गए हैं डीडी के मुंबई ऑफिस के हेड मुकेश शर्मा. रिपोर्टर का बचाव करते हुए मुकेश ने कहा है कि उसके साथ कुछ तकनीकी दिक्कतें थीं, उसका इयरफोन काम नहीं कर रहा था, जिस वजह से वह शो के प्रोड्यूसर से निर्देश नहीं ले पा रही थी. वहां इतनी भीड़ थी जिसे देखकर वह नर्वस हो गई थी. हालांकि उन्होंने स्वीकार किया कि महिला रिपोर्टर की रिपोर्टिंग स्तरीय नहीं थी.

उधर, प्रसार भारती ने पूरे घटनाक्रम को ‘सिस्टम फेल्योर’ करार दिया और जांच के लिए एडीजी यानि एडिशनल डायरेक्टर जनरल को मुंबई भेजा है. प्रसार भारती के सीईओ जवाहर सिरकार का कहना है कि वह जानना चाहते हैं एक अप्रशिक्षित व्यक्ति को ऐसे महत्वपूर्ण कार्यक्रम को लाइव कवर करने के लिए क्यों भेजा गया? पिछले 7 महीनों में दूरदर्शन की यह चौथी गलती है. यह बहुत दुखद और अपमानजनक है. कैजुअल कर्मचारियों के लिए जब स्किल टेस्ट लागू किया जाता है तो इसका विरोध शुरू हो जाता है. लेकिन अब इसे लागू करना ही पड़ेगा.

अब बात खराब रिपोर्टिंग करने वाली महिला रिपोर्टर की. वीडियो वायरल होने के बाद महिला रिपोर्टर अवसाद में चली गई है. अखबार द टेलीग्राफ में छपी खबर के मुताबिक सोशल मीडिया पर अपना मजाक बनाए जाने की वजह से रिपोर्टर ने खाना-पीना भी छोड़ दिया है. उसके घरवाले बहुत परेशान हैं. रिपोर्टर की मां कहती हैं कि मेरी लड़की बहुत परेशान है और बार-बार यही कह रही है कि उसकी जिंदगी और करियर खत्म हो गया. वह 2 दिन से खाना नहीं खा रही है. अब मुंबई पुलिस की साइबर क्राइम ब्रांच में शुक्रवार को शिकायत दर्ज कराई गई है, ताकि वह वीडियो ब्लॉक किया जा सके. ज्ञात हो कि वह महिला रिपोर्टर डीडी की कैजुअल एंकर है. वह पेशेवर पत्रकार नहीं है. उसे नियमित एंकरों से कम तनख्वाह मिलती है.

मूल खबर…

दूरदर्शन की इस रिपोर्टर का लाइव कवरेज देखिए, हंसे बिना नहीं रह पाएंगे

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