आईएफडब्‍ल्‍यूजे के नेताओं ने किया रायपुर में नंगा नाच, हेमन्‍त और कलहंस की करतूत से पत्रकार समुदाय शर्मसार

: जैनी धर्मशाला में पर्यूषण के दौरान हड्डियां और बोतलों के साथ हंगामा : यह आपके अध्‍यक्ष महोदय हैं। उप्र मान्‍यता प्राप्‍त पत्रकार समिति के। ये समिति के ठेकेदार हैं और पुलिस में उनकी दलाली बेहिसाब है। इसलिए जितना भी कुकर्म कर सकते हैं, कर लेते हैं। नाम है हेमन्‍त तिवारी। फिलहाल तो उनके चेहरे पर कुकर्म एक नया काला धब्‍बा जुड़ गया है। ताजी सूचना ये है कि छत्‍तीसगढ़ के रायपुर में जैन समुदाय की निरंजनी धर्मशाला ने हेमन्‍त तिवारी और सिद्धार्थ कलहंस आदि अराजक पत्रकारों की करतूत पर खफा होकर 50 हजार रुपयों का जुर्माना लगाने की धमकी दी लेकिन बीच-बचाव कर मामला निपटा दिया गया। इन पत्रकारों पर आरोप है कि उन्‍होंने जैन समुदाय के पर्युषण अवसर पर जैन समुदाय की निरंजनी धर्मशाला के चार कक्षों में जमकर मदिरा और मांसाहार किया।

UPSACC : रात भर चली मतगणना, आज सुबह आया रिजल्ट, प्राशु मिश्रा अध्यक्ष निर्वाचित (देखें लिस्ट)

उत्तर प्रदेश राज्य मान्यता संवाददाता समिति का चुनाव हो गया. कल वोट पड़े और रात भर चली मतों की गिनती के बाद आज सुबह परिणाम घोषित कर दिया गया. राज्य मुख्यालय के 438 पत्रकारों ने अपने मतों का प्रयोग किया था. कल शाम से शुरू होकर आज सुबह 4 बजे तक चली मतगणना के बाद परिणाम आज सुबह घोषित हुआ. अध्यक्ष पद पर प्रांशु मिश्रा निर्वाचित घोषित किए गए हैं. नरेंद्र श्रीवास्तव और संजय शर्मा उपाध्यक्ष उपाध्यक्ष बने हैं.

हिसाम सिद्दीकी का खुला पत्र : समिति पर हर हाल में कब्जा जमाए रखने की चाहत क्यों है?

उत्तर प्रदेश में मान्यता प्राप्त पत्रकारों के संगठन के चुनाव को लेकर सिरफुटव्वल जारी है. हेमंत तिवारी और सिद्धार्थ कलहंस जैसे ब्रोकर्स से आम पत्रकारों में जबरदस्त नाराजगी है. लेकिन हेमंत व कलहंस हर हाल में इस संगठन पर फिर काबिज होना चाहते हैं क्योंकि इस संगठन के नेता के बतौर उन्हें सत्ता से गलबहियां-हथबहियां करने के मौके ढेर सारे मिलते रहते हैं. हेमंत और कलहंस की लाख कोशिशों के बावजूद चुनाव की गाड़ी डिरेल नहीं हुई है.

चुनाव प्रक्रिया शुरू होते ही हेमन्‍त-कलहंस की उछलकूद शुरू

Kumar Sauvir :  पहले दो महीने की मोहलत ली थी, अब बोले पांच को कराऊंगा चुनाव… मजाक बना दिया हेमन्‍त और कलहंस की जुगुलबंदी ने पत्रकरिता को… अभी दस दिन पहले ही हेमन्‍त तिवारी और सिद्धार्थ कलहंस की साजिशों से ऊबे पत्रकारोें ने अवैध कार्यकारिणी की जगह नयी कमेटी के चुनाव के लिए चुनाव-कार्यक्रम का ऐलान कर दिया था। इस कार्यक्रम के तहत पिछले22 तारीख तक 60 से ज्‍यादा लोगों ने अपना नामांकन दर्ज कराया था जो अब तक का एक रिकार्ड है। इसके तहत सितम्‍बर की छह तारीख को नयी कमेटी के लिए मतदान शुरू होगा और उसी दिन चुनाव परिणामों की घोषणा कर दी जाएगी।

योगेश गुप्ता दलाल नहीं हैं इसीलिए परिवार चलाने के वास्ते सतना में नौकरी कर रहे हैं

साथी, तकलीफजदा हूं योगेश गुप्ता के बारे में यह सुन कर पढ़ कर। बनारस में योगेश ने पत्रकारों की लड़ाई के चलते नौकरी गंवाई। मैंने खुद एक बार एचटी प्रबंधन के अपने एक साथी से पूछा तो उनका जवाब था कि नेतागिरी छोड़ दें, सब बढ़िया हो जाएगा। योगेश ने नुकसान उठाया। सड़क पर रहे। स्ट्रिंगर के तौर पर भी काम किया पर समझौता नहीं किया।