रवीश कुमार की भड़ास से क्यों फटती है?

रवीश कुमार की भड़ास से क्यों फटती है? इसलिए फटती है क्योंकि उसके मालिक प्रणय राय की काली करतूत को भड़ास गाहे बगाहे खोलता रहता है. उसके मालिक के प्रगतिशील खोल में छिपे भ्रष्टाचारी चेहरे को नंगा करता रहता है. जाहिर है, रवीश कुमार भी नौकर है. सो, वह खुद के मीडिया हाउस की पोल खोलने वाली वेबसाइट का जिक्र भला कैसे कर सकता है. दूसरे मीडिया हाउसों पर उंगली उठाने वाले और उन्हें पानी पी-पी कर गरियाने  वाले रवीश कुमार की हिप्पोक्रेसी की हकीकत यही है कि वह करप्शन में आकंठ डूबे अपने मीडिया समूह एनडीटीवी ग्रुप की काली कहानी पर कुछ नहीं बोल सकता.

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एनडीटीवी कभी साहसी मीडिया हाउस हुआ करता था. लेकिन जबसे प्रणय राय कांग्रेसी मंत्रियों के साथ मिलकर काला धन को सफेद करने के धंधे में पड़ गए और उनकी सारी पोल एक आईआरएस अफसर संजय कुमार श्रीवास्तव ने खोल दी तो उन्हें अब फूंक फूंक कर कदम रखना पड़ रहा है. सूत्र बताते हैं कि एनडीटीवी के ढेर सारे काला कारनामों की फाइलें पीएम नरेंद्र मोदी की मेज पर महीनों से पड़ी हुई हैं. एनडीटीवी के बड़े-बड़े पत्रकार अरुण जेटली से लाबिंग करवा रहे हैं कि उन फाइलों को साइलेंट मोड में डाल दिया जाए, कोई एक्शन न रिकमेंड किया जाए.