सुख-दुख लेफ्टिस्ट से लेकर राइटिस्ट तक, हर कोई दे रहा राज किशोर को श्रद्धांजलि वरिष्ठ पत्रकार Raj Kishore नहीं रहे। मैं उनके लिखे का प्रशंसक था। आम बोलचाल की भाषा में सरलता-सहजता से वे जिस तरह गंभीर बात... B4MTeamJune 5, 2018
प्रिंट यदि आपको पत्रकारिता में रहना हो तो ब्राह्मणों के इन गुणों को अपने आप में विकसित कीजिए… Surendra Kishore : बहुत दिनों से मैं सोच रहा था कि आपको अपने बारे में एक खास बात बताऊं। यह भी कि वह खास... January 12, 2018
सुख-दुख जिंदादिल और जांबाज संपादक थे शशांक शेखर मौत तो प्रकृति का नियम है। विधि-विधान है। हर एक को इससे गुजरना है। लेकिन कुछ मौतें ऐसी होती हैं, जो भुलाए नहीं भूलतीं।... December 28, 2017
सुख-दुख हमारे कमांडर शेखर त्रिपाठी कहां रुकने वाले थे… ‘शिखर तक चलो, मेरे साथ चलो।’ यह सोच थी वरिष्ठ पत्रकार शशांक शेखर त्रिपाठी जी की। सकारात्मक चिंतन और मानवीय मूल्यों के लिए वह... December 28, 2017