अमिताभ ठाकुर को जिस ‘जसराना वाली रामवीर की पार्टी’ की याद मुलायम ने दिलाई, आखिर वो मसला था क्या… विस्तार से पढ़ें

Himanshu Dwivedi : इमानदार आईपीएस अफसर अमिताभ ठाकुर को फोन पर धमकी से संबंधित ऑडियो टेप में ‪‎मुलायम‬ ‘जसराना वाली रामवीर की पार्टी’ का जिक्र करके कह रहा है कि “क्या वो भूल गए?” और अंत में कहता है कि अबकी बार उससे ज्यादा हो जाएगा! क्या है ये ‘जसराना वाली रामवीर की पार्टी’? दरअसल ये जिक्र था एक घटना का जब समाजवादी पार्टी की पिछली से पिछली सरकार के समय श्री अमिताभ ठाकुर फीरोजाबाद जिले में पुलिस कप्तान के रूप में तैनात थे! तब सीएम मुलायम सिंह यादव हुआ करते थे. ‎फीरोजाबाद‬, इटावा, मैनपुरी यादव बेल्ट होने के कारण मुलायम परिवार का राजनीतिक गढ़ रही है और स्वाभाविक सी बात है कि इनकी दबंगई और गुंडागर्दी का केंद्र भी!

फीरोजाबाद जिले में चार विधानसभाएं हैं. उनमे से दो हैं- जसराना और शिकोहाबाद. दोनों यादव बाहुल्य! दोनों पर मुलायम के समधियों क्रमशः रामवीर यादव और हरिओम यादव का कब्ज़ा था (और अभी भी है)! दोनों बाहुबली विधायकों का मुख्य काम जमीनों पर कब्जा रहा है और दिलचस्प बात ये है कि दोनों की आपस में गैंगवार जैसी तनातनी रही है! कई बार क्षेत्र की जनता ने दोनों के गुर्गों को खुलेआम सड़कों पर फ़िल्मी स्टाइल में फायरिंग करके लड़ते देखा है! दोनोँ के बीच में सुलह कराने की मुलायम की सारी कोशिशें असफल रहीं और इसका खामियाज़ा 2007 के विधानसभा चुनावों में भुगतना पड़ा और पहली बार ये सीटें पार्टी के हाथ से निकलीं! उसके बाद जिले में हुयी हर सभा / रैली में मुलायम ने अपना दर्द सार्वजनिक रूप से जाहिर किया, दोनों को समझाते हुए कि सुधर जाओ!

तो उस समय ये नयी ऊर्जा से भरा ईमानदार, तन से दुबला पर मन से तगड़ा आईपीएस जिले में पुलिस कप्तान तैनात हुआ और जिले के लोगों ने अपराध में अप्रत्याशित गिरावट देखी, वो भी सपा शासन में! ये दबंग अफसर खुद ग्राउंड पर मोर्चा संभालता था और परिणामस्वरूप महकमे के सिपाही तक का मनोबल बढ़ गया! ऐसे ही किसी मामले में रामवीर यादव का दखल आया, जिसे इस अफसर ने विनम्रता के साथ नकार दिया! सीधी रीढ़ की हड्डी विधायक को कैसे बर्दाश्त होती, खासकर की जब वो प्रदेश के मुखिया के रिश्तेदार थे! जनता के बीच ये मामला चर्चा का विषय बन गया और सब इंतज़ार करने लगे कि देखते हैं अब क्या होगा! फिर जसराना के एक थाने में पुलिस कप्तान और ‪‎विधायक‬ की सीधी भिड़ंत और हाथापाई हुयी! उसके बाद असल में क्या हुआ, वो ये दोनों ही जानते हैं पर जनता का एक हिस्सा कह रहा था कि विधायक को कूटा गया और दूसरे ने कहा की कप्तान के साथ पिटाई हुयी!

बहरहाल जो भी हुआ, मामला लोकल ‪मीडिया‬ में छाया! हालांकि आशंका सभी को थी कि कप्तान का तबादला निश्चित है पर अमिताभ ठाकुर को व्यापक जनसमर्थन के कारण लोगों को उम्मीद थी कि शायद मुलायम ये कदम न उठायें! आख़िरकार अमिताभ का तबादला कर दिया गया! जिले के इतिहास में पहली बार जनता किसी अफसर के तबादले के विरोध में सड़कों पर उतरी पर जनता की आवाज को इस तथाकथित समाजवादी ने बिलकुल अनसुना कर दिया!

सरकार बदली और फिर से बदल कर सपा की आ गयी पर अमिताभ हर सरकार के नुमाइंदों और विभाग के आला अफसरों की किरकिरी बने रहे! अधिकतर समय इन्हे फील्ड की पोस्टिंग से दूर रखा गया पर ये अपनी पत्नी के साथ निजी स्तर पर समाज और न्याय के लिए संघर्ष करते रहे! उसी कड़ी में उनका कोई कदम फिर से मुलायम के किसी खासमखास के गले की फांस बनने लगा तो खुद मुलायम धमकी देने लगे कि सुधर जाओ!

एक बात तो साफ़ है ‪‎IAS‬ / ‎IPS‬ लॉबी केवल ‎भ्रष्ट‬ और हरामखोर अफसरों का जमावड़ा है जो कि अरविन्द ‎केजरीवाल‬ द्वारा कुछ अफसरों की बदली करने पर तो रात में आपातकाल बैठक और प्रेस वार्ता करती है पर खेमका, चतुर्वेदी और ठाकुर जैसे अफसरों के मामले में मुंह में दही जमा लेती है! एक अफसर को एक नेता सड़कछाप गुंडों की स्टाइल में धमकी दे रहा है और लॉबी चुप है!

फेसबुक पर एक्टिव सिटिजन जर्नलिस्ट हिमांशु द्विवेदी के फेसबुक वॉल से.


धमकी वाला टेप सुनने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें…

ये है वो टेप जिसमें मुलायम एक आईपीएस अफसर को ‘सुधर जाने’ की धमकी दे रहे हैं… (सुनें)

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आईपीएस को धमकाने वाला टेप सुनकर मुलायम के प्रति जो मन में थोड़ी बहुत इज्जत थी, वो भी खत्म हो गई….

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मुलायम सिंह यादव के खिलाफ धमकाने संबंधी एफआईआर लिखाएंगे आईपीएस अमिताभ ठाकुर

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लखनऊ के अखबार दबा कर बैठ गए ‘मुलायम धमकी’ वाला टेप, कहीं कोई खबर नहीं

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Comments on “अमिताभ ठाकुर को जिस ‘जसराना वाली रामवीर की पार्टी’ की याद मुलायम ने दिलाई, आखिर वो मसला था क्या… विस्तार से पढ़ें

  • PKJ Rajasthani says:

    In rajasthan there is more sensitive matter which is still in sealled box. During legisletive election of rajasthan someone print and distribute Fake photograph bookletes of Now Chief Minister Vasundara and also fake big poster of her delivered from karol bagh delhi post office. This is fearfull for rajasthani people that during election Jaipur police registered FIR and raided and take under custudy of thousands of Fake Photograph books and arrested a man who monitered and publicise these books. After election C M Vasundara take inicial action and registered one more FIR in jaipur by the press binder but what happen than no body know. It is so samefull that the man who was so called behind this is not only a approved reporter but also a member of consumer court of jaipur. A layman what can hope for justice if the case of Chief Minister is behind the sealed box.Who is behind this episode no body knows but he is powerfull than Chief Minister of Rajasthan.

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