व्यापारी संगठन के इन सवालों के क्रमवार जवाब कोई भाजपाई या मोदी भक्त दे तो अच्छा रहेगा

Yashwant Singh : भड़ास के पास ALL DELHI COMPUTER TRADERS ASSOCIATION (ADCTA) की तरफ से एक ईपत्र आया है, adcta.nehruplace@gmail.com मेल आईडी और Modi Ji, Vyapari ke Man ki Baat bhi suniye शीर्षक से. इसमें जो कुछ कहा गया है, उसका बिंदुवार जवाब कोई भाजपाई या मोदी भक्त दे तो अच्छा रहेगा… पढ़िए व्यापारी संगठन की मेल में कहा क्या गया है.

मोदी जी, कृपया करके जनता के मन की बात भी सुनने की चेष्टा करे. देश के स्वार्थी नेताओं के हाथों पिस्सी हुई मासूम जनता आप से कुछ सवाल करना चाहती है, क्या आप बताएगें ?

– आपसे बुलेट ट्रेन किसने मांगी? देश के सीमित से अमीर वर्ग का यह शौक तो आप उन सब को जापान भेज कर भी पूरा कर सकते थे.

– किसान कल भी मर रहा था, आज भी मर रहा है ? आप कृषि उत्पादन में अपनी श्रेष्टता छोड़ कर मैन्युफैक्चरिंग की तरफ भाग रहे है. क्यों?

– देश का सिपाही कल भी सीमा पर मर रहा था, आज भी मर रहा है और आप की प्रधानमंत्री बनने से पहली कही बातों को देश की जनता और सिपाही याद करके एक दूसरे से पूछ रहे है, कौन था वो आदमी? जो देश में अच्छे दिनों का सपना बेच कर अपने वादों को भूल गया है.

– आज देश के हर प्रदेश का व्यापारी बदहाली से बचाने के लिए गुहार लगा रहा है, और आप देश के हर वर्ग की भावनाओं को रौंदते हुए विश्व नेता बनने का स्वपन पालते हुए विदेशों के यात्राएं कर रहे है और विदेशी नेताओं को भारत का बाजार आपने हाथों से सौप रहे है. आखिर क्यों?

– आज चाइना की मैन्युफैक्चरिंग हब बनने के बाद इतनी बदहाली की स्थिति है और आप चाइना से सबक ना लेते हुए आने वाले सालो में उस बदतर स्थिति को प्राप्त करना चाहते है. आखिर क्यों?

– आज विकसित देश और यूरोप बदहाली के कंगार पर है, नई-नई मार्किट खोजी जा रही है. और आप अपने देश के बाजार को विदेशियों के हाथों में सौपते जा रहे है. आखिर क्यों ?

– देश के किस वर्ग ने या एक्सपर्ट्स ने आप नेताओं से FDI के पैसो से देश के विकास का मार्ग आपको या आपसे पहले के नेताओं को सुझाया था. क्या स्वदेशी बनकर देश के उपलब्ध साधनों से देश का विकास संभव नहीं है?

भड़ास के एडिटर यशवंत सिंह के फेसबुक वॉल से.

भड़ास की खबरें व्हाट्सअप परBWG7

आपसे सहयोग की अपेक्षा भी है… भड़ास4मीडिया के संचालन हेतु हर वर्ष हम लोग अपने पाठकों के पास जाते हैं. साल भर के सर्वर आदि के खर्च के लिए हम उनसे यथोचित आर्थिक मदद की अपील करते हैं. इस साल भी ये कर्मकांड करना पड़ेगा. आप अगर भड़ास के पाठक हैं तो आप जरूर कुछ न कुछ सहयोग दें. जैसे अखबार पढ़ने के लिए हर माह पैसे देने होते हैं, टीवी देखने के लिए हर माह रिचार्ज कराना होता है उसी तरह अच्छी न्यूज वेबसाइट को पढ़ने के लिए भी अर्थदान करना चाहिए. याद रखें, भड़ास इसलिए जनपक्षधर है क्योंकि इसका संचालन दलालों, धंधेबाजों, सेठों, नेताओं, अफसरों के काले पैसे से नहीं होता है. ये मोर्चा केवल और केवल जनता के पैसे से चलता है. इसलिए यज्ञ में अपने हिस्से की आहुति देवें. भड़ास का एकाउंट नंबर, गूगल पे, पेटीएम आदि के डिटेल इस लिंक में हैं- https://www.bhadas4media.com/support/

भड़ास का Whatsapp नंबर- 7678515849

Leave a Reply

Your email address will not be published.

*

code