यूपी में एक और पत्रकार पर सपा नेता का अटैक, हालत मरणासन्न, लखनऊ ट्रामा सेंटर में भर्ती

बस्ती (उत्तर प्रदेश) : एक और पत्रकार को समाजवादी पार्टी के विधायक ने मौत के घाट उतारने की कोशिश की। पत्रकार की हालत गंभीर है। लखनऊ के ट्रामा सेंटर में भरती कराया गया है। वह पांच जून की रात से लगातार कोमा में हैं। बताया गया है कि अमर उजाला प्रबंधन, प्रशासन और पुलिस सब इस मामले को दबाने में लगे हुए हैं। 

लखनऊ के ट्रामा सेंटर में भर्ती पत्रकार धीरज पांडेय

बस्ती अमर उजाला ब्यूरो के जिला प्रभारी धीरज पांडेय जब पांच जून की रात एक बजे एक शादी समारोह से अपने घर लौट रहे थे, पहले से घात लगाए बांसी के पूर्व विधायक लालजी यादव के गुर्गों ने सफारी गाड़ी से उनकी बाइक में पीछे से तेज धक्का मार कर गिरा दिया। उन्हें मरा हुआ समझ कर हमलावर तेजी से भाग निकले। घटना की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची स्थानीय पुलिस ने हमलावरों की गाड़ी अपने कब्जे में ले ली।  

गंभीर घायल धीरज पांडेय को तुरंत स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया। उनके दोनो पैर टूट गए हैं। सिर में गंभीर चोट के कारण वह कोमा में चले गए। वहां के डॉक्टरों ने अगले दिन पांडेय को लखनऊ रैफर कर दिया। उन्हें यहां के ट्रामा सेंटर में भरती कराया गया है। उनकी हालत पिछले आठ दिनों से गंभीर बनी हुई है। 

बताया गया है कि हादसे का रूप देकर धीरज पांडेय को खत्म कर देने की योजना थी। समाजवादी पार्टी का पूर्व विधायक होने के नाते स्थानीय प्रशासन और पुलिस ने अपने हाथ समेट रखे हैं। सिर्फ थाने में नेता की गाड़ी खड़ी कराई गई है। बताते हैं कि अभी तक घटना की रिपोर्ट भी दर्ज नहीं हुई है। इस सुनियोजित कांड से जिले के पत्रकारों में भारी रोष है। 

कृपया हमें अनुसरण करें और हमें पसंद करें:

बस्ती अमर उजाला ब्यूरो प्रमुख धीरज पांडेय घायल, हालत गंभीर

बस्ती (उ.प्र.) : अमर उजाला के ब्यूरो प्रमुख धीरज पाण्डेय बीती रात शहर में करतार सिनेमा के पास मार्ग दुर्घटना में गम्भीर रूप से घायल हो गये। धीरज के दोनों पैर बुरी तरह जख्मी हो गये हैं। दुर्घटना तेज रफ्तार सफारी की चपेट में आने से हुई। उन्हें बीती देर रात्रि बस्ती से लखनऊ ट्रामा सेन्टर रेफर कर दिया गया। आज दोपहर एक बजे तक उन्हें होश नहीं आ पाया था।

धीरज पाण्डेय की हालत काफी नाजुक बताई जाती है। धीरज एक जिम्मेदार पत्रकार होने के साथ-साथ एक अच्छे सामाजिक कार्यकर्ता भी हैं। प्रतिदिन जरूरतमंद लोगों की मदद करना उनकी दिनचर्या में शुमार रहा है।

कृपया हमें अनुसरण करें और हमें पसंद करें:

उल्टी खबर चलाने पर समाचार प्लस को सांसद का नोटिस, स्ट्रिंगर पर एक करोड़ का दावा ठोकेंगे

बस्ती (उ.प्र.) : इलेक्ट्रानिक मीडिया के चार पत्रकार अक्सर जिले में अपने कारनामों से चर्चा में रहने के लिये जाने जाते हैं। एक बार फिर इलेक्ट्रानिक मीडिया सेंटर के नाम से सक्रिय तथाकथित चार-पांच पत्रकारों की जुगलबंदी चर्चा में आ गई है। इस बार तो समाचार प्लस के स्ट्रिंगर्स की नौकरी भी मानो फंस सी गई है। ऐसी खबर है कि चैनल कभी भी अपने स्ट्रिंगर्स रजनीश को बाहर का रास्ता दिखा सकता है। 

इस तरह स्ट्रिंगर ने उल्टी खबर प्रसारित करा दी

 

सांसद द्वारा एनबीए को भेजी गई नोटिस की छायाप्रति

दरअसल यह विवाद भाजपा के सांसद द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम ‘मन की बात’ से शुरू हुआ। सांसद हरीश द्विवेदी ने कप्तानगंज ब्लाक क्षेत्र में मन की बात कार्यक्रम में जिले के युवाओं को आमंत्रित किया। इस कार्यक्रम में हर युवा सांसद से सीधा संवाद करते हुये अपनी भड़ास या मन की बात कह सकता था। इस न्यूज की कवरेज के लिये सांसद ने प्रिंट और इलेक्ट्रानिक मीडिया के सभी पत्रकारों को बुलाया। कार्यक्रम में एक युवक ने सांसद से भ्रष्टाचार समाप्त करने के उपाय के बारे में पूछ लिया। सांसद ने कहा कि केवल सरकारों के चाहने से भ्रष्टाचार नहीं रुकेगा। उसके लिये हर किसी को ईमानदार बनना पड़ेगा। 

उदाहरण स्वरूप सांसद ने खुद का हवाला देते हुए कहा कि उनके घर सुबह 7 बजे क्षेत्र के तमाम लोग पहुंच जाते हैं, जो उनसे कुछ अपेक्षा लेकर आते हैं। कोई न कोई बहाना बनाकर वे उनसे अपनी मांग रख देते हैं। जबकि एक सांसद की सैलरी एक प्राईमरी स्कुल के अध्यापक के बराबर है। भत्ता वगैरह लेकर लगभग उन्हें भारत सरकार से एक लाख रूपये मिल जाते हैं। अगर वे रोज 20 हजार रूपये लोगों में बांटने लगेंगे तो इतना पैसा लायेंगे कहां से। इसके लिये वे चोरी करेंगे, चोरी करने वे जापान तो जायेंगे नहीं, चोरी वे यहीं करेंगे। सरकारी योजनाओं में काम करने वाले ठेकेदारों और अधिकारियों को वे बुलायेंगे और उनसे 50 प्रतिशत देने को कहेंगे। 

इस बात की समाचार प्लस के स्ट्रिंगर्स ने ऐसी एडिटिंग की कि सांसद महोदय के कहने का तात्पर्य ही पलट गया। समाचार प्रसारित होने के बाद हर किसी को लगा कि सांसद भी भ्रष्टाचार में लिप्त हो गये हैं और 50 प्रतिशत कमीशन मांग रहे हैं। जैसे ही इस बात की जानकारी सांसद हुई तो हैरत में पड़ गए। दबी जुबान चर्चा है कि रजनीश ने कुछ दिन पूर्व सांसद को अपने आवास पर आयोजित एक घरेलू कार्यक्रम में आमंत्रित किया था मगर सांसद व्यस्तता की वजह से नहीं पहुंच सके। इसी के बाद से रजनीश की सांसद से ठन गई। सपा के काबिना मंत्री राजकिशोर सिंह भी रजनीश को इस मुहिम में पूरा सहयोग कर रहे हैं। चैनल प्रबंधन को अंधेरे में रखकर सांसद के खिलाफ खबरें प्रसारित करवाई जा रही हैं। 

इतना सब होने के बाद सांसद ने समाचार प्लस और चार अन्य चैनलों के संपादकों को गलत खबर चलाने पर एनबीए के माध्यम से नोटिस भेजी है। सांसद ने स्ट्रिंगर्स के खिलाफ एक करोड़ के मानहानि का दावा ठोकने की भी प्रक्रिया शुरू कर दी है। सूत्रों के मुताबिक सांसद ने समाचार प्लस के किसी बड़े पद पर बैठे अधिकारी से इस बात की शिकायत की तो उन्हे बताया गया कि उनका कोई भी स्ट्रिंगर बस्ती जनपद में है ही नहीं। ऐसे में गलत खबरें चलाना रजनीश को भारी पड़ने की चर्चाएं हैं। मीडिया सेंटर के पत्रकारों का यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी इन सभी पत्रकारों को बोर्ड परीक्षा में वसूली के दौरान बीच सड़क पर दौड़ा दौड़ा कर पीटा गया था। बावजूद कोई सबक लेने के इनके कारनामे बदस्तूर जारी हैं।

संबंधित वीडियो देखने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें… https://www.youtube.com/watch?v=6jIFhQMTgrY

एक पत्रकार द्वारा भेजे गये पत्र पर आधारित

कृपया हमें अनुसरण करें और हमें पसंद करें:

प्रसून शुक्ला के व्यक्तित्व के बारे में क्या कहा वैदिक, यशवंत, रुबी, विकास आदि ने, आप भी सुनिए…

पिछले दिनों न्यूज एक्सप्रेस चैनल के सीईओ और एडिटर इन चीफ प्रसून शुक्ला का सम्मान उनके गृह जनपद बस्ती में एक संगठन ‘बस्ती विकास मंच’ द्वारा किया गया. इस मौके पर दिल्ली से गए कई पत्रकारों ने प्रसून शुक्ला के जीवन, करियर और सोच को लेकर अपने अपने विचार व्यक्त किए. डा. वेद प्रताप वैदिक, योगेश मिश्र, यशवंत सिंह, रुबी अरुण, सुधीर सुधाकर, विकास झा, बृजमोहन सिंह आदि ने प्रसून की पर्सनाल्टी के विविध पक्षों को उकेरा.

इस पूरे आयोजन और सबके भाषण को आप इस वीडियो लिंक पर क्लिक करके देख सुन सकते हैं…

https://www.youtube.com/watch?v=IK7_UhVVRME

इस आयोजन के बारे में बस्ती के स्थानीय अखबारों में जो कुछ छपा है, उसकी कतरन उपर नीचे प्रकाशित है जिसे पढ़कर पूरे आयोजन के बारे में विस्तार से जाना जा सकता है….

इसे भी पढ़ सकते हैं…

तो, मैं अब चला अपने गांव, सबको राम राम राम….

कृपया हमें अनुसरण करें और हमें पसंद करें:

तो, मैं अब चला अपने गांव, सबको राम राम राम….

Yashwant Singh : कल और परसों जिला बस्ती (उत्तर प्रदेश) में रहूंगा. अपने घनिष्ठ मित्र Prasoon Shukla के सम्मान समारोह में. पेड और प्रायोजित पुरस्कारों की भीड़ में जब कोई अपनी ही माटी के लोगों के हाथों अपनी ही जमीन पर सम्मानित किया जाता है तो उसका सुख सबसे अलग और अलहदा होता है. बस्ती के रहने वाले हैं प्रसून शुक्ला. शुरुआती पढ़ाई लिखाई के साथ-साथ लड़ने भिड़ने जूझने और अंतत: जीत जाने की ट्रेनिंग भी इसी धरती ने दी है.

प्रसून के सम्मान समारोह में शिरकत करने के लिए मुझे भी न्योता मिला. समारोहों-आयोजनों के निमंत्रण तो बहुत मिलते रहते हैं लेकिन अपनी व्यस्तताओं, आलस्य और उदासीन मन:स्थिति के कारण शिरकत नहीं कर पाता. पर बस्ती दो वजहों से जा रहा हूं. एक तो दोस्ती-मित्रता का धर्म कहता है कि मित्र-दोस्त के उत्सव और मुश्किल, दोनों का हिस्सा बनो, बिना शर्त और बिना किंतु परंतु के. दूसरा एक बेहद जमीनी और मौलिक आयोजन को जीना-समझना, जिसे न कोई पीआर कंपनी आयोजित करा रही है और न इसके पीछे कोई इवेंट मैनेजमेंट कंपनी की सक्रियता है. ये उन लोगों का आयोजन है जो अपने जिले से निकलने और दूर शहरों के आसमान में जाकर चमक बिखेरने वाले सितारों को अपनी जमीन पर बुलाकर उसे दाद, सपोर्ट, समर्थन, सम्मान देकर ‘अच्छे लोगों के बिखरकर खुशबू के यत्र तत्र सर्वत्र फैला देने’ की परंपरा का आत्मिक और ममत्व भरा जयगान करते हैं.

बस्ती तक जा रहा हूं तो गाजीपुर कैसे न जाउंगा. चार घंटे का रास्ता होगा ज्यादा से ज्यादा. जब गाजीपुर जाता हूं तो पाता हूं कि वही माटी, वही रास्ते, वही लोग, वही मौसम है यहां का जबसे सांस लेना शुरू किया और आसपास को अपने अंदर के समग्र में चेतन-अवचेतन हालात में समेटना सहेजना शुरू किया. ऐसा लगता है जैसे ब्लड प्रेशर खुद ब खुद लो हो गया. ऐसा लगता है जैसे उत्साह और उल्लास खुद ब खुद अंदर हिलोरें लेने लगा. प्रोफेशनल दिनचर्याओं में कैद शरीर से कोट टाई उतार कर फेंकते हुए घुड़दौड़ी महानगर को दूर छोड़ना तभी संभव है जब आप अपनी मिट्टी, अपनी धरती, अपने गांव-जवार से बिना शर्त सम्मोहित होते रहते हैं. ये वो जगह है जहां ठठाकर बात-बात में हंसने के पीछ कोई कार्य-कारण सिद्धांत काम नहीं किया करते. ये वो जगह है जहां मौन होकर चलने जीने में भी एक इनविजिबिल पाजिटिव एनर्जी आसपास होने का फील दिया करती है. तो आप बस्ती के हों या गाजीपुर के, आप छपरा के हों या होशंगाबाद के, आप जहां के हों, वहां जरूर जाएं. बिना वजह जाएं. उब जाएं महानगरी घुड़दौड़ से तो बिना वजह भाग के जाएं. और, जाएं तो बिना मकसद मिलें, भटकें, खाएं, जिएं. मन-शरीर का इससे बड़ी इनर-आउटर हीलिंग और किसी तरीके से संभव नहीं. तो, मैं अब चला अपने गांव, सबको राम राम राम. 🙂

भड़ास के एडिटर यशवंत सिंह के फेसबुक वॉल से.

कृपया हमें अनुसरण करें और हमें पसंद करें:

इंडिया न्यूज के बस्ती जिले के रिपोर्टर सतीश श्रीवास्तव सहित पांच लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज

बस्ती। नगर थाना क्षेत्र के पोखरनी गांव में धर्मांतरण के नाम पर चैनल की टीआरपी बढ़ाने को लेकर दिखाई गई खबर को जिला प्रशासन ने संज्ञान लिया. जांच कराने पर खबर और प्रकरण फर्जी पाया गया. इसको लेकर जिला प्रशासन ने कड़ा कदम उठाते हुए आपसी सौहार्द बिगाड़ने के मामले में इंडिया न्यूज के रिपोर्टर सतीश श्रीवास्तव सहित पांच लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज करा दिया.

मामला 19 दिसंबर 2014 का है जब बस्ती जिले में तैनात इंडिया न्यूज के रिपोर्टर सतीश श्रीवास्तव अपने चैनल की टीआरपी बढ़ाने के लिए नगर थाना क्षेत्र के पोखरनी गांव के निवासी संतोष कुमार पुत्र राम लखन चमार और गांव के ही विश्वनाथ पुत्र रामचेत के घर पहुंचे और वहां पर मौजूद घर की महिलाओं से पूछा कि तुम लोगों ने मुस्लिम धर्म क्यों अपना लिया है। इस पर महिलाओं ने बताया कि नहीं, हम हिन्दू ही हैं लेकिन हम मजार पर जाकर अपनी आस्था प्रकट करते हैं. इन सभी बात को इंडिया न्यूज के पत्रकार सतीश श्रीवास्तव ने रिकार्ड कर लिया. फिर इसे तोड़मरोड़ कर मजहबी रंग देकर अपने चैनल पर प्रसारित करा दिया.

धर्मांतरण की खबर फ्लैश होते ही जिला प्रशासन के हाथपांव फूल गए और आनन फानन में पोखरनी गांव में जिले के आलाधिकारी पंहुचे. पूरे मामले की जानकारी ली. उन्हें पता चला कि चैनल की टीआरपी बढ़ाने के लिए फर्जी तरीके से खबर को तोड़मरोड़ कर चलाया गया इससे समाज का सौहार्द बिगड़ सकता था. दो समुदायों के बीच कोई भी बड़ी घटना घट सकती थी. वहीं इस झूठी खबर का असर ये हुआ कि हिंदू युवा संगठन ने बाजार बंद कराया. बाद में महिला के पति संतोष की तहरीर पर पुलिस ने इंडिया न्यूज के बस्ती रिपोर्टर सतीश श्रीवास्तव सहित पांच लोगों पर मु0अ0सं0 1436/14 धारा 147, 295ए, 506, व अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति का मुकदमा दर्ज करके पूरे मामले की जांच सीओ कलवारी को सौंप दी है. इस संबध में विवेचक सीओ कलवारी प्रभंस राम ने बताया कि प्रथम दृष्टया आरोप सही है. विवेचना की जा रही है. सारे तथ्यों को इक्ठ्ठा कर कार्यवाही की जाएगी.

बस्ती से राजकुमार की रिपोर्ट. 

कृपया हमें अनुसरण करें और हमें पसंद करें: