पीएम के गृहनगर में भाजपा फ्लॉप, गुजरात में 6 मंत्री चुनाव हारे, हिमाचल में भाजपा के भावी सीएम हारे

पीके खुराना

जीत-हार के चुनावी सबक : हिमाचल प्रदेश और गुजरात के चुनाव अपने आप में अनोखे रहे। पहली बार ऐसा हुआ कि चुनाव के दौरान और चुनाव के बाद हम सबको गहराई से सोचने पर विवश किया। बहुत से विश्लेषण हुए और विद्वजनों ने अपनी-अपनी राय रखी। सच तो यह है कि हिमाचल प्रदेश और गुजरात विधानसभा के चुनाव परिणामों में मतदाताओं ने सत्तारूढ़ दल, विपक्ष और चुनाव आयोग को अलग-अलग संदेश दिये हैं। आइये, इन संदेशों को समझने का प्रयत्न करते हैं। नरेंद्र मोदी ने गुजरात जीत कर दिखा दिया है लेकिन उनकी जीत में हार का कसैला स्वाद भी शामिल है।

शुक्रिया गुजरात! अहंकार को आइना दिखाने के लिए

गोविंद गोयल
श्रीगंगानगर। सत्ता का अहंकार जब जन भावनाओं से बड़ा हो जाता है, तब यही होता है, जैसा गुजरात मेँ हुआ। उस दौर मेँ जब सत्ता की आलोचना करना भी जान जोखिम मेँ डालना हो, तब सत्ता को आइना दिखाने का साहस करना बहुत हौसले का काम होता है। समझो दुस्साहस ही है ऐसा करना।   जब यह हौसला गुजरात की जनता करे तो इसके मायने भी दूर दूर तक जाने वाले और बहुत गहरे होते हैं। क्योंकि गुजरात मेँ नरेंद्र मोदी जितना प्यार किसी और नेता को नहीं मिला। कांग्रेस तो जैसे दिखनी ही बंद हो गई थी। सत्ता के अहंकार ने नरेंद्र मोदी के अंदर ऐसी जगह बनाई कि उनको जन भावना दिखाई देनी बंद हो गई।

गुजरात की भाजपा नेता पूनम बेन की निर्वस्त्र फोटो वायरल

यह पूनम बेन हैं। पूनम पहले कांग्रेस में थीं और आज गुजरात के जामनगर से भाजपा की निर्वाचित जन प्रतिनिधि। राष्‍ट्रीय जनता दल में कई जिला इकाइयों की ओर से आजकल बिस्‍तर पर किसी पुरूष के साथ पूनम की ऑलमोस्‍ट निर्वस्त्र फोटो वायरल किया गयी है, जिसे कई अन्‍य प्रदेशों में शेयर किया जा चुका है। फोटो में पूनम उस पुरूष के सीने से लिपटी हुई हैं, चेहरे पर संतुष्‍ट और आनन्‍द का स्‍पष्‍ट समन्‍दर की लहरों जैसा उछलता भाव है। 

गुजरात की सीएम आनंदीबेन ने भ्रष्टाचार से जुटाई 5000 करोड़ की संपत्ति, भास्कर ने खबर छापकर हटाई !

गुजरात की मुख्यमंत्री आनंदी बेन पटेल और उसके बेटे और बेटी ने भ्रष्टाचार से 5 हजार करोड़ की संपत्ति एकत्रित की. ऐसे चौंकाने वाले आरोप के साथ राज्य के दूसरे नंबर के मंत्री नितिन पटेल का ह्स्ताक्षरित पत्र इन दिनों गुजरात के लोगों के लिए कौतूहल का प्रश्न बना हुआ है। इस पत्र की कॉपी दिव्य भास्कर डॉट काम के पास है और तीन दिन पहले ही यह पत्र रिपोर्ट के साथ दिव्य़ भास्कर डॉट काम ने अपनी वेबसाइट पर लगाया था लेकिन कुछ घंटों में ही इसे दबाववश या किसी कारणवश साइट से हटा लिया।

देश के पीएम नरेंद्र मोदी के साथ गुजरात की सीएम आनंदीबेन पटेल

कोर्ट जाने पर छह मीडियाकर्मियों को भास्कर प्रबंधन ने किया टर्मिनेट

गुजरात से खबर है कि दैनिक भास्कर वालों के गुजराती अखबार दिव्य भास्कर की मेहसाणा यूनिट के 20 मीडियाकर्मियों ने प्रबंधन के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर कर दी है. ये लोग मजीठिया वेज बोर्ड के अनुरूप सेलरी एरियर न दिए जाने के खिलाफ कोर्ट गए हैं. प्रबंधन को अपने कर्मियों के कोर्ट जाने की जानकारी मिली तो अब सभी को परेशान किया जा रहा है.

जशोदा बेन की खबर दिखाने वाले डीडी अफसर को मिली ‘कालापानी’ की सजा, अंडमान द्वीप हुआ तबादला

इस देश में प्रेस आजाद है, शर्त बस यह है कि आप दूरदर्शन में काम न करते हों. और हां, खबर जशोदा बेन के बारे में न हो. अगर ये दोनों संयोग मिल जाएं तो फिर कोई गारंटी नहीं है. आपको पलक झपकते ‘कालापानी’ भेज दिया जाए तो भी कोई बड़ी बात नहीं. अहमदाबाद में तैनात दूरदर्शन अधिकारियों ने यही बात समझने में थोड़ी देर कर दी. जशोदा बेन की खबर दिखाने का नतीजा एक डीडी अधिकारी के तत्काल तबादले के रूप में सामने आ गया. बाकी अधिकारी भी सफाई देने में जुटे हैं.

गुजरात मॉडल : करो जितना भी, नगाड़ा बजाओ जमकर

Anil Singh : यूपी व बंगाल में भी गुजरात मॉडल! गुजरात मॉडल का ‘चमत्कार’ दूसरे राज्यों की सरकारों को भी समझ में आ गया है तो वे भी इसे अपनाने लगी है। खासकर हाल में ही पश्चिम बंगाल की ममता सरकार और अब उत्तर प्रदेश की अखिलेश सरकार ने इसे अपना लिया है। असल में कुछ दिनों पहले गुजरात सरकार के एक रसूखदार आला अफसर से मुंबई में मुलाकात हो गई तो कई घंटे की अंतरंग बातचीत से पता चला कि गुजरात का मॉडल यह है कि करो जितना भी, नगाड़ा बजाओ जमकर।

‘Is it Vibrant Gujarat or Violent Gujarat’

“We are sensing an ‘Era of Terror’ coming back to Gujarat” feel Muslim professionals

“Is it Vibrant Gujarat or Violent Gujarat”

“Are we re-entering into the era of terror? Whether things are going out of control by Chief Minister Anandiben Patel? Why VHP is being given free hand and why is it that Gujarat police has started sheer discrimination against Muslims and turning a blind eye towards their pleas”?