रवीश कुमार सब करने ही लगेगा तो नंगों के बीच बदनाम कब होगा!

प्राइम टाइम को रामजस कॉलेज में बदलना खेल नहीं था -रवीश कुमार- गुरुवार सुबह नौ बजे जब हम मूलचंद फ्लाईओवर से एंड्र्यूज गंज केंद्रीय विद्यालय की तरफ उतर रहे थे, तभी कार की खिड़की से देखा कि थोड़ी दूर एक बुज़ुर्ग अपना नियंत्रण खोते हैं और स्कूटर से गिर जाते हैं। टक्कर कैसे लगी, यह …

रवीश के इस प्राइम टाइम शो को हम सभी पत्रकारों को देखना चाहिए

एनडीटीवी इंडिया पर कल रात नौ बजे प्राइम टाइम शो के दौरान रवीश कुमार ने पत्रकारों की विश्वसनीयता को लेकर एक परिचर्चा आयोजित की. इस शो में पत्रकार राजेश प्रियदर्शी और प्रकाश के रे के साथ रवीश ने मीडिया और पत्रकार पर जमकर चर्चा की.

अरनब गोस्वामी ने लाइव शो से पूर्व एसीपी शमशेर पठान को बाहर निकाल दिया

पूर्व एसीपी शमशेर पठान को टाइम्स नाउ के लाइव शो न्यूजआवर से अरनब गोस्वामी ने बाहर निकाल दिया. पैनलिस्ट शमशेर पठान ने कुछ ऐसा कह दिया कि जिससे लाइव शो के दौरान टीवी एंकर अरनब गोस्वामी उखड़ गए और उन्हें गेट आउट कह दिया. अरनब गोस्वामी ट्रिपल तलाक के मुद्दे पर डिबेट कर रहे थे. अरनब ने शमशेर की राय जाननी चाही तो उन्होंने अपने तर्क में महिला गेस्ट की खिल्ली उड़ानी शुरू कर दी. पठना ने शो में मौजूद पैनलिस्ट शाजिया इल्मी और एक अन्य महिला को कुछ ऐसा कह दिया जो अरनब को पसंद नहीं आया.

निखिल वागले ने प्राइम टाइम डिबेट के दौरान सनातन संस्था के अभय वर्तक को लाइव शो से निकाल बाहर किया

मुंबई : वरिष्ठ पत्रकार निखिल वागले महाराष्ट्र01 न्यूज़ चैनल पर प्राइम टाइम की एंकरिंग कर रहे थे. डिबेट का विषय विवादित और संवेदनशील था. महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने एक धार्मिक कार्यक्रम के दौरान विवादित बयान दिया था- “धर्मसत्ता राजसत्ता से बड़ी होती है।’ इस बयान से लोगों ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के खिलाफ मोर्चा खोल दिया. मुख्यमंत्री के इस बयान को सीधा संघ नीति से जोड़ा गया. निखिल वागले ने प्राइम टाइम में इसी विषय पर डिबेट रखा.

प्राइम टाईम अंधेरे का सदमा… इस समय इस प्राइम टाइम की सख़्त जरूरत थी

Preety Choudhari : मैंने आदत के तौर पर टीवी देखना दस बारह साल पहले ही छोड़ दिया था ,यानि रवीश कुमार जब से अपने ब्लाग पर टी वी नहीं देखने की सलाह दे रहे हैं उससे बहुत पहले ही. मैं अच्छी तरह जानती थी कि मैं टीवी क्यों नहीं देखती …रवीश कुमार ने पत्रकारिता की इस कालिमा को पेश कर अपने ज़मीर को थोड़ा सुकून बख़्शा है या उसे और किकरत्व्यविमूढ़ कर दिया है पता नहीं पर इतना ज़रूर है कि इस समय इस प्राइम टाइम की सख़्त जरूरत थी.

हे टीवी मीडिया के महंतों, अब बताओ साहित्य कौन देख रहा है जो प्राइम टाइम में ताने हुए हो

Vineet Kumar : मुझे फिलहाल मीडिया के उन सारे महंतों का चेहरा याद आ रहा है जो उपहास उड़ाते हुए पूछते थे- अब कौन पढ़ता है साहित्य, कौन देखेगा साहित्य की खबर? अभी कौन देख रहा है जनाब जो प्राइम टाइम में ताने हुए हो..सीधे पैनल डिस्कशन पर उतरने से पहले दो मिनट की पैकेज तो लगा दो..पता तो चले काशीनाथ सिंह कौन हैं, मुन्नवर राणा कौन है, उदय प्रकाश किस पेशे से आते हैं?