अंग्रेजी न जानने से इंजीनियरिंग छात्र द्वारा आत्महत्या समूचे हिंदी समाज को तमाचा : राहुल देव

इंदौर में इंजीनियरिंग छात्र शुभम मालवीय द्वारा अंग्रेजी न जानने के कारण होने वाले अपमान में की गई आत्महत्या समूचे हिन्दी समाज के मुंह पर तमाचा है। हर साल 4-5 छात्र अंग्रेजी की बलिवेदी पर यूं ही शहीद होते हैं। पर हिन्दी के मठाधीशों, नीति निर्माताओं, शिक्षाविदों, राजनेताओं, साहित्यकारों, पत्रकारों का इन पर ध्यान नहीं …

भाषा का सवाल उठाने पर कल्पेश याग्निक ने राहुल देव को यूं दिया था करारा जवाब, देखें वीडियो

वरिष्ठ पत्रकार राहुल देव ने एक प्रोग्राम में दैनिक भास्कर के तत्कालीन ग्रुप एडिटर कल्पेश याग्निक पर आरोप लगाया कि आप हिंदी अखबार में काम करते हैं लेकिन अंग्रेजी के कई शब्द लिखते हैं. आप हिंदी अखबार के संपादक हैं लेकिन यहां आप अंग्रेजी में भाषण दे दिए… ऐसा क्यों करते हैं… ये ठीक नहीं …

हिन्दी चैनलों के संपादक अपने बॉस एंकर सुषमा स्वराज की हिन्दी चिंता पर टीटीएम में लगे हैं!

Vineet Kumar : हिन्दी चैनलों के संपादक ऑब्लिक बॉस एंकर सुषमा स्वराज की हिन्दी चिंता पर जिस कदर टीटीएम में लगे हैं, एक बार पलटकर सुषमा स्वराज पूछ दें कि आपने अपने चैनलों के जरिए किस तरह की हिन्दी को विस्तार दिया तो शर्म से माथा झुक जाएगा. इन संपादकों को इतनी भी तमीज नहीं है कि ये समझ सकें कि वो जो चिंता जाहिर कर रही है, उनमे हम संपादकों के धत्तकर्म भी शामिल हैं. आखिर उन्हें लाइसेंस हिन्दी चैनल चलाने के दिए जाते हैं, हिंग्लिश के तो नहीं ही न..