Connect with us

Hi, what are you looking for?

Local News Community

सुख-दुख

तरुण सुसाइड केस छापने पर भास्कर से भड़ास को आया फोन- ‘ये सब न करो’, सुनें आडियो

दैनिक भास्कर दिल्ली के तेजतर्रार रिपोर्टर तरुण सिसोदिया के सुसाइड मामले की खबरें छापने पर दैनिक भास्कर दिल्ली का संपादक कुलदीप व्यास विचलित हो गया है. वह अपने गुर्गों से भड़ास4मीडिया टीम को फोन करा रहा है. बीती शाम दैनिक भास्कर में खुद को कार्यरत बताते हुए संतोष सिंह उर्फ संतोष राय उर्फ अन्नू नामक पत्रकार का फोन भड़ास फाउंडर यशवंत सिंह के पास आया.

संतोष अन्नू ने बातचीत की शुरुआत तो एक रिक्वेस्ट करने से की लेकिन जल्द ही वह मूल मुद्दे पर आ गया. उसने कहा कि जो लोग भास्कर से निकाले गए हैं वही लोग अनाप शनाप लिख रहे हैं, उन लोगों का लिखा हुआ भड़ास पर नहीं छपना चाहिए. भड़ास गलत कर रहा है. इसके जवाब में यशवंत ने कहा कि भड़ास बिलकुल सही कर रहा है और आगे भी यह करता रहेगा.

ज्ञात हो कि संतोष सिंह नामक यह शख्स जिन जिन मीडिया संस्थानों में रहा है, वहां प्रबंधन की चापलूसी और आम मीडियाकर्मियों पर दबंगई दिखाने के लिए कुख्यात रहा है. बताया जाता है कि इस शख्स का पढ़ने लिखने से कोई वास्ता नहीं है. यह नेताओं-अफसरों से पीआर व लायजनिंग के काम में जुटा रहता है. जहां जरूरत पड़े, वहां पैर छूकर पीआर मजबूत करने का काम करता है. आम लोगों के साथ इसका रवैया बेहद अभद्र और अमानवीय रहता है.

बिहार में राष्ट्रीय सहारा अखबार में तैनाती के दौरान भी इसकी हरकतों की शिकायत भड़ास4मीडिया के पास लिखित रूप में आई थी. यह शख्स संपादकों-मैनेजरों का पैर छूकर उन्हें पटाने और कई किस्म के प्रलोभन देकर अपना काम निकलवाने में माहिर है. कई जगह तो यह अपने संपादकों-मैनेजरों को खुश करने के लिए बाउंसर तक की भी भूमिका निभाता है. जातिवादी आधार पर गठजोड़ करने में काफी आगे रहने वाले इस औसत से भी कम ज्ञान रखने वाले पत्रकार पर दैनिक भास्कर दिल्ली के संपादक कुलदीप व्यास का भरपूर हाथ है. यही कारण है कि तरुण सिसोदिया जैसे स्वाभिमानी और तेजतर्रार पत्रकार को साइडलाइन कर, नौकरी से निकाल कर आत्महत्या करने के लिए मजबूर किया जाता है और गधे हर हाल में खुश होकर पंजीरी खाते रहते हैं.

दैनिक भास्कर की तरफ से आए फोन और पूरी बातचीत का आडियो भड़ास4मीडिया के यूट्यूब चैनल पर अपलोड है, आप भी सुनें-

तरुण सिसोदिया से संबंधित कुछ खबरें जो भड़ास पर छपी हैं, देखें-पढ़ें :

तो क्या पत्रकार तरुण का ‘हत्यारा’ दैनिक भास्कर दिल्ली का संपादक कुलदीप व्यास है?

तरुण को नौकरी से हटाने के बाद संपादक कुलदीप व्यास अपने चहेते को एमसीडी की मलाईदार बीट सौंपता!

अगर उसे आत्महत्या करना होता तो बार बार जान बचाने की गुहार क्यों लगाता?

एम्स में पत्रकार ने सुसाइड नहीं किया, उसका मर्डर हुआ!

गड़बड़ियों की कंप्लेन करने से तरुण से चिढ़े हुए थे एम्स प्रशासन के लोग!

दोस्तों-वरिष्ठों ने वक्त पर साथ दिया होता तो तरुण आज इस दुनिया में होते

गुलामों के जिस्म का मोल होता है, ज़िंदगी का नहीं…

तरुण सिसोदिया को इंसाफ दिलाने के लिए प्रेस क्लब के बाहर हुआ शांति मार्च, देखें वीडियो

CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs
1 Comment

1 Comment

  1. Ajai Agarwal

    July 8, 2020 at 6:12 pm

    Really you are always bold and right. Solute

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

भड़ास लीगल टीम : Bhadas Legal Team

भड़ास मेल: [email protected]

Latest 100 भड़ास

विज्ञापन