ये इंस्पेक्टर शराब की हर दुकान से लेता था तीन हजार रुपये महीने!

यूपी के महाभ्रष्ट आबकारी विभाग में आजकल हलचल है. एक चोर पकड़ लिया गया है. ये चोर बहुत प्रभावशाली आदमी है. नाम है अतुल कुमार त्रिपाठी. यह आबकारी इंस्पेक्टर तो है ही, साथ में आबकारी निरीक्षक संघ का प्रदेश अध्यक्ष भी है. इसने बीते दिनों 50 लाख रुपये कोविड फण्ड में दान दिया. इनके मंत्री जी चंदा लेकर सीएम योगी आदित्यनाथ के यहां पहुंचे और उन्हें सौंप दिया. इस दौरान अतुल कुमार त्रिपाठी भी मौजूद था. तस्वीर में काली सदरी में यही शख्स मौजूद है.

बताया जाता है कि यह मंत्री का बेहद करीबी हुआ करता था. विभाग में ब्राह्मण अधिकारियों के ट्रांसफर पोस्टिंग का सूत्रधार था. कुछ लोगों का कहना है कि यह इंस्पेक्टर दरअसल मंत्री और प्रमख सचिव के बीच की टसल में नप गया.

पता चला है कि आबकारी इंस्पेक्टर अतुल कुमार त्रिपाठी 2 वर्ष पहले गाज़ियाबाद में में तैनात था. इसी के इलाके में अवैध शराब फैक्ट्री का खुलासा हुआ था. स्थानीय पुलिस ने छापेमारी की थी. तब तत्कालीन डीएम ने इसके खिलाफ लिखा था परंतु अबकारी निरीक्षक संघ का प्रदेश अध्यक्ष होने एवं संघ में ऊंची पकड़ होने के कारण यह निलंबित होने से बच गया. बाद में वर्तमान आयुक्त गुरुप्रसाद ने फिर से इसे मलाईदार पोस्टिंग मेरठ में दे दी.

तीन माह पहले मेरठ में शराब कांड हुआ. लेकिन भूसरेड्डी ने कोई कार्रवाई नहीं की जबकि पी गुरुप्रसाद नोडल अधिकारी थे मेरठ के. प्रदेश में कई कई शराब कांड हुए. जनपद लखनऊ (10 लोग मरे, अवैध शराब फैक्ट्री का खुलासा), फिरोजाबाद (6 मरे), प्रयागराज (15 मरे), कानपुर (3 मरे), मेरठ (5 मरे) आदि जिलों में विगत 4माह के अंदर धड़ाधड़ शराब कांड हुए. फिर भी अबकारी आयुक्त श्री पी गुरुप्रसाद, प्रमुख सचिव श्री संजय भुस रेड्डी एवं आबकारी मंत्री जी तीनों जिम्मेदारों के खिलाफ सीएम योगी आदित्यनाथ ने कोई कार्यवाही नहीं की.

बताया जाता है कि खेल मलाई के बंटवारे को लेकर है. डिस्टलरीज से 2 डिग्री की सांद्रता कम करके उससे बचत के माल को पर कब्जा की लड़ाई है. ये खेल देसी शराब में चल रहा है. इसीलिए प्रदेश की सभी नॉन पोर्टेबल डिस्टलरी पर निगाह रखने वाले सारे इंस्पेक्टर्स को चरणबद्ध रूप से हटा दिया गया है. महाराणा प्रताप का नाम बदनाम करने के लिए Maharana ब्रांड की शराब सहारनपुर में बनाई बेची गई. लेवल अनुमोदन अबकारी आयुक्त ने कैंसिल नहीं किया.

तो कहा जा सकता है कि महाभ्रष्ट आबकारी विभाग में खेल खुलेआम और सबकी जानकारी में चल रहा है. एक आबकारी इंस्पेक्टर पकड़ा गया. सोचिए, प्रदेश में इनके द्वारा कितने करोड़ रुपये की काली कमाई की जा रही होगी.

पढ़ें दैनिक जागरण में प्रकाशित खबर-

संबंधित खबरें-

यूपी में धड़ल्ले से बनाई जा रही कच्ची शराब, देखें वीडियो

योगीराज में आकंठ भ्रष्टाचार से जहरीली शराब पर नहीं लग पा रहा अंकुश!

योगी राज में महाराणा प्रताप के नाम से बेची जा रही देसी दारू, देखें तस्वीर

एक्साइज कमिश्नर की नाक के नीचे जहरीली शराब पीने से कई मरे

भ्रष्ट आबकारी अफसरों के संरक्षण में लखनऊ में बनाई जा रही थी अवैध शराब

आबकारी विभाग में जब ऐसे भ्रष्ट अफसर रहेंगे तो शराब की दुकानों पर लूट मचेगी ही!

नकली शराब बिकवाने वाले आबकारी निरीक्षक अब भी जमे हैं पदों पर, शासन मौन

यूपी में शराब विक्रेता जमकर लूट रहे हैं खरीदारों को, भ्रष्ट आबकारी विभाग ने चुप्पी साधी

शराब दुकान के फर्जीवाड़े के बारे में संजय भूसरेड्डी को पत्र

योगीराज में नोएडा में खुलेआम डाली जा रही शराब उपभोक्ताओं की जेब पर डकैती! देखें वीडियो

भड़ास की खबरें व्हाट्सअप पर पाएं
  • भड़ास तक कोई भी खबर पहुंचाने के लिए इस मेल का इस्तेमाल करें- bhadas4media@gmail.com

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *