कविता कृष्णन और गैंग का असल सच

Samar Anarya : तरुण तेजपाल और खुर्शीद अनवर मामले में तथ्यों की, तर्क की बात करने वाले सेकुलर रेप के समर्थक थे और शिकायतकर्ता (उनके लिए ‘पीड़िता”) का बयान अंतिम सत्य – कविता कृष्णन और गैंग। अब उनकी पार्टी के अकबर चौधरी और सरफ़राज़ हामिद के ऊपर यौन हिंसा का आरोप लगने पर श्रीमती कविता कृष्णन उनके बचाव में उतर आई हैं, ‘पीड़िता’ को शिकायतकर्ता बता रही हैं, उसके दूसरी पार्टी से जुड़े होने को लेकर उसके ऊपर अनर्गल आरोप लगा रही हैं. और उनकी समर्थक ‘नारीवादियां’ इस मुद्दे को उठा देने वालों को मानहानि की धमकी दे रही हैं. जाने दो जी, तुमसे न हो पायेगा, हो पाता तो मैंने कोई सच छोड़ा है? मुझ पर कर न पाये। जाओ, अपने सेकुलर रेपिस्टों को बचाओ, उन्हें जिन्होंने यौन हिंसा के लिए इस्तीफ़ा देकर जेएनयूएसयू की शानदार परम्परा को चार (लाल?) चाँद लगा दिए हैं. ( अविनाश पांडेय समर के फेसबुक वॉल से.)

Shashwat Mishra : पहले नए उपजे धर्मनिरपेक्ष राजनीतिज्ञों ने हमें धर्मनिरपेक्षता सिखाई अब कविता कृष्णन और मधु किश्वर नारीवाद की नयी परिभाषा गढ़ रहीं हैं। डर है कहीं अकबर चौधरी और शाहनवाज़ साहब के लिए वो यौन हिंसा और पीडिता बनने के नए नियम न जारी कर दें। एक नियम का उलंघन तो वो पहले ही कर चुकी हैं अब तक चौधरी साहब की “मार्मिक” सीडी मार्किट में नहीं आई। (शाश्वत मिश्रा के फेसबुक वॉल से)

इन्हें भी पढ़ सकते हैं…

क्या आपने इस मुद्दे पर कम्युनिस्टों की सुपारी किलर Kavita Krishnan का कोई बयान सुना?

xxx

‘तहलका’ में पेशेवर आंदोलनकारियों पर निशाना, पढ़िए कविता कृष्णन की दास्तान

कृपया हमें अनुसरण करें और हमें पसंद करें:

Comments on “कविता कृष्णन और गैंग का असल सच

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *